हाथरस, 27 जुलाई। श्रावण मास में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने सोमवार को हाथरस-कासगंज (मथुरा-बरेली) राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने हाथरस बाईपास (रुहेरी कट) से कासगंज जनपद की सीमा तक सलेमपुर, रती का नगला, पंत चौराहा, सिकंदराराऊ बाईपास, फायर स्टेशन सिकंदराराऊ, अगसौली समेत प्रमुख स्थलों और प्रस्तावित शिविर स्थलों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने एनएचएआई अधिकारियों को आवश्यक स्थानों पर रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की प्राथमिकता के आधार पर तत्काल मरम्मत कराने को कहा, ताकि कांवड़ यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रियों के लिए अलग लेन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित रहे और सामान्य यातायात भी प्रभावित न हो। पंत चौराहा, सिकंदराराऊ बाईपास सहित प्रमुख स्थानों पर हाईमास्ट लाइट लगाने तथा कांवड़ मार्गों से अतिक्रमण हटाने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी कांवड़ शिविरों में शासन के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन कराया जाए। शिविरों में पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, डस्टबिन, चिकित्सा सुविधा, मेडिकल किट सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें। विद्युत सुरक्षा के दृष्टिगत बिजली के पोलों को आवश्यकतानुसार पॉलिथीन से कवर कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक, उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, लोक निर्माण विभाग एवं विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, एनएचएआई के अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
हाथरस, 27 जुलाई। श्रावण मास में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने सोमवार को हाथरस-कासगंज (मथुरा-बरेली) राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने हाथरस बाईपास (रुहेरी कट) से कासगंज जनपद की सीमा तक सलेमपुर, रती का नगला, पंत
चौराहा, सिकंदराराऊ बाईपास, फायर स्टेशन सिकंदराराऊ, अगसौली समेत प्रमुख स्थलों और प्रस्तावित शिविर स्थलों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने एनएचएआई अधिकारियों को आवश्यक स्थानों पर रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की प्राथमिकता के आधार पर तत्काल मरम्मत कराने को कहा, ताकि कांवड़ यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रियों के लिए अलग लेन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही
सुरक्षित रहे और सामान्य यातायात भी प्रभावित न हो। पंत चौराहा, सिकंदराराऊ बाईपास सहित प्रमुख स्थानों पर हाईमास्ट लाइट लगाने तथा कांवड़ मार्गों से अतिक्रमण हटाने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी कांवड़ शिविरों में शासन के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन कराया जाए। शिविरों में पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, डस्टबिन, चिकित्सा सुविधा, मेडिकल किट सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें। विद्युत सुरक्षा के दृष्टिगत बिजली के पोलों को आवश्यकतानुसार पॉलिथीन से कवर कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने संबंधित
अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक, उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, लोक निर्माण विभाग एवं विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, एनएचएआई के अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने स्पष्ट किया है कि वे कभी भी राजनीति में नहीं आएंगे। यह बयान उन्होंने उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में दिया। चंद्रशेखर आजाद ने दोहराया कि उनका राजनीति में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। इससे पहले, कई बार ऐसी अटकलें लगाई गई थीं कि चंद्रशेखर आजाद राजनीति में कदम रख सकते हैं। हालांकि, उनके इस ताजा बयान से इन अटकलों पर विराम लग गया है।3
- उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सासनी स्थित एस.बी.एस. यूनियन स्कूल प्रांगण में कारगिल विजय दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। सुबह दस बजे से दोपहर बारह बजे तक चले इस देशभक्ति से परिपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रियर एडमिरल (सेवानिवृत्त) राजवीर सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में कर्नल (सेवानिवृत्त) राजकुमार सिंह ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के अमर जवानों को भावभीने श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। समारोह के दौरान देश के वीर जवानों का सम्मान किया गया, साथ ही विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति गीत, भाषण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने उपस्थित सभी लोगों के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रज्वलित कर दिया। वक्ताओं ने अपने प्रेरणादायक संदेशों के माध्यम से कारगिल युद्ध में देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले वीरों के अद्वितीय साहस और बलिदान को नमन करते हुए उपस्थित जनसमूह को राष्ट्र की रक्षा के लिए प्रेरित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य दुर्गेश पचौरी और डायरेक्टर डॉ. विकास सिंह के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिससे पूरा परिसर 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के नारों से गूंज उठा।4
