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पाली जिले के तखतगढ़ कस्बे में पार्टी के पदाधिकारियों ने जायजा लिया। इस दौरान संगीता बेनीवाल ने मीडिया से बातचीत की। बताया गया है कि आज पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी कुछ ही समय में तखतगढ़ पहुंचेंगे।
रूपचंद मेवाड़ा
पाली जिले के तखतगढ़ कस्बे में पार्टी के पदाधिकारियों ने जायजा लिया। इस दौरान संगीता बेनीवाल ने मीडिया से बातचीत की। बताया गया है कि आज पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी कुछ ही समय में तखतगढ़ पहुंचेंगे।
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- राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने 22 जून को सुमेरपुर के तखतगढ़ दौरे के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और बाल अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार को निशाने पर लिया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं, जिन पर सरकार को प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देने की आवश्यकता है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि हाल के समय में प्रसूताओं की मौत की घटनाओं में वृद्धि चिंता का विषय है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों द्वारा महिलाओं के प्रति दिए गए कथित आपत्तिजनक बयानों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की, जिससे महिलाओं में रोष का माहौल बना है। बेनीवाल ने जोर दिया कि सरकार को महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। पूर्व अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में संचालित कई जनकल्याणकारी योजनाओं को वर्तमान सरकार द्वारा बंद किए जाने से आमजन प्रभावित हुए हैं, क्योंकि इन योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचता था। उन्होंने प्रदेश में महिला आयोग और बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्ण गठन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से मांग की कि महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए इन संस्थाओं को जल्द सक्रिय किया जाए, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को समय पर न्याय और संरक्षण मिल सके।3
- दक्ष चौधरी सिवनी मालवा पहुंचे और उन्होंने 14 गौरक्षकों के परिवारों से मिलकर उनका दर्द सुना। इस भावुक मुलाकात के दौरान, एक गौरक्षक की बेटी दक्ष चौधरी से लिपटकर रोने लगी, जिसने परिवारों की गहरी पीड़ा को उजागर किया।1
- पाली जिले की ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनसुनवाई के दौरान माननीय विधायक महोदय और कैंप प्रभारी द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद, एक नया पंप चालक नियुक्त नहीं किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, पिछले तीन दिनों से गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित है, जिससे आम जनता को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान पंप चालक की कार्यप्रणाली के संबंध में पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं और उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका यह भी आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित पंप चालक के खिलाफ कार्रवाई न होने से गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर ग्राम पंचायत के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में नियमित एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बिलर गांव पहुँचे, जहाँ उन्होंने गौतम ऋषि ट्रस्ट सिरोही-पाली-जालौर मीणा समाज के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय उमाराम मीणा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस श्रद्धांजलि सभा में समाजबंधु, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अशोक गहलोत ने स्वर्गीय उमाराम मीणा के सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें समाज का प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों ने भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को जालौर पहुंचे। यहां उन्होंने सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान, गहलोत जन अभाव निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर के निवास स्थान पर भी गए, जहां उन्होंने पुखराज पाराशर के पिता, स्वर्गीय छोगालाल सुथार को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, पाराशर परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में सहारवासी उपस्थित रहे।3
- जालौर जिले के आहोर कस्बे में 17 जून 2026 को व्यापारियों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन कस्बे में लगातार बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों, व्यापारियों के साथ हो रही मारपीट, वाहनों में तोड़फोड़ और अवैध कब्जों जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर दिया गया है। समाचार नेशन ब्यूरो चीफ कयूम खान की रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य इन समस्याओं पर तत्काल सरकारी ध्यान आकर्षित करना है। ज्ञापन में स्पष्ट आरोप लगाया गया है कि कुछ असामाजिक तत्व लगातार व्यापारियों को निशाना बना रहे हैं, जिसके कारण पूरे कस्बे में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। व्यापारियों ने हाल ही में हुई मारपीट की घटनाओं और वाहनों को पहुँचाए गए नुकसान का विशेष उल्लेख किया है। संगठन एवं नागरिकों ने सरकार से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी करने, सभी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आहोर बंद कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। व्यापारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से ही कस्बे में शांति और व्यापारिक माहौल फिर से बहाल हो सकेगा।1
- पाली जिले के भाकरीवाला गांव में धनाराम बावरी ने जिला कलेक्टर रविन्द्र गौसवामी को लिखित शिकायत देकर अपनी खसरा नं १२५/१ की नौ बीघा सात बिस्वा जमीन तक जाने वाला आम रास्ता खुलवाने की मांग की है। यह रास्ता कथित तौर पर भाकरीवाला निवासी मोतीदास संत द्वारा बंद कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अप्रार्थी मोतीदास संत ने गौचर भूमि पर अतिक्रमण कर 'दौरा पाली' लगा दिया है, जिसके कारण धनाराम की पुश्तैनी जमीन तक जाने का रास्ता भी बंद हो गया है। शिकायत में कहा गया है कि मोतीदास संत का राजनीतिक दबदबा और बाहुबल है, जिसके चलते उसने गौचर भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। इसी प्रभाव के कारण प्रार्थी की शिकायत की सुनवाई पटवारी हल्का, तहसीलदार और उपखंड अधिकारी कार्यालय में भी नहीं हो रही है। इससे पहले, प्रार्थी धनाराम ने विगत १९ जून, २०२६ को भी उपखंड अधिकारी और तहसीलदार रोहट को लिखित रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अब सभी की निगाहें इस पर हैं कि कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद 'ऊंट किस करवट बैठता है' और क्या धनाराम को न्याय मिल पाएगा।2
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज (22 जून) जालोर से जोधपुर जाते समय पाली जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित स्वागत कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। उनके इस दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, जिसके लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, गहलोत दोपहर 1:15 बजे तखतगढ़ पहुँचेंगे, जहाँ नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता जेसीबी मशीनों से उन पर पुष्प वर्षा कर अभिनंदन करेंगे। स्वागत कार्यक्रम में कांग्रेस जिला अध्यक्ष, पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे। तखतगढ़ में करीब 15 मिनट के प्रवास के दौरान गहलोत कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन को मजबूत करने और आगामी पंचायत राज तथा नगर निकाय चुनावों के लिए दिशा-निर्देश देंगे। इसके बाद, वे साण्डेराव, गुंदोज, पाली और रोहट में भी आयोजित स्वागत कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि गहलोत के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान तखतगढ़ क्षेत्र को कई महत्वपूर्ण सौगातें मिली थीं। इनमें उप तहसील की स्थापना, बालिका महाविद्यालय, तालाब का चौड़ीकरण, नगर की सीसी सड़कों का निर्माण और जवाई बांध के सहायक सेई बांध की सुरंग चौड़ीकरण के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रमुख थी। इसके अतिरिक्त, जवाई बांध के पुनर्भरण की महत्वाकांक्षी योजना के लिए लगभग 2700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। हालांकि, कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार बदलने के बाद यह महत्वाकांक्षी योजना आगे नहीं बढ़ सकी और ठंडे बस्ते में चली गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस पाली दौरे को लेकर पूरे क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह और जोश का माहौल बना हुआ है।2