भारतीय पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया के पावन अवसर पर 17 जून को उदयपुर के मोती मगरी स्थित महाराणा प्रताप स्मारक समिति में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा, भक्ति एवं गौरवपूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस विशेष अवसर पर, मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान और महाराणा प्रताप के वंशज श्रीजी हुजूर डॉ. लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ की ओर से विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई, जिसके तहत 486 दीप प्रज्ज्वलित किए गए और 486 किलोग्राम लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया। मोती मगरी में स्थापित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की भव्य अश्वारूढ़ प्रतिमा को इस दौरान पुष्पमालाओं और आकर्षक सज्जा से अलंकृत किया गया। महाराणा प्रताप स्मारक समिति के प्रशासनिक अधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि समिति के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ के निर्देशानुसार, जयंती के पावन अवसर पर प्रातः 8 बजे से सायं 6 बजे तक स्मारक पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों के लिए निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ ने युवाओं का आह्वान करते हुए संदेश दिया कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, स्वाभिमान, राष्ट्रनिष्ठा और संघर्ष का अनुपम प्रतीक है। उन्होंने युवा पीढ़ी से आग्रह किया कि वे महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण एवं समाजसेवा में सक्रिय भूमिका निभाएं, क्योंकि यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
भारतीय पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया के पावन अवसर पर 17 जून को उदयपुर के मोती मगरी स्थित महाराणा प्रताप स्मारक समिति में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा, भक्ति एवं गौरवपूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस विशेष अवसर पर, मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान और महाराणा प्रताप के वंशज श्रीजी हुजूर डॉ. लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ की ओर से विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई, जिसके तहत 486 दीप प्रज्ज्वलित किए गए और 486 किलोग्राम लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया। मोती मगरी में स्थापित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की भव्य अश्वारूढ़ प्रतिमा को इस दौरान पुष्पमालाओं और आकर्षक सज्जा से अलंकृत किया गया। महाराणा प्रताप स्मारक समिति के प्रशासनिक अधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि समिति के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ के निर्देशानुसार, जयंती के पावन अवसर पर प्रातः 8 बजे से सायं 6 बजे तक स्मारक पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों के लिए निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह जी मेवाड़ ने युवाओं का आह्वान करते हुए संदेश दिया कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, स्वाभिमान, राष्ट्रनिष्ठा और संघर्ष का अनुपम प्रतीक है। उन्होंने युवा पीढ़ी से आग्रह किया कि वे महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण एवं समाजसेवा में सक्रिय भूमिका निभाएं, क्योंकि यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
- खेरवाड़ा तहसील के ग्राम पंचायत कातरवास कलां के राजस्व गांव काटवी में स्थानीय युवाओं ने जन-सहयोग के माध्यम से एक क्षतिग्रस्त तालाब की पाल का जीर्णोद्धार किया है। यह तालाब पिछले वर्ष हुई तेज बारिश के कारण टूट गया था, जिसके बाद प्रशासन और सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया था। ग्रामीणों ने बताया कि तालाब की पाल टूटने के बाद उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी थी, लेकिन किसी भी विभाग ने आकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। एक छोटी पक्की पाल बनाई भी गई थी, पर वह गलत जगह पर थी, जिससे न तो पानी रुकता और न ही मिट्टी। इस अनदेखी के बीच, ग्रामीणों और स्थानीय युवाओं ने 'हमारा तालाब, हमारी जिम्मेदारी' नामक एक मुहिम शुरू की। इसके तहत घर-घर जाकर चंदा इकट्ठा किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग दिया