बिहार में शिक्षक स्थानांतरण पूरी तरह ऐच्छिक होगा : मिथिलेश तिवारी, गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद जीवन कुमार के पत्र को शिक्षा मंत्री ने लिया गंभीरता से शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा- वही शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल होंगे, जो स्वयं आवेदन करेंगे Mukhiyajee Reporter | Patna बिहार में शिक्षक स्थानांतरण को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति के बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में शिक्षक स्थानांतरण पूरी तरह ऐच्छिक होगा। यानी केवल वही शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल होंगे, जो स्वयं आवेदन करेंगे। यह निर्णय बिहार विधान परिषद सदस्य जीवन कुमार के पत्र पर त्वरित संज्ञान लेने के बाद लिया गया है। दरअसल, गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद जीवन कुमार ने आज 31 जुलाई को पत्रांक-270 के माध्यम से शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 के तहत चल रहे समायोजन, समानुपातीकरण और स्थानांतरण में सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया था। पत्र में नियमावली में आवश्यक संशोधन की भी मांग की गयी थी। शिक्षा मंत्री की घोषणा के अनुसार अब शिक्षकों को हर पांच वर्ष में स्थानांतरण का अवसर मिलेगा। साथ ही विद्यालयों में 30 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक का अनुपात सुनिश्चित करने की दिशा में भी विभाग काम करेगा। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक 22,591 सरप्लस शिक्षकों तथा 2,142 शिक्षकों ने म्यूचुअल (पारस्परिक) स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है। जीवन कुमार ने अपने पत्र में कई व्यावहारिक समस्याओं का उल्लेख किया है। इनमें भाषा शिक्षकों के समानुपातीकरण के मानक की समीक्षा, संस्कृत एवं उर्दू विषय के लिए अलग-अलग पद सृजित करने, शारीरिक शिक्षकों के समायोजन में संशोधन, विद्यालयों में एकमात्र विषय शिक्षक को सरप्लस घोषित किए जाने की समस्या, वर्ष 2007 सहित विभिन्न चरणों में नियुक्त शिक्षकों को पोर्टल पर सरप्लस दिखाए जाने तथा स्थानांतरण प्रक्रिया में इच्छुक और अनिच्छुक शिक्षकों के बीच स्पष्ट अंतर किए जाने जैसे मुद्दे शामिल हैं। बहरहाल, जीवन कुमार ने शिक्षा मंत्री के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह शिक्षक हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है और शिक्षकों के सम्मान एवं अधिकारों के लिए उनकी आवाज आगे भी उठती रहेगी। बता दें कि 29 जुलाई 2026 से शिक्षा विभाग के ई-शिक्षा पोर्टल पर शिक्षक स्थानांतरण (Transfer) हेतु ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई है। यह पोर्टल 5 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा। विभाग द्वारा निर्धारित प्रावधानों एवं पात्रता के अनुसार इच्छुक शिक्षक इस अवधि में अपने स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। शिक्षा मंत्री ने तीन दिन पहले अपील भी की थी कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर ई-शिक्षा पोर्टल पर आवेदन अवश्य करें तथा आवेदन करते समय सभी आवश्यक प्रक्रिया को पूरा करें।
बिहार में शिक्षक स्थानांतरण पूरी तरह ऐच्छिक होगा : मिथिलेश तिवारी, गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद जीवन कुमार के पत्र को शिक्षा मंत्री ने लिया गंभीरता से शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा- वही शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल होंगे, जो स्वयं आवेदन करेंगे Mukhiyajee Reporter | Patna बिहार में शिक्षक स्थानांतरण को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति के बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में शिक्षक स्थानांतरण पूरी तरह ऐच्छिक होगा। यानी केवल वही शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल होंगे, जो स्वयं आवेदन करेंगे। यह निर्णय बिहार विधान परिषद सदस्य जीवन कुमार के पत्र पर त्वरित संज्ञान लेने के बाद लिया गया है। दरअसल, गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद जीवन कुमार ने आज 31 जुलाई को पत्रांक-270 के माध्यम से शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 के तहत चल रहे समायोजन, समानुपातीकरण और स्थानांतरण में सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया था। पत्र में नियमावली में आवश्यक संशोधन की भी मांग की गयी थी। शिक्षा मंत्री की घोषणा के अनुसार अब शिक्षकों को हर पांच वर्ष में स्थानांतरण का अवसर मिलेगा। साथ ही विद्यालयों में 30 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक का अनुपात सुनिश्चित करने की दिशा में भी विभाग काम करेगा। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक 22,591 सरप्लस शिक्षकों तथा 2,142 शिक्षकों ने म्यूचुअल (पारस्परिक) स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है। जीवन कुमार ने अपने पत्र में कई व्यावहारिक समस्याओं का उल्लेख किया है। इनमें भाषा शिक्षकों के समानुपातीकरण के मानक की समीक्षा, संस्कृत एवं उर्दू विषय के लिए अलग-अलग पद सृजित करने, शारीरिक शिक्षकों के समायोजन में संशोधन, विद्यालयों में एकमात्र विषय शिक्षक को सरप्लस घोषित किए जाने की समस्या, वर्ष 2007 सहित विभिन्न चरणों में नियुक्त शिक्षकों को पोर्टल पर सरप्लस दिखाए जाने तथा स्थानांतरण प्रक्रिया में इच्छुक और अनिच्छुक शिक्षकों के बीच स्पष्ट अंतर किए जाने जैसे मुद्दे शामिल हैं। बहरहाल, जीवन कुमार ने शिक्षा मंत्री के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह शिक्षक हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है और शिक्षकों के सम्मान एवं अधिकारों के लिए उनकी आवाज आगे भी उठती रहेगी। बता दें कि 29 जुलाई 2026 से शिक्षा विभाग के ई-शिक्षा पोर्टल पर शिक्षक स्थानांतरण (Transfer) हेतु ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई है। यह पोर्टल 5 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा। विभाग द्वारा निर्धारित प्रावधानों एवं पात्रता के अनुसार इच्छुक शिक्षक इस अवधि में अपने स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। शिक्षा मंत्री ने तीन दिन पहले अपील भी की थी कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर ई-शिक्षा पोर्टल पर आवेदन अवश्य करें तथा आवेदन करते समय सभी आवश्यक प्रक्रिया को पूरा करें।
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