आलापुर तहसील परिसर में बदहाल शौचालय, दुर्गंध से परेशान फरियादी और कर्मचारी अम्बेडकरनगर। जनपद के आलापुर तहसील परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब परिसर में बने पुरुष शौचालय पूरी तरह जाम होकर केवल शो-पीस बनकर रह गए हैं। शौचालयों की नियमित सफाई और देखरेख न होने के कारण वहां से तेज दुर्गंध फैल रही है, जिससे तहसील में आने वाले फरियादियों, अधिवक्ताओं तथा कर्मचारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आलापुर तहसील का क्षेत्रफल काफी विस्तृत होने के कारण यहां प्रतिदिन दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचते हैं। तहसील में नामांतरण, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, भूमि विवाद और राजस्व संबंधी अन्य कार्यों के चलते दिनभर भीड़ बनी रहती है। लेकिन इतनी भीड़ के बावजूद मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। तहसील परिसर में बने पुरुष शौचालय लंबे समय से जाम पड़े हैं। पानी की समुचित व्यवस्था और नियमित सफाई न होने के कारण शौचालय उपयोग के लायक नहीं रह गए हैं। मजबूरन कई लोगों को परिसर के बाहर अन्य स्थानों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस परिसर में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और क्षेत्राधिकारी जैसे जिम्मेदार अधिकारी बैठते हैं, वहीं बुनियादी व्यवस्था की यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है। लोगों का कहना है कि “दीपक तले अंधेरा” वाली कहावत यहां पूरी तरह चरितार्थ होती नजर आ रही है।
आलापुर तहसील परिसर में बदहाल शौचालय, दुर्गंध से परेशान फरियादी और कर्मचारी अम्बेडकरनगर। जनपद के आलापुर तहसील परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब परिसर में बने पुरुष शौचालय पूरी तरह जाम होकर केवल शो-पीस बनकर रह गए हैं। शौचालयों की नियमित सफाई और देखरेख न होने के कारण वहां से तेज दुर्गंध फैल रही है, जिससे तहसील में आने वाले फरियादियों, अधिवक्ताओं तथा कर्मचारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आलापुर तहसील का क्षेत्रफल काफी विस्तृत होने के कारण यहां प्रतिदिन दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचते हैं। तहसील में नामांतरण, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, भूमि विवाद और राजस्व संबंधी अन्य कार्यों के चलते दिनभर
भीड़ बनी रहती है। लेकिन इतनी भीड़ के बावजूद मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। तहसील परिसर में बने पुरुष शौचालय लंबे समय से जाम पड़े हैं। पानी की समुचित व्यवस्था और नियमित सफाई न होने के कारण शौचालय उपयोग के लायक नहीं रह गए हैं। मजबूरन कई लोगों को परिसर के बाहर अन्य स्थानों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस परिसर में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और क्षेत्राधिकारी जैसे जिम्मेदार अधिकारी बैठते हैं, वहीं बुनियादी व्यवस्था की यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है। लोगों का कहना है कि “दीपक तले अंधेरा” वाली कहावत यहां पूरी तरह चरितार्थ होती नजर आ रही है।
- केवटला मठ विवाद: परिवार रजिस्टर एंट्री को लेकर सचिव व पुजारी पर मुकदमा, पूर्व सचिव की भूमिका भी जांच के घेरे में अम्बेडकरनगर। जनपद के विकासखंड बसखारी अंतर्गत ग्राम सभा केवटला स्थित मठ एवं मंदिर से जुड़ा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने को लेकर ग्राम पंचायत सचिव अशोक राजभर और मंदिर के पुजारी मनीष यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले ने न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पूर्व ग्राम पंचायत सचिव की भूमिका को भी जांच के दायरे में ला दिया है। सूत्रों के अनुसार, केवटला मठ के मुख्य महंत की ओर से यह आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत सचिव अशोक राजभर ने पुजारी मनीष यादव का नाम परिवार रजिस्टर में गलत तरीके से दर्ज किया। इसी आधार पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। हालांकि, ग्राम प्रधान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि नाम दर्ज करने की प्रक्रिया नियमानुसार ग्राम पंचायत की खुली बैठक में की गई थी। मामले में नया मोड़ तब आया जब यह बात सामने आई कि इससे पहले पूर्व ग्राम पंचायत सचिव अंकुर शर्मा के हस्ताक्षर से परिवार रजिस्टर की नकल जारी की गई थी, जबकि संबंधित नाम मूल रजिस्टर में दर्ज नहीं था। इस विसंगति को लेकर ग्रामीणों ने हस्ताक्षरों की जांच की मांग उठाई है। यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है, तो पूर्व सचिव अंकुर शर्मा पर भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि मठ से जुड़े हरिशंकर उर्फ बुलबुली बाबा द्वारा मठ की जमीन और पेड़-पौधों की बिक्री की जा रही है, जिसका पुजारी मनीष यादव विरोध कर रहे थे। ग्रामीणों का दावा है कि इसी विरोध के चलते उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। साथ ही, बुलबुली बाबा के आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े होने के भी आरोप लगाए गए हैं। एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि बुलबुली बाबा का नाम अलग-अलग जनपदों—आजमगढ़ और अंबेडकरनगर—की ग्राम सभाओं के परिवार रजिस्टर में दर्ज होने की बात कही जा रही है। यदि यह तथ्य सही पाया जाता है, तो उनके खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 420) के तहत कार्रवाई की संभावना भी बन सकती है। इधर, हंसवर थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ विभागीय स्तर पर अभी दोष सिद्ध नहीं हुआ था, इसके बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। फिलहाल, पूरा मामला जांच के अधीन है और प्रशासनिक व पुलिसीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों और संबंधित पक्षों की मांग है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि ग्राम पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रह सके।1
- Post by BALRAM1
- अंबेडकर नगर में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का जन्मदिन जश्न के रूप में मनाया गया । सभी राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया । डीजे पर खूब थिरके लोग और माल्यार्पण कर पुष्प वर्षा किया । जगह-जगह रैलियां निकल गई ।1
- पैतृक जमीन के लिए दर-दर भटक रहा फौजी, रिश्तों में ही न्याय का संकट1
- Post by अनिल कुमार प्रजापति1
- आज दिनांक 14.04.2026 को डायल 112 पर सूचना प्राप्त हुई की नगर पालिका अकबरपुर अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश वर्मा जी की गाड़ी पर 4-5 व्यक्तिओं द्वारा गोली चला दी गयी है। थाना को0 अकबरपुर पुलिस टीम द्वारा घटना की गहनता से जाँच की गयी। इस तरह की कोई भी घटना घटित नहीं हुई है। घटना पूर्णतः भ्रामक व असत्य है। इसके सम्बन्ध में #CO_नगर श्री नितीश कुमार तिवारी की byte ।1
- *अंबेडकर नगर* सम्मनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत असौवापार मोहराई में स्थित देसी शराब की दुकान पर खुलेआम बेचा जा रहा शराब, सरकार व जिला अधिकारी के आदेश की उड़ाई जा रही धज्जियां, ठेके का शटर बिना खोले शटर के नीचे गड्ढा बनाकर दारू बेचने के लिए किया गया उपाय। *ब्यूरो रिपोर्ट वैभव सिंह* ✍️1
- Post by BALRAM1