झारखंड को नशे के जाल से पूरी तरह मुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने एक अत्यंत सख्त और प्रभावी नीति तैयार की है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार, तस्करी और बिक्री पर पूरी तरह से लगाम लगाना है, जिसके लिए सरकार ने सीधे जनता से सहयोग की अपील की है। नई पॉलिसी के तहत, यदि कोई भी नागरिक नशा तस्करों या अवैध ड्रग्स के कारोबार से जुड़ी सही और विश्वसनीय जानकारी प्रशासन तक पहुंचाता है, तो उसे सरकार की तरफ से नकद इनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाले नागरिक की पहचान 100% गोपनीय रखी जाएगी, जिससे उसकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। यदि दी गई जानकारी के आधार पर नशीले पदार्थों की बरामदगी होती है और तस्करों की गिरफ्तारी होती है, तो प्रशासन द्वारा सूचनादाता को पुरस्कृत किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से जारी एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 24x7 सक्रिय रहेगा, जिस पर प्राप्त सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों को नशा तस्करी, अवैध बिक्री, भंडारण या परिवहन की जानकारी मिलने पर तत्काल राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन (मानस - MANAS) नंबर 1933, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (झारखंड) नंबर 112, या अपने नजदीकी स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम (रांची/जमशेदपुर व अन्य जिले) पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री ने संदेश दिया है कि नशा युवा पीढ़ी को खोखला कर रहा है और इसे जड़ से मिटाने के लिए सरकार तथा जनता को मिलकर लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने जनता से बेखौफ होकर आगे आने और नशामुक्त झारखंड बनाने में अपना योगदान देने का आह्वान किया है।
झारखंड को नशे के जाल से पूरी तरह मुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने एक अत्यंत सख्त और प्रभावी नीति तैयार की है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार, तस्करी और बिक्री पर पूरी तरह से लगाम लगाना है, जिसके लिए सरकार ने सीधे जनता से सहयोग की अपील की है। नई पॉलिसी के तहत, यदि कोई भी नागरिक नशा तस्करों या अवैध ड्रग्स के कारोबार से जुड़ी सही और विश्वसनीय जानकारी प्रशासन तक पहुंचाता है, तो उसे सरकार की तरफ से नकद इनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाले नागरिक की पहचान 100% गोपनीय रखी जाएगी, जिससे उसकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। यदि दी गई जानकारी के आधार पर नशीले पदार्थों की बरामदगी होती है और तस्करों की गिरफ्तारी होती है, तो प्रशासन द्वारा सूचनादाता को पुरस्कृत किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से जारी एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 24x7 सक्रिय रहेगा, जिस पर प्राप्त सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों को नशा तस्करी, अवैध बिक्री, भंडारण या परिवहन की जानकारी मिलने पर तत्काल राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन (मानस - MANAS) नंबर 1933, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (झारखंड) नंबर 112, या अपने नजदीकी स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम (रांची/जमशेदपुर व अन्य जिले) पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री ने संदेश दिया है कि नशा युवा पीढ़ी को खोखला कर रहा है और इसे जड़ से मिटाने के लिए सरकार तथा जनता को मिलकर लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने जनता से बेखौफ होकर आगे आने और नशामुक्त झारखंड बनाने में अपना योगदान देने का आह्वान किया है।
- राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट बदली है। पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप के बाद, शहर में आज गरज के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई है। इस मूसलाधार बारिश ने मौसम को बेहद खुशनुमा बना दिया है, जिससे पिछले कई दिनों से बढ़ते पारे पर रोक लगी है और लोगों को तपती गर्मी से बड़ी राहत मिली है। अचानक हुई इस तेज बारिश के कारण सड़कों और निचले इलाकों में जलजमाव की खबरें भी सामने आई हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक रांची और इसके आस-पास के जिलों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर वज्रपात (बिजली चमकने) के साथ बारिश होने की संभावना है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।1
- गुमला के सिसई में झारखंड राज्य किसान सभा की जिला कमेटी ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन से पहले किसान मोर्चा ने थाना चौक सरना स्थल से एक रैली निकाली, जो मेन रोड होते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान 'बीडीओ, सीओ की मनमानी नहीं चलेगी', 'जो अधिकारी काम करेंगे वहीं रहेंगे' जैसे नारे लगाए, जो कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ उनके आक्रोश को दर्शाता है। किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर धान बीज और खाद-यूरिया नहीं मिलते, जिससे वे अपनी खेती नहीं कर पाते और रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर होते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने सड़क, बिजली और पानी की बढ़ती समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रशासन से इन ज्वलंत मुद्दों का जल्द समाधान करने की मांग की। झारखंड राज्य किसान सभा प्रदेश कमेटी सदस्य मधुवा कश्यप ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निरंकुश होने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्हें बारिश के मौसम में भी सड़क पर उतरना पड़ा। उन्होंने मानसून के आगमन के बावजूद खाद, बीज, यूरिया और डीएपी पर सरकार का कोई ध्यान न होने की बात कही और सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने तथा उनका कर्ज माफ करने की मांग की। कश्यप ने जंगली हाथियों के आतंक का भी मुद्दा उठाया, जिससे कई गरीब किसानों के घर ध्वस्त हो गए हैं, फसलें नष्ट हो गई हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने प्रशासन से हाथियों द्वारा मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने, जमीन का ऑनलाइनकरण करने, अवैध कब्जा वाली जमीन पर रैयतों को दखल दिलाने और पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं में ग्रामीण जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। झारखंड राज्य किसान सभा ने किसानों के हक और अधिकार के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। इस विरोध प्रदर्शन में आयता उरांव, अनिल उरांव, पूनम उरांव, रवि उरांव, लखवा उरांव, अवतार किंडो, बिरशमुनी उरांव, करमिला उरांव, सुमन उरांव सहित सैकड़ों ग्रामीण किसान मौजूद रहे।3
- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई), कांग्रेस पार्टी से संबद्ध, ने झारखंड के विभिन्न जिलों के लिए जिला अध्यक्षों की एक नई सूची जारी की है। इस निर्देश के तहत, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव के मार्गदर्शन में खूंटी जिला संगठन में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जारी सूची के अनुसार, कर्रा प्रखंड के लोधमा निवासी राहुल केसरी को खूंटी जिला एनएसयूआई का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि तोरपा निवासी ऋषभ सारंगी कार्यकारी जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे। इस नवनियुक्ति से संगठन के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने आशा व्यक्त की है कि नए नेतृत्व के अंतर्गत संगठन और अधिक सशक्त होगा तथा छात्र-छात्राओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इस अवसर पर, राहुल केसरी ने कहा कि वे संगठन द्वारा सौंपी गई इस जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने दोहराया कि एनएसयूआई लगातार छात्रों के हक, अधिकार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों के लिए संघर्ष करती रही है, और आगे भी छात्र हित में अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। वहीं, कार्यकारी अध्यक्ष ऋषभ सारंगी ने अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि वे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और अधिक से अधिक छात्रों को इससे जोड़ने का प्रयास करेंगे। उन्होंने छात्र हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर सक्रिय रहने का भरोसा भी दिलाया है।1
- झारखंड के खूंटी जिले में स्थित अरकी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत कुड़िया नरकागरा गाँव (डाकघर कचांग) में सोलर पंप और सबमर्सिबल पंप पिछले एक साल से खराब पड़े हैं। इन दोनों के काम न करने के कारण ग्रामीण समस्याओं का सामना कर रहे हैं।2
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में भारी वाहनों के चालक प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इन चालकों ने नियमों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिससे थाना क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि सोशल पुलिसिंग के लाभ के बावजूद, भारी वाहन चालक भयमुक्त होकर नियमों का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले में ट्रेन सेवा का परिचालन शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम से संबंधित समाचार को अपलोड करने का प्रयास किया जा रहा है।1
- खुंटी जिले के कर्रा थाना परिसर में शनिवार को दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर एक विशाल सफेद रंग की गाय की मौत हो गई। यह घटना थाना परिसर स्थित ट्रांसफार्मर के पास हुई, जहाँ गाय ट्रांसफार्मर के अर्थिंग तार में फंस गई। तार में फंसने के बाद गाय नीचे गिर गई, और गिरने के कारण उसे वहाँ पड़े लोहे के रॉड से चोट लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृत गाय किस किसान की थी, इसकी जानकारी घटना के समय तक नहीं मिल पाई थी। कुछ लोगों का इस घटना के संबंध में कहना है कि किसान अक्सर अपने मवेशियों को लावारिस हालत में खुला छोड़ देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप ऐसी दुर्घटनाएँ होती हैं।1
- झारखंड के बसिया प्रखंड स्थित ओकबा गांव में शुक्रवार देर रात एक भीषण अग्निकांड में एक घर में संचालित टेंट हाउस और किराना दुकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। इस घटना में लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। ओकबा निवासी हीरालाल साहू अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे, जब देर रात उनकी नजर दुकान की ओर गई जहां आग की लपटें उठ रही थीं। जब तक परिवार और आसपास के लोग स्थिति को समझ पाते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका। अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई, परंतु दमकल वाहन के पहुंचने से पहले ही टेंट हाउस का सामान, किराना सामग्री सहित अधिकांश जरूरी वस्तुएं जलकर राख हो चुकी थीं। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इस हृदय विदारक घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।1