राजसमंद पुलिस द्वारा भारतीय खेल प्राधिकरण एवं युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के 'फिट इंडिया' अभियान के अंतर्गत रविवार को "संडे ऑन साइकिल" अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में योग, साइकिल रैली और दौड़ शामिल थी, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों और आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें फिट एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। रैली और अन्य गतिविधियों में कुल 120 पुलिसकर्मी और आम नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 6:30 बजे नौ चौकी पाल राजसमंद झील पर योग सत्र के साथ हुआ। इसमें पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महिला अनुसंधान सेल रजत बिश्नोई, साइबर थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद दाधीच, प्रोबेशनर आरपीएस अंकुर विजय, प्रोबेशनर आरपीएस मुकेश जांगीड़, उपनिरीक्षक समीर सेन सहित अन्य पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को नियमित योग एवं व्यायाम के महत्व के बारे में जानकारी दी। योग सत्र के बाद, नौ चौकी पाल से शहीद स्मारक तक एक साइकिल रैली निकाली गई। रैली में शामिल प्रतिभागियों ने फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देते हुए आमजन को नियमित साइकिलिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान साइकिलिंग और व्यायाम के स्वास्थ्य लाभों, नशामुक्त जीवनशैली और अनुशासित दिनचर्या अपनाने के महत्व पर भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम ने पुलिस और समाज के बीच सकारात्मक संवाद और बेहतर समन्वय को बढ़ावा देने का भी काम किया। राजसमंद पुलिस ने अभियान में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
राजसमंद पुलिस द्वारा भारतीय खेल प्राधिकरण एवं युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के 'फिट इंडिया' अभियान के अंतर्गत रविवार को "संडे ऑन साइकिल" अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में योग, साइकिल रैली और दौड़ शामिल थी, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों और आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें फिट एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। रैली और अन्य
गतिविधियों में कुल 120 पुलिसकर्मी और आम नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 6:30 बजे नौ चौकी पाल राजसमंद झील पर योग सत्र के साथ हुआ। इसमें पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महिला अनुसंधान सेल रजत बिश्नोई, साइबर थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद दाधीच, प्रोबेशनर आरपीएस अंकुर विजय, प्रोबेशनर आरपीएस मुकेश जांगीड़, उपनिरीक्षक समीर सेन सहित अन्य पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और
आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को नियमित योग एवं व्यायाम के महत्व के बारे में जानकारी दी। योग सत्र के बाद, नौ चौकी पाल से शहीद स्मारक तक एक साइकिल रैली निकाली गई। रैली में शामिल प्रतिभागियों ने फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देते हुए आमजन को नियमित साइकिलिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान साइकिलिंग और व्यायाम के स्वास्थ्य
लाभों, नशामुक्त जीवनशैली और अनुशासित दिनचर्या अपनाने के महत्व पर भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम ने पुलिस और समाज के बीच सकारात्मक संवाद और बेहतर समन्वय को बढ़ावा देने का भी काम किया। राजसमंद पुलिस ने अभियान में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
- राजसमंद में दो दिवसीय मध्य प्रदेश राजस्थान केसरी कुश्ती दंगल की शुरुआत हुई है। इस उद्घाटन समारोह में राजसमंद विधायक दिप्ती माहेश्वरी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवकीनंदन गुर्जर सहित खेल जगत से जुड़ी प्रमुख हस्तियाँ, प्रतियोगिता में भाग लेने आए पहलवान और स्थानीय खेल प्रेमी उपस्थित रहे। केसरी कुश्ती दंगल के आयोजनकर्ता शिवा जाट ने बताया कि यह प्रतियोगिता प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है और इस वर्ष के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने आगे जानकारी दी कि इस दंगल में राजस्थान और मध्य प्रदेश के नामी गिरामी पहलवान अपना खेल कौशल दिखाने के लिए राजसमंद पहुँचे हैं।1
- नांदोली, राजसमंद, राजस्थान से न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल और नंदलाल पुरबिया ने गंगा दशहरा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। इस संदेश में चारभुजा नाथ, सांवरिया सेठ और भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए 'बम बम भोले' का उद्घोष भी किया गया है। यह शुभकामना संदेश जनहित में प्रसारित किया गया है।4
- सरेवडी रायपुर में 23 मई 2026 को आयोजित एक भक्तिमय भजन संध्या की मनमोहक झलक प्रस्तुत की गई है। इस अवसर पर यह गहन संदेश भी दिया गया कि जहाँ सच्ची भक्ति होती है, वहीं वास्तविक शांति की अनुभूति होती है।1
