स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराने की कगार पर,25 से ठप्प होगा जमीनी काम, सुध लेने वाला कोई नहींदुर्गम अंचलों में जान जोखिम में डालने वाली ANM बहनों का सब्र टूटा, 8 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, आर-पार के मूड में कर्मचारी शहडोल। जिले के अत्यंत दुर्गम, पहाड़ी और वनांचल इलाकों में उफनती नदियों-नालों को पार कर अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक जन-स्वास्थ्य की अलख जगाने वाली एएनएम (ANM) कर्मचारियों का सब्र अब जवाब दे चुका है। दिन-रात एक कर सरकार की हर जमीनी योजना को सफल बनाने वाली इन स्वास्थ्य वीरांगनाओं के प्रति स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की घोर अनदेखी, वादाखिलाफी और तानाशाही रवैये ने इन्हें आंदोलन की राह पर धकेल दिया है। संयुक्त एएनएम एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष अंजलि सोनवानी के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारियों ने गोलबंद होकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को 8 सूत्रीय मांग पत्र का ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने दोटूक और तल्ख शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 25 अगस्त तक उनकी जायज और न्यायसंगत मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो वे जिलेभर में पूर्णतः काम बंद हड़ताल पर चली जाएंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। काम का शोषण,भुगतान के नाम पर सिर्फ टालमटोल विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि निचले स्तर पर काम करने वाली एएनएम कर्मचारियों से दिन-रात विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों, टीकाकरण, एमआर-1, ग्रामीण एएनएम, एनसीडी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (एचआरपी) की पहचान, प्रारंभिक पंजीयन और डीएसएस (DSS) जैसे दर्जनों ऑनलाइन और ऑफ लाइन कार्यों का भारी दबाव बनाकर काम तो पूरा ले लिया जाता है, लेकिन जब उनके हक की प्रोत्साहन राशि और भत्तों के भुगतान की बारी आती है, तो जिम्मेदार अधिकारी केवल टालमटोल की नीति अपनाते हैं। स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन प्रणाली (HMIS) पोर्टल की अव्यवस्था और अत्यधिक ऑनलाइन रिपोर्टिंग के चलते कर्मचारियों को भारी मानसिक तनाव से गुजरना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों की इस उदासीनता और तानाशाही से त्रस्त होकर अब कर्मचारियों ने हुंकार भर दी है। वेतन विसंगति, पदोन्नति का अभाव और जोखिम में जिंदगी,फिर भी अनदेखी ज्ञापन में प्रमुखता से मांग उठाई गई है कि एएनएम संवर्ग को भी पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता (MPHW) की तर्ज पर समयबद्ध पदोन्नति का अवसर दिया जाए। वर्ष 2016 से नर्सिंग संवर्ग से अलग किए जाने के बाद से एएनएम और एलएचसी संवर्ग में जो गंभीर वेतन विसंगतियां पैदा हुई हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त किया जाए। वर्षों से नाममात्र के मानदेय पर अपनी बहुमूल्य सेवाएं दे रही संविदा एएनएम कर्मचारियों को अविलंब नियमानुसार नियमित किया जाए। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि सीमित संसाधनों में आदिवासी और बीहड़ अंचलों में काम करने के एवज में उन्हें 15 प्रतिशत आदिवासी क्षेत्र जोखिम भत्ता और नियमानुसार आवास भत्ता मिलना ही चाहिए। यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी कुंभकर्णी नींद नहीं तोड़ी, तो 25 अगस्त से जिले की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं और टीकाकरण अभियान पूरी तरह ठप्प हो जाएंगे, जिसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराने की कगार पर,25 से ठप्प होगा जमीनी काम, सुध लेने वाला कोई नहींदुर्गम अंचलों में जान जोखिम में डालने वाली ANM बहनों का सब्र टूटा, 8 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, आर-पार के मूड में कर्मचारी शहडोल। जिले के अत्यंत दुर्गम, पहाड़ी और वनांचल इलाकों में उफनती नदियों-नालों को पार कर अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक जन-स्वास्थ्य की अलख जगाने वाली एएनएम (ANM) कर्मचारियों का सब्र अब जवाब दे चुका है। दिन-रात एक कर सरकार की हर जमीनी योजना को सफल बनाने वाली इन स्वास्थ्य वीरांगनाओं के प्रति स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की घोर अनदेखी, वादाखिलाफी और तानाशाही रवैये ने इन्हें आंदोलन की राह पर धकेल दिया है। संयुक्त एएनएम एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष अंजलि सोनवानी के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारियों ने गोलबंद होकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को 8 सूत्रीय मांग पत्र का ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने दोटूक और तल्ख शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 25 अगस्त तक उनकी जायज और न्यायसंगत मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो वे जिलेभर में पूर्णतः काम बंद हड़ताल पर चली जाएंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। काम का शोषण,भुगतान के नाम पर सिर्फ टालमटोल विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि निचले स्तर पर काम करने वाली एएनएम कर्मचारियों से दिन-रात विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों, टीकाकरण, एमआर-1, ग्रामीण एएनएम, एनसीडी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (एचआरपी) की पहचान, प्रारंभिक पंजीयन और डीएसएस (DSS) जैसे दर्जनों ऑनलाइन और ऑफ लाइन कार्यों का भारी दबाव बनाकर काम तो पूरा ले लिया जाता है, लेकिन जब उनके हक की प्रोत्साहन राशि और भत्तों के भुगतान की बारी आती है, तो जिम्मेदार अधिकारी केवल टालमटोल की नीति अपनाते हैं। स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन प्रणाली (HMIS) पोर्टल की अव्यवस्था और अत्यधिक ऑनलाइन रिपोर्टिंग के चलते कर्मचारियों को भारी मानसिक तनाव से गुजरना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों की इस उदासीनता और तानाशाही से त्रस्त होकर अब कर्मचारियों ने हुंकार भर दी है। वेतन विसंगति, पदोन्नति का अभाव और जोखिम में जिंदगी,फिर भी अनदेखी ज्ञापन में प्रमुखता से मांग उठाई गई है कि एएनएम संवर्ग को भी पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता (MPHW) की तर्ज पर समयबद्ध पदोन्नति का अवसर दिया जाए। वर्ष 2016 से नर्सिंग संवर्ग से अलग किए जाने के बाद से एएनएम और एलएचसी संवर्ग में जो गंभीर वेतन विसंगतियां पैदा हुई हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त किया जाए। वर्षों से नाममात्र के मानदेय पर अपनी बहुमूल्य सेवाएं दे रही संविदा एएनएम कर्मचारियों को अविलंब नियमानुसार नियमित किया जाए। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि सीमित संसाधनों में आदिवासी और बीहड़ अंचलों में काम करने के एवज में उन्हें 15 प्रतिशत आदिवासी क्षेत्र जोखिम भत्ता और नियमानुसार आवास भत्ता मिलना ही चाहिए। यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी कुंभकर्णी नींद नहीं तोड़ी, तो 25 अगस्त से जिले की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं और टीकाकरण अभियान पूरी तरह ठप्प हो जाएंगे, जिसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
- 💥 *बड़ी खबर* 💥 *अवैध रेत परिवहन में सलग्न डग्गी द्वारा दो गौवंश को रौँदकर सड़क के किनारे फंसा प्रशाशनिक संरक्षण में चल रहा रेत का अवैध काला कारोबार* 📢📢📢📢📢📢📢📢 *जिला मुख्यालय शहडोल से लगभग दस किमी. दूर शहडोल रीवा मार्ग पर ग्राम निपनिया में वन रक्षक नाका के पास 26/08/2026के भोर में सूत्रों ने बताया कि नरवार कुवंरसेजा से रेत का अवैध कारोबार करने वाली डग्गी लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क के किनारे बैठे गौवंश को जोरदार टक्कर मारकर खुद सड़क के किनारे फ़स गई l* *रेत का अवैध परिवहन करने वाले लोंगो के द्वारा तुरंत डग्गी को निकाल कर चलता बने गौवंश सड़क के किनारे अभी भी पड़े हैं* *सूत्रों ने यह बताया कि वन विभाग और खनिज विभाग के संरक्षण में ये रेत का कारोबार चल रहा है यदि ग्रामीण कोई इस अवैध रेत के परिवहन के बारे में बोलते हैं तो