श्रीहरि चैतन्य पुरी जी महाराज पहुंचे कामां कामां-तीर्थराज विमल कुण्ड स्थित श्री हरि कृपा आश्रम के संस्थापक एंव श्रीहरि कृपा पीठाधीश्वर व विश्व विख्यात संत स्वामी श्रीहरि चैतन्य पुरी जी महाराज के उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड के विभिन्न स्थानों में विराट धर्म सम्मेलनों की अध्यक्षता करके लाखों भक्तों का मार्गदर्शन करने के बाद आज यहाँ श्रीहरि कृपा आश्रम में पहुंचने पर क्षेत्रीय, स्थानीय व दूरदराज से आए भक्तजनों ने फूल मालाएं पहनाकर, पुष्प वृष्टि करते हुए आरती उतारकर “श्री गुरु महाराज” “कामां के कन्हैया”व “लाठी वाले भैय्या ” की जय जयकार के साथ पूर्ण धार्मिक रीति से भव्य स्वागत किया। अपने दिव्य व ओजस्वी प्रवचनों में उन्होंने कहा कि सभी अपने अपने कर्तव्यों का पालन करें। इससे अधिकार प्राप्ति की लड़ाई समाप्त हो जाएगी। क्योंकि एक का कर्तव्य दूसरे का अधिकार है। वह व्यवहार औरों से ना करें जो तुम्हें अपने लिए अच्छा नहीं लगता। हम दूसरों को प्रेरणा, उपदेश या शिक्षा देने से पूर्व अपने जीवन में भी उतारे वरना उसका प्रभाव नहीं होगा। परमात्मा के नाम की महिमा का वर्णन किया। नाम को राम से भी बड़ा बताया। भारतीय संस्कृति में कदम कदम पर संस्कारों का भी उल्लेख व महत्व को प्रेमरस मर्मज्ञ महाराज श्री ने विस्तार से भक्तों को समझाया। उन्होंने कहा कि हम सभी को प्रभु व गुरु पर पूर्ण विश्वास रखते हुए तथा अपना आत्मविश्वास बढ़ाते हुए पूर्ण लगन व निष्ठा से अपने अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। स्वयं को शक्ति संपन्न बनाने का प्रयास करें। अपनी शक्तियों को गलत खानपान, अनियमित, असंतुलित, अनियंत्रित दिनचर्या,चरित्र हीनता व कुपथ पर चलकर नष्ट ना करें।शांति का दुरुपयोग ना हो जाए इसलिए बल के साथ साथ बुद्धि व विवेक का भी इस्तेमाल करें। एकमात्र धर्म व अध्यात्म ही हमें हमारे पतन,समाज में आ रही बुराइयों व विकृतियों से बचा सकता है। अतः सदा सर्वदा धर्म व परमात्मा की शरण ग्रहण करें। उन्होंने कहा कि संतों,शास्त्रों,महापुरुषों व अवतारों से प्रेरणाये, शिक्षाएं व उपदेश ग्रहण करके अपने जीवन को आदर्श दिव्य तो बनाए ही लेकिन जिन्हें हम नीच व अधर्मी मानते हैं अगर उनके जीवन से भी हमें कुछ अच्छाई मिल जाती है तो उसे भी अपने जीवन में उतारे। जिसको अच्छाई लेनी होती है तो वह नीच से नीच व्यक्ति से भी ग्रहण कर लेते हैं वरना दुर्योधन की तरह श्रीकृष्ण से भी नहीं। अपने धाराप्रवाह प्रवचनों से उन्होंने सभी भक्तों को मंत्रमुग्ध व भावविभोर कर दिया। सारा वातावरण भक्तिमय हो गया व “श्री गुरु महाराज, कामां के कन्हैया व लाठी वाले भैय्या ” की जय जयकार से गूंज उठा।
श्रीहरि चैतन्य पुरी जी महाराज पहुंचे कामां कामां-तीर्थराज विमल कुण्ड स्थित श्री हरि कृपा आश्रम के संस्थापक एंव श्रीहरि कृपा पीठाधीश्वर व विश्व विख्यात संत स्वामी श्रीहरि चैतन्य पुरी जी महाराज के उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड के विभिन्न स्थानों में विराट धर्म सम्मेलनों की अध्यक्षता करके लाखों भक्तों का मार्गदर्शन करने के बाद आज यहाँ श्रीहरि कृपा आश्रम में पहुंचने पर क्षेत्रीय, स्थानीय व दूरदराज से आए भक्तजनों ने फूल मालाएं पहनाकर, पुष्प वृष्टि करते हुए आरती उतारकर “श्री गुरु महाराज” “कामां के कन्हैया”व “लाठी वाले भैय्या ” की जय जयकार के साथ पूर्ण धार्मिक रीति से भव्य स्वागत किया। अपने दिव्य व ओजस्वी प्रवचनों में उन्होंने कहा कि सभी अपने अपने कर्तव्यों का पालन करें। इससे अधिकार प्राप्ति की लड़ाई समाप्त हो जाएगी। क्योंकि एक का कर्तव्य दूसरे का अधिकार है। वह व्यवहार औरों से ना करें जो तुम्हें अपने लिए अच्छा नहीं लगता। हम दूसरों को प्रेरणा, उपदेश या शिक्षा देने से पूर्व अपने जीवन में भी उतारे वरना उसका प्रभाव नहीं होगा। परमात्मा के नाम की महिमा का वर्णन किया। नाम को राम से भी बड़ा बताया। भारतीय संस्कृति में कदम कदम पर संस्कारों का भी उल्लेख व महत्व को प्रेमरस मर्मज्ञ महाराज श्री ने विस्तार से भक्तों को समझाया। उन्होंने कहा कि हम
