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दलितो के प्रति छुआछूत की नफरत पर भड़के राहुल गांधी- प्रेस के माध्यम से कानूनी कार्रवाई की मांग की। उत्तराखंड में एक सभा को संबोधित करने पहुंचे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिका अर्जुन खड़गे जी जिन्होंने जनहित के मुद्दों पर आवाजउठाई। सभा के दो दिन पश्चात मनुस्मृति के सिद्धांतों पर काम करने वाली भाजपा नेता ने सभा स्थल का शुद्धिकरण करते हुए पोस्ट साझा किया। जिस देश भर के डाल्टन की भावनाओं को ठेस पहुंची। जिसका उल्लेख सदन में श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी ने जिक्र किया। उसके बाद भी भाजपा द्वारा कोई लीगल एक्शन नहीं दिया गया। 20 दिन हो गए घटना को किंतु भाजपा सरकार ने कोई एक्शन नहीं दिया इसके संबंध में सदन पर पक्ष नेता राहुल गांधी ने आज प्रेस वार्ता कर सरकार को कानूनी कार्रवाई करने की मांग। इस दौरान भीम आर्मी के मुखिया विजय कुमार आजाद ने कहा कि - आजादी के 80 वर्षों के बाद भी जातिवादी मानसिकता के लोगों से दलित समुदाय को आजादी नहीं मिली। सदन प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने दलितों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाले जातिवादी लोगों/नेताओं के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत दर्ज कराने और उन पर कार्रवाई की मांग की।

11 hrs ago
user_Bhim Army Update News
Bhim Army Update News
Newspaper publisher करोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
11 hrs ago

दलितो के प्रति छुआछूत की नफरत पर भड़के राहुल गांधी- प्रेस के माध्यम से कानूनी कार्रवाई की मांग की। उत्तराखंड में एक सभा को संबोधित करने पहुंचे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिका अर्जुन खड़गे जी जिन्होंने जनहित के मुद्दों पर आवाजउठाई। सभा के दो दिन पश्चात मनुस्मृति के सिद्धांतों पर काम करने वाली भाजपा नेता ने सभा स्थल का शुद्धिकरण करते हुए पोस्ट साझा किया। जिस देश भर के डाल्टन की भावनाओं को ठेस पहुंची। जिसका उल्लेख सदन में श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी ने जिक्र किया। उसके बाद भी भाजपा द्वारा कोई लीगल एक्शन नहीं दिया गया। 20 दिन हो गए घटना को किंतु भाजपा सरकार ने कोई एक्शन नहीं दिया इसके संबंध में सदन पर पक्ष नेता राहुल गांधी ने आज प्रेस वार्ता कर सरकार को कानूनी कार्रवाई करने की मांग। इस दौरान भीम आर्मी के मुखिया विजय कुमार आजाद ने कहा कि - आजादी के 80 वर्षों के बाद भी जातिवादी मानसिकता के लोगों से दलित समुदाय को आजादी नहीं मिली। सदन प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने दलितों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाले जातिवादी लोगों/नेताओं के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत दर्ज कराने और उन पर कार्रवाई की मांग की।

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  • पूर्व मुख्यमंत्री बिहार जननायक कर्पूरी ठाकुर जी क़ो भारत रत्न क़ो लेकर संगोष्ठी सम्मान समारोह
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    पूर्व मुख्यमंत्री बिहार जननायक कर्पूरी ठाकुर जी क़ो भारत रत्न क़ो लेकर संगोष्ठी सम्मान समारोह
    user_न्यूज़ आइकॉन 24
    न्यूज़ आइकॉन 24
    Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • दिल्ली के सूरजमल इलाके में बीजेपी सरकार की लापरवाही के चलते एक 28 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौत हो गई। दिल्ली के सूरजमल इलाके में बीजेपी सरकार की लापरवाही के चलते एक 28 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौत हो गई। इस दुखद समय में पीड़ित परिवार का दर्द साझा करने पहुंचे AAP विधायक Sanjeev_aap व KuldeepKumarAAP
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    दिल्ली के सूरजमल इलाके में बीजेपी सरकार की लापरवाही के चलते एक 28 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौत हो गई।
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इस दुखद समय में पीड़ित परिवार का दर्द साझा करने पहुंचे AAP विधायक Sanjeev_aap  व
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    user_Dehli Voice
