बाराबंकी के राजकीय इण्टर कालेज ऑडिटोरियम में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक भव्य वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 171 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने मुख्य अतिथि के रूप में की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, रामनगर के पूर्व विधायक शरद अवस्थी, जैदपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अमरीश रावत सहित जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक, जिला पूर्ति अधिकारी और समाज कल्याण विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, पत्रकारों और विभागीय कर्मचारियों ने भी सहभागिता की। समारोह के दौरान अतिथियों द्वारा नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया गया और प्रमाण पत्र वितरित किए गए। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में यह योजना संचालित हो रही है, जिससे गरीबी के कारण अविवाहित रहने वाली वयस्क बेटियों का विवाह संभव हो पा रहा है। साथ ही, योजना का बजट 51 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया गया।
बाराबंकी के राजकीय इण्टर कालेज ऑडिटोरियम में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक भव्य वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 171 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने मुख्य अतिथि के रूप में की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, रामनगर के पूर्व विधायक शरद अवस्थी, जैदपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अमरीश रावत सहित जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक, जिला पूर्ति अधिकारी और समाज कल्याण विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान, पत्रकारों और विभागीय कर्मचारियों ने भी सहभागिता की। समारोह के दौरान अतिथियों द्वारा नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया गया और प्रमाण पत्र वितरित किए गए। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में यह योजना संचालित हो रही है, जिससे गरीबी के कारण अविवाहित रहने वाली वयस्क बेटियों का विवाह संभव हो पा रहा है। साथ ही, योजना का बजट 51 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया गया।
- सूरत शहर से प्रत्येक घंटे में फ्लाइट निकलती रहती है और ऐसे में यह सवाल पूछा गया है कि आपको कहाँ घूमना है।1
- बाराबंकी जनपद के तहसील व ब्लॉक सिरौली गौसपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बिरौली में नाली जलभराव की समस्या को लेकर किसान कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया है। इस समस्या से परेशान किसान कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से जलभराव की समस्या के जल्द से जल्द समाधान की मांग उठाई है।1
- बाराबंकी के रामनगर-बाराबंकी हाईवे पर बहराइच जाने वाले मार्ग पर बने बस स्टॉप पर बसों का ठहराव न होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतना बड़ा बस स्टैंड बनवाने का कोई फायदा नहीं है जब यहाँ गाड़ियां ही नहीं रुकती हैं। इस बस स्टॉप पर ऑटो के अलावा अन्य कोई भी साधन नहीं रुकता है। लोगों ने सरकार से निवेदन किया है कि यहाँ बसों का रुकना सुनिश्चित किया जाए, जिससे यात्रियों को राहत मिल सके।1
- बाराबंकी के बदोसराय थाने की पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी बैनामा के जरिए 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान घटना में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट कार भी बरामद की है। यह पूरा मामला चन्दवारा निवासी कृष्णावती द्वारा दी गई तहरीर के बाद सामने आया, जिन्होंने टिकैतनगर के डेरेराजा निवासी बंशीलाल की जमीन का सौदा किया था लेकिन बाद में उन्हें अपने साथ हुई इस बड़ी ठगी का पता चला। धोखाधड़ी की इस वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया। उन्होंने पीड़िता के बेटे को ग्राम डेरेराजा में 13 बीघा जमीन दिखाई और आरोपी बंशी को फर्जी तरीके से असली जमीन मालिक बंशीलाल बनाकर पेश कर दिया। इसके बाद सिरौलीगौसपुर तहसील में कृष्णावती के नाम गाटा संख्या 487/1.2890 हेक्टेयर का बैनामा करा दिया गया। इस सौदे के बदले आरोपियों ने आरटीजीएस के जरिए 15 लाख रुपये और 30 लाख रुपये नकद लेकर कुल 45 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित परिवार को इस जालसाजी की भनक तब लगी जब वे जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे। इस संबंध में थाना बदोसराय में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से कार्रवाई करते हुए सभी छह आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुनील कुमार वर्मा उर्फ सुशील, रविनन्दन द्विवेदी, विनोद कुमार, राजकुमार, नन्दकिशोर और फर्जी भू-स्वामी बना बंशी शामिल हैं।1