सभी को प्रभु व गुरु पर पूर्ण विश्वास रखते हुए तथा अपना आत्मविश्वास बढ़ाते हुए पूर्ण लगन व निष्ठा से अपने अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। स्वयं को शक्ति संपन्न बनाने का प्रयास करें। अपनी शक्तियों को गलत खानपान, अनियमित, असंतुलित, अनियंत्रित दिनचर्या,चरित्र हीनता व कुपथ पर चलकर नष्ट ना करें।शांति का दुरुपयोग ना हो जाए इसलिए बल के साथ साथ बुद्धि व विवेक का भी इस्तेमाल करें। एकमात्र धर्म व अध्यात्म ही हमें हमारे पतन,समाज में आ रही बुराइयों व विकृतियों से बचा सकता है। अतः सदा सर्वदा धर्म व परमात्मा की शरण ग्रहण करें। उन्होंने कहा कि संतों,शास्त्रों,महापुरुषों व अवतारों से प्रेरणाये, शिक्षाएं व उपदेश ग्रहण करके अपने जीवन को आदर्श दिव्य तो बनाए ही लेकिन जिन्हें हम नीच व अधर्मी मानते हैं अगर उनके जीवन से भी हमें कुछ अच्छाई मिल जाती है तो उसे भी अपने जीवन में उतारे। जिसको अच्छाई लेनी होती है तो वह नीच से नीच व्यक्ति से भी ग्रहण कर लेते हैं वरना दुर्योधन की तरह श्रीकृष्ण से भी नहीं। अपने धाराप्रवाह प्रवचनों से उन्होंने सभी भक्तों को मंत्रमुग्ध व भावविभोर कर दिया। सारा वातावरण भक्तिमय हो गया व “श्री गुरु महाराज, कामां के कन्हैया व लाठी वाले भैय्या ” की जय जयकार से गूंज उठा।
- डीग में कामां रोड पर हीरो एजेंसी के सामने हुआ दर्दनाक सड़क हादसा हाइवा ट्रक ने बाइक सवार को मारी टक्कर ट्रक के नीचे दबने से बाइक सवार की हुई मौके पर ही मौत पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रखवाया मोर्चरी में मृतक बाईक सवार है कामां थाना के गॉव छिछरवाडी निवासी रामेश्वर पुत्र फूल सिंह लोधा मृतक रोजाना की तरह मजदूरी कर लौट रहा था डीग से कामां डीग कस्बे में कामां रोड स्थित रेलवे फाटक के पास की घटना1
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- प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय डीग उपसेवाकेंद्र में महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई गई अमरदीप सैन डीग। प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के उपसेवा । केंद्र डीग द्वारा महाशिवरात्रि का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संत दास बाबा राजा मुरली मनोहर मंदिर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्र. कु. बबिता दीदी सह प्रभारी, भरतपुर ने की। विशिष्ट अतिथियों में भगवान शरण आड़तिया, हिंदी साहित्य समिति के महामंत्री चंद्रभान वर्मा, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्र. कु. प्रवीणा बहन प्रभारी ब्र. कु. योगिता बहन प्रभारी ओल एवं ब्र. कु. जागृति बहन सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ईश्वरीय स्मृति गीत से हुआ शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ ईश्वरीय स्मृति गीत “ऐ आत्माओं सुन लो शिव ये शुभ संदेश” से हुआ। मुख्य अतिथि संत दास बाबा राजा ने अपने उद्बोधन में कहा कि परमात्मा शिव एकांतवासी कहलाते हैं। यदि हम ईश्वर की प्राप्ति करना चाहते हैं तो एकांत और