और युवाओं तथा स्थानीय लोगों ने श्रमदान सहित भरपूर सहयोग किया। इस मरम्मत कार्य से अब तालाब में बारिश का पानी व्यर्थ बहने से रुकेगा, जिससे क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा। साथ ही, यह तालाब पशु-पक्षियों के लिए पानी की समस्या को भी दूर करने में सहायक होगा। युवाओं की यह पहल सरकारी सहायता का इंतजार किए बिना आत्मनिर्भरता का मजबूत संदेश देती है। इस मुहिम में बाबू लाल डोडायार, कालू जाबला, लक्ष्मी लाल, संजय गरासिया, नाहर सिंह चौहान, ताजु गरासिया, गणेश गरासिया, गल्ला, राम लाल असारी, अजीत हगात, नाथु करोवा, मणिलाल मसार और कालू लाल गरासिया सहित कई ग्रामीण सक्रिय रूप से शामिल रहे।2
- डूंगरपुर में मोची समाज पंच द्वारा पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा और पुरुषोत्तम कथा का समापन कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन समाज की मातृशक्ति संरक्षकों और पदाधिकारियों के नेतृत्व में, युवाओं के सक्रिय सहयोग से संपन्न हुआ। इस अवसर पर धनपाल महाराज का अभिनंदन किया गया और पोथीजी का पूजन भी समाज द्वारा किया गया। कार्यक्रम में भोजन प्रसादी और प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के सम्मान का भी आयोजन किया गया। पोथी की शोभायात्रा निकाली गई, जिसका लाभ रवि अशोक, विजय गोपाल, राजू थावर चंद और रामचंद्र परिवार ने लिया। समाज के महेश कुमार ने बताया कि संरक्षक नानूलाल और पंच अध्यक्ष शिवराम के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में चौखला अध्यक्ष जयंतीलाल सागवाड़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि चौखला सचिव शिवराम गलियाकोट और भरतलाल दीपक कुमार डूंगरपुर विशिष्ट अतिथि थे। पंच के दिनेश कुमार, बंसीलाल, मुरलीधर, प्रकाश चंद्र, गणेश लाल, महेंद्र कुमार, नरेश कुमार, राकेश कुमार और गोपाल ने अतिथियों का उपर्णा ओढ़ाकर और पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। अतिथियों ने प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को पारितोषिक देकर प्रोत्साहित किया। समाज अध्यक्ष शिवराम मोची ने इस सफल आयोजन के लिए युवाओं, संरक्षकों और उत्साही कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में समाज के सुनील कुमार, बंशीलाल, अशोक कुमार, हरीश कुमार, नारायण लाल, राजू, दिनेश, मुकेश कुमार, लोकेश, विजय, बाबूलाल, मगनलाल, कांतिलाल सहित मातृशक्ति और नौनिहाल भी उपस्थित रहे।1
- आज चोटिला गांव के एक खेत में काम के दौरान पाँच फीट लंबा एक अजगर दिखाई देने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत इस बात की सूचना सर्पमित्र दिनेश यादव को दी। सूचना मिलते ही दिनेश यादव ने अपनी टीम, जिसमें करण यादव भी शामिल थे, और वन विभाग के साथ मौके पर पहुँचकर अजगर को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया। इस सराहनीय कार्य के लिए ग्रामीणों ने सर्पमित्र दिनेश यादव और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया है।1
- डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बस्सी में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी और जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे। पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जबकि जिला महामंत्री सुरमाल परमार ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाएँ। देवसोमनाथ मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या ने भी सरकारी योजनाओं के विषय में बताया। इस दौरान, परिवहन विभाग ने 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए पास बनवाने हेतु आवेदन स्वीकार किए, और आसपुर विधायक उमेश मीणा ने सभी संबंधित विभागों को समय पर अपने कार्यों को पूरा करने के लिए पाबंद किया। शिविर में सार्वजनिक निर्माण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, ऊर्जा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, आयोजना विभाग, पशुपालन विभाग, श्रम विभाग, जल संसाधन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, वन विभाग, खाद्य विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग, सहकारिता विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, सैनिक कल्याण विभाग एवं आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में दोवड़ा तहसीलदार ईश्वरलाल पदवाल (जो शिविर प्रभारी भी थे), विकास अधिकारी मनोहर बिश्नोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी गिरीश कलाल, आसपुर विधायक उमेश मीणा, ग्राम पंचायत सरपंच उषा देवी, ग्राम विकास अधिकारी पंकज पाटीदार, JTA पंकज पंड्या, देव सोमनाथ मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या, भाजपा महामंत्री सुरमल परमार, भंवरलाल कटारा, लैंप्स अध्यक्ष केशव पंड्या, हरिदेव कटारा, पाल वसी सरपंच वासुदेव कटारा और तरुण पंड्या के साथ-साथ समस्त मेट, मेंबर और ग्रामवासी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।4
