बाढ़ अनुमंडल के बुढ़नी चक गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने शनिवार को बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव किया। उनकी मुख्य मांग गांव में 200 केवी क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाना था, जिसके लिए ग्रामीण घंटों तक कार्यालय परिसर में डटे रहे। ग्रामीणों ने बिजली अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया, लेकिन संबंधित अधिकारी क्षेत्रीय निरीक्षण पर होने के कारण कार्यालय में उपलब्ध नहीं थे। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पहले से लगा 63 केवी का ट्रांसफार्मर लगातार ओवरलोड के कारण बार-बार खराब हो जाता है। इससे लगभग 200 परिवारों को नियमित रूप से बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीण ऋषि कुमार ने बताया कि उन्होंने करीब एक महीने पहले ही 200 केवी ट्रांसफार्मर के लिए विभाग को आवेदन दिया था। इसके बावजूद, विभाग 100 केवी का ट्रांसफार्मर लगाने की बात कर रहा है, जो ग्रामीणों के अनुसार पर्याप्त नहीं है। उन्होंने बताया कि 100 केवी का ट्रांसफार्मर पहले भी पांच बार लगाया जा चुका है, लेकिन अधिक लोड के कारण वह भी बार-बार खराब हो जाता है, जिससे पूरे गांव की बिजली व्यवस्था ठप हो जाती है। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, मगर वे अपनी मांग पर अड़े रहे और 200 केवी ट्रांसफार्मर लगाने की मांग को लेकर घंटों प्रदर्शन करते रहे।
बाढ़ अनुमंडल के बुढ़नी चक गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने शनिवार को बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव किया। उनकी मुख्य मांग गांव में 200 केवी क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाना था, जिसके लिए ग्रामीण घंटों तक कार्यालय परिसर में डटे रहे। ग्रामीणों ने बिजली अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया, लेकिन संबंधित अधिकारी क्षेत्रीय निरीक्षण पर होने के कारण कार्यालय में उपलब्ध नहीं थे। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पहले से लगा 63 केवी का ट्रांसफार्मर लगातार ओवरलोड के कारण बार-बार खराब हो जाता है। इससे लगभग 200 परिवारों को नियमित रूप से बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीण ऋषि कुमार ने बताया कि उन्होंने करीब एक महीने पहले ही 200 केवी ट्रांसफार्मर के लिए विभाग को आवेदन दिया था। इसके बावजूद, विभाग 100 केवी का ट्रांसफार्मर लगाने की बात कर रहा है, जो ग्रामीणों के अनुसार पर्याप्त नहीं है। उन्होंने बताया कि 100 केवी का ट्रांसफार्मर पहले भी पांच बार लगाया जा चुका है, लेकिन अधिक लोड के कारण वह भी बार-बार खराब हो जाता है, जिससे पूरे गांव की बिजली व्यवस्था ठप हो जाती है। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, मगर वे अपनी मांग पर अड़े रहे और 200 केवी ट्रांसफार्मर लगाने की मांग को लेकर घंटों प्रदर्शन करते रहे।
- भविष्य में जानवरों के अंग किस प्रकार इंसानों की जान बचा सकते हैं, इस महत्वपूर्ण विषय पर ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन (Xenotransplantation) की पूरी कहानी बताई गई है। यह जानकारी प्रस्तुत करती है कि कैसे जीन-संशोधित सूअर के अंगों का उपयोग कर इंसानी जान बचाई जा सकती है। वीडियो में समझाया गया है कि कैसे CRISPR Gene Editing, Gene Knock-out, Gene Knock-in और आधुनिक इम्यूनोथेरेपी की मदद से जीन-संशोधित सूअर की किडनी और दिल का इंसानों में सफल प्रत्यारोपण संभव हुआ है। इस विषय पर विस्तार से बताते हुए वीडियो में ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन क्या है, सूअर के अंग ही क्यों चुने जाते हैं, Hyperacute Rejection क्या होता है, और CRISPR-Cas9 कैसे काम करता है, जैसे बिंदुओं को स्पष्ट किया गया है। इसके अतिरिक्त, 2024 के सफल ट्रांसप्लांट केस और भविष्य की संभावनाओं व चुनौतियों पर भी चर्चा की गई है। Samvad Digital News द्वारा प्रस्तुत इस वीडियो को पसंद आने पर लाइक, शेयर और कमेंट करने तथा चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह किया गया है।1
