अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अस्मिता लीग खेल प्रतियोगिता पुलिस मैदान वारगाह में होगी आयोजित चंबा, 7 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को अस्मिता लीग खेल प्रतियोगिता का पुलिस मैदान वारगाह में आयोजन किया जाएगा। जिला युवा अधिकारी विवेक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता के आयोजन का उद्देश्य बालिकाओं तथा महिलाओं को खेलों से जोड़कर उनकी अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना तथा उन्हें सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में एथलेटिक्स प्रतिस्पर्धाओं के तहत 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर दौड़ तथा स्थानीय मनोरंजन खेल गतिविधियां आयोजित की जाएगी। लक्षित प्रतिभागियों की जानकारी देते हुए उन्होंने यह भी बताया कि प्रतियोगिता में महाविद्यालय तथा विद्यालय में अध्यनरत छात्राएं तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूहों सहित जिले से संबंधित बालिकाएं एवं महिलाएं हिस्सा लेंगी।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अस्मिता लीग खेल प्रतियोगिता पुलिस मैदान वारगाह में होगी आयोजित चंबा, 7 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को अस्मिता लीग खेल प्रतियोगिता का पुलिस मैदान वारगाह में आयोजन किया जाएगा। जिला युवा अधिकारी विवेक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता के आयोजन का उद्देश्य बालिकाओं तथा महिलाओं को खेलों से जोड़कर उनकी अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना तथा उन्हें सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में एथलेटिक्स प्रतिस्पर्धाओं के तहत 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर दौड़ तथा स्थानीय मनोरंजन खेल गतिविधियां आयोजित की जाएगी। लक्षित प्रतिभागियों की जानकारी देते हुए उन्होंने यह भी बताया कि प्रतियोगिता में महाविद्यालय तथा विद्यालय में अध्यनरत छात्राएं तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूहों सहित जिले से संबंधित बालिकाएं एवं महिलाएं हिस्सा लेंगी।
- Post by Varun Slathia1
- हिमालय की दुर्गम और प्राकृतिक रूप से समृद्ध घाटियों में वन्यजीवों की मौजूदगी एक सुखद संकेत मानी जाती है। इसी कड़ी में 3 अप्रैल 2026 को पांगी घाटी के चस्क क्षेत्र में एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा हिमालयन आइबेक्स (Himalayan Ibex) का कैमरे में कैद होना न केवल रोमांचक क्षण है, बल्कि यह क्षेत्र में जैव विविधता की समृद्धि और संरक्षण प्रयासों की सफलता को भी दर्शाता है। बताया जा रहा है कि यह दुर्लभ दृश्य चस्क की ऊंची पहाड़ियों में देखा गया, जहां आइबेक्स अपने प्राकृतिक आवास में स्वतंत्र रूप से विचरण करता नजर आया। हिमालयन आइबेक्स एक जंगली बकरी प्रजाति है, जो ऊबड़-खाबड़ चट्टानी इलाकों में रहने के लिए जानी जाती है और इसे देख पाना बेहद कठिन होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की वन्यजीव उपस्थिति यह संकेत देती है कि क्षेत्र का पर्यावरण अभी भी संतुलित है और मानव हस्तक्षेप सीमित है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस दुर्लभ क्षण को साझा करते हुए वन्यजीव पर्यटन (Wildlife Tourism) को बढ़ावा देने की अपील की है, ताकि लोग प्रकृति के करीब आ सकें और इसके संरक्षण के प्रति जागरूक बनें। पांगी घाटी, जो अपनी अनछुई सुंदरता और जैव विविधता के लिए जानी जाती है, अब धीरे-धीरे एडवेंचर और इको-टूरिज्म का केंद्र बनती जा रही है। ऐसे में हिमालयन आइबेक्स जैसे दुर्लभ जीवों की मौजूदगी पर्यटकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा सकती है। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से भी यह अपेक्षा की जा रही है कि वे इस दिशा में ठोस कदम उठाएं, ताकि वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके और क्षेत्र में जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। 👉 यह दृश्य न केवल एक फोटोग्राफर की उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है, जो हमें प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का एहसास कराता है।1
- सुजानपुर सुजानपुर के विश्व प्रसिद्ध काली माता मंदिर प्रांगण में शनिवार को विशेष पूजा अर्चना हवन इत्यादि करने के बाद वार्षिक भंडारा आयोजित किया गया मंदिर परिसर के बाहर सैकड़ो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया बताते चले की मंदिर कमेटी द्वारा प्रतिवर्ष नवरात्र संपन्न होने के बाद वार्षिक भंडारा आयोजित किया जाता है जिसके चलते यह कार्यक्रम आयोजित हुआ भंडारा शुरू होने से पहले मंदिर परिसर में विशेष पूजा पाठ हवन इत्यादि करवाया गया यहां पंडित आचार्य संजय शर्मा द्वारा तमाम वैदिक रस्मों को निभाते हुए सर्वजन मंगल कल्याण की कामना की गई3
- मंडी में यूथ कांग्रेस का ‘किसान न्याय सत्याग्रह’ 🔥 US ट्रेड डील और नई नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन | Mandi News1
