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बिजनौर के अफजलगढ़ में पहली ही बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह भारी जलभराव देखने को मिला है। इस पहली बरसात के कारण निचले हिस्सों और खेतों में काफी नुकसान हुआ है। इसके साथ ही पानी का भराव खेतों, खलिहानों और गौशाला में भी हो गया है।
Rohit kumar
बिजनौर के अफजलगढ़ में पहली ही बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह भारी जलभराव देखने को मिला है। इस पहली बरसात के कारण निचले हिस्सों और खेतों में काफी नुकसान हुआ है। इसके साथ ही पानी का भराव खेतों, खलिहानों और गौशाला में भी हो गया है।
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- बिजनौर के मंडावली में कावड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड बॉर्डर पर स्थित कोटा वाली नदी से लेकर मोटा महादेव तक के मार्गों का निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य कावड़ यात्रा को दुरुस्त और सुचारू बनाना है, ताकि शिव भक्तों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान एसपी अभिषेक झा ने मार्ग पर साफ-सफाई बनाए रखने और पुलिस द्वारा नियमित रूप से गश्त कराने के निर्देश दिए हैं।1
- उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर बिजनौर के नगीना क्षेत्र में साफ दिखाई दे रहा है। क्षेत्र के समीप बहने वाली खो और सुखरो नदी में अचानक भारी पानी आने से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं, जिससे नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है और तटीय इलाकों के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। टांडामाईदास ग्राम के समीप नदी का पानी संपर्क मार्गों और रास्तों पर आने से आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। कई गांव टापू में तब्दील हो गए हैं और मुख्य मार्गों पर कई फीट पानी जमा होने के कारण ग्रामीण अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। स्थानीय प्रशासन को स्थिति की गंभीरता से सूचित कर दिया गया है, और निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने तथा नदी के समीप न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों या जलभराव वाले रास्तों को पार करने का जोखिम न उठाने का अनुरोध किया है, साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तुरंत बाढ़ राहत टीम से संपर्क करने को कहा है।2
- बिजनौर के थाना नगीना देहात अंतर्गत कमरूद्दीन नगर में शनिवार रात हुई तेज बारिश के बाद सुखरो नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे नदी उफान पर आ गई है। इस बाढ़ के कारण स्थानीय स्तर पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और खोबडा, चिलकिया, गांवड़ी व बढ़ापुर आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ापुर के लिए मुख्य रास्ता नगीना देहात से होकर गुजरता है, लेकिन चिलकिया, गांवड़ी और खोबडा के ग्रामीण अक्सर कमरुद्दीन नगर से नदी पार कर अपने गांव पहुंचते हैं। इस आपदा के चलते किसानों की हजारों बीघा फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। फिलहाल, सरकारी स्तर पर यहाँ स्थित अंग्रेजी शासनकाल के दौरान बने मिनी पुल की मरम्मत और चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है।1
- मुरादाबाद के कांठ क्षेत्र में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन बारिश का सिलसिला जारी रहा। दोपहर बाद तक कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होने से क्षेत्रवासियों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है। किसानों ने इस वर्षा को धान और मक्का समेत खरीफ की फसलों के लिए बेहद लाभदायक बताया है। लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र के कई स्थानों पर जलभराव की समस्या विकराल हो गई है, जिससे सड़कों और संपर्क मार्गों पर पानी जमा होने के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण हर वर्ष ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। निवासियों ने प्रशासन से जलभराव वाले क्षेत्रों में जल्द से जल्द निकासी की व्यवस्था कराने की पुरजोर मांग की है।2
- बिजनौर के चांदपुर क्षेत्र में मुबारकपुर कलां रोड की स्थिति बेहद खराब है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस रास्ते की हालत जर्जर हो चुकी है, जिससे आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकार क्षेत्र में आती है, लेकिन अब तक इसकी सुध नहीं ली गई है।1
- बिजनौर जिले के नजीबाबाद में चेयरमैन अब्दुल मनान ने बच्चों को खोजने के लिए अपनी पूरी मेहनत लगा दी है।1
- बिजनौर जिले के मंडावली थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम नारायणपुर रतन में स्थित एक मुर्गी फार्म को खाली कराने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। इस विवाद में एक पक्ष के दो लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से एक व्यक्ति की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। घायल व्यक्ति का इलाज बिजनौर में चल रहा है। इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष द्वारा मंडावली थाने में तहरीर सौंप दी गई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस मामले में एक तथाकथित फर्जी पत्रकार द्वारा पुलिस पर मुकदमा दर्ज न करने का दबाव बनाया जा रहा है। यह फर्जी पत्रकार कुछ लोगों को साथ लेकर अपनी मनमानी करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित थाने पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। यह आरोपी पत्रकार पहले भी मिट्टी और रेत-बजरी के अवैध खनन के मामलों में लिप्त रहा है। इसके अलावा, कुछ समय पहले लाइफलाइन हॉस्पिटल में मनमानी करने और डॉक्टर पर दबाव बनाने के कारण भी यह कथित पत्रकार काफी चर्चाओं में रहा था।2