पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी अभिसरण के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन और आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। इसी का एक प्रेरणादायक उदाहरण कोरिया जिले के जनपद पंचायत सोनहत अंतर्गत ग्राम तंजरा बनकर उभरा है, जहाँ आदिवासी परिवारों ने परंपरागत बकरी पालन को व्यवस्थित स्वरोजगार के रूप में अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। ग्राम तंजरा के कई परिवार पहले से ही पारंपरिक रूप से बकरी पालन करते थे, लेकिन संसाधनों और तकनीकी जानकारी के अभाव में उन्हें इससे अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और बिहान (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के समन्वित प्रयासों ने इन परिवारों के लिए नई राहें खोलीं। बिहान के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों से जुड़े ग्रामीणों को ऋण सुविधा, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिससे उन्होंने उन्नत नस्ल की बकरियां खरीदीं और वैज्ञानिक पद्धति से बकरी पालन शुरू किया। प्रशिक्षण में पशुपालन की आधुनिक तकनीकें, टीकाकरण, पोषण प्रबंधन और रोग नियंत्रण की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इन योजनाओं से मिले सहयोग का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि बकरी पालन अब ग्रामीणों के लिए केवल अतिरिक्त आय का साधन नहीं, बल्कि एक सशक्त स्वरोजगार गतिविधि बन गया है। परिवारों की आय में वृद्धि हुई है और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार देखा जा रहा है, जिससे वे प्राप्त आय का उपयोग बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने और विभागीय योजनाओं का लाभ मिलने के बाद उनके जीवन में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव आया है, और वे भविष्य में बकरी पालन का विस्तार कर अपनी आय और बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। ग्राम तंजरा में मनरेगा और बिहान के प्रभावी अभिसरण से मिली यह सफलता ग्रामीण विकास, आजीविका संवर्धन और आत्मनिर्भरता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह मॉडल अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है, जहाँ ऐसी योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन से लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाया जा सकता है। इस प्रकार, ग्राम तंजरा आज आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक नई पहचान स्थापित कर रहा है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी अभिसरण के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन और आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। इसी का एक प्रेरणादायक उदाहरण कोरिया जिले के जनपद पंचायत सोनहत अंतर्गत ग्राम तंजरा बनकर उभरा है, जहाँ आदिवासी परिवारों ने परंपरागत बकरी पालन को व्यवस्थित स्वरोजगार के रूप में अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। ग्राम तंजरा के कई परिवार पहले से ही पारंपरिक रूप से बकरी पालन करते थे, लेकिन संसाधनों और तकनीकी जानकारी के अभाव में उन्हें इससे अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और बिहान (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के समन्वित प्रयासों ने इन परिवारों के लिए नई राहें खोलीं। बिहान के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों से जुड़े ग्रामीणों को ऋण सुविधा, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिससे उन्होंने उन्नत नस्ल की बकरियां खरीदीं और वैज्ञानिक पद्धति से बकरी पालन शुरू किया। प्रशिक्षण में पशुपालन की आधुनिक तकनीकें, टीकाकरण, पोषण प्रबंधन और रोग नियंत्रण की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इन योजनाओं से मिले सहयोग का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि बकरी पालन अब ग्रामीणों के लिए केवल अतिरिक्त आय का साधन नहीं, बल्कि एक सशक्त स्वरोजगार गतिविधि बन गया है। परिवारों की आय में वृद्धि हुई है और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार देखा जा रहा है, जिससे वे प्राप्त आय का उपयोग बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने और विभागीय योजनाओं का लाभ मिलने के बाद उनके जीवन में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव आया है, और वे भविष्य में बकरी पालन का विस्तार कर अपनी आय और बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। ग्राम तंजरा में मनरेगा और बिहान के प्रभावी अभिसरण से मिली यह सफलता ग्रामीण विकास, आजीविका संवर्धन और आत्मनिर्भरता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह मॉडल अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है, जहाँ ऐसी योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन से लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाया जा सकता है। इस प्रकार, ग्राम तंजरा आज आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक नई पहचान स्थापित कर रहा है।
- भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर दीपक पंडित ने बिहार पुलिस को एक बड़ा चैलेंज दिया है। इस चुनौती से संबंधित एक ऑडियो वायरल हो रहा है। हालांकि, इस वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि न तो चैनल करता है और न ही मैं इसकी पुष्टि करता हूँ।1
