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केसीआर कोढवाही जीपीएम सीजी इंडिया में भीमगे बिजनेस ग्रुप की स्थापना की गई है। इस ग्रुप के संस्थापक राज भीमगे हैं।
BHIMGE BUSSINESS GROUP. KCR
केसीआर कोढवाही जीपीएम सीजी इंडिया में भीमगे बिजनेस ग्रुप की स्थापना की गई है। इस ग्रुप के संस्थापक राज भीमगे हैं।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- शहडोल में एक युवा 'अलख जगाने' की पहल कर रहा है, जिसके लिए शहर के निवासियों से भारी समर्थन और सहयोग की अपील की गई है। संदेश में कहा गया है कि यह युवा शहडोल का ही है, और सभी से आग्रह किया गया है कि वे उसकी इस मुहिम को सफल बनाने के लिए इस पोस्ट को जमकर शेयर करें और उसे पूरा साथ दें।1
- छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले में जनपद पंचायत भरतपुर क्षेत्र के बहरासी से मारपीट का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रमदहा वाटरफॉल पर हुए विवाद के बाद कुछ स्थानीय युवकों ने मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिले से आए एक युवक को बीच सड़क पर घेरकर बेरहमी से पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दबंग युवक खुलेआम कानून-व्यवस्था को चुनौती देते साफ नजर आ रहे हैं। पर्यटन स्थल पर इस तरह की खुली गुंडागर्दी के कारण स्थानीय लोगों में डर और आक्रोश का माहौल है। लोगों ने मांग की है कि वायरल वीडियो में दिख रहे उपद्रवियों की तुरंत पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।1
- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कोरंधा में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि योजना के तहत कई अधूरे पड़े आवासों को सरकारी रिकॉर्ड में पूर्ण दर्शाकर राशि निकाल ली गई है। इन आरोपों ने पंचायत स्तर से लेकर जनपद पंचायत तक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, साथ ही ऑडिट प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी संदेह उत्पन्न किया है। ग्रामीणों के अनुसार, जिन गरीब परिवारों को पक्का मकान देने का वादा किया गया था, वे आज भी अधूरे निर्माण वाले घरों में रहने को मजबूर हैं, जहाँ छत अधूरी है, प्लास्टर नहीं हुआ है और दरवाजे-खिड़कियाँ तक नहीं लगी हैं। आरोप है कि कई मामलों में अधूरे आवासों को पूर्ण दिखाने के लिए दूसरे मकानों की तस्वीरें खींची गईं और इसी आधार पर भुगतान प्रक्रिया पूरी कर राशि का आहरण कर लिया गया। वास्तविक स्थिति और सरकारी रिकॉर्ड के बीच भारी अंतर होने का दावा किया गया है, जहाँ कई हितग्राहियों के आवास अधूरे होने के बावजूद दस्तावेजों में उन्हें पूर्ण बताया गया। ग्रामीणों ने योजना की राशि में बड़े स्तर पर गड़बड़ी और बंदरबाट का आरोप लगाते हुए कहा है कि सहायता राशि पारदर्शिता के साथ हितग्राहियों तक नहीं पहुँच रही है और बीच में ही दुरुपयोग किया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों को किस्तों की सही जानकारी न देने और निर्माण कार्य पूरा किए बिना ही कागजों में प्रक्रिया आगे बढ़ाने के आरोप भी लगाए गए हैं। अधूरे मकानों को पूर्ण दिखाकर सरकार द्वारा मिलने वाली 90 दिनों की मजदूरी भुगतान राशि भी प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई है, जहाँ एक सचिव को तीन-तीन ग्राम पंचायतों का प्रभार सौंपने से योजनाओं की निगरानी प्रभावित हो रही है। रोजगार सहायकों और आवास मित्रों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि आरोप है कि जिम्मेदार कर्मचारी नियमित रूप से गांवों में नहीं पहुंचते और कार्य केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित रह गया है। सबसे गंभीर आरोप ऑडिट और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर हैं, जिसमें कर्मचारियों पर बिना हितग्राहियों के घर पहुंचे और बिना भौतिक निरीक्षण किए कागजों में प्रक्रिया पूर्ण करने का आरोप लगाया गया है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर कराए गए, जबकि ऑडिट कर्मचारी कभी उनके घर पहुंचे ही नहीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम कोरंधा सहित संबंधित पंचायतों में बने सभी प्रधानमंत्री आवासों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय भौतिक जांच कराई जाए, हितग्राहियों के बयान दर्ज किए जाएं तथा दोषी कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो, अन्यथा यह महत्वाकांक्षी योजना अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाएगी। इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव कमला ठाकुर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव न होने के कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।3