मौन की आवश्यकता होती है। समय स्वप्न के समान है, इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस का पाठ तो अनेक लोग करते हैं, किंतु उसे आचरण में लाना आवश्यक है। ईर्ष्या, निंदा और चुगली से दूर रहकर सदाचारपूर्ण जीवन जीना ही सच्ची भक्ति है। उन्होंने सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। शिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य अध्यक्षीय संबोधन में ब्र. कु. बबिता दीदी ने शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह परमात्मा शिव का अवतरण दिवस है। शिवरात्रि पर नमक और मिर्च का त्याग प्रतीकात्मक है अर्थात् हमें कड़वे और तीखे वचन नहीं बोलने चाहिए। सभी के प्रति प्रेम, सहयोग और सम्मान का भाव रखना ही सच्चा जीवन है। विशिष्ट अतिथि चंद्रभान वर्मा ने अपनी शुभकामनाएँ व्यक्त करते हुए “घर-घर शिव का ध्वज फहराएंगे” कविता सुनाई, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा। परमात्मा का सत्य परिचय ब्र. कु. योगिता बहन ने अपने वक्तव्य में कहा कि परमात्मा निराकार ज्योति बिंदु स्वरूप हैं, जो गुणों के सागर हैं। उनके सान्निध्य से मनुष्य अपने जीवन को श्रेष्ठ और दिव्य बना सकता है। प्रभात फेरी और झांकियों ने बांधा समां कार्यक्रम से पूर्व डीग कस्बे के प्रमुख स्थानों पर प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी में भगवान शिव शंकर एवं राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियां सजाई गईं, जिनके दर्शन कर नगरवासियों ने श्रद्धाभाव प्रकट किया। प्रभात फेरी को संत दास बाबा राजा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा शिव ध्वजारोहण किया गया तथा सभी को यह प्रतिज्ञा दिलाई गई कि वे मन, वचन और कर्म से किसी को भी दुख नहीं देंगे। गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें दीपू फोजदार पूर्व प्रेसिडेंट, डीग कॉलेज, रज्जन सिंह , गिरधारी मित्तल, दिगंबर, गौरव, सुरेश, गीता, केला, मुस्कान, मोनिका सहित सैकड़ों भाई-बहन शामिल रहे।3
- मथुरा जनपद के शेरगढ़ में तैनात पोस्टमैन के अपहरण के बाद हत्या करने वाले दो अभियुक्त के साथ पुलिस की हुई मुठभेड़ अभियुक्त हुए घायल1
- Post by Dk rajput Rajput1
- ➡️ अपराध ट्रैकिंग को मिलेगी रफ्तार: डीआईजी पांडे ने किया CCTNS कार्यालय का उद्घाटन ➡️ परेड ग्राउंड में जवानों का हौसला बढ़ाने पहुंचे डीआईजी, ली सलामी1
- Post by Subhash Chand1
- एक और नई पहल दो बच्चियों की दिया दान दहेज का सामान अमर दीप सेन डीग आज शहर की हनुमान मोहल्ला स्थित कोली समाज की बस्ती में दो गरीब बच्चियों की शादी में एक बच्ची जो की निहायती गरीब है जिसके पिता बहुत ही निर्धन है आय का कोई स्रोत नहीं है और वह चार बहने हैं भाई भी नहीं है और दूसरी बच्ची जिसके पिता नहीं है मां भी दिव्यांग है और एक भाई है वह भी दिव्यांग है आप दोनों की शादी में पूर्व पंचायत समिति सदस्य पूनम शर्मा जी की पहल पर गृहस्थी का सामान दिया जिसमें दोनों को अलग-अलग 11 साड़ियां एक साल एक बेडशीट एक डबल बेड का कंबल 25 किलो चीनी एक रिफाइंड का पीपा 25 किलो आटा 11 किलो बेसन एक सिलाई मशीन एक प्रेशर कुकर एक जोड़ी पायल एक सोने की बाली एक जोड़ी बिछुआ ₹1100 नगद वह कुछ गिफ्ट परिवार को भेंट किया गुरुजी लोकेश शर्मा के सानिध्य में एवं साथ मै भामाशाह डॉक्टर जितेंद्र सिंह फौजदार ,सौरभ जैन, काजल जैन, योगेश शर्मा जयपुर ,आलोक आगरा ,नरेश ककड़ा वाले, देवेंद्र ठेकेदार लेखू भगत ,दीपक , दीपांशु खंडेलवाल एवं संतों महमदपुर आप सभी के सहयोग से यह पुनीत कार्य किया गया2