बारां जिले के छबड़ा ब्लॉक में पिछले कई वर्षों से खाली पड़े अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वितीय के पद पर कुशल शिक्षाविद श्री बद्रीलाल ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार संभालने से ब्लॉक के शिक्षकों में भारी हर्ष का माहौल है। इस अवसर पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ खंड छबड़ा के पदाधिकारियों, सदस्यों, प्रधानाचार्यों, पूर्व ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और कार्यालय के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर उनका माल्यार्पण किया और मिठाई खिलाकर भव्य स्वागत किया। इससे पहले वह राउमावि चांचौड़ा में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत थे। पदभार संभालने के बाद अपने संबोधन में श्री बद्रीलाल ने कहा कि सभी के सहयोग से आगे बढ़ते हुए जिले की रैंकिंग में ब्लॉक को प्रथम पायदान पर रखना ही उनका ध्येय रहेगा। इस स्वागत समारोह के दौरान खंड सभाध्यक्ष घनश्याम भार्गव, अध्यक्ष मुरारी लाल मीणा, कोषाध्यक्ष चेतन मालव, जिला उपाध्यक्ष बद्री लाल मेहता, सदस्य (माध्यमिक) बृजेश विजय, सदस्य (प्राथमिक) सुनील जांगिड़, प्रधानाचार्य गूगौर राधाकिशन मीणा, कार्यवाहक cbeeo चंद्र प्रकाश गुप्ता, कार्यवाहक peeo चांचौड़ा भूरालाल मीणा, प्रधानाध्यापक छीतर लाल मेघवाल, peeo पाली हंसराज बैरवा सहित सुरेश बैरवा, अर्जुन सिंह जादौन, बाबूलाल यादव, कमलेश वर्मा, प्रवीण मेघवाल, कोमल जांगिड़, महेन्द्र कुमार वर्मा, ओंकार लाल, महेंद्र सिंह ढाका, प्रधान मीणा, विनोद मालव, शिवचरण बैरवा, जसवंत मीणा, कौशल शर्मा और मोहन लाल सहित बड़ी संख्या में कार्मिक उपस्थित रहे। इस दौरान मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पूर्व आर.पी. व सेवानिवृत्त व्याख्याता एस. एल. नागर ने नव नियुक्त अधिकारी बद्री लाल को बधाई संदेश भेजकर शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्तमान में पूरी टीम छबड़ा ब्लॉक से ही होने के कारण शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा, जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा और भौतिक व शैक्षिक संसाधनों से वंचित विद्यालयों का भी विकास हो सकेगा।
बारां जिले के छबड़ा ब्लॉक में पिछले कई वर्षों से खाली पड़े अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वितीय के पद पर कुशल शिक्षाविद श्री बद्रीलाल ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार संभालने से ब्लॉक के शिक्षकों में भारी हर्ष का माहौल है। इस अवसर पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ खंड छबड़ा के पदाधिकारियों, सदस्यों, प्रधानाचार्यों, पूर्व ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और कार्यालय के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर उनका माल्यार्पण किया
और मिठाई खिलाकर भव्य स्वागत किया। इससे पहले वह राउमावि चांचौड़ा में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत थे। पदभार संभालने के बाद अपने संबोधन में श्री बद्रीलाल ने कहा कि सभी के सहयोग से आगे बढ़ते हुए जिले की रैंकिंग में ब्लॉक को प्रथम पायदान पर रखना ही उनका ध्येय रहेगा। इस स्वागत समारोह के दौरान खंड सभाध्यक्ष घनश्याम भार्गव, अध्यक्ष मुरारी लाल मीणा, कोषाध्यक्ष चेतन मालव, जिला उपाध्यक्ष बद्री लाल मेहता, सदस्य (माध्यमिक) बृजेश
विजय, सदस्य (प्राथमिक) सुनील जांगिड़, प्रधानाचार्य गूगौर राधाकिशन मीणा, कार्यवाहक cbeeo चंद्र प्रकाश गुप्ता, कार्यवाहक peeo चांचौड़ा भूरालाल मीणा, प्रधानाध्यापक छीतर लाल मेघवाल, peeo पाली हंसराज बैरवा सहित सुरेश बैरवा, अर्जुन सिंह जादौन, बाबूलाल यादव, कमलेश वर्मा, प्रवीण मेघवाल, कोमल जांगिड़, महेन्द्र कुमार वर्मा, ओंकार लाल, महेंद्र सिंह ढाका, प्रधान मीणा, विनोद मालव, शिवचरण बैरवा, जसवंत मीणा, कौशल शर्मा और मोहन लाल सहित बड़ी संख्या में कार्मिक उपस्थित रहे। इस दौरान मुख्य ब्लॉक शिक्षा