- एनसीईआरटी ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप कक्षा 7, 8, 11 और 12 की इतिहास की पुस्तकों में कुछ बदलाव किए हैं। इन बदलावों में मुग़ल काल से संबंधित कुछ अध्यायों को संक्षिप्त किया गया है या कुछ सामग्री हटाई गई है। एनसीईआरटी का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य पाठ्यक्रम का पुनर्गठन, विषयवस्तु का संतुलन और विद्यार्थियों पर अध्ययन का बोझ कम करना है। इन बदलावों को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। कुछ लोग इन बदलावों को आवश्यक सुधार मानते हैं, जबकि अन्य इसे इतिहास की प्रस्तुति में बदलाव के रूप में देखते हैं। यह विषय सार्वजनिक और शैक्षणिक चर्चा का हिस्सा बना हुआ है।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान पहली बार संसद भवन पहुंचे। इस दौरान एनडीए सांसदों ने उनका मकरद्वार पर जोरदार स्वागत किया। इस स्वागत से यह संकेत मिलता है कि प्रधान का राजनीतिक प्रभाव और कद अभी भी बरकरार है। हालांकि, इस्तीफे के बाद उनकी नई भूमिका या जिम्मेदारियां अभी स्पष्ट नहीं हुई हैं।1
- एटा के अवागढ़ नगर में रविवार शाम करीब 6:30 बजे अवागढ़ थाना कोतवाली के सामने स्थित भारतीय न्याय चक्र फाउंडेशन के कार्यालय में संगठन विस्तार को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के प्रबंधक एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी समीम खान ने की। उन्होंने संगठन को अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने पर जोर देते हुए नए सदस्यों को जोड़ने और संगठन की गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग की समस्याओं को उठाना और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देना है। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे तथा संगठन विस्तार की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सत्य प्रकाश, जिला महामंत्री गुल हाफिज, लवी यादव, संदीप कुमार सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक का समापन संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ।2
- अवागढ़ थाना कोतवाली के सामने स्थित भारतीय न्याय चक्र फाउंडेशन के कार्यालय पर रविवार शाम करीब 6:30 बजे संगठन विस्तार को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के प्रबंधक एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी समीम खान ने की। उन्होंने संगठन को अधिक मजबूत और सक्रिय बनाने पर जोर देते हुए नए सदस्यों को जोड़ने तथा संगठन की गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। समीम खान ने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग की समस्याओं को उठाना और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देना है। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे तथा संगठन विस्तार की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सत्य प्रकाश, जिला महामंत्री गुल हाफिज, लवी यादव, संदीप कुमार सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक का समापन संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ।2
- हाथरस के सासनी तहसील क्षेत्र स्थित बसई काजी बिजली घर पर सोमवार सुबह 7:00 बजे से भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला उपाध्यक्ष संजीव कुमार भोला सूर्यवंशी के नेतृत्व में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसान बिजली विभाग की तानाशाही, रोस्टिंग के नाम पर की जा रही अघोषित कटौती और अत्यधिक बिजली बिलों से त्रस्त होकर धरने पर बैठे हैं। धरने पर बैठे किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में रोस्टिंग के नाम पर भारी मनमानी की जा रही है और किसानों को बमुश्किल 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जिससे उनकी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। इसके अलावा, लाइन में कोई फॉल्ट या तकनीकी समस्या आने पर बिजली विभाग का कोई भी सक्षम अधिकारी किसानों का फोन तक नहीं उठाता है, जिससे उपभोक्ताओं की समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर उनकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं निकालते, तब तक किसानों का यह धरना निरंतर जारी रहेगा और वे बिजली घर से नहीं हटेंगे। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान और यूनियन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- सोशल मीडिया पर एक नवजात शिशु का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह जन्म के कुछ ही सेकंड बाद एक अद्भुत कारनामा करता दिख रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही डॉक्टर बच्चे की जांच के लिए स्टेथोस्कोप उसके पास लाते हैं, वह उसे अपने नन्हे हाथों से इतनी मजबूती से पकड़ लेता है कि डॉक्टर की कोशिश के बावजूद वह उसे छोड़ता नहीं। इस वीडियो को देखकर हर कोई हैरान है। एक्सपर्ट के अनुसार, इसमें सब कुछ नॉर्मल ही है। यूजर्स इस बच्चे को 'बाहुबली' मोड में आना बता रहे हैं।1
- हाथरस के कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र स्थित एक गांव में किशोरी के साथ गांव के ही एक शख्स द्वारा छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पीड़ित किशोरी के परिजन कोतवाली पहुंचे और पुलिस में मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पीड़ित किशोरी को जिला अस्पताल ले जाकर उसका डॉक्टरी परीक्षण कराया है। परिजनों द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में आगे की आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी है।1