उन्हें तरह तरह की धमकियाँ दी जाती हैं* एक तरफ जिला प्रशासन भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का दम भरता है दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नाक के नीचे खनिज सम्पदा का इस तरह प्रशासनिक संरक्षण में दोहन होना प्रशासन के मुहं में करारा तमाचा है जिससे लाखों रूपये प्रतिदिन के राजस्व की हानि हो रही है l 💥💥💥💥💥💥💥 💥 *बड़ी खबर* 💥 *अवैध रेत परिवहन में सलग्न डग्गी द्वारा दो गौवंश को रौँदकर सड़क के किनारे फंसा प्रशाशनिक संरक्षण में चल रहा रेत का अवैध काला कारोबार* 📢📢📢📢📢📢📢📢 *जिला मुख्यालय शहडोल से लगभग दस किमी. दूर शहडोल रीवा मार्ग पर ग्राम निपनिया में वन रक्षक नाका के पास 26/08/2026के भोर में सूत्रों ने बताया कि नरवार कुवंरसेजा से रेत का अवैध कारोबार करने वाली डग्गी लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क के किनारे बैठे गौवंश को जोरदार टक्कर मारकर खुद सड़क के किनारे फ़स गई l* *रेत का अवैध परिवहन करने वाले लोंगो के द्वारा तुरंत डग्गी को निकाल कर चलता बने गौवंश सड़क के किनारे अभी भी पड़े हैं* *सूत्रों ने यह बताया कि वन विभाग और खनिज विभाग के संरक्षण में ये रेत का कारोबार चल रहा है यदि ग्रामीण कोई इस अवैध रेत के परिवहन के बारे में बोलते हैं तो उन्हें तरह तरह की धमकियाँ दी जाती हैं* एक तरफ जिला प्रशासन भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का दम भरता है दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नाक के नीचे खनिज सम्पदा का इस तरह प्रशासनिक संरक्षण में दोहन होना प्रशासन के मुहं में करारा तमाचा है जिससे लाखों रूपये प्रतिदिन के राजस्व की हानि हो रही है l 💥💥💥💥💥💥💥1
- अमलाई पुलिस को मिली बड़ी सफलता: सूने मकान में ताला तोड़कर चोरी करने वाले 3 शातिर चोर गिरफ्तार, शत-प्रतिशत माल बरामद शहडोल (अमलाई)। शहडोल पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर रोकथाम और अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अमलाई पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 48 घंटे के भीतर एक सूने मकान में हुई चोरी का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ताला तोड़कर उड़ा ले गए थे टीवी, इन्वर्टर और बर्तन घटना 23 अगस्त 2026 की दरमियानी रात की है, जहां अमलाई थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 10 (टंडन दफाई) स्थित एक मकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने एल.ई.डी. टीवी, इन्वर्टर, बैटरी और घरेलू बर्तन सहित लगभग ₹35,000 मूल्य के सामान पर हाथ साफ कर दिया था। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तत्काल विवेचना शुरू की। घेराबंदी कर पकड़े गए तीनों आरोपी विवेचना के दौरान मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने 25 अगस्त 2026 को वार्ड क्रमांक 13, अमराडाण्डी निवासी तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उनके कब्जे से चोरी गया शत-प्रतिशत मशरूका बरामद कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण: राहुल चौधरी (35 वर्ष), पिता- राजेश चौधरी सूरज दीवान (24 वर्ष), पिता- रामराज दीवान रवि सिंह (24 वर्ष), पिता- फूल सिंह (तीनों निवासी: वार्ड क्रमांक 13, अमराडाण्डी, थाना अमलाई, जिला शहडोल) आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस त्वरित और सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी अमलाई के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक जयवेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक पुष्पेन्द्र सिंह एवं प्रधान आरक्षक मुकेश कुमार की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।1