अधिकारी कार्यालय के पूर्व आर.पी. व सेवानिवृत्त व्याख्याता एस. एल. नागर ने नव नियुक्त अधिकारी बद्री लाल को बधाई संदेश भेजकर शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्तमान में पूरी टीम छबड़ा ब्लॉक से ही होने के कारण शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा, जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा और भौतिक व शैक्षिक संसाधनों से वंचित विद्यालयों का भी विकास हो सकेगा।
- झालावाड़ के खानपुर में भारत विकास परिषद के 64वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बालिका छात्रावास में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में डीवाईएसपी (DYSP) गरिमा जिंदल ने शिरकत की और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन के दौरान उन्होंने बेटियों की शिक्षा और उन्नति पर जोर देते हुए कहा कि बेटियाँ पढ़ेंगी, आगे बढ़ेंगी और समाज का भविष्य संवारेंगी।1
- राजनीति की दुनिया से निकलकर अब दिलीप घोष गायक की भूमिका में नजर आ रहे हैं, जहां उन्होंने माइक थामकर 'झालमुड़ी गाना' गाया है। बंगाल की राजनीति में झालमुड़ी का क्या महत्व है, यह बात पहले से ही सभी को पता है। इससे पहले, चुनाव प्रचार के सिलसिले में बंगाल दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सड़क किनारे की एक गुमनाम दुकान से झालमुड़ी खाई थी और '26 के चुनाव' के लिए एक अलग ही माहौल तैयार किया था। अब वही झालमुड़ी एक बार फिर चर्चा में लौट आई है, लेकिन इस बार यह खाने की चीज के रूप में नहीं बल्कि गाने के रूप में आई है। दिलीप घोष ने अपने पुराने ढर्रे को तोड़ते हुए माइक के सामने 'झालमुड़ी सॉन्ग' रिकॉर्ड किया है। इस गाने की रिकॉर्डिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- गुना जिले के रुठियाई मुख्य मार्ग पर पंचवटी होटल के समीप गेल (GAIL) के एक टैंकर में आग लगने की घटना सामने आई है। आग की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए समन्वित कार्रवाई की। कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल (IAS) के निर्देशन में प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन और गेल की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर समय रहते आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। वर्तमान में घटना स्थल पर स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल, एसडीएम सहित प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत व सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की सतत मॉनिटरिंग करते रहे। सुरक्षा की दृष्टि से एहतियातन कुछ समय के लिए रुठियाई मुख्य मार्ग पर यातायात अस्थायी रूप से रोका गया था, ताकि राहत एवं अग्निशमन कार्य में बाधा न आए। स्थिति सामान्य होने के बाद मार्ग पर आवागमन पुनः सुचारु कर दिया गया है। कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि प्रशासन की प्राथमिकता जनसुरक्षा सुनिश्चित करना रही और सभी विभागों के समन्वित एवं त्वरित प्रयासों से स्थिति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित कर लिया गया है। इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि अथवा कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या नहीं हुई है। पत्रकार राजा मुगल के अनुसार, पूरे क्षेत्र में स्थिति अब पूरी तरह सामान्य है।1