- कोरिया जिले के सोनहत के नौगई क्षेत्र में हुए एक हत्याकांड के मामले में पाँच अपराधियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन पाँचों अपराधियों को पटना थाना क्षेत्र में पैदल मार्च कराया गया।1
- चिरमिरी पुलिस ने लोगों को निवेश पर 10 प्रतिशत मासिक लाभ और 10 माह में राशि दोगुनी करने का झांसा देकर ₹72 लाख की ठगी करने वाले आरोपी विकास घोघाल (27) को बिलासपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने क्रिप्टो करेंसी, ऑनलाइन ट्रेडिंग और अन्य व्यवसायों में निवेश के नाम पर चिरमिरी निवासी अनवर मोहम्मद से ₹10 लाख, तापस बनर्जी से ₹28 लाख और जॉय बंधोपाध्याय से ₹30 लाख रुपये प्राप्त किए थे। इस तरह कुल ₹72 लाख की ठगी की गई। थाना चिरमिरी में दर्ज अपराध की जांच के दौरान, पुलिस ने बैंक लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी विकास घोघाल को पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक कार और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, और मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले को दहला देने वाले 'नौगई तिहरे हत्याकांड' में आज एक बड़ी सफलता मिली है। 16 जून की रात एक बीजेपी नेता सहित तीन बेगुनाहों को कार में पेट्रोल डालकर जिंदा फूंकने वाले इस जघन्य नरसंहार के मामले में पुलिस के बढ़ते दबाव और चौतरफा नाकेबंदी के आगे बेबस होकर 4 अन्य आरोपियों ने मनेन्द्रगढ़ में आत्मसमर्पण कर दिया है।2
- कोरिया के नौगई में हुए तिहरे हत्याकांड मामले में चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना में कार में आग लगाने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। मामले के सभी आरोपियों ने, जिनमें मनोज त्रिपाठी भी शामिल हैं, मनेन्द्रगढ़ सिटी कोतवाली में आत्मसमर्पण किया है। इस दौरान एसपी रत्ना सिंह भी कोतवाली पहुंचीं।1
- रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र के सासाहोली गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ 10वीं कक्षा के दो छात्रों के बीच पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक 16 वर्षीय छात्र अमन यदु की मौत हो गई। दोनों छात्र सासाहोली के सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में पढ़ते थे और पहले अच्छे दोस्त थे। जानकारी के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब 10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान आरोपी छात्र ने अमन को "मोटा" कहकर चिढ़ाया, जिसके बाद उनके बीच मनमुटाव बढ़ा और धीरे-धीरे एक बड़े विवाद में बदल गया। शुक्रवार को स्कूल की छुट्टी के बाद, दोनों छात्रों के बीच रास्ते में फिर कहासुनी और मारपीट हुई। आरोप है कि अमन अपने साथ सब्जी काटने वाला चाकू लेकर आया था और उसने पहले दूसरे छात्र पर हमला किया, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद, आरोपी छात्र ने किसी तरह चाकू अमन से छीन लिया और पलटवार करते हुए उस पर हमला कर दिया। अमन के सीने और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही तिल्दा-नेवरा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। घायल छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है। पुलिस आसपास के लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन से देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिसके तहत देश में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और केंद्र सरकार की पूरी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को नई पहचान दी है, जिसके परिणामस्वरूप करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं मिली हैं। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है, जिससे वे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए, उन्होंने नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति द्वारा पैदा किए गए नए अवसरों का जिक्र किया और उनसे विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य दोहराया, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम ने क्षेत्र के विकास को एक नई दिशा देने के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान की।1
- कोरिया जिले के सोनहत नगोई क्षेत्र में पटना पुलिस थाने द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई, जहाँ जिंदा जलाने के आरोपियों का जुलूस निकाला गया। इस जुलूस के दौरान एक वीडियो में एक साहब की भाषा रिकॉर्ड हुई, जिसमें वे एक ट्रैक्टर चालक को दबंग अंदाज में गाड़ी बंद करने को कहते नजर आ रहे थे। इस पर सवाल उठाया गया कि क्या यह भाषा सही है, और क्या इसी तरह के शब्दों का प्रयोग किसी VIP या नेता की गाड़ी के लिए भी किया जाता। पोस्ट में जोर दिया गया है कि इज्जत सभी की होती है, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, क्योंकि सभी इंसान होते हैं। साहब को सलाह दी गई कि वे अपनी जुबान को सही रखें और चेहरा देखकर न बोलें। हालांकि, पुलिस की इस पूरी कार्रवाई को 'शानदार' बताया गया है। पोस्ट में लोगों से इस विषय पर अपनी राय कमेंट कर साझा करने का आग्रह भी किया गया है।1