- अनूपपुर: रामनगर में चोरी का पर्दाफाश, आमाडांड के दो युवक गिरफ्तार, बाइक सहित चोरी का सामान जप्त अनूपपुर / रामनगर। पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के मार्गदर्शन में थाना रामनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने घर की बाड़ी में हुई चोरी का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गया पूरा माल बरामद कर लिया है। मामला इस प्रकार है - फरियादी श्याम कुमार चौहान, निवासी ग्राम आमाडांड ने थाना रामनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 13 अगस्त 2026 की दरमियानी रात अज्ञात चोरों द्वारा उसके घर के पीछे बाड़ी में लगा सबमर्सिबल पम्प, स्टार्टर, बिजली का तार एवं पाइप चोरी कर लिया गया है। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 25,000 रुपये आंकी गई थी। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना रामनगर में अपराध क्रमांक 246/26 धारा 302(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार आरोपी - चरण प्रसाद केवट पिता रामनाथ केवट, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम आमाडांड ललित केवट पिता लोकनाथ केवट, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम आमाडांड आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गया सबमर्सिबल पम्प, स्टार्टर, बिजली का तार, पाइप एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक MP 65 MA 9026 को बरामद कर जप्त किया है। उक्त कार्रवाई थाना प्रभारी श्री सुमित कौशिक के नेतृत्व में गठित टीम के स.उ.नि. विनोद नाहर एवं आरक्षक मुमताज द्वारा की गई।2
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में किसने का महा आंदोलन की तैयारी भारतीय किसान संघ उमरिया द्वारा 21 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को विभिन्न समस्याओं को लेकर खासकर पाली क्षेत्र में खुलने वाली नई नव प्राइवेट काली खदान खनिज खदानों की अनुमतियों को लेकर जिलाप्रशासन को कोयले की पोटली के साथ ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था **उमरिया जिले में किसानों महाआंदोलन की तैयारी** भारतीय किसान संघ उमरिया द्वारा 21 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को विभिन्न समस्याओं को लेकर खासकर पाली क्षेत्र में खुलने वाली नई 9 प्राइवेट कॉलरी खदान खनिज खदानों की अनुमित्ताओं को लेकर जिला प्रशासन को कोयले की पोटली के साथ ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था जिसमें 30 दोनों का समय किया गया था लेकिन 30 दिन पूर्व होने के उपरांत भी किसानों की समस्याओं की तरफ कोई पहल नहीं किया गया । **खनिज क्षेत्र बैठक की सूचना नहीं** विगत 25 अगस्त 2026 को कमिश्नर एवं कलेक्टर उमरिया में कई खदानों के साथ बैठक की किंतु दुर्भाग्यवश किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया और ना ही किसानों को सम्मिलित किया गया **9 सितंबर से घेरा डालो डेरा डालो महाआंदोलन** किसानों के द्वारा प्रशासन को 30 दोनों का समय दिया गया था जो की समाप्त हो चुका है और उसके उपरांत किसान संगठन ने 9 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिस क्रम में 9 सितंबर को घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन के तहत शहडोल घुनघुटी नेशनल हाईवे राजमार्ग को पूर्णता बंद किया जाएगा, आंदोलन अनिश्चितकालीन बढ़ाने पर उमरिया जिले की सातों तहसील राजमार्गों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा एवं उमरिया जिले के आने जाने वाले समस्त रास्ते रेल मार्ग में प्रदर्शन किया जाएगा, इसकी पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी ।4
- लोकेशन जिला उमरिया*जिले के समस्त महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था ठप* *कॉलेज बस संचालन की मांग बढ़े बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान* *भारी छात्र-छात्राओं के साथ NSUI ने सौंपा ज्ञापन, जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा—शिक्षकों की कमी से लेकर भवन और मूलभूत सुविधाओं तक बदहाल व्यवस्था से हो रहे परेशान*3
