logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

कुरुक्षेत्र की जनता को सदियों से उलझाकर रखा गया है जनता इन चेहरों को पहचानकर अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगी? 📰 इंडिया न्यूज़ 9लाइव: विशेष इन्वेस्टिगेटिव प्रेस नोट & संपादकीय ​दिनांक: 16 अगस्त 2026 स्थान: कुरुक्षेत्र, हरियाणा ब्यूरो रिपोर्ट / फ्रीलांसर जर्नलिस्ट: विशाल शर्मा, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' ​🏛️ मुख्य शीर्षक: कुरुक्षेत्र की महाभारत और विकास का चक्रव्यूह — 1996 से 2026 तक के सांसदों-विधायकों का कच्चा चिट्ठा और व्यवस्था से तीखे सवाल! ​धर्मनगरी कुरुक्षेत्र आज विकास के मोर्चे पर एक गंभीर अभिशाप बन चुकी है। इस्माइलाबाद से लेकर हिंगाखेड़ी, दुराला, सलपानी, पुराने बस अड्डे और झानसा रोड तक फैला 20 किलोमीटर का नर्क इस बात का जीता-जागता सबूत है कि पिछले तीन दशकों में यहां केवल सियासी चेहरे बदले हैं, लेकिन जनता की किस्मत और टूटी सड़कों का दर्द नहीं बदला। ​यहाँ स्पष्ट करना आवश्यक है कि राष्ट्रीय स्तर के नीतिगत मामलों और स्थानीय स्तर के घोटालों (जैसे हालिया अनाज घोटाले, खरीद फरोख्त में धांधली और प्रशासनिक लीपापोती) की जवाबदेही अलग-अलग स्तर पर तय होनी चाहिए। वर्तमान सांसद श्री नवीन जिंदल जी अपनी संसदीय भूमिका में हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर हुए घोटालों और अव्यवस्थाओं में पूर्व मंत्री सुभाष सुधा जी, गृह मंत्रालय (जैसे श्री अनिल विज या संबंधित गृह मंत्रियों) और फूड सप्लाई विभाग की कार्यशैली सीधे तौर पर कटघरे में खड़ी होती है। ​आइए, 1996 से लेकर अब तक कुरुक्षेत्र की जनता पर राज करने वाले सांसदों और मुख्य विधानसभा सीट (थानेसर) के विधायकों का यह काला चिट्ठा देखें: ​📊 1. कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र: सांसदों का लेखा-जोखा (1996 से 2024) वर्ष (Election Year)विजयी सांसद (Winning MP)राजनीतिक पार्टी कुरुक्षेत्र की बदहाली और जनता के सवाल 1996ओम प्रकाश जिंदल हरियाणा विकास पार्टी (HVP)औद्योगिक घरानों और राजनीति के गठजोड़ की शुरुआत, लेकिन बुनियादी सड़कों का विकास कोसों दूर रहा। 1998 - 1999कैलाशो देवी सैनी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)ग्रामीण और शहरी सड़कों की बदतर हालत को सुधारने के दावे कागजों तक ही सीमित रहे। 2004 - 2009नवीन जिंदल कांग्रेस (INC)दो बार प्रतिनिधित्व करने के बावजूद इस्माइलाबाद-झानसा मार्ग और ग्रामीण सड़कों का कायापलट क्यों नहीं हुआ? 2014राज कुमार सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)जनता के बड़े बदलाव के नारों के बीच सड़कों और स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति जस की तस बनी रही। 2019नायब सिंह सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)मुख्यमंत्री पद तक पहुँचने वाले इस कार्यकाल में भी सीएम सिटी की सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा सके। 2024 (वर्तमान)नवीन जिंदल भारतीय जनता पार्टी (BJP) [वर्तमान सांसद] उद्योग जगत के बड़े नाम होने के बावजूद, आज भी कुरुक्षेत्र की जनता टूटी सड़कों और जलभराव के बीच जीने को मजबूर क्यों है? 🏛️ 2. थानेसर (कुरुक्षेत्र शहरी) विधानसभा क्षेत्र: विधायकों का लेखा-जोखा (1996 से 2024) वर्ष (Election Year)विजयी विधायक (Winning MLA)राजनीतिक पार्टी स्थानीय विकास और प्रशासनिक नाकामी की हकीकत 1996अशोक अरोड़ा समता पार्टी शहर के मुख्य मार्गों और बुनियादी सुविधाओं के विकास में शुरुआती सुस्ती। 