- स्थानीय जनता की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से ग्रामीणों में खुशी, विधायक विवेक शर्मा का जिताया आभार, किसानों व श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत, बंगाणा, कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लमलेहड़ी गांव में मुख्य सड़क से बाबा बालक रूपी मंदिर और श्मशान घाट तक बन रही लिंक सड़क का विधायक विवेक शर्मा ने निरीक्षण किया। लगभग अढ़ाई किलोमीटर लंबाई वाली इस लिंक सड़क का निर्माण कार्य इन दिनों युद्ध स्तर पर जारी है। इस सड़क के निर्माण को लेकर क्षेत्र की जनता लंबे समय से मांग कर रही थी, जो अब पूरी होती नजर आ रही है। निरीक्षण के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों व ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सड़क क्षेत्र की जनता की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे अब साकार किया जा रहा है। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि इस लिंक सड़क के बनने से जहां श्रद्धालुओं को बाबा बालक रूपी मंदिर तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी, वहीं श्मशान घाट तक पहुंचने का रास्ता भी सुगम हो जाएगा। पहले लोगों को अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्यों के लिए कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता था, विशेषकर बरसात के दिनों में यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती थी। अब इस सड़क के बनने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस सड़क का लाभ केवल मंदिर और श्मशान घाट तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास की दर्जनों मलकीयत भूमि वाले किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। किसानों को अपनी कृषि उपज को खेतों से मुख्य सड़क तक पहुंचाने में आसानी होगी, जिससे उनके समय और श्रम दोनों की बचत होगी। साथ ही ग्रामीणों के आवागमन की सुविधा भी पहले से कहीं अधिक बेहतर हो जाएगी। निरीक्षण के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और निर्धारित मानकों के अनुसार ही कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सड़क बनाना नहीं, बल्कि टिकाऊ और मजबूत सड़कें बनाना है, जो लंबे समय तक जनता की सेवा कर सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है और समय-समय पर इसकी निगरानी की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की कमी न रह जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि यह सड़क निर्धारित समय के भीतर पूर्ण कर जनता को समर्पित की जाएगी। हर गांव और धार्मिक स्थल को कुटलैहड़ में हर घर हर गांव को सड़क से जोड़ना हमारा संकल्प, विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि उनका संकल्प है कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के हर गांव, हर घर और हर धार्मिक स्थल को सड़क और पक्के रास्ते से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सड़क विकास किसी भी क्षेत्र की प्रगति की रीढ़ होती है और बेहतर सड़कें बनने से क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक विकास को गति मिलती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने जो विश्वास उन पर जताया है, उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई अन्य लिंक सड़कों और विकास कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा सके। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों ने विधायक विवेक शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सड़क उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग थी। उन्होंने कहा कि इस सड़क के बनने से उनके जीवन में काफी सहूलियत आएगी और क्षेत्र का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इसी प्रकार अन्य विकास कार्य भी क्षेत्र में निरंतर जारी रहेंगे।1
- हमीरपुर कांगड़ा घाटी में 4 अप्रैल 1905 को आए विनाशकारी भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर शनिवार को यहां उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक जागरुकता कार्यक्रम, रैली और मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अवसर पर मिनी सचिवालय परिसर में मॉक ड्रिल करवाई गई तो भंूकंप आने पर किस तरह से बचाव किया जाए इस पर कर्मचारियों व लोगों को जागरूक किया गया है। एसडीएम संजीत सिंह की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दमकल विभाग, पुलिस व कर्मचारियों ने मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया और लोगों को बचाव की जानकारी दी। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय से लेकर नगर निगम कार्यालय तक एक जागरुकता रैली भी निकाली गई। रैली के बाद उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक मॉक ड्रिल भी की गई, जिसमें होमगार्ड्स और अग्निशमन विभाग के बचाव दल ने रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने कहा है कि 121 वर्ष पूर्व कांगड़ा में आया विनाशकारी भूकंप एक बहुत बड़ी त्रासदी थी। उस समय आपदा प्रबंधन के लिए न तो कोई सिस्टम विकसित हुआ था और न ही आम लोगों में इसके प्रति जागरुकता थी। लेकिन, आज के दौर में किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए हर जिला स्तर पर डीडीएमए से लेकर उपमंडल स्तर तक एक प्रभावी तंत्र और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भूकंप और अन्य आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों को तत्परता तथा प्रभावी ढंग से अंजाम देने के लिए हमारी पहले से ही तैयारी होनी चाहिए, ताकि वास्तव में आपदा आने पर जान-माल के नुक्सान को कम किया जा सके। इस अवसर पर एसडीएम संजीत सिंह ने उपायुक्त, अन्य अधिकारियों, आईटीआई हमीरपुर और अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा कांगड़ा घाटी की भूकंप त्रासदी के इतिहास पर प्रकाश डाला।2
- Crafted in wood, designed for timeless living. This wooden dining table blends warmth, durability, and modern elegance—perfect for everyday moments and special gatherings. For interior design ideas and customized solutions, contact Decoory Interiors 📩 DM for inquiries 📞 Contact us: 9821545511 📍Location: GF -71, Gaur City Center, Greater Noida West, Gautam Buddha Nagar, Uttar Pradesh 2013181
- IIT मंडी vs माइंड ट्री स्कूल विवाद ⚠️ छात्रों का भविष्य खतरे में | हाई कोर्ट में मामला लंबित | Mandi News1