- जेन अल्फा का अनोखा विरोध,स्कूल ड्रेस में कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे, बोले सड़क चाहिए उमरिया। हाथों में किताबें, शरीर पर स्कूल की ड्रेस और मन में पढ़ाई का सपना लेकर पटपरिहाटोला के बच्चे मंगलवार को स्कूल की जगह कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यह कोई छुट्टी या शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि अपने गांव की सड़क की समस्या को लेकर जेन अल्फा की सीधी दस्तक थी। बच्चों ने कलेक्टर राखी सहाय से मुलाकात कर कहा कि बारिश में कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है, इसलिए गांव से हाईस्कूल तक पक्की सड़क बनवाई जाए। किताबों से पहले सड़क की चिंता जनपद पंचायत करकेली के ग्राम पंचायत बड़ागांव अंतर्गत पटपरिहाटोला में बारिश के दौरान कच्चा रास्ता बच्चों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। पानी और कीचड़ से रास्ता भर जाने के कारण कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। स्कूल ड्रेस खराब होने और चोट लगने के डर से कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते। छात्रा राशि पाल ने बताया कि बरसात में रास्ते की हालत इतनी खराब हो जाती है कि स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। कई बार ड्रेस खराब होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता है। इसका सीधा असर उनकी स्कूल उपस्थिति और पढ़ाई पर पड़ रहा है। 'गिरते हैं, चोट भी लगती है' छात्र रविंद्र सोनी ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण कई बार बच्चे रास्ते में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बारिश के दिनों में स्कूल पहुंचना सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। बच्चों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की। 2.5 किलोमीटर सड़क के लिए आवाज ग्रामीणों के अनुसार NH-43 मसूरपानी रोड से मदन सोलंकी के घर होते हुए पटपरिहाटोला से हाईस्कूल तक करीब 2.5 किलोमीटर पक्की सड़क की जरूरत है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का सर्वे कराया जा चुका है। ग्रामीण वर्ष 2023 से इस सड़क की मांग कर रहे हैं। कलेक्टर ने कहा, प्रस्ताव भोपाल भेजा कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि बच्चे सड़क सहित विद्यालय की अन्य समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट आए थे। विद्यालय से जुड़ी समस्याओं को जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाया गया है। सड़क का सर्वे पहले ही कराया जा चुका है और निर्माण का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने तक बच्चों को परेशानी से बचाने के लिए सड़क पर अस्थायी व्यवस्था कराई जाएगी। जेन अल्फा ने दिखाया अपना अंदाज पटपरिहाटोला के बच्चों का कलेक्ट्रेट पहुंचना इस बात का संकेत भी है कि नई पीढ़ी अपनी समस्याओं को लेकर जागरूक हो रही है। इन बच्चों ने शिकायत सिर्फ कागज पर नहीं छोड़ी, बल्कि खुद प्रशासन तक पहुंचकर अपनी बात रखी। अब बच्चों को इंतजार है कि जिस सड़क के लिए उन्होंने आवाज उठाई है, वह कब उनके स्कूल जाने का आसान रास्ता बनेगी।4
- सीएम हेल्पलाइन में सभी विभाग ए ग्रेड में आना सुनिश्चित करें- कलेक्टर === आवेदनों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें तथा गलत जवाब नहीं भरें === कलेक्टर ने की सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा पत्रों की समीक्षा ==== 50 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश ==== सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के दिए निर्देश शहडोल 24 अगस्त 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में आयोजित बैठक में सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा के लंबित पत्रों की विभागवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 100 दिवस या उससे अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बी, सी एवं डी ग्रेड में आने वाले विभाग प्रकरणों के निराकरण करने में तेजी लाएं तथा ए गेड में आना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने वाणिज्यककर विभाग, लोक निर्माण विभाग, जनजातीय कार्य विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कहा कि जिन विभागों में 50 दिवस से अधिक समय से शिकायतें लंबित हैं, उनके विभाग प्रमुख स्वयं नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें तथा शिकायतों के निराकरण संबंधी जवाब एल-1 अधिकारी के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत अनअटेंडेड नहीं रहनी चाहिए तथा प्रत्येक