2000अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)टेंडर और ठेकों की राजनीति में आम जनता की अनदेखी। 2005रमेश गुप्ता जी कांग्रेस (INC)शहर की आंतरिक सड़कों की बदहाली और सुस्त प्रशासनिक रवैया। 2009अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)घोषणाएं बड़ी हुईं, लेकिन जमीन पर सड़कों का निर्माण केवल फाइलों तक सीमित रहा। 2014 & 2019सुभाष सुधा जी भारतीय जनता पार्टी (BJP)लगातार दो बार विधायक और मंत्री रहते हुए शहर में विकास के नाम पर केवल लीपापोती और कथित कमीशनखोरी के आरोप। 2024 (वर्तमान)अशोक अरोड़ा जी भारतीय जनता पार्टी (INC)[वर्तमान विधायक] जनता अब त्रस्त है और पिछले दशकों के कुप्रबंधन का हिसाब मांग रही है। 🔍 जनता की अदालत में सत्ताधीशों और जिम्मेदारों से 10 तीखे सवाल 20 किलोमीटर का नर्क और दो दशकों की लूट: सन 1996 से लेकर 2024 तक, इतने सारे दिग्गजों के सांसद और विधायक बनने के बाद भी इस्माइलाबाद से झानसा रोड और कुरुक्षेत्र के मुख्य मार्ग पिछले 14-20 सालों से 'मौत का रास्ता' क्यों बने हुए हैं? अनाज और खरीद घोटाले की जवाबदेही किसकी?: हालिया समय में मंडियों और खाद्यान्न वितरण में सामने आए अनाज घोटालों के तार स्थानीय नेताओं, पूर्व मंत्रियों (जैसे सुभाष सुधा जी) और फूड सप्लाई विभाग से क्यों जुड़ते हैं? क्या गरीबों के हक का अनाज और टैक्स का पैसा इन घोटालों की भेंट चढ़ गया? गृह मंत्रालय और प्रशासनिक संरक्षण: कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने वाले गृह मंत्रालय (चाहे श्री अनिल विज का कार्यकाल रहा हो या अन्य गृह मंत्री) के तहत आने वाले विभागों ने इन भ्रष्ट ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की? कमीशनखोरी और घटिया निर्माण का सिंडिकेट: सड़कें बनने के कुछ ही दिनों बाद उखड़ क्यों जाती हैं? क्या हर टेंडर में नेताओं, विधायकों और अधिकारियों की मिलीभगत से होने वाली दलाली ही कुरुक्षेत्र के विकास का एकमात्र नियम है? 'काले अंग्रेजों' वाली कार्यशैली: एसी कमरों में बैठकर जनता के खून-पसीने की कमाई पर ऐश करने वाले ये हुक्मरान क्या खुद को आधुनिक दौर के 'काले अंग्रेज' साबित नहीं कर रहे हैं, जो झंडे और संविधान की आड़ में जनता को मूर्ख बना रहे हैं? स्वतंत्र पत्रकारिता पर दमन और षड्यंत्र: जब एक स्वतंत्र फ्रीलांसर पत्रकार ('इंडिया न्यूज़ 9 लाइव' टीम) लगातार इन घोटालों, घूसखोरी और टूटी सड़कों के सच को उजागर करता है, तो भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र और नेता उस आवाज को दबाने या फंसाने के लिए कुचक्र क्यों रचते हैं? श्वेतपत्र (White Paper) क्यों नहीं जारी होता? पिछले 30 सालों में पास हुए करोड़ों-अरबों के बजट का हिसाब जमीन पर क्यों नहीं दिखता? क्या सारा पैसा कागजों में डकार लिया गया? युवाओं का पलायन और बेरोजगारी: बेरोजगारी, टूटे रास्ते और लचर व्यवस्था के कारण कुरुक्षेत्र का युवा ठगा सा महसूस क्यों कर रहा है? इन जनप्रतिनिधियों ने यहां रोजगार के अवसर क्यों नहीं पैदा किए? प्रशासनिक जवाबदेही शून्य क्यों?: डीसी ऑफिस, पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग, और नगर निगम के अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलकर इन गड्ढों और हादसों की सुध क्यों नहीं लेते? क्या वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? क्या जनता दोबारा इस चक्रव्यूह में फंसेगी?: महाभारत के चक्रव्यूह की तरह इन राजनीतिक दलों और घरानों के जाल में कुरुक्षेत्र की जनता को सदियों से उलझाकर रखा गया है। क्या अब जनता इन चेहरों को पहचानकर अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगी? जनता करे पुकार, साडा हक एथे रख! 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' इन तीखे सवालों के साथ तब तक डटा रहेगा जब तक भ्रष्ट तंत्र, इन काले अंग्रेजों और नकारे सिस्टम का पर्दाफाश नहीं हो जाता। जनता अब सब जानती है और वक्त आने पर इसका माकूल जवाब देगी। जारीकर्ता: विशाल शर्मा फ्रीलांसर जर्नलिस्ट, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' कुरुक्षेत्र, हरियाणा

