लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पूरे प्रदेश में अलर्ट मोड में आ गया है। इसी कड़ी में वाराणसी में भी कोचिंग संस्थानों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान संकट मोचन क्षेत्र स्थित L1 कोचिंग सेंटर में सुरक्षा मानकों में कई गंभीर खामियां पाई गईं। जांच टीम को इस संस्थान में अग्निशमन सुरक्षा के उपकरण और आपातकालीन निकास की कोई व्यवस्था नहीं मिली, साथ ही भवन मानकों तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में भी भारी कमी पाई गई। इन गंभीर उल्लंघनों के बाद अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से L1 कोचिंग सेंटर को सील करने की कार्रवाई की। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लखनऊ हादसे के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोचिंग सेंटरों, शिक्षण संस्थानों और व्यावसायिक भवनों की जांच तेज कर दी गई है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। जहां भी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया जाएगा, वहां सीलिंग और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी कोचिंग संस्थानों को निर्धारित मानकों का पालन करना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पूरे प्रदेश में अलर्ट मोड में आ गया है। इसी कड़ी में वाराणसी में भी कोचिंग संस्थानों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान संकट मोचन क्षेत्र स्थित L1 कोचिंग सेंटर में सुरक्षा मानकों में कई गंभीर खामियां पाई गईं। जांच टीम को इस संस्थान में अग्निशमन सुरक्षा के उपकरण और आपातकालीन निकास की कोई व्यवस्था नहीं मिली, साथ ही भवन मानकों तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में भी भारी कमी पाई गई। इन गंभीर उल्लंघनों के बाद अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से L1 कोचिंग सेंटर को सील करने की कार्रवाई की। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लखनऊ हादसे के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोचिंग सेंटरों, शिक्षण संस्थानों और व्यावसायिक भवनों की जांच तेज कर दी गई है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। जहां भी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया जाएगा, वहां सीलिंग और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी कोचिंग संस्थानों को निर्धारित मानकों का पालन करना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
- चंदौली जिले के चहनियां क्षेत्र स्थित कैथी गांव में गंभीर लो वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या को लेकर सिविल बार एसोसिएशन चंदौली के पूर्व कनिष्ठ उपाध्यक्ष एवं समाजसेवी अधिवक्ता संदीप रघुवंशी ने सोमवार को लखनऊ में राज्यसभा सांसद साधना सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सांसद को एक पत्रक सौंपकर गांव में लगे 25 KVA के ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर की क्षमता को बढ़ाकर 63 KVA करने की तत्काल मांग की। एडवोकेट संदीप रघुवंशी ने सांसद को बताया कि मौजूदा 25 KVA ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने के कारण बिजली की पर्याप्त पूर्ति नहीं कर पा रहा है, जिसके चलते आए दिन फ्यूज उड़ने और लगातार लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। उन्होंने इस भीषण गर्मी में लोगों के समक्ष आ रही इस कठिनाई पर जोर दिया, कहा कि बार-बार फ्यूज उड़ने से घरों में पानी भरना तक मुश्किल हो गया है, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का बुरा हाल है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो लोग इस भीषण गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। राज्यसभा सांसद साधना सिंह ने पत्रक स्वीकार करते हुए ग्रामीणों की इस समस्या को जायज ठहराया। उन्होंने तत्काल समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि वह संबंधित विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में बात करेंगी और ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाएगा।1
- चंदौली जिले के चहनियां क्षेत्र के कैथी गांव में लो वोल्टेज और लगातार बिजली कटौती की गंभीर समस्या बनी हुई है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर सोमवार को सिविल बार एसोसिएशन चंदौली के पूर्व कनिष्ठ उपाध्यक्ष और समाजसेवी अधिवक्ता संदीप रघुवंशी ने लखनऊ स्थित राज्यसभा सांसद साधना सिंह के आवास पर उन्हें एक पत्रक सौंपा। सांसद साधना सिंह ने ग्रामीणों की इस समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है।1
- वाराणसी में पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मंगलवार को काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। इस अभियान में विश्वविद्यालय के छात्रावासों में अवैध रूप से कब्जा किए गए कमरों को खाली कराया गया। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर और चीफ वार्डेन की मांग पर की गई थी। कार्रवाई के दौरान, लाल बहादुर शास्त्री छात्रावास के 10 कमरों और नरेंद्र देव छात्रावास के 39 कमरों को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। कुल मिलाकर, 49 कमरों को कब्जामुक्त कराने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन पर ताले लगवा दिए। इस अभियान में सिगरा थाना प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी की। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति अराजकता फैलाने, लगाए गए तालों से छेड़छाड़ करने, या दोबारा अवैध कब्जा करने का प्रयास करेगा, तो विश्वविद्यालय प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें नियमित छात्रों और छात्र नेताओं ने भी प्रशासन का सहयोग किया।1
- आज वाराणसी में समाज सेवी डॉक्टर सतीश कुमार कसेरा द्वारा जेठ मास का बड़ा मंगलवार बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर नीचि बाग हनुमान मंदिर पर भंडारे का आयोजन किया गया। इस पावन दिवस को हनुमान जी का मंगलवार अवतार बताया गया, जो अंजना माता के पुत्र और भगवान श्री राम के दूत हैं। यह कार्य माता सीता ने उन्हें सौंपा था। इस दौरान 'जय श्री राम जय श्री हनुमान' के जयकारे लगाए गए।3
- वाराणसी में आशा ट्रस्ट द्वारा एक शोक सभा का आयोजन किया गया। इस शोक सभा के दौरान, उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।1
- Available for Sale Locality : वाराणसी चौका Area (dimensions) : 1360 Expected Price : 4000000 Property Type : Agricultural / Farm Land वाराणसी चांदमारी रिंग रोड से 3 किलोमीटर सिंधोरा रोड पर मुर्दा पुलिस चौकी के आगे1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में स्थित सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट के भन्दहा कला केंद्र पर लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के मृत छात्र-छात्राओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक शोक सभा का आयोजन किया गया। इस सभा के दौरान अग्निकांड में हुई दर्दनाक मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया गया, साथ ही सुरक्षा जांच पर विशेष जोर दिया गया।1