नानपारा में 3 और 4 मई को सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक बिजली रहेगी गुल सिस्टम सुदृढ़ीकरण के लिए मरम्मत कार्य के चलते लिया गया शटडाउन का फैसला नानपारा (बहराइच): विद्युत आपूर्ति को और अधिक सुदृढ़ और बेहतर बनाने के लिए विभाग द्वारा आगामी 3 और 4 मई को विशेष मरम्मत कार्य किया जाएगा। इस स्ट्रेंथनिंग कार्य के चलते 132 केवी विद्युत उपकेंद्र नानपारा से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 7:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक बिजली की आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। अधिशासी अभियंता अनूप कुमार मिश्रा द्वारा जारी सूचना के अनुसार, उपकेंद्र के मेन बस बार पर 'सिंगल मूस कंडक्टर' की जगह 'ट्विन मूस कंडक्टर' लगाने का कार्य किया जाना है। इस शटडाउन का सीधा असर नानपारा, मोतीपुर, रायबोझा, नेपालगंज, मटेरा, बन्जारन टांडा, नवाबगंज, एसएसबी कैंप, बेहड़ा और बाबागंज जैसे इलाकों पर पड़ेगा। विद्युत विभाग ने क्षेत्रीय नागरिकों से सहयोग की अपील की है और सुझाव दिया है कि पानी भरने जैसे सभी आवश्यक घरेलू कार्य सुबह 7:00 बजे से पहले ही निपटा लें ताकि शटडाउन के दौरान किसी बड़ी असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही, विभाग ने ऊर्जा संरक्षण के लिए लोगों से साधारण बल्ब की जगह एलईडी का उपयोग करने का भी आग्रह किया है।
नानपारा में 3 और 4 मई को सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक बिजली रहेगी गुल सिस्टम सुदृढ़ीकरण के लिए मरम्मत कार्य के चलते लिया गया शटडाउन का फैसला नानपारा (बहराइच): विद्युत आपूर्ति को और अधिक सुदृढ़ और बेहतर बनाने के लिए विभाग द्वारा आगामी 3 और 4 मई को विशेष मरम्मत कार्य किया जाएगा। इस स्ट्रेंथनिंग कार्य के चलते 132 केवी विद्युत उपकेंद्र नानपारा से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 7:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक बिजली की आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। अधिशासी अभियंता अनूप कुमार मिश्रा द्वारा जारी सूचना के अनुसार, उपकेंद्र के मेन बस बार पर 'सिंगल मूस कंडक्टर' की जगह 'ट्विन मूस कंडक्टर' लगाने का कार्य किया जाना है। इस शटडाउन का सीधा असर नानपारा, मोतीपुर, रायबोझा, नेपालगंज, मटेरा, बन्जारन टांडा, नवाबगंज, एसएसबी कैंप, बेहड़ा और बाबागंज जैसे इलाकों पर पड़ेगा। विद्युत विभाग ने क्षेत्रीय नागरिकों से सहयोग की अपील की है और सुझाव दिया है कि पानी भरने जैसे सभी आवश्यक घरेलू कार्य सुबह 7:00 बजे से पहले ही निपटा लें ताकि शटडाउन के दौरान किसी बड़ी असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही, विभाग ने ऊर्जा संरक्षण के लिए लोगों से साधारण बल्ब की जगह एलईडी का उपयोग करने का भी आग्रह किया है।
- उत्तर प्रदेश का सिद्धार्थनगर कहने को तो यहां विकास की बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी हो रही हैं, लेकिन इन इमारतों के पीछे छिपी जर्जर हकीकत ने आज एक मां की गोद उजाड़ दी। ये साठ फीट ऊंची पानी की टंकी, जो प्यास बुझाने के लिए बनी थी, आज मातम का प्रतीक बन गई है। तस्वीरें डराने वाली हैं। महज एक रील बनाने की चाहत में कुछ मासूम बच्चे इस टंकी के ऊपर जा चढ़े। उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि जिस सीढ़ी के