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नाथिपटार
रंग लाल मीणा
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- प्रतापगढ़ (राजस्थान) – कमल मीणा, जो बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं चित्तौड़गढ़ लोकसभा प्रत्याशी रह चुके हैं, ने जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दवाई व्यवस्था पर सवाल कमल मीणा ने आरोप लगाया कि 2 मार्च 2026 को अचानक तबीयत खराब होने पर जब वे जिला चिकित्सालय में दवाई लेने पहुंचे तो कुछ दवाइयां अस्पताल के अंदर मिलीं, जबकि बाकी दवाइयां बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदने को कहा गया। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ पूर्ण आदिवासी बाहुल्य और आर्थिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र है, जहां गरीब मरीजों के लिए बाहर से दवा खरीदना असंभव है। सवाल यह है कि दवाइयों की खरीद और वितरण के लिए मिलने वाला बजट आखिर जाता कहां है? सफाई और पानी की टंकियों की बदहाल स्थिति निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी पड़ी मिली। सबसे गंभीर लापरवाही पानी की टंकियों को लेकर सामने आई— छत पर लगी पानी की टंकियां खुली पड़ी थीं अंदर काई जमी हुई थी कचरा मौजूद था टंकियों पर कोई ढक्कन नहीं कमल मीणा ने चेतावनी दी कि यदि इन खुली टंकियों में कोई जानवर गिर जाए तो मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है। साइकिल स्टैंड के नाम पर अवैध वसूली का आरोप उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में साइकिल स्टैंड के नाम पर ठेका प्रथा के जरिए गरीब आदिवासी जनता से अवैध वसूली की जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित है। प्रशासन को खुली चेतावनी कमल मीणा ने साफ शब्दों में कहा— पानी की टंकियों को तत्काल ढका जाए अस्पताल की सफाई व्यवस्था सुधारी जाए साइकिल स्टैंड का ठेका निरस्त किया जाए अन्यथा बहुजन समाज पार्टी अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। 78 साल आज़ादी के बाद भी यदि आदिवासी क्षेत्र की जनता को मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलें, तो यह सीधे-सीधे प्रशासनिक विफलता है। यह मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता नजर आ रहा ऐसे ही बड़ी खबरों के लिए जुड़े रहिए द नेशन न्यूज़ चैनल राजस्थान प्रतापगढ़ से संवाददाता परमेश्वर रेदास की रिपोर्ट4
- प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय की व्यवस्था चोपट – कमल मीणा का बड़ा आरोप प्रतापगढ़ (राजस्थान)। बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं चित्तौड़गढ़ लोकसभा प्रत्याशी रह चुके कमल मीणा ने जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और अव्यवस्था के आरोप लगाते हुए सुधार की मांग की है। दवाई व्यवस्था पर उठाए सवाल कमल मीणा ने बताया कि 2 जनवरी 2026 को अचानक तबीयत खराब होने पर जब वे जिला चिकित्सालय पहुंचे तो कुछ दवाइयां अस्पताल में उपलब्ध कराई गईं, जबकि शेष दवाइयां बाहर के मेडिकल स्टोर से खरीदने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ आदिवासी बाहुल्य एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र है, जहां गरीब मरीजों के लिए बाहर से दवा खरीदना बेहद कठिन है। उन्होंने सवाल उठाया कि दवाइयों की खरीद और वितरण के लिए मिलने वाला बजट आखिर खर्च कहां हो रहा है? सफाई व्यवस्था और पानी की टंकियों की बदहाल स्थिति निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी पाई गई। सबसे गंभीर लापरवाही पानी की टंकियों को लेकर सामने आई— छत पर लगी पानी की टंकियां खुली पड़ी थीं टंकियों के अंदर काई जमी हुई थी कचरा मौजूद था टंकियों पर ढक्कन नहीं थे कमल मीणा ने चेतावनी दी कि यदि इन खुली टंकियों में कोई जानवर गिर जाए तो मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है। साइकिल स्टैंड के नाम पर अवैध वसूली का आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर में साइकिल स्टैंड के नाम पर ठेका प्रथा के माध्यम से गरीब आदिवासी जनता से अवैध वसूली की जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित है। प्रशासन को चेतावनी कमल मीणा ने प्रशासन से मांग की— पानी की टंकियों को तत्काल ढका जाए सफाई व्यवस्था में सुधार किया जाए साइकिल स्टैंड का ठेका निरस्त किया जाए उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो बहुजन समाज पार्टी अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी यदि आदिवासी क्षेत्र की जनता को मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं, तो यह प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट उदाहरण है। मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है।3
- Post by रंग लाल मीणा1
- नई ग्राम पंचायत जगलावदा को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने में सभी नागरिकों का समर्थन मिल रहा है होगा वह अच्छा ही होगा1
- प्रतापगढ़ राजस्थान// चित्तौड़गढ़ लोकसभा सांसद प्रत्याशी कमल मीणा बहुजन समाज पार्टी जिलाध्यक्ष की दिनांक 2 जनवरी, 2026 को अचानक तबीयत खराब होने पर जब जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ में दवाई गोली लेने गए तो कुछ दवाई अंदर मेडिकल पर मिली और कुछ दवाई बाहर मेडिकल से खरीद कर लाना था प्रतापगढ़ जिला पूर्ण आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हैं और यहां की जनता के लिए मेडिकल से दवाई खरीद कर लाना असंभव है इसलिए सभी प्रकार की दवाइयां अस्पताल में निशुल्क उपलब्ध करवाई जानी चाहिए थी | जो दवाइयां खत्म हो गई उन्हें प्रशासन द्वारा खरिद कर वितरण करने का बजट कितना मिलता हैं स्पष्ट नहीं है प्रतापगढ़ जिला अपने मूलभूत जरूरतों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, रोटी, कपड़ा, मकान, जल, जंगल, जमीन हर प्रकार से पूर्ण रूप से पिछड़ा हुआ क्षेत्र है आज आजादी के 78 वर्ष बाद भी यहां की गरीब जनता को अपने हक अधिकार नहीं मिल पाए हैं आज भी यहां की जनता ठगी का शिकार हो रही हैं जिलाध्यक्ष कमल मीणा ने जब जिला चिकित्सालय में घूम कर देखा था पता चला कि सफाई की जगह गंदगी पड़ी मिली, जिला चिकित्सालय की छत के ऊपर जो पानी की टंकियां लगी हुई वाटर सप्लाई के लिए वह खुली पड़ी हुई टंकियां में काई जमी हुई मिली एव टंकीयो में कचरा पड़ा था जिनके ऊपर कुछ भी ढका हुआ नहीं था, जिससे अगर खुली टंकियां में कोई जानवर छिपकली गिर जाए तो अस्पताल में लोगों को जान बचाने की जगह जान गंवानी पड़ सकती है जिला चिकित्सालय में जगह-जगह गंदगी पसरी हुई सफाई व्यवस्था पर भी पूर्ण ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं | वर्तमान में सरकार आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में गरीब जनता से साइकिल स्टैंड के नाम पर पूंजीपति लोगों द्वारा ठेका प्रथा के माध्यम से अवैध वसूली की जा रही है जो की आदिवासी बाहुली क्षेत्र में कानूनी तौर पर वसूली करना उचित नहीं है | इसलिए वर्तमान सत्ता में बैठे नेता, मंत्री एवं प्रशासन अगर समय रहते खुली पड़ी पानी की टंकियों को ढका जाए, सफाई व्यवस्था सुधारी जाए और साईकिल स्टैण्ड ठैका निरस्त किया जाए अन्यथा बहुजन समाज पार्टी अनिश्चित कालीन धरना लगाएगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी, न्यूज़ रिपोर्टर कमल मीणा4
- यह 5 सेकंड का वीडियो किस प्रकार से कुत्ते तोते की जिंदगी समाप्त कर दी एक ही जपट्टा मारा और खत्म कर दिया तोता भी व्यवस्था क्योंकि वह जाल में फंस गया था निकल नहीं पाया वरना कुत्ते को कहां तोता हाथ लगता है1
- Post by Parmeshvar redash1
- Post by रंग लाल मीणा1
- Post by Kamal Meena2