    Dehli Voice
    दिल्ली छावनी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • आप MLA कुलदीप कुमार ने रेखा सरकार पर साधा निशान करंट लगने से हुई थी यूवक की मौत आप MLA कुलदीप कुमार ने रेखा सरकार पर साधा निशान करंट लगने से हुई थी यूवक की मौत
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    user_BHARAT TODAY
    BHARAT TODAY
    शाहदरा, शाहदरा, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी ने हल्द्वानी में एक सभा की थी, लेकिन सभा खत्म होने के बाद उनके मंच का शुद्धिकरण किया गया। भारत को आजाद हुए करीब 80 साल हो गए, लेकिन आज भी देश में घड़ा छू लेने, मूंछ रखने, मूर्ति छू लेने और घोड़े पर बारात निकालने पर दलित के अत्याचार किया जाता है। यहां तक कि देश की वर्तमान राष्ट्रपति को दिल्ली के मंदिर में अंदर तक नहीं जाने दिया गया। हाल ही में, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी ने हल्द्वानी में एक सभा की थी, लेकिन सभा खत्म होने के बाद उनके मंच का शुद्धिकरण किया गया। जब खरगे जी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया तो जेपी नड्डा जी ने कहा कि हम इसे स्वीकार नहीं करते हैं और अगर ऐसा हुआ है तो हम कार्रवाई करेंगे। लेकिन उन्हीं की पार्टी के नेता और उत्तराखंड BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट शुद्धिकरण की इस घटना को जायज ठहराते हैं।
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    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी ने हल्द्वानी में एक सभा की थी, लेकिन सभा खत्म होने के बाद उनके मंच का शुद्धिकरण किया गया।
भारत को आजाद हुए करीब 80 साल हो गए, लेकिन आज भी देश में घड़ा छू लेने, मूंछ रखने, मूर्ति छू लेने और घोड़े पर बारात निकालने पर दलित के अत्याचार किया जाता है।
यहां तक कि देश की वर्तमान राष्ट्रपति को दिल्ली के मंदिर में अंदर तक  नहीं जाने दिया गया। 
हाल ही में, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी ने हल्द्वानी में एक सभा की थी, लेकिन सभा खत्म होने के बाद उनके मंच का शुद्धिकरण किया गया।
जब खरगे जी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया तो जेपी नड्डा जी ने कहा कि हम इसे स्वीकार नहीं करते हैं और अगर ऐसा हुआ है तो हम कार्रवाई करेंगे।
लेकिन उन्हीं की पार्टी के नेता और उत्तराखंड BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट शुद्धिकरण की इस घटना को जायज ठहराते हैं।
    user_NEWS BREAK
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    दिल्ली छावनी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    3 hrs ago
  • दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्राइवेट स्कूल भी फेल हैं इनके सामने। देखिए पंजाब के ये 3 सरकारी स्कूल, जो बदल रहे हैं पंजाब में शिक्षा की तस्वीर.. प्राइवेट स्कूल भी फेल हैं इनके सामने। देखिए पंजाब के ये 3 सरकारी स्कूल, जो बदल रहे हैं पंजाब में शिक्षा की तस्वीर.. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
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    user_SURYA NEWS
    SURYA NEWS
    सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    3 hrs ago
  • scientific roadmap is turning Delhi’s landfill sites into reclaimed land. scientific roadmap is turning Delhi’s landfill sites into reclaimed land. So far, 85-95 acres of land reclaimed across Okhla, Bhalswa and Ghazipur bringing a cleaner environment and better quality of life for nearby communities. This is the BJP’s working model: fulfil today’s promises, plan for tomorrow with four new Waste-to-Energy plants to process Delhi’s daily waste.
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    scientific roadmap is turning Delhi’s landfill sites into reclaimed land.

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So far, 85-95 acres of land reclaimed across Okhla, Bhalswa and Ghazipur bringing a cleaner environment and better quality of life for nearby communities.