- बख्तियारपुर में शुक्रवार रात नई बाइपास स्थित अबू मोहम्मदपुर से निकाले गए मुहर्रम जुलूस ने अपनी भव्यता और अनूठे प्रदर्शनों से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। इस जुलूस का मुख्य आकर्षण क्रेन से लटकाई गई लगभग 100 किलो की एक विशाल तलवार और 'अग्नि-6' की झांकी रही, जिसने लोगों को अचंभित कर दिया। इसके अतिरिक्त, युवाओं ने भी अपने रोमांचक और पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया, जिन्हें देखने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बख्तियारपुर थानाध्यक्ष देवानंद शर्मा अपनी टीम के साथ पूरी तरह मुस्तैद रहे और उन्होंने पूरे जुलूस पर लगातार निगरानी बनाए रखी। प्रशासन और स्थानीय लोगों के सक्रिय सहयोग से यह मुहर्रम जुलूस शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- प्रशांत किशोर ने एक सीधा और निर्णायक बयान देते हुए कहा है कि भरत तिवारी का कोई एनकाउंटर नहीं हुआ है। किशोर ने स्पष्ट रूप से जोर दिया कि भरत तिवारी को मुठभेड़ में नहीं मारा गया, बल्कि उनकी हत्या की गई है।1
- मोकामा के नौरंगा जलालपुर में पुलिस ने एक घर से बाइक बरामदगी के मामले में कार्रवाई करते हुए सोनू–मोनू के पिता और अधिवक्ता प्रमोद सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के बाद से इलाके में तेज चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में सक्रिय रूप से जुटी हुई है और घटनाक्रम से जुड़े अन्य सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच चर्चाओं का दौर जारी है।1
- न्याय की आवाज़ को रोका नहीं जा सकता, इस संदेश के साथ यह सामने आया है कि सन ऑफ मल्लाह श्री मुकेश साहनी जी को जौनपुर दूल्हा हत्याकांड के घटनास्थल पर पहुँचने से पहले ही रोक दिया गया। इस घटना ने उन लोगों पर सवाल खड़े कर दिए हैं जिन्होंने उन्हें रोका, क्योंकि जनता अब जवाबों की मांग कर रही है और स्पष्ट रूप से उम्मीद कर रही है कि इन सवालों से भागना बंद किया जाएगा।1
- एक भक्तिमय संदेश में, भगवान श्रीराम को समर्पित 'श्री राम चंद्र कृपालु भजु मण हरण भव भयो दारुणम्' का स्मरण किया गया है। यह पंक्ति भक्तों को कृपालु श्रीरामचंद्र का भजन करने का आह्वान करती है, जो संसार के भयानक भयों को हरने वाले हैं। इस संदेश के साथ दिए गए हृदय, फूल और प्रार्थना के इमोजी गहरी श्रद्धा और भक्तिपूर्ण भावना को दर्शाते हैं।1
- बिहार के बाढ़ अनुमंडल स्थित मोकामा प्रखंड के कन्हाईपुर गांव से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहाँ की बेटी काजल कुमारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में 933वां रैंक हासिल कर डीएसपी पद पर सफलता प्राप्त की है। काजल की इस उपलब्धि से न केवल कन्हाईपुर गांव बल्कि पूरे मोकामा प्रखंड और बाढ़ अनुमंडल में खुशी और गर्व का माहौल है। किसान सुनील कुमार और उनकी पत्नी प्रमिला देवी की सबसे छोटी बेटी काजल ने अपने पहले ही प्रयास में यह गौरवपूर्ण सफलता अर्जित की है। उनकी दोनों बड़ी बहनें पहले से ही बिहार पुलिस में कार्यरत हैं, जबकि उनका छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। काजल की यह सफलता उनकी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। काजल की सफलता की खबर मिलते ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। उनके माता-पिता ने अपनी बेटी को मिठाई खिलाकर आशीर्वाद दिया और उस पर गहरा गर्व व्यक्त किया। अजय सरकार, विनय कुशवाहा, पुष्कर कुशवाहा, मुखिया धर्मशिला देवी और मुखिया प्रतिनिधि मिथिलेश पासवान सहित कई गणमान्य लोगों ने काजल को माला पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उनकी यह उपलब्धि गांव और आसपास के क्षेत्रों की छात्राओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर रही है, जिससे कई छात्राएं उन्हें अपना रोल मॉडल मानने लगी हैं। काजल कुमारी की यह शानदार सफलता साबित करती है कि मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं।1
- दूर-दूर से भक्त राम लला के मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला, जहाँ श्रद्धालु पूरे श्रद्धा भाव से प्रभु के दर्शन करने आए हैं।1
- पुलिस की तत्परता और त्वरित कार्रवाई के चलते लूट के एक प्रयास को विफल कर दिया गया है। इस घटना से एक बड़ी वारदात टल गई।1