1 hr ago
user_INDIANEWS 9LIVE SOCIAL MEDIA
INDIANEWS 9LIVE SOCIAL MEDIA
Media company Chanakya Puri, New Delhi•
1 hr ago
f2bc00e6-0082-4df2-bf5c-c1bd9021b8ac

कुरुक्षेत्र की जनता को सदियों से उलझाकर रखा गया है जनता इन चेहरों को पहचानकर अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगी? 📰 इंडिया न्यूज़ 9लाइव: विशेष इन्वेस्टिगेटिव प्रेस नोट & संपादकीय ​दिनांक: 16 अगस्त 2026 स्थान: कुरुक्षेत्र, हरियाणा ब्यूरो रिपोर्ट / फ्रीलांसर जर्नलिस्ट: विशाल शर्मा, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' ​🏛️ मुख्य शीर्षक: कुरुक्षेत्र की महाभारत और विकास का चक्रव्यूह — 1996 से 2026 तक के सांसदों-विधायकों का कच्चा चिट्ठा और व्यवस्था से तीखे सवाल! ​धर्मनगरी कुरुक्षेत्र आज विकास के मोर्चे पर एक गंभीर अभिशाप बन चुकी है। इस्माइलाबाद से लेकर हिंगाखेड़ी, दुराला, सलपानी, पुराने बस अड्डे और झानसा रोड तक फैला 20 किलोमीटर का नर्क इस बात का जीता-जागता सबूत है कि पिछले तीन दशकों में यहां केवल सियासी चेहरे बदले हैं, लेकिन जनता की किस्मत और टूटी सड़कों का दर्द नहीं बदला। ​यहाँ स्पष्ट करना आवश्यक है कि राष्ट्रीय स्तर के नीतिगत मामलों और स्थानीय स्तर के घोटालों (जैसे हालिया अनाज घोटाले, खरीद फरोख्त में धांधली और प्रशासनिक लीपापोती) की जवाबदेही अलग-अलग स्तर पर तय होनी चाहिए। वर्तमान सांसद श्री नवीन जिंदल जी अपनी संसदीय भूमिका में हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर हुए घोटालों और अव्यवस्थाओं में पूर्व मंत्री सुभाष सुधा जी, गृह मंत्रालय (जैसे श्री अनिल विज या संबंधित गृह मंत्रियों) और फूड सप्लाई विभाग की कार्यशैली सीधे तौर पर कटघरे में खड़ी होती है। ​आइए, 1996 से लेकर अब तक कुरुक्षेत्र की जनता पर राज करने वाले सांसदों और मुख्य विधानसभा सीट (थानेसर) के विधायकों का यह काला चिट्ठा देखें: ​📊 1. कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र: सांसदों का लेखा-जोखा (1996 से 2024) वर्ष (Election Year)विजयी सांसद (Winning MP)राजनीतिक पार्टी कुरुक्षेत्र की बदहाली और जनता के सवाल 1996ओम प्रकाश जिंदल हरियाणा विकास पार्टी (HVP)औद्योगिक घरानों और राजनीति के गठजोड़ की शुरुआत, लेकिन बुनियादी सड़कों का विकास कोसों दूर रहा। 1998 - 1999कैलाशो देवी सैनी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)ग्रामीण और शहरी सड़कों की बदतर हालत को सुधारने के दावे कागजों तक ही सीमित रहे। 2004 - 2009नवीन जिंदल कांग्रेस (INC)दो बार प्रतिनिधित्व करने के बावजूद इस्माइलाबाद-झानसा मार्ग और ग्रामीण सड़कों का कायापलट क्यों नहीं हुआ? 2014राज कुमार सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)जनता के बड़े बदलाव के नारों के

e2d4f46a-21b4-419e-b719-7c5284bc3dcf