This is the BJP’s working model: fulfil today’s promises, plan for tomorrow with four new Waste-to-Energy plants to process Delhi’s daily waste.
    user_SURENDRA KUMAR
    SURENDRA KUMAR
    चाणक्यपुरी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    3 hrs ago
  • विश्व हिंदू परिषद जिम ट्रेनरों के वेरिफिकेशन और नशे वे नारी सुरक्षा सम्मान को लेकर चलाएगा मुहीम
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    user_न्यूज़ आइकॉन 24
    न्यूज़ आइकॉन 24
    Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • जलप्रलय ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। जिन बहनों की थालियों में राखियां सजी थीं, आज उनकी आंखें मलबे में खोए अपने भाइयों की राह देखते-देखते पथरा चुकी हैं। इंडिया न्यूज़ 9लाइव जनता की आवाज - विशाल शर्मा फ्रीलांसर, रिसर्चर एवं जिज्ञासु पत्रकार, हिमालय की गोद में जलप्रलय: भारत, नेपाल और चीन में कुदरत का कोहराम, राहत और बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर के टूटने और मलबे से बनी झील के फटने से भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं पर आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है। नेपाल और चीन के सीमावर्ती जिरोंग पोर्ट से लेकर नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और चितवन तक इंसानी बस्तियां मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। इस जलप्रलय में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें सैकड़ों भारतीय नागरिक और कैलाश मानसरोवर यात्री भी शामिल हैं। आपदा के ताजा हालात और ग्राउंड ज़ीरो की स्थिति * नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है और लगभग 2,000 के करीब लोग लापता बताए जा रहे हैं। * चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और नेपाल की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक जिरोंग पोर्ट पूरी तरह तबाह होकर खंडहर बन चुका है। * भोटेकोशी नदी और तटीय क्षेत्रों में लगातार दूसरी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। राहत कार्यों में जुटीं भारत, नेपाल और चीन की टीमें * नेपाल सरकार और सेना: नेपाल ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए 13,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों (नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल) को रेस्क्यू में लगाया है। रसुवा हाइड्रोपावर सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए जान जोखिम में डालकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद नेपाल ने विदेशी विशेषज्ञों और टीमों को भी अनुमति दे दी है। * भारत की भूमिका: भारत सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए 50 टन से अधिक राहत सामग्री (दवाइयां, खाद्य सामग्री, तंबू) वायुसेना के विमानों से भेजी है। विदेश मंत्रालय (MEA) लगातार फंसे हुए भारतीयों और तमिलनाडु समेत विभिन्न राज्यों के यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए समन्वय कर रहा है। * चीन की प्रतिक्रिया: चीनी प्रशासन ने भी अपने राहत दलों और रैपलिंग टीमों को ड्रोन और भारी मशीनों के साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश में उतार दिया है। राज्यों की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक-राजनीतिक विश्लेषण भारत के विभिन्न राज्यों—विशेषकर तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर भारत के राज्यों—ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। तमिलनाडु के मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में बेतहाशा बुनियादी ढांचे के विकास, जलवायु परिवर्तन और ट्रांस-हिमालयन परियोजनाओं की अनदेखी ने इस 'वाटर बम' जैसी आपदा को निमंत्रण दिया है। विकास की अंधी दौड़ और प्रकृति के साथ खिलवाड़ का खामियाजा आज आम जनमानस को भुगतना पड़ रहा है। राखी के पर्व पर आंसुओं का सैलाब: क्या कहें ये दिल को चीर देने वाले हालात? यह त्रासद समय उस पावन पर्व की पृष्ठभूमि में आया है जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए लंबी उम्र की दुआएं मांगती हैं। लेकिन इस जलप्रलय ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। जिन बहनों की थालियों में राखियां सजी थीं, आज उनकी आंखें मलबे में खोए अपने भाइयों की राह देखते-देखते पथरा चुकी हैं। रसुवा और जिरोंग के ठंडे कीचड़ में अपनों की तलाश करती मांओं और बहनों की सिसकियां अंतरात्मा को झकझोर कर रख देती हैं। रक्षा बंधन का यह पवित्र त्योहार इस बार नेपाल, भारत और तिब्बत सीमा के प्रभावित परिवारों के लिए मातम और सन्नाटे की चादर ओढ़ चुका है। आइए, जनता की आवाज - इंडिया न्यूज़ 9लाइव के मंच से हम सब मिलकर उन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें और इस दुखद घड़ी में प्रभावित परिवारों को संबल मिलने की कामना करें। आपका यह अपना चैनल इस मुश्किल वक्त में पूरी संवेदना के साथ हर पल आपके साथ खड़ा है। विशाल शर्मा, इंडिया न्यूज़ 9लाइव