- बाराबंकी के नवाबगंज तहसील अंतर्गत विकास खंड बंकी की ग्राम पंचायत सुरसण्डा की प्रशासक आशा देवी ने खुद पर और अपने पति धीरज कुमार पर लगे ₹1,10,000 की रिश्वत लेने के आरोपों को पूरी तरह से निराधार, झूठा और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने इस संबंध में एक लिखित बयान जारी कर अपनी सफाई पेश की है। ग्राम पहलीपार मजरे सुरसण्डा निवासी आशा देवी का कहना है कि ग्राम इकरामपुर निवासी रीना कुमारी (पत्नी राकेश कुमार) द्वारा उन पर मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। बीते माह 6 जुलाई 2026 को जारी अपने लिखित बयान में प्रशासक आशा देवी ने तर्क दिया कि यदि वास्तव में उनसे इतनी बड़ी धनराशि ली गई होती, तो लाभार्थी अपना मुख्यमंत्री आवास नहीं बनवा पाती। आवास का निर्माण स्वयं इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि योजना की पूरी धनराशि लाभार्थी को प्राप्त हुई है और उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप पूरी तरह तथ्यहीन हैं। आशा देवी ने आरोप लगाया कि उनकी और उनके पति की सामाजिक छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से यह साजिश रची जा रही है। उन्होंने घोषणा की है कि यदि इस मामले की किसी भी स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाती है, तो वे जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि जांच के बाद सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।4
- बाराबंकी जिले के विकास खंड बंकी की ग्राम पंचायत सुरसण्डा की प्रशासक आशा देवी ने खुद पर और अपने पति धीरज कुमार पर लगे रिश्वत के आरोपों को पूरी तरह से निराधार, झूठा और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने इस संबंध में एक लिखित बयान जारी कर अपनी सफाई पेश की है। आशा देवी, जो तहसील नवाबगंज के ग्राम पहलीपार मजरे सुरसण्डा (पोस्ट रसौली) की निवासी हैं, ने इन आरोपों को अपनी छवि खराब करने की साजिश करार दिया है। मामले के अनुसार, ग्राम इकरामपुर निवासी रीना कुमारी (पत्नी राकेश कुमार) द्वारा प्रशासक आशा देवी और उनके पति पर मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 1 लाख 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। इस पर अपनी सफाई देते हुए और बीते माह 6 जुलाई 2026 को जारी अपने लिखित बयान में आशा देवी ने कहा कि यदि वास्तव में उनसे इतनी बड़ी धनराशि ली गई होती, तो लाभार्थी अपना मुख्यमंत्री आवास नहीं बनवा पाती। उनके अनुसार, आवास का निर्माण स्वयं इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि योजना की पूरी धनराशि लाभार्थी को प्राप्त हुई है और उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप पूरी तरह से तथ्यहीन हैं। आशा देवी ने आरोप लगाया कि उनकी और उनके पति की सामाजिक छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से ही यह झूठे आरोप गढ़े जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि इस मामले की किसी भी स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाती है, तो वे जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।4
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सिरौली गौसपुर में एक ऐसी जगह पर आज जाँच की जा रही है जहाँ कोई भी व्यक्ति नहीं रहता है। इस स्थान पर आज जाँच करने के लिए पहुँचे हुए हैं।1
- शाहजहांपुर के बंडा थाना क्षेत्र के ददियुरी गांव में एक युवती को भगाने के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम के साथ अभद्रता का मामला सामने आया है। आरोपी के परिजनों ने दबिश देने गए दरोगा के साथ बदसलूकी करते हुए उनकी गाड़ी की चाबी छीन ली। इस घटना के बाद साथी पुलिसकर्मियों ने तत्काल मामले की सूचना थाने पर दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची अतिरिक्त पुलिस फोर्स ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा आरोपियों को हिरासत में लिए जाने के बाद ददियुरी गांव के दर्जनों ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइकों पर सवार होकर बंडा थाने पहुंच गए। ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर हिरासत में लिए गए आरोपियों को छुड़ाने के लिए पुलिस पर भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी सतर्कता बरत रहा है।1