- कांग्रेस कमेटी हरदीबाजार द्वारा झीरम घाटी में शहीद हुए नेताओं का शहीद दिवस मनाया गया।4
- कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने शासकीय सांदीपनि उच्चतर छतवई में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को भविष्य के करियर के लिए अभी से तैयार करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने छात्रों को कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) जैसे विषयों का परिचय कराया और उनके विभिन्न उपयोगों के बारे में विस्तार से समझाया।1
- जिओ फाइबर और एयर फाइबर अब सफलतापूर्वक क्रमशः 1085 और 1087 नंबर चैनलों पर शुरू हो गए हैं, जिसकी जानकारी देते हुए उपयोगकर्ताओं को बधाई दी गई है। यह सुविधा अब जिओ टीवी पर भी उपलब्ध कराई गई है।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल गांधी के एक बयान के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया और तीखी नारेबाजी कर अपना कड़ा विरोध जताया।1
- छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बीच चल रही सियासी खींचतान और ‘युवा बनाम बाबा’ बहस के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे टीएस सिंहदेव के किसी भी बयान पर प्रतिक्रिया नहीं देते हैं। रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल ने बताया कि दीपक बैज पिछले साढ़े तीन वर्षों से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति का निर्णय केवल पार्टी हाईकमान द्वारा ही लिया जाता है। बघेल ने साफ शब्दों में कहा, "किसे नेता प्रतिपक्ष बनाना है और किसे प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देनी है, यह पार्टी हाईकमान तय करता है। मैं इसमें अपनी बुद्धि नहीं लगाता।" उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर चल रही ‘युवा बनाम बाबा’ बहस और प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर उठ रहे सवालों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे संगठनात्मक मुद्दों पर हाईकमान के फैसले को सर्वोपरि मानने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।1
- डिंडोरी जिला मुख्यालय में खुले सेप्टिक टैंक और निर्माणाधीन गहरे गड्ढे इन दिनों आवारा मवेशियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। शहर और आसपास के क्षेत्रों में जगह-जगह खुले छोड़े गए इन गड्ढों में गाय, बैल और अन्य पशु गिरकर घायल हो रहे हैं, और कई मामलों में समय पर मदद न मिलने से उनकी जान भी चली जाती है। ऐसे संकट के समय में 'युवा शक्ति टीम डिंडोरी' मूक पशुओं के लिए राहत और उम्मीद बनकर सामने आई है। हाल ही में मुख्यालय से लगे साकेत नगर में एक निर्माणाधीन मकान के खुले सेप्टिक टैंक में गिरी एक गाय को टीम के सदस्यों ने अपनी जान जोखिम में डालकर काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला, जिसकी क्षेत्रीय लोगों ने सराहना की। इसी तरह रविवार को वार्ड क्रमांक 11 में भी एक बैल खुले गड्ढे में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। पार्षद शत्रुघ्न पाराशर की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से घंटों मेहनत कर, कार की सहायता से रस्सियों के जरिए बैल को सुरक्षित बाहर निकाला। युवा शक्ति टीम के सदस्य रोहित कांसकार और यीशु गवले जैसे लोग ऐसे बचाव अभियानों में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, और यह टीम लंबे समय से मूक पशुओं की सुरक्षा व बचाव कार्य में जुटी हुई है। इन घटनाओं को देखते हुए शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले सेप्टिक टैंक और गहरे गड्ढों को तत्काल ढंकवाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।1