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Gautam karsh
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More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- Post by SK Kashyapपत्रकार रींवापार1
- कोरबा की कटघोरा पुलिस ने नेशनल हाईवे पर संचालित कंचन ढाबा को सील कर दिया। यह कार्रवाई अवैध शराबखोरी की लगातार मिल रही शिकायतों और पुलिस निर्देशों की अनदेखी के बाद राजस्व विभाग के निर्देश पर की गई। दो दिन पहले ही इस ढाबे से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब जब्त की गई थी।इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, कटघोरा पुलिस ने दो दिन पहले ढाबे पर छापा मारा था। छापेमारी के दौरान, ढाबे से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की गई। पुलिस ने मौके से शराब जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बावजूद, ढाबा संचालक द्वारा पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था।नियमों की लगातार अवहेलना और अवैध गतिविधियों को देखते हुए, पुलिस ने राजस्व विभाग को एक रिपोर्ट भेजी। राजस्व विभाग के निर्देश पर, कटघोरा पुलिस ने ढाबे को सील करने की कार्रवाई की। इस दौरान, भूमि स्वामी सुरेंद्र सिंह ने पुलिस की मौजूदगी में स्वयं ढाबे पर ताला लगाया। कटघोरा थाना क्षेत्र के तानाखार स्थित नेशनल हाईवे-130 पर कंचन ढाबा में लंबे समय से अवैध रूप से शराब परोसने की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने कई बार पुलिस को सूचित किया था कि ढाबे में खुलेआम शराब पिलाई जा रही है, जिससे हाईवे पर अक्सर विवाद और हंगामे की स्थिति बनती थी।1
- सारंगढ़ नगर पालिका क्षेत्र के कई वार्डो मे पानी की विकराल समस्या से वार्डवासी जूझ रहे है जहाँ पतली सी धार सैंकड़ो लोगो की प्यास बुझा रहे लेकिन एक प्यास के लिए उन्हें कई घंठो तक उन्हें इंतजार करना पड़ता है हम बात कर रहे सारंगढ़ नगर पालिका वार्ड क्रमांक 10 की जहाँ वार्डवासी की हाल देखिये1
- बिना नोटिस घर तोडना ,1
- #है_काम_आदमीका_औरोंके_काम_आना आइए संत रामपाल जी महाराज के इस महा-अभियान 'अन्नपूर्णा मुहिम' का समर्थन करें। जब हम मिलकर किसी की शिक्षा, चिकित्सा और भोजन का प्रबंध करेंगे, तो यह दुनिया स्वर्ग बन जाएगी। याद रखिए इंसान होने का अर्थ है- 'है काम आदमी का ओरों के काम आना।' Merciful Sant Rampal Ji1
- Post by Hari Sharma Sharma1
- Post by Gautam karsh1
- केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना, जिसका उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, अब जमीनी हकीकत में सवालों के घेरे में नजर आ रही है। करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रुपये खर्च करने के बावजूद कई गांव आज भी पानी की बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। ताजा मामला कोरबा जिले के ग्राम पंचायत पचरा से सामने आया है, जहां करीब 85 लाख रुपये की लागत से बनाई जा रही पानी टंकी पिछले दो वर्षों से अधूरी पड़ी है। हैरानी की बात यह है कि पीएचई विभाग और संबंधित ठेकेदार पिछले एक साल से अधिक समय से यहां काम देखने तक नहीं पहुंचे हैं। अगर यह टंकी समय पर बनकर चालू हो जाती, तो भीषण गर्मी में गांव के लगभग 900 से अधिक परिवारों को पेयजल की सुविधा मिल सकती थी। लेकिन लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के चलते यह योजना अधर में लटकी हुई है।1
- Post by Dwarika prasad Yadaw1