शिवपुरी में 30 मई 2026 को कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने सभी एसडीएम को पंचायत स्तर पर जनसमस्याओं के निराकरण के लिए प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान लिया गया, जहां अधिकांश शिकायतें राजस्व, खाद्यान्न वितरण, खाद्यान्न पात्रता पर्ची और अन्य विभागों से संबंधित थीं। कलेक्टर ने पाया कि खंड स्तर पर हल की जा सकने वाली शिकायतों के लिए भी शिकायतकर्ताओं को अनुभाग से जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उनका अनावश्यक धन और समय खर्च होता है। इस समस्या के समाधान हेतु, कलेक्टर ने पंचायत स्तर पर पंचायतवार और विभागवार शिकायतों का वर्गीकरण करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत, पंचायत स्तरीय समस्त कर्मचारियों को प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को पंचायत भवन या ग्राम चौपाल में उपस्थित रहकर उपलब्ध शिकायतों का निराकरण करने को कहा गया है। साथ ही, ग्राम पंचायत स्तर पर हल्का पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव/जीआरएस/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता आदि कर्मचारियों का एक दल बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं। यह दल प्रत्येक मंगलवार को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक पंचायत में उपस्थित रहकर कार्य करेगा। दल की उपस्थिति की सूचना ग्राम कोटवार द्वारा ढयोडी पिटवाकर प्रसारित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
शिवपुरी में 30 मई 2026 को कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने सभी एसडीएम को पंचायत स्तर पर जनसमस्याओं के निराकरण के लिए प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान लिया गया, जहां अधिकांश शिकायतें राजस्व, खाद्यान्न वितरण, खाद्यान्न पात्रता पर्ची और अन्य विभागों से संबंधित थीं। कलेक्टर ने पाया कि खंड स्तर पर हल की जा सकने वाली शिकायतों के लिए भी शिकायतकर्ताओं को अनुभाग से जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उनका अनावश्यक धन और समय खर्च होता है। इस समस्या के समाधान हेतु, कलेक्टर ने पंचायत स्तर पर पंचायतवार और विभागवार शिकायतों का वर्गीकरण करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत, पंचायत स्तरीय समस्त कर्मचारियों को प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को पंचायत भवन या ग्राम चौपाल में उपस्थित रहकर उपलब्ध शिकायतों का निराकरण करने को कहा गया है। साथ ही, ग्राम पंचायत स्तर पर हल्का पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव/जीआरएस/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता आदि कर्मचारियों का एक दल बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं। यह दल प्रत्येक मंगलवार को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक पंचायत में उपस्थित रहकर कार्य करेगा। दल की उपस्थिति की सूचना ग्राम कोटवार द्वारा ढयोडी पिटवाकर प्रसारित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
- गुरु श्री नियमित उस्ताद बेधड़क जी का 40वां कार्यक्रम आयोजित किया गया।1
- दतिया कोतवाली पुलिस ने दुष्कर्म के एक आरोपी को घटना के मात्र 3 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।1
- दतिया में मांझी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति, जिसमें धीमर, केवट, मल्लाह और भोई समुदाय शामिल हैं, को विलोपित करने की मांग की गई है। मांझी समाज के पदाधिकारियों ने अपने तर्क के समर्थन में 07 जनवरी 1950 को जारी तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 का हवाला दिया, जिसमें मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की अनुशंसा की गई थी। इसके अतिरिक्त, जनजाति कार्य विभाग मध्य प्रदेश के आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को मूल रूप से मांझी जनजाति में समाहित होना स्वीकार किया गया है। यह मुद्दा मध्य प्रदेश विधानसभा में भी उठ चुका है, जहाँ 13 मार्च 2023 को अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे ने स्वीकार किया था कि विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह और भोई मांझी जनजाति में ही समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है। मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट ने बताया कि रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया और टीकमगढ़ जैसे विंध्यप्रदेश के जिलों में 'मांझी' नाम की कोई अलग जाति नहीं मिलती है; धीमर, केवट, मल्लाह और भोई ही यहाँ मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्य हैं, और ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। समाज ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि संदर्भित दस्तावेजों का गहन अवलोकन कर अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से इन समुदायों को विलोपित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित थे, जिस पर कलेक्टर ने ज्ञापन लेकर इसे उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया।1
- उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 2026 को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। प्रदेश के 72 जिलों में फैले 1011 परीक्षा केंद्रों पर 20,500 से अधिक AI आधारित CCTV कैमरों के ज़रिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इन सभी केंद्रों से परीक्षा की लाइव मॉनिटरिंग झांसी स्थित कंट्रोल कमांड सेंटर से की जाएगी। परीक्षा के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी 37 हजार से ज़्यादा अधिकारी और कर्मचारी संभालेंगे। इस हाईटेक निगरानी व्यवस्था के तहत कुल 4.5 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जिनकी हर गतिविधि पर इन AI कैमरों की पैनी नज़र रहेगी।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक 'शुद्ध टोस्ट' के पैकेट से मरी हुई छिपकली निकलने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस घटना के बाद टोस्ट का सेवन करने वाले बच्चे बीमार पड़ गए हैं, जिससे ग्राहकों में भारी परेशानी और चिंता का माहौल है। खबर में 'शुद्ध टोस्ट' खाने वाले सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है।1
- झांसी के बबीना थाना क्षेत्र में एक युवक को कार ओवरटेक करने पर एक दारोगा और एक कांस्टेबल द्वारा सरेआम पीटे जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह घटना तब हुई जब एक युवक अपनी कार चला रहा था और उसने बगल से गुजर रहे एक कांस्टेबल की कार को ओवरटेक कर दिया। कांस्टेबल को यह बात नागवार गुजरी और उसने युवक की कार रोककर उसे थप्पड़ मार दिया। इसके बाद बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया और तू-तू मैं-मैं के कारण जाम लग गया। तभी बबीना थाने में तैनात दारोगा भगत सिंह भी मौके पर पहुँचे, लेकिन बीच-बचाव करने के बजाय उन्होंने भी युवक की पिटाई कर दी। इस पूरे घटनाक्रम का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो तेजी से वायरल हो गया। झांसी के एसएसपी बीबीजी टी एस मूर्ति ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए सड़क पर "गुंडागर्दी" करने वाले दारोगा भगत सिंह और संबंधित कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। इस मामले की जाँच सी ओ सदर रामवीर सिंह को सौंपी गई है।1
- दतिया जिले के पंडोखर थाना क्षेत्र के ग्राम सोहन में आम रास्ते पर पानी डालने का विरोध करने पर 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला राजदुलारी प्रजापति के साथ मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी कल्ला कौरव आम रास्ते पर पानी बहा रहा था, जिससे वहां कीचड़ फैल रहा था और लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। जब राजदुलारी प्रजापति ने उसे ऐसा करने से मना किया, तो आरोपी कथित तौर पर भड़क गया। आरोप है कि उसने बुजुर्ग महिला के साथ गाली-गलौज की और मारपीट की। इतना ही नहीं, आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पंडोखर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी कल्ला कौरव के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- दतिया में जुए के एक अड्डे पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 आरक्षकों सहित कुल 17 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। यह दबिश खैरी माता मंदिर के सामने स्थित एक कोठी में दी गई, जहाँ जुआरी हारजीत का दाँव लगा रहे थे। इस कार्रवाई के दौरान मौके से 2 लाख 80 हजार रुपए की नगदी, 6 तास की गड्डी और 13 मोबाइल फोन बरामद किए गए। गिरफ्तार किए गए जुआरियों में आरक्षक जयपाल पालिया और मुकेश यादव भी शामिल हैं। हालांकि, वृजेंद्र कमरिया और अरुण यादव मौके से फरार होने में कामयाब रहे। यह पूरी कार्रवाई भांडेर एसडीओपी के नेतृत्व में की गई और एसपी मयूर खंडेलवाल के निर्देशों पर जुआरियों के खिलाफ यह बड़ी कार्यवाही अंजाम दी गई।1