प्रयागराज में अपना दल (कमेरावादी) का विशाल धरना, UGC रेगुलेशन 2026 लागू करने की उठी जोरदार मांग अपना दल (कमेरावादी) के नेतृत्व में शुक्रवार को प्रयागराज जिले के सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने एक सूत्रीय मांग रखते हुए यूजीसी एक्टिव रेगुलेशन 2026 को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की। धरने में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी प्रयागराज के माध्यम से उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें प्रदेश में यूजीसी रेगुलेशन 2026 लागू करने की मांग की गई। प्रमुख नेताओं की मौजूदगी धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट दिलीप पटेल, प्रदेश अध्यक्ष बौद्धिक मंच मोहम्मद अबरार, जिला अध्यक्ष गंगा पार अरुण पटेल तथा जिला अध्यक्ष जमुना पार एडवोकेट रमेश चंद्र पटेल सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए एडवोकेट दिलीप पटेल ने कहा कि सरकार यूजीसी का नाम लेकर उसके मूल उद्देश्यों का हनन कर रही है, जबकि उसे सही मायनों में लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 ओबीसी, एससी, एसटी, विकलांगजनों, गरीब महिलाओं और अन्य वंचित वर्गों के लिए एक वरदान साबित हो सकता है, लेकिन सत्ता में बैठे लोग इसे लागू करने में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस कानून को प्रभावी रूप से लागू करती है तो इससे सामाजिक न्याय को मजबूती मिलेगी और शैक्षणिक संस्थानों में वंचित वर्गों को उनका अधिकार और सम्मान सुनिश्चित होगा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय को यह संज्ञान में लेना चाहिए कि देश में आज भी ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के पदाधिकारियों की कुर्सी खाली होने पर उसे गोमूत्र से पवित्र कराने जैसी घटनाओं की चर्चाएं सामने आती हैं, जो जातिगत भेदभाव की मानसिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश के प्रथम नागरिक महामहिम राष्ट्रपति को भी कभी-कभी मंदिर प्रवेश को लेकर विवादों का सामना करना पड़ता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत में जाति व्यवस्था किस स्तर तक सामाजिक व्यवहार को प्रभावित करती है। ऐसी परिस्थितियों में यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लागू करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में समानता और सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश के महामहिम राज्यपाल से हस्तक्षेप कर यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लागू कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि यह कानून गरीब, असहाय और पिछड़े वर्गों के हित में है, इसलिए इसे शीघ्र लागू किया जाना चाहिए। धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखी और चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित और सामाजिक न्याय के समर्थन में नारों के साथ हुआ।
प्रयागराज में अपना दल (कमेरावादी) का विशाल धरना, UGC रेगुलेशन 2026 लागू करने की उठी जोरदार मांग अपना दल (कमेरावादी) के नेतृत्व में शुक्रवार को प्रयागराज जिले के सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने एक सूत्रीय मांग रखते हुए यूजीसी एक्टिव रेगुलेशन 2026 को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की। धरने में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी प्रयागराज के माध्यम से उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें प्रदेश में यूजीसी रेगुलेशन 2026 लागू करने की मांग की गई। प्रमुख नेताओं की मौजूदगी धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट दिलीप पटेल, प्रदेश अध्यक्ष बौद्धिक मंच मोहम्मद अबरार, जिला अध्यक्ष गंगा पार अरुण पटेल तथा जिला अध्यक्ष जमुना पार एडवोकेट रमेश चंद्र पटेल सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए एडवोकेट दिलीप पटेल ने कहा कि सरकार यूजीसी का नाम लेकर उसके मूल उद्देश्यों का हनन कर रही है, जबकि उसे सही मायनों में लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 ओबीसी, एससी, एसटी, विकलांगजनों, गरीब महिलाओं और अन्य वंचित वर्गों के लिए एक वरदान साबित हो सकता है, लेकिन सत्ता में बैठे लोग इसे लागू करने में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस कानून को प्रभावी