- गुना जिले के फतेहगढ़ स्थित सांदीपनि स्कूल के निरीक्षण के दौरान एसडीएम शिवानी पांडे ने स्कूल के प्राचार्य भगवत झा को शिकायतों के संबंध में गलत और तथ्यहीन जानकारी देने पर कड़ी फटकार लगाई है। इस निरीक्षण का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें एसडीएम प्राचार्य से यह कहती दिखाई दे रही हैं कि यदि उन्हें इतनी परेशानी है तो वे अपना ट्रांसफर करवा लें, ताकि स्कूल में अनावश्यक विवाद और समस्याएं न रहें। दरअसल, स्कूल की बाउंड्रीवाल का निर्माण न होने के पीछे स्थानीय अगरिया आदिवासी समुदाय को जिम्मेदार बताया जा रहा था। साथ ही पास में बह रहे नाले के कारण स्कूल परिसर में जलभराव की शिकायतें भी लंबे समय से मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम, पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई तथा स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि अगरिया समुदाय की ओर से बाउंड्रीवाल निर्माण में कोई बाधा नहीं डाली गई थी। जलभराव की समस्या भी किसी समुदाय के अवरोध के कारण नहीं, बल्कि प्राकृतिक ड्रेनेज का रास्ता बदलने से उत्पन्न हुई है, जिससे फतेहगढ़ के अन्य हिस्से भी प्रभावित हैं। इस समस्या के समाधान के लिए एक तकनीकी टीम गठित कर दी गई है। इसके अलावा, मंडी परिसर और स्कूल की सीमा को लेकर हुए विवाद पर भी अधिकारियों ने सीमांकन कराने का निर्णय लिया है। एसडीएम शिवानी पांडे ने स्पष्ट किया कि स्कूल के संबंध में गलत जानकारी देकर भ्रम फैलाना उचित नहीं है।1
- झालावाड़ के मामा भानजा दरगाह पर राजस्थान अधिकारी कर्मचारी माइनॉरिटी एसोसिएशन (रकमा) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष शौकत अंसारी का गर्मजोशी से इस्तक़बाल किया गया। इसके साथ ही, हज के मुकद्दस सफर से लौटे जिलाध्यक्ष हाजी कलीम अहमद और हाजी संनवर आलम का भी एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। बैठक में उमराह पर जाने वाले वरिष्ठ साथी आरिफ़ हुसैन गौरी को फूल-माला पहनाकर और शाल ओढ़ाकर विदाई दी गई और उनके सफर की आसानी के लिए सामूहिक दुआ की गई। बैठक के दौरान उर्दू शिक्षकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को सबके सामने रखा, जिनके निराकरण के लिए प्रशासन और सरकार से बातचीत कर हल निकालने का फैसला लिया गया। इसके अलावा, अधिकांश सदस्यों ने संगठन को और अधिक मजबूत व संगठित करने तथा नए सदस्य बनाने पर विशेष बल दिया। कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ सामाजिक सरोकार के कार्यों को आगे बढ़ाने की बात भी कही गई। इसके तहत, झालावाड़ शहर में गरीब मुस्लिम बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग क्लासेस की सुविधा के लिए जल्द ही एक लाइब्रेरी संचालित करने पर आम सहमति बनी। इस बैठक में जिला उपाध्यक्ष सादिक अली, रईस चिश्ती, संवर आलम, आरिफ़ हुसैन गौरी, रेहान खान, इमरान खान और अलीम बेग ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में अध्यापक शोयब खान, व्याख्याता अली मोहम्मद अशफाक भाई, शेर मोहम्मद जी, ओवेस खान, सलाम खान अशफाक, तौफीक खान, मोहिब खान, पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. आशरिक, सादिक़ खान और पूर्व नर्सिंग अधिकारी आरिफ़ हुसैन गौरी सहित लगभग दो दर्जन सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान एक बेहद भावुक कर देने वाला नजारा सामने आया, जहां पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा मंच से संबोधित करते हुए रो पड़े। भाषण के दौरान जैसे ही उन्होंने कहा, "मैं गांव-गांव और घर-घर जाऊंगा… और आशुतोष को जिताऊंगा", उनकी आवाज भर्रा गई और आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्हें इस तरह भावुक होता देख मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तुरंत उनके पास पहुंचे, उन्हें संभाला और कुर्सी पर बैठाया। सभा में मौजूद तमाम कार्यकर्ता और समर्थक भी इस भावुक पल के साक्षी बने। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, दतिया उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी के चयन के बाद यह पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम था, जिसमें डॉ. नरोत्तम मिश्रा इस तरह भावुक नजर आए। टिकट नहीं मिलने के बाद उनके समर्थकों की नाराजगी भी चर्चा में रही थी। हालांकि, अपने संबोधन में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में पूरी ताकत से चुनाव प्रचार करने का संदेश दिया।1
