कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष बरमेंद्र प्रताप सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी भाई देसाई के निर्देश पर पूरे भारतवर्ष में माह के अंतिम रविवार को एक साथ ध्वज वंदन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में, प्रदेश प्रभारी प्रताप नारायण मिश्रा और प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव के आदेश पर, ब्लॉक कांग्रेस सेवादल सोहावल के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने ग्राम करसरा में ध्वज वंदन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सोहावल के अध्यक्ष राममणि शुक्ला मुख्य अतिथि रहे, जबकि कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष बरमेंद्र प्रताप सिंह ने अध्यक्षता की। कांग्रेस अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष और सरपंच जमुना कोल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम गीत के साथ हुआ, जिसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और ध्वज सलामी दी गई। ध्वज गीत के उपरांत, अतिथियों ने अपने उद्बोधन दिए और राष्ट्रगान के बाद प्रसाद वितरण किया गया। अतिथियों ने इस दौरान सेवादल द्वारा राष्ट्र निर्माण, व्यक्तित्व निर्माण, देश की सुरक्षा, देश के शहीदों का परिचय और रचनात्मक कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर कांग्रेस सेवादल के महासचिव डा. डी पी प्रजापति, यूथ ब्लॉक उपाध्यक्ष रमेश कुशवाहा, मंडल अध्यक्ष प्रदीप पांडेय, मनेंद्र सिंह, रजनीश मिश्रा, अवधराज कुशवाहा, प्रशांत नामदेव, सुहद तिवारी, विष्णु कुमार पांडेय, राज शुक्ला, विकाश शर्मा, शिवम शर्मा, राम कुशल पांडेय, रामाधार उर्मलिया, अनुज प्रजापति सहित कई वरिष्ठ नागरिक भी मौजूद रहे।
कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष बरमेंद्र प्रताप सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी भाई देसाई के निर्देश पर पूरे भारतवर्ष में माह के अंतिम रविवार को एक साथ ध्वज वंदन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में, प्रदेश प्रभारी प्रताप नारायण मिश्रा और प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव के आदेश पर, ब्लॉक कांग्रेस सेवादल सोहावल के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने ग्राम करसरा में ध्वज वंदन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम
में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सोहावल के अध्यक्ष राममणि शुक्ला मुख्य अतिथि रहे, जबकि कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष बरमेंद्र प्रताप सिंह ने अध्यक्षता की। कांग्रेस अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष और सरपंच जमुना कोल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम गीत के साथ हुआ, जिसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और ध्वज सलामी दी गई। ध्वज गीत के उपरांत, अतिथियों ने अपने उद्बोधन दिए और राष्ट्रगान के बाद प्रसाद वितरण किया गया। अतिथियों
ने इस दौरान सेवादल द्वारा राष्ट्र निर्माण, व्यक्तित्व निर्माण, देश की सुरक्षा, देश के शहीदों का परिचय और रचनात्मक कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर कांग्रेस सेवादल के महासचिव डा. डी पी प्रजापति, यूथ ब्लॉक उपाध्यक्ष रमेश कुशवाहा, मंडल अध्यक्ष प्रदीप पांडेय, मनेंद्र सिंह, रजनीश मिश्रा, अवधराज कुशवाहा, प्रशांत नामदेव, सुहद तिवारी, विष्णु कुमार पांडेय, राज शुक्ला, विकाश शर्मा, शिवम शर्मा, राम कुशल पांडेय, रामाधार उर्मलिया, अनुज प्रजापति सहित कई वरिष्ठ नागरिक भी मौजूद रहे।
- सतना जिले के जसो थाना क्षेत्र के कलावल गांव में एक युवक ने अपनी पत्नी से चल रहे पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले, युवक ने एक वीडियो बनाकर अपनी परेशानी को साझा किया था, जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, युवक ने प्रेम विवाह किया था और वह बीते कुछ समय से लगातार पारिवारिक विवादों का सामना कर रहा था, जिसके कारण वह गहरे मानसिक तनाव में था।1
- ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर बिरसिंहपुर (सतना) के गैवीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। सुरक्षा के नाम पर मंदिर परिसर में केवल दिखावे के बैरिकेड्स लगाए गए थे, जिन पर न तो कोई कर्मचारी तैनात था और न ही मुख्य गेट के अलावा यातायात को नियंत्रित करने का कोई इंतजाम था। स्थिति तब और खराब हो गई जब राजभोग होटल के पास लगे बैरिकेड पर कोई कर्मचारी न होने के कारण बाइक सवारों का आवागमन बेरोक-टोक जारी रहा, जिससे पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास भयंकर जाम लग गया। इस गंभीर जाम और खड़ी बाइकों के कारण, हार्ट अटैक से पीड़ित एक श्रद्धालु तक एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुँच पाई और इलाज के अभाव में उसने दम तोड़ दिया। प्रशासन ने सभी वैकल्पिक रास्तों पर बैरिकेड्स लगाकर ताले तो जड़ दिए थे, लेकिन आपात स्थिति के लिए वहाँ एक भी कर्मचारी तैनात नहीं किया, जिससे श्रद्धालु भीड़ में फँसे रह गए। यह घटना यह सवाल उठाती है कि क्या प्रशासनिक तैयारियाँ सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। एक व्यक्ति की मौत ने साबित कर दिया है कि सुरक्षा इंतजामों में बरती गई यह लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। अब समय आ गया है कि प्रशासन अपनी गहरी नींद से जागे, वरना आस्था का यह महापर्व लोगों की जान का दुश्मन बन जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 मई की शाम इंदौर में अपनी सादगी और मितव्ययता का एक और उदाहरण पेश किया, जिसने आम जनता के बीच उनकी लोकप्रियता को दर्शाया। वे इंदौर के प्रसिद्ध राजवाड़ा पहुंचे, जहाँ उन्होंने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद, अपने चिर-परिचित अंदाज में मुख्यमंत्री डॉ. यादव अचानक अन्ना भैया की नाश्ते की दुकान पर जा पहुँचे। यहाँ उन्होंने आम नागरिकों के साथ बैठकर नाश्ता और चाय का आनंद लिया, साथ ही छात्राओं से उनकी पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं को लेकर बातचीत की। इस पूरे वाकये की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। अपनी यात्रा के दौरान, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय व्यवसायियों और नागरिकों से भी मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने अपने नाश्ते और चाय का बिल स्वयं भरा, जिससे लोगों को उनका सहज और पारिवारिक व्यवहार बेहद पसंद आया। अपने बीच मुख्यमंत्री को पाकर लोग काफी उत्साहित दिखे; उन्होंने लोगों से हाथ मिलाया और मासूम बच्चियों को दुलार किया। कई लोगों ने इस अवसर पर उनके साथ तस्वीरें लेने की भी कोशिश की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एचआर ग्रीन से राजवाड़ा तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ टेम्पो ट्रेवलर बस में सफर किया। इस दौरान उन्होंने शहर के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की और चलती बस से ही नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया, जिससे जनसेवा के उनके संकल्प की एक और मिसाल पेश हुई।1
- बहुजन समाज पार्टी के दमदार कार्यकर्ता डॉ. संतोष सोनी के बयानों को सुनने का आह्वान किया गया है।1
- एक हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक देवर ने अपनी भाभी के प्रति प्रेम संबंध के चलते एक डेढ़ साल के मासूम बच्चे की निर्मम हत्या कर दी। यह दिल दहला देने वाली घटना उस समय हुई जब देवर अपनी भाभी के इश्क में पड़ गया, और इसके परिणामस्वरूप एक मासूम बच्चे की जान चली गई।1
- सतना के रामपुर बाघेलान क्षेत्र में शनिवार शाम मौसम ने अचानक करवट बदली, जिससे भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को तेज आंधी के साथ शुरू हुई बूंदाबांदी से बड़ी राहत मिली। शाम करीब 2:30 बजे आसमान में काले बादल छा गए, जिसके बाद 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चली और फिर रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इस बदलाव से तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली और बाजारों में भी रौनक लौट आई। शुरू ऐप न्यूज के रिपोर्टर ऋषिकेश त्रिपाठी ने मौके से बताया कि एक हफ्ते से 44 डिग्री सेल्सियस की आग बरस रही थी, और आज इंद्रदेव मेहरबान हुए हैं। उन्होंने इस बूंदाबांदी को केवल मौसम में बदलाव नहीं, बल्कि किसानों के लिए संजीवनी बताया, जिससे धान की नर्सरी डालने वाले किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। हालांकि, उन्होंने बिजली विभाग से अपील की है कि आंधी से होने वाले फॉल्ट को तत्काल सुधारा जाए ताकि यह राहत किसी मुसीबत में न बदल जाए। फिलहाल हल्की बारिश जारी है, और मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में तेज बारिश की संभावना जताई है।1
- सतना नगर निगम के वार्ड नंबर 10 में मुख्तियार गंज रेलवे फाटक से लेकर शुक्ला वर्दाडीह तक खोदी गई सड़क की हालत बेहद दयनीय है। इस खुदी हुई सड़क के कारण स्थानीय लोगों का आवागमन अत्यंत मुश्किल हो गया है और वे आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। विशेष रूप से, चंद घंटों की बारिश के बाद इस सड़क पर पैदल चलना भी बेहद कठिन हो जाता है, जिससे राहगीरों की परेशानी और बढ़ जाती है।1