सहारे वो ऊपर जा रहे हैं, वो मौत का फंदा बन चुकी है। अचानक एक ज़ोरदार आवाज़ हुई जर्जर सीढ़ी टूटकर नीचे गिर गई और कुछ ही सेकंड में बच्चों की हंसी, चीखों में तब्दील हो गई। हादसा दिल दहला देने वाला था। एक मासूम की मौके पर ही जान चली गई। दो बच्चे इस वक्त अस्पताल के आईसीयू में अपनी आखिरी सांसों के लिए जंग लड़ रहे हैं। और वो दो बच्चे? जो ऊपर रह गए थे... कल्पना कीजिए उस खौफ की। साठ फीट की ऊंचाई, पैर रखने को जर्जर कंक्रीट और नीचे उतरने का हर रास्ता बंद। दो घंटे तक वो बच्चे मौत को अपने सामने देखते रहे। प्रशासन जागा, क्रेन मंगाई गई, शोर मचा लेकिन यहीं विकास के दावों की पोल खुल गई। टंकी तक पहुंचने के लिए सड़क ही नहीं थी। चारों तरफ दलदल, जहां सिस्टम के पहिए धंस गए। जब ज़मीन पर रास्ते बंद हो गए, तो आसमान से उम्मीद की किरण जागी। मुख्यमंत्री कार्यालय और राहत आयुक्त के समन्वय के बाद भारतीय वायु सेना को मोर्चा संभालना पड़ा। रविवार की सुबह जब यम आई सत्तरह हेलीकॉप्टर के पंखों की गड़गड़ाहट सुनाई दी, तब जाकर उन मासूमों की सांस में सांस आई। वायु सेना के जवानों ने जांबाजी दिखाते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा। ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन क्या हम इसे जीत कह सकते हैं?1
- बिजनौर के थाना मंडावली की भागुवाला चौकी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में सिपाही संजय कुमार यादव एक युवक को ताबड़तोड़ थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। हालांकि वीडियो पुराना बताया जा रहा है, लेकिन पुलिसिया कार्रवाई के इस तरीके पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्या वर्दी पहनकर कानून हाथ में लेना सही है? अपनी राय कमेंट में दें। #Bijnor #UPPolice #ViralVideo #AdityaBharat #CrimeNews1
- बहराइच, उत्तर प्रदेश जब सिस्टम खामोश हो जाए, तो दर्द आवाज बनकर फूट पड़ता है…एक बेबस महिला कई दिनों से अपने जमीनी विवाद को लेकर दफ्तर-दफ्तर भटक रही थी, लेकिन हर बार उसे सिर्फ तारीख और इंतज़ार ही मिला समाधान दिवस में बड़े अधिकारी बैठक कर रहे थे… उसी बीच ये महिला पहुंची और फूट-फूट कर रोने लगी उसकी आवाज में दर्द था, गुस्सा था और सबसे ज्यादा न्याय की पुकार थी “हम गरीब हैं… पैसा कहां से लाएं… अब कहीं नहीं जाएंगे… बस न्याय चाहिए सवाल ये है कि क्या गरीब को इंसाफ के लिए भी कीमत चुकानी पड़ेगी क्या बिना पैसे के न्याय मिलना सिर्फ किताबों की बात है ये सिर्फ एक महिला की कहानी नही ये उन हजारों आवाज़ों की सच्चाई है, जो सिस्टम के दरवाजे पर दम तोड़ देती हैं अब वक्त है आवाज उठाने का… ताकि किसी और को यूं रोकर न्याय न मांगना पड़े!1
- 5 din Se light nahin a rahi hai chacha ka kya kahana Hai ki gaon mein light nahin aati hai1
- Post by Ravi Verma Bahraich1
- झारखंड के धनबाद जिले के मुनीडीह स्थित बीसीसीएल की कोल वाशरी में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। स्लरी लोडिंग के दौरान अचानक मलबा ढह गया, जिससे वहां काम कर रहे चार दिहाड़ी मजदूर उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है, वहीं मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग भी तेज हो गई है।1
- Post by Pankaj Dev Tripathi1
- My 11 Years Of Instinct Just Stopped A National Security Crisis1