बीच सड़कों और स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति जस की तस बनी रही। 2019नायब सिंह सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)मुख्यमंत्री पद तक पहुँचने वाले इस कार्यकाल में भी सीएम सिटी की सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा सके। 2024 (वर्तमान)नवीन जिंदल भारतीय जनता पार्टी (BJP) [वर्तमान सांसद] उद्योग जगत के बड़े नाम होने के बावजूद, आज भी कुरुक्षेत्र की जनता टूटी सड़कों और जलभराव के बीच जीने को मजबूर क्यों है? 🏛️ 2. थानेसर (कुरुक्षेत्र शहरी) विधानसभा क्षेत्र: विधायकों का लेखा-जोखा (1996 से 2024) वर्ष (Election Year)विजयी विधायक (Winning MLA)राजनीतिक पार्टी स्थानीय विकास और प्रशासनिक नाकामी की हकीकत 1996अशोक अरोड़ा समता पार्टी शहर के मुख्य मार्गों और बुनियादी सुविधाओं के विकास में शुरुआती सुस्ती। 2000अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)टेंडर और ठेकों की राजनीति में आम जनता की अनदेखी। 2005रमेश गुप्ता जी कांग्रेस (INC)शहर की आंतरिक सड़कों की बदहाली और सुस्त प्रशासनिक रवैया। 2009अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)घोषणाएं बड़ी हुईं, लेकिन जमीन पर सड़कों का निर्माण केवल फाइलों तक सीमित रहा। 2014 & 2019सुभाष सुधा जी भारतीय जनता पार्टी (BJP)लगातार दो बार विधायक और मंत्री रहते हुए शहर में विकास के नाम पर केवल लीपापोती और कथित कमीशनखोरी के आरोप। 2024 (वर्तमान)अशोक अरोड़ा जी भारतीय जनता पार्टी (INC)[वर्तमान विधायक] जनता अब त्रस्त है और पिछले दशकों के कुप्रबंधन का हिसाब मांग रही है। 🔍 जनता की अदालत में सत्ताधीशों और जिम्मेदारों से 10 तीखे सवाल 20 किलोमीटर का नर्क और दो दशकों की लूट: सन 1996 से लेकर 2024 तक, इतने सारे दिग्गजों के सांसद और विधायक बनने के बाद भी इस्माइलाबाद से झानसा रोड और कुरुक्षेत्र के मुख्य मार्ग पिछले 14-20 सालों से 'मौत का रास्ता' क्यों बने हुए हैं? अनाज और खरीद घोटाले की जवाबदेही किसकी?: हालिया समय में मंडियों और खाद्यान्न वितरण में सामने आए अनाज घोटालों के तार स्थानीय नेताओं, पूर्व मंत्रियों (जैसे सुभाष सुधा जी) और फूड सप्लाई विभाग से क्यों जुड़ते हैं? क्या गरीबों के हक का अनाज और टैक्स का पैसा इन घोटालों की भेंट चढ़ गया? गृह मंत्रालय और प्रशासनिक संरक्षण: कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने वाले गृह मंत्रालय (चाहे श्री अनिल विज का कार्यकाल रहा हो या अन्य

गृह मंत्री) के तहत आने वाले विभागों ने इन भ्रष्ट ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की? कमीशनखोरी और घटिया निर्माण का सिंडिकेट: सड़कें बनने के कुछ ही दिनों बाद उखड़ क्यों जाती हैं? क्या हर टेंडर में नेताओं, विधायकों और अधिकारियों की मिलीभगत से होने वाली दलाली ही कुरुक्षेत्र के विकास का एकमात्र नियम है? 'काले अंग्रेजों' वाली कार्यशैली: एसी कमरों में बैठकर जनता के खून-पसीने की कमाई पर ऐश करने वाले ये हुक्मरान क्या खुद को आधुनिक दौर के 'काले अंग्रेज' साबित नहीं कर रहे हैं, जो झंडे और संविधान की आड़ में जनता को मूर्ख बना रहे हैं? स्वतंत्र पत्रकारिता पर दमन और षड्यंत्र: जब एक स्वतंत्र फ्रीलांसर पत्रकार ('इंडिया न्यूज़ 9 लाइव' टीम) लगातार इन घोटालों, घूसखोरी और टूटी सड़कों के सच को उजागर करता है, तो भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र और नेता उस आवाज को दबाने या फंसाने के लिए कुचक्र क्यों रचते हैं? श्वेतपत्र (White Paper) क्यों नहीं जारी होता? पिछले 30 सालों में पास हुए करोड़ों-अरबों के बजट का हिसाब जमीन पर क्यों नहीं दिखता? क्या सारा पैसा कागजों में डकार लिया गया? युवाओं का पलायन और बेरोजगारी: बेरोजगारी, टूटे रास्ते और लचर व्यवस्था के कारण कुरुक्षेत्र का युवा ठगा सा महसूस क्यों कर रहा