- झालावाड़ में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त कर करोड़ों की संपत्ति और लग्जरी लाइफ जीने का सपना देख रहे तस्करों के खिलाफ पुलिस का बड़ा बुलडोजर अभियान देखने को मिला है। आज सुबह हुई एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई में वन विभाग और पुलिस ने तस्करों द्वारा अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों की जानकारी जुटाई और सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के तहत मानपुरा गुजरान में सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण कर बनाए गए मकानों को जमींदोज किया गया है। प्रशासन ने पहले तस्करी की कमाई से खड़ी की गई अवैध संपत्तियों का चिन्हीकरण किया और फिर दो आरोपियों के अवैध निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई की। इसमें से एक तस्कर गिरिराज सरकारी भूमि पर करीब ₹3 करोड़ की बड़ी लागत से आलीशान घर बना रहा था। इस कार्रवाई ने करोड़ों की अवैध संपत्ति बनाने की चाह रखने वाले तस्करों के सपनों को पूरी तरह मिट्टी में मिला दिया है।1
- झालावाड़ जिले के अकलेरा क्षेत्र के मानपुरा गुजरान में नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों और वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ एक बार फिर बड़ी बुलडोजर कार्रवाई देखने को मिली है। नशा तस्कर कालूलाल तंवर और गिरिराज तंवर द्वारा वन विभाग की विशाल भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके करोड़ों रुपये का आलीशान निर्माण किया गया था, जिसे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी तरह ढहा दिया गया और वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। इस बड़ी कार्रवाई के लिए झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया द्वारा नशा तस्करों की काली कमाई से अर्जित अवैध संपत्तियों और अतिक्रमणों को पहले चिन्हित किया गया था, जिसके बाद यह जानकारी संबंधित विभागों के साथ साझा की गई। इसके बाद डीएफओ सागर पवार के निर्देशन और एसीएफ मुकेश सहजवानी के नेतृत्व में असनावर अकलेरा रेंज के वन कर्मियों ने पुलिस बल के साथ मिलकर इस संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अकलेरा डीएसपी मनोज सोनी और थानाधिकारी धर्माराम सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने बताया कि महुआखोह निवासी नशा तस्कर कालूलाल तंवर और गिरिराज तंवर के खिलाफ नशा तस्करी के कई गंभीर मामले दर्ज हैं और पुलिस कार्रवाइयों के दौरान इनके पास से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ भी बरामद किए गए हैं। इन दोनों तस्करों ने नशा तस्करी के काले कारोबार से कमाए पैसों से वन भूमि पर अवैध रूप से आलीशान निर्माण खड़ा किया था, जिसे अब जमींदोज कर दिया गया है।4
- उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों और रेलवे के डिप्टी स्टेशन अधीक्षक के बीच हुई मारपीट के मामले में रेलवे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद RPF के चार जवानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वायरल वीडियो में RPF कर्मी स्टेशन के अधिकारी को घसीटते हुए और उनके साथ हाथापाई करते हुए नजर आ रहे हैं। इस पूरे विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब एक महिला यात्री को सुरक्षित तरीके से ट्रेन में चढ़ाने के लिए हीराकुंड एक्सप्रेस को कुछ समय के लिए रोका गया था। इसी बात को लेकर RPF और रेलवे ऑपरेटिंग स्टाफ के बीच बहस शुरू हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। घटना के बाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए रेलवे ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में अंतिम जिम्मेदारी तय की जाएगी।1