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर में सकल जैन समाज ने सोमवार को उप जिला कलेक्टर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से हाल ही में रीवा में विहाररत आर्यिका माताजी (जैन साध्वी) के साथ हुई दुखद घटना पर समाज ने गहरा आक्रोश और चिंता व्यक्त की है। समाज ने कहा कि इस हादसे में दोनों साध्वी महाराज का असामयिक निधन हो गया, जिसे केवल सड़क दुर्घटना मानना उचित नहीं है। जैन समाज ने उपलब्ध वीडियो क्लिपों और अन्य तथ्यों के आधार पर इस घटना को लेकर गहरी आशंका जताई है। समाज ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को पकड़ा जा सके। समाज ने जोर दिया कि, जैन समाज अहिंसा और शांति में विश्वास रखता है, फिर भी लगातार जैन साधु-साध्वियों के साथ ऐसी घटनाएं होना अत्यंत चिंता का विषय है।1
- चित्तौड़गढ़ में आयुष हॉस्पिटल समाज बंधुओं के स्वास्थ्य को समर्पित है, जो निरंतर आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहा है। हॉस्पिटल का मुख्य उद्देश्य एक स्वस्थ शरीर के आधार पर सुखी जीवन सुनिश्चित करना है। यह आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर, चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) में स्थित है और अनुभवी चिकित्सकों द्वारा विभिन्न रोगों की जाँच तथा परामर्श के लिए ओपीडी सुविधा उपलब्ध है। गंभीर एवं लंबे समय से चल रहे रोगों के उपचार हेतु आयुष हॉस्पिटल में स्वच्छ एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त 10 बेड का इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) भी मौजूद है। यहाँ कमर दर्द, सर्वाइकल, सायटिका, घुटनों एवं जोड़ों का दर्द, लकवा, नसों से संबंधित समस्याएँ, मोटापा, थायरॉइड प्रबंधन, गैस, कब्ज, पेट रोग, त्वचा रोग, एलर्जी, माइग्रेन, सिरदर्द, और महिलाओं एवं वृद्धजन के स्वास्थ्य देखभाल जैसी समस्याओं का सफल उपचार किया जाता है। पंचकर्म चिकित्सा में अभ्यंग, स्वेदन, कटि बस्ती, जानू बस्ती जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। हॉस्पिटल की विशेषताओं में विशुद्ध आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक उपचार, अनुभवी चिकित्सक डॉ. C.P. Patel और विशेषज्ञ टीम के साथ प्रशिक्षित स्टाफ की सेवाएँ शामिल हैं। यह एक NABH प्रमाणित आयुर्वेद हॉस्पिटल है, जहाँ मेडिक्लेम पॉलिसी / हेल्थ इंश्योरेंस के अंतर्गत भी उपचार सुविधा उपलब्ध है। यहाँ रोग के मूल कारण पर आधारित सुरक्षित उपचार प्रदान किया जाता है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक आयुर्वेद चिकित्सा का संयोजन है। डॉ. C.P. Patel और उनकी टीम रोगी की प्रकृति के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करती है। स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान लोगों को सुरक्षित एवं प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार के लिए हॉस्पिटल से संपर्क करने का आग्रह किया गया है।1
- एक महिला जो अपने प्रेमी के साथ भाग गई थी, वह अब प्रेमी की आर्थिक स्थिति से तंग आकर अपने पति के पास वापस लौट आई है।1
- चित्तौड़गढ़ से आज दो प्रमुख खबरें सामने आई हैं। पहली खबर श्री सांवलिया जी मंदिर मंडफिया से जुड़ी है, जहां अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं मंदिर की मुख्य निष्पादन अधिकारी प्रभा गौतम को उनके उदयपुर आबकारी विभाग में तबादले पर भावभीनी विदाई दी गई। इस कार्यक्रम में विधायक अर्जुन लाल जीनगर, भाजपा जिला अध्यक्ष रतनलाल गाडरी सहित कई जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने उन्हें सम्मानित किया। वहीं, दूसरी ओर चंदेरिया हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में एक बीटेक छात्र द्वारा टॉयलेट क्लीनर पीने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बताया गया है कि छात्र ऑनलाइन गेमिंग और कथित सूदखोरी के जाल में फंस गया था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। छात्र का उपचार इस समय श्री सांवलियाजी चिकित्सालय में जारी है। इस मामले में परिजनों ने पुलिस और साइबर थाने पर समय रहते कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।2
- सकल जैन समाज ने आज राजसमंद में मध्य प्रदेश के रीवा जिले में जैन संतों के साथ हुई घटना के विरोध में एक मौन रैली निकालकर प्रदर्शन किया। कांकरोली महावीर मंच के तत्वावधान में गांधी सेवा सदन से कलेक्ट्री तक निकाली गई इस रैली के बाद प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि 20 मई को मध्य प्रदेश के रीवा जिले में जैन संत विद्यासागर जी महाराज के प्रवास के दौरान उनकी दो शिष्याओं, श्रुति माताजी और उपशममति माताजी का दर्दनाक निधन हो गया था। इस मामले में आरोपी राशिद अली शाह को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, मध्य प्रदेश के रीवा जिले में 5 दिन पूर्व हुई जैन संत की संदिग्ध मौत के बाद सकल जैन समाज में जोरदार आक्रोश है। जैन समाज ने सरकार से यह मांग की है कि जैन संतों के प्रवास के दौरान आए दिन ऐसी घटनाएं पेश आ रही हैं, जिसके लिए एक कड़ा कानून बनाया जाए। समाज का कहना है कि यह कानून संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकेगा। पूर्व में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं और इन्हीं कारणों से समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है।3