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    जलप्रलय ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। जिन बहनों की थालियों में राखियां सजी थीं, आज उनकी आंखें मलबे में खोए अपने भाइयों की राह देखते-देखते पथरा चुकी हैं।
इंडिया न्यूज़ 9लाइव जनता की आवाज - 
विशाल शर्मा  फ्रीलांसर, रिसर्चर एवं जिज्ञासु पत्रकार, 
हिमालय की गोद में जलप्रलय: भारत, नेपाल और चीन में कुदरत का कोहराम, राहत और बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत
तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर के टूटने और मलबे से बनी झील के फटने से भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं पर आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है। नेपाल और चीन के सीमावर्ती जिरोंग पोर्ट से लेकर नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और चितवन तक इंसानी बस्तियां मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। इस जलप्रलय में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें सैकड़ों भारतीय नागरिक और कैलाश मानसरोवर यात्री भी शामिल हैं।
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* नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है और लगभग 2,000 के करीब लोग लापता बताए जा रहे हैं।
* चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और नेपाल की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक जिरोंग पोर्ट पूरी तरह तबाह होकर खंडहर बन चुका है।
* भोटेकोशी नदी और तटीय क्षेत्रों में लगातार दूसरी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
राहत कार्यों में जुटीं भारत, नेपाल और चीन की टीमें
* नेपाल सरकार और सेना: नेपाल ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए 13,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों (नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल) को रेस्क्यू में लगाया है। रसुवा हाइड्रोपावर सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए जान जोखिम में डालकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद नेपाल ने विदेशी विशेषज्ञों और टीमों को भी अनुमति दे दी है।
* भारत की भूमिका: भारत सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए 50 टन से अधिक राहत सामग्री (दवाइयां, खाद्य सामग्री, तंबू) वायुसेना के विमानों से भेजी है। विदेश मंत्रालय (MEA) लगातार फंसे हुए भारतीयों और तमिलनाडु समेत विभिन्न राज्यों के यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए समन्वय कर रहा है।
* चीन की प्रतिक्रिया: चीनी प्रशासन ने भी अपने राहत दलों और रैपलिंग टीमों को ड्रोन और भारी मशीनों के साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश में उतार दिया है।
राज्यों की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक-राजनीतिक विश्लेषण
भारत के विभिन्न राज्यों—विशेषकर तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर भारत के राज्यों—ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। तमिलनाडु के मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में बेतहाशा बुनियादी ढांचे के विकास, जलवायु परिवर्तन और ट्रांस-हिमालयन परियोजनाओं की अनदेखी ने इस 'वाटर बम' जैसी आपदा को निमंत्रण दिया है। विकास की अंधी दौड़ और प्रकृति के साथ खिलवाड़ का खामियाजा आज आम जनमानस को भुगतना पड़ रहा है।
राखी के पर्व पर आंसुओं का सैलाब: क्या कहें ये दिल को चीर देने वाले हालात?
यह त्रासद समय उस पावन पर्व की पृष्ठभूमि में आया है जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए लंबी उम्र की दुआएं मांगती हैं। लेकिन इस जलप्रलय ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। जिन बहनों की थालियों में राखियां सजी थीं, आज उनकी आंखें मलबे में खोए अपने भाइयों की राह देखते-देखते पथरा चुकी हैं। रसुवा और जिरोंग के ठंडे कीचड़ में अपनों की तलाश करती मांओं और बहनों की सिसकियां अंतरात्मा को झकझोर कर रख देती हैं। रक्षा बंधन का यह पवित्र त्योहार इस बार नेपाल, भारत और तिब्बत सीमा के प्रभावित परिवारों के लिए मातम और सन्नाटे की चादर ओढ़ चुका है।
आइए, जनता की आवाज - इंडिया न्यूज़ 9लाइव के मंच से हम सब मिलकर उन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें और इस दुखद घड़ी में प्रभावित परिवारों को संबल मिलने की कामना करें। आपका यह अपना चैनल इस मुश्किल वक्त में पूरी संवेदना के साथ हर पल आपके साथ खड़ा है।
विशाल शर्मा, इंडिया न्यूज़ 9लाइव
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    Media company Chanakya Puri, New Delhi•
    5 hrs ago
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