है? इन जनप्रतिनिधियों ने यहां रोजगार के अवसर क्यों नहीं पैदा किए? प्रशासनिक जवाबदेही शून्य क्यों?: डीसी ऑफिस, पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग, और नगर निगम के अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलकर इन गड्ढों और हादसों की सुध क्यों नहीं लेते? क्या वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? क्या जनता दोबारा इस चक्रव्यूह में फंसेगी?: महाभारत के चक्रव्यूह की तरह इन राजनीतिक दलों और घरानों के जाल में कुरुक्षेत्र की जनता को सदियों से उलझाकर रखा गया है। क्या अब जनता इन चेहरों को पहचानकर अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगी? जनता करे पुकार, साडा हक एथे रख! 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' इन तीखे सवालों के साथ तब तक डटा रहेगा जब तक भ्रष्ट तंत्र, इन काले अंग्रेजों और नकारे सिस्टम का पर्दाफाश नहीं हो जाता। जनता अब सब जानती है और वक्त आने पर इसका माकूल जवाब देगी। जारीकर्ता: विशाल शर्मा फ्रीलांसर जर्नलिस्ट, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' कुरुक्षेत्र, हरियाणा

More news from South Delhi and nearby areas
  • जिसमें कथित तौर पर एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को स्कूल परिसर में नशे की हालत में पाया गया था।घटना का संदर्भ: इस पोस्ट में जनता की चिंताओं को उजागर किया गया है और शिक्षक के आचरण की आधिकारिक जांच की मांग की गई है।
    1
    जिसमें कथित तौर पर एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को स्कूल परिसर में नशे की हालत में पाया गया था।घटना का संदर्भ: इस पोस्ट में जनता की चिंताओं को उजागर किया गया है और शिक्षक के आचरण की आधिकारिक जांच की मांग की गई है।
    user_Reporter Shahnawaz
    Reporter Shahnawaz
    Local News Reporter Hauz Khas, South Delhi•
    5 hrs ago
  • आओ परिवर्तन का संकल्प करें भारतीय जन क्रान्ति सेना नेतृत्व को चुनें देश और प्रदेश में बदलाव चाहिए जुड़े भारतीय जन क्रान्ति सेना नेतृत्व को चुनें BJKS जयहिन्द जयभारत
    1
    आओ परिवर्तन का संकल्प करें भारतीय जन क्रान्ति सेना नेतृत्व को चुनें देश और प्रदेश में बदलाव चाहिए जुड़े भारतीय जन क्रान्ति सेना नेतृत्व को चुनें BJKS जयहिन्द जयभारत
    user_Bharatiya Jan KRANTI SENA
    Bharatiya Jan KRANTI SENA
    Political party office करोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    6 hrs ago
  • Bihar Jamui jila beer 46 gaon Amrit beldariya musadi 11 number ward Koi samasya ke Samadhan nahin hua Hai Aaj Tak Mera awaaz ko Sarkar Tak pahuncha hai
    1
    Bihar Jamui jila beer 46 gaon Amrit beldariya musadi 11 number ward
Koi samasya ke Samadhan nahin hua Hai Aaj Tak Mera awaaz ko Sarkar Tak pahuncha hai
    user_Rahul Kumar
    Rahul Kumar
    सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    6 hrs ago
  • Flat के अंदर बंद करके Delivery Boy से मारपीट! ऑन कैमरा बोला - "मारने-पीटने के बाद धमकाया" मेरठ। मेरठ से डिलीवरी बॉय के साथ बदसलूकी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। पिछले कुछ दिनों में मेरठ में डिलीवरी बॉय के साथ घटनाएं बढ़ी हैं। ताजा मामला टीपीनगर थाना क्षेत्र के शांतिकुंज कॉलोनी से जुड़ा बताया जा रहा है, जहाँ एक डिलीवरी ब्वॉय का शव बाथरूम में मिला था और पुलिस जांच में जुटी थी। इसी तरह के एक दूसरे मामले में फ्लैट के अंदर बुलाकर मारपीट का