- डूंगरपुर के गेजी घाटा चौरासी में 19 जून को एक घटना हुई।1
- एक वार्ड/मोहल्ले में बुनियादी समस्याओं के कारण स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है, जहाँ ग्रामीणों के स्वास्थ्य और बच्चों की सुरक्षा खतरे में है। स्थानीय निवासियों ने ग्राम पंचायत प्रशासन और सभी सम्मानित सदस्यों का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। समस्याओं में मुख्य रूप से जल निकासी के लिए नालियों का अभाव शामिल है, जिसके कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है और लोगों के घरों में घुस रहा है। इसके अलावा, आबादी के पास ही एक डंपिंग यार्ड बना दिया गया है जिससे लगातार बदबू और बीमारियां फैल रही हैं; इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं लेकिन उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। एक और गंभीर चिंता का विषय आंगनवाड़ी केंद्र की जर्जर इमारत है, जो पूरी तरह टूट रही है और उसमें बड़ी दरारें हैं। जुलाई में सत्र शुरू होने वाला है, ऐसे में बच्चों के साथ किसी भी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने सचिव महोदय और सरपंच महोदय से करबद्ध प्रार्थना की है कि वे राजनीति और खोखले दावों से हटकर इन जमीनी समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण करें। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य और बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए।1
- आज आमली में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ भारी बारिश हुई और तेज़ रफ्तार से हवाएँ चलीं। लगभग आधे घंटे तक लगातार हुई यह बारिश 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के साथ थी। हालाँकि, इस तेज़ मौसम के बावजूद, किसी भी तरह का कोई नुकसान दर्ज नहीं किया गया।1
- रानी के बिजोवा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान वर्षों से लंबित एक गंभीर समस्या का समाधान होने पर ग्रामीणों ने गहरी राहत महसूस की है। शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने विकास अधिकारी नारायणसिंह राजपुरोहित के समक्ष तीन साल से बंद पड़े नाले को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी, जिससे जल निकासी अवरुद्ध हो गई थी। शिकायत मिलते ही, बीडीओ नारायणसिंह राजपुरोहित बिना देरी किए मौके पर पहुंचे और समस्या का जायजा लिया। उन्होंने ग्राम पंचायत कार्मिकों और सफाईकर्मियों के सहयोग से नाले में जमा हुई मिट्टी और गाद को हटवाकर उसे खुलवाने का काम शुरू कराया। इस कार्य में करीब दो घंटे का समय लगा, और इस दौरान बीडीओ ने स्वयं फावड़ा उठाकर श्रमदान भी किया, जिससे काम में तेजी आई। नाले के खुलने से बारिश और घरों से निकलने वाले नालियों के पानी की निकासी अब सुचारु हो गई है, जिससे मोहल्ले के निवासियों को बड़ी राहत मिली है। इस शिविर में एसडीएम शिवा जोशी, तहसीलदार मोहनलाल मेघवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।2
- बुधवार सुबह गुजरात के वडोदरा शहर स्थित कोटांबी स्टेडियम के निकट एक दर्दनाक सड़क हादसे में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक 9 वर्षीय बालक भी शामिल है। इस भीषण दुर्घटना में 31 अन्य यात्री घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, राजस्थान के बांसवाड़ा से सूरत की ओर जा रही बालाजी ट्रैवल्स की एक लग्जरी स्लीपर बस सुबह वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा वडोदरा फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्घटना के कारण मार्ग पर लंबा जाम भी लग गया, जिसे हटाने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें जुटी रहीं। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है, प्रारंभिक तौर पर चालक की लापरवाही या बस के नियंत्रण खोने को हादसे की वजह बताया जा रहा है। इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 7 भी बताई जा रही है।1