शिकायत का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समय-सीमा के पत्रों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी आकांक्षा पोर्टल में एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से जवाब दर्ज कराएं। इसी तरह सीएम हाउस मॉनिट, सीएम मॉनिट तथा विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों का जवाब समय-सीमा में प्रस्तुत किया जाए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, श्रीमती मिनिषा पाण्डेय, एसडीएम जयसिंहनगर सुश्री काजोल सिंह, एसडीएम श्रीमती अमृता गर्ग, एसडीएम ब्योहारी सुश्री अर्चना मिश्रा, एसडीएम जैतपुर श्री दीपक मंडावी, डिप्टी कलेक्टर श्री भागीरथी लहरे, श्रीमती अन्तोनिआ एक्का, श्री अंकित ऊके सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। सीएम हेल्पलाइन में सभी विभाग ए ग्रेड में आना सुनिश्चित करें- कलेक्टर === आवेदनों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें तथा गलत जवाब नहीं भरें === कलेक्टर ने की सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा पत्रों की समीक्षा ==== 50 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश ==== सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के दिए निर्देश शहडोल 24 अगस्त 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में आयोजित बैठक में सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा के लंबित पत्रों की विभागवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 100 दिवस या उससे अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बी, सी एवं डी ग्रेड में आने वाले विभाग प्रकरणों के निराकरण करने में तेजी लाएं तथा ए गेड में आना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने वाणिज्यककर विभाग, लोक निर्माण विभाग, जनजातीय कार्य विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कहा कि जिन विभागों में 50 दिवस से अधिक समय से शिकायतें लंबित हैं, उनके विभाग प्रमुख स्वयं नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें तथा शिकायतों के निराकरण संबंधी जवाब एल-1 अधिकारी के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत अनअटेंडेड नहीं रहनी चाहिए तथा प्रत्येक शिकायत का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समय-सीमा के पत्रों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी आकांक्षा पोर्टल में एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से जवाब दर्ज कराएं। इसी तरह सीएम हाउस मॉनिट, सीएम मॉनिट तथा विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों का जवाब समय-सीमा में प्रस्तुत किया जाए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, श्रीमती मिनिषा पाण्डेय, एसडीएम जयसिंहनगर सुश्री काजोल सिंह, एसडीएम श्रीमती अमृता गर्ग, एसडीएम ब्योहारी सुश्री अर्चना मिश्रा, एसडीएम जैतपुर श्री दीपक मंडावी, डिप्टी कलेक्टर श्री भागीरथी लहरे, श्रीमती अन्तोनिआ एक्का, श्री अंकित ऊके सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।1
- *बारिश के कारण बिरसिंहपुर पाली में घुस रहे जहरीले सर्प* "बारिश के मौसम में बढ़ा सांपों का खतरा: घरों में घुस रहे हैं बिन बुलाए मेहमान, ऐसे रखें खुद को सुरक्षित" बारिश का पानी सांपों के बिलों (जैसे चूहों के बिल या मिट्टी के गड्ढों) में भर जाता है। पानी से बचने और सूखी व गर्म जगह की तलाश में सांप बाहर निकलते हैं और घरों का रुख करते हैं। देश के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश ने जहाँ आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं अब एक नया और गंभीर खतरा सामने आने लगा है। रिहायशी इलाकों, सोसायटियों और घरों के अंदर सांपों के निकलने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। वन विभाग और स्नेक कैचर्स (सर्प मित्रों) के पास रोजाना दर्जनों ऐसे फोन आ रहे हैं, जिनमें घरों के बाथरूम, किचन, जूते की रैक और बेड के नीचे सांप मिलने की शिकायतें होती हैं। सांप हमेशा ऐसी जगहों पर छिपना पसंद करते हैं जहाँ इंसानों की नजर आसानी से न पड़े।1