रूप से लागू करती है तो इससे सामाजिक न्याय को मजबूती मिलेगी और शैक्षणिक संस्थानों में वंचित वर्गों को उनका अधिकार और सम्मान सुनिश्चित होगा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय को यह संज्ञान में लेना चाहिए कि देश में आज भी ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के पदाधिकारियों की कुर्सी खाली होने पर उसे गोमूत्र से पवित्र कराने जैसी घटनाओं की चर्चाएं सामने आती हैं, जो जातिगत भेदभाव की मानसिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश के प्रथम नागरिक महामहिम राष्ट्रपति को भी कभी-कभी मंदिर प्रवेश को लेकर विवादों का सामना करना पड़ता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत में जाति व्यवस्था किस स्तर तक सामाजिक व्यवहार को प्रभावित करती है। ऐसी परिस्थितियों में यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लागू करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में समानता और सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश के महामहिम राज्यपाल से हस्तक्षेप कर यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लागू कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि यह कानून गरीब, असहाय और पिछड़े वर्गों के हित में है, इसलिए इसे शीघ्र लागू किया जाना चाहिए। धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखी और चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित और सामाजिक न्याय के समर्थन में नारों के साथ हुआ।
- मेजा प्रयागराज।मेजा क्षेत्र के शंभूचक चौराहे पर स्थित जेपी सुपर पैलेस के ठीक सामने श्रद्धा म्यूजिक स्टूडियों द्वारा नए कलाकारों को होली के शुभ अवसर पर दो गाने की रिकॉर्डिंग के साथ एक गाने की रिकॉर्डिंग बिल्कुल मुफ्त दी जा रही है सुनिए इस वीडियो में श्रद्धा म्यूजिक स्टूडियो के निर्देशक ने क्या कुछ कहा1
- मेजा, प्रयागराज। मेजा तहसील क्षेत्र के धरावल गांव में अंग्रेजों के जमाने की जर्जर पुलिया को धराशाई कर दिया गया है। आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिया के बगल से अस्थायी मार्ग का निर्माण कराया गया है, जिससे आवागमन सुचारु रूप से जारी है। पुलिया के पुनर्निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा पीसीसी कार्य शुरू कर दिया गया है। निर्माण कार्य तेजी से कराए जाने को लेकर ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि नई पुलिया बनने के बाद क्षेत्र में आवागमन पहले से अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगा। समाजसेवी सत्यम शिवम तिवारी, अजय केसरवानी व अंशु कुमार ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि अंग्रेजों के समय की बनी पुलिया काफी जर्जर हो चुकी थी, जिससे कभी भी दुर्घटना होने का खतरा बना रहता था। उन्होंने बताया कि इस मार्ग से क्रशर प्लांट से निकलने वाले भारी ट्रकों का लगातार आवागमन होता है, जिससे खतरा और बढ़ गया था। उन्होंने विभाग द्वारा शुरू कराए गए निर्माण कार्य का स्वागत करते हुए कहा कि पुलिया के बन जाने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और आवागमन व्यवस्थित ढंग से हो सकेगा।1
- karele ka jaati hi teekha hai to vah to Guru Kate ya khat le teekhapan uska jaega hi nahin ki uska jaati Hui Hai han nahin to1
- Post by Daud Daud1
- Post by Anis Akhtar1
- भदोही तहसील चलो 28 फरवरी 2026 दिन शनिवार 10 बजे दिन1
- शंकरगढ़ (प्रयागराज)। प्रयागराज जिले के बारा तहसील अंतर्गत नगर पंचायत शंकरगढ़ के कनक नगर मोहल्ले में लापरवाही का मामला सामने आया है। एमवी कॉन्वेंट स्कूल के बगल नाला निर्माण के लिए लगभग एक माह पूर्व ठेकेदार द्वारा गड्ढा खोदा गया था, जिसे अब तक नहीं पटवाया गया है। खुला पड़ा यह गड्ढा स्थानीय लोगों के लिए खतरा बन गया है। जानकारी के अनुसार गड्ढे में अब तक कई गाय, स्कूली बच्चे, राजगीर सहित अन्य जानवर गिरकर घायल हो चुके हैं। स्कूल के आसपास होने के कारण अभिभावकों में भी भय और आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों और हिंदू संगठनों ने ठेकेदार की इस घोर लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गड्ढे को नहीं भरा गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और गड्ढे को तत्काल पटवाने की मांग की है।4
- Post by Daud Daud1
- Post by Anis Akhtar1