आरोप लगा है। फ्लैट के अंदर क्या हुआ? (पीड़ित का ऑन कैमरा बयान) पीड़ित डिलीवरी बॉय ने ऑन कैमरा बताया - "मैं ऑर्डर देने के लिए फ्लैट पर गया था। कस्टमर ने अंदर बुलाया। जैसे ही मैं अंदर गया, गेट बंद कर दिया। COD / एड्रेस को लेकर बहस होने लगी।" "उसके बाद 2-3 लोगों ने मिलकर गाली-गलौज शुरू कर दी और मारने-पीटने लगे। मेरा मोबाइल और बैग छीन लिया।" "मारने-पीटने के बाद बोले - अगर पुलिस में गया तो जान से मार देंगे। बड़ी मुश्किल से मैं वहाँ से निकल पाया।" आपके बताए अनुसार, इस घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें युवक की पिटाई होते दिख रही है। ऐसी ही एक घटना में हाल ही में गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में भी सामने आई थी जहाँ महज ऑर्डर कैंसल करने पर कुछ युवकों ने डिलीवरी बॉय को सड़क पर पटककर पीटा और उसकी बाइक-मोबाइल भी तोड़ डाले, पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई थी। पुलिस का एक्शन: पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी और फ्लैट के अंदर की फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपियों की पहचान की जा रही है। रिपोर्टर नोट: अगर आपके पास इस घटना का वीडियो / फ्लैट नंबर / थाना डिटेल है तो मुझे भेज दीजिए, मैं इसी रिपोर्ट में नाम और FIR डिटेल के साथ अपडेट करके आपको प्रेस-रिलीज फॉर्मेट में तैयार कर दूंगा।
    1
    Flat के अंदर बंद करके Delivery Boy से मारपीट! ऑन कैमरा बोला - "मारने-पीटने के बाद धमकाया"
मेरठ। मेरठ से डिलीवरी बॉय के साथ बदसलूकी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। पिछले कुछ दिनों में मेरठ में डिलीवरी बॉय के साथ घटनाएं बढ़ी हैं।
ताजा मामला टीपीनगर थाना क्षेत्र के शांतिकुंज कॉलोनी से जुड़ा बताया जा रहा है, जहाँ एक डिलीवरी ब्वॉय का शव बाथरूम में मिला था और पुलिस जांच में जुटी थी। इसी तरह के एक दूसरे मामले में फ्लैट के अंदर बुलाकर मारपीट का आरोप लगा है।  
फ्लैट के अंदर क्या हुआ? (पीड़ित का ऑन कैमरा बयान)
पीड़ित डिलीवरी बॉय ने ऑन कैमरा बताया -
"मैं ऑर्डर देने के लिए फ्लैट पर गया था। कस्टमर ने अंदर बुलाया। जैसे ही मैं अंदर गया, गेट बंद कर दिया। COD / एड्रेस को लेकर बहस होने लगी।"
"उसके बाद 2-3 लोगों ने मिलकर गाली-गलौज शुरू कर दी और मारने-पीटने लगे। मेरा मोबाइल और बैग छीन लिया।"
"मारने-पीटने के बाद बोले - अगर पुलिस में गया तो जान से मार देंगे। बड़ी मुश्किल से मैं वहाँ से निकल पाया।"
आपके बताए अनुसार, इस घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें युवक की पिटाई होते दिख रही है।
ऐसी ही एक घटना में हाल ही में गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में भी सामने आई थी जहाँ महज ऑर्डर कैंसल करने पर कुछ युवकों ने डिलीवरी बॉय को सड़क पर पटककर पीटा और उसकी बाइक-मोबाइल भी तोड़ डाले, पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई थी।  
पुलिस का एक्शन:
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी और फ्लैट के अंदर की फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपियों की पहचान की जा रही है।
रिपोर्टर नोट: अगर आपके पास इस घटना का वीडियो / फ्लैट नंबर / थाना डिटेल है तो मुझे भेज दीजिए, मैं इसी रिपोर्ट में नाम और FIR डिटेल के साथ अपडेट करके आपको प्रेस-रिलीज फॉर्मेट में तैयार कर दूंगा।
    user_Gaurav verma
    Gaurav verma
    Graphic designer करोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    8 hrs ago
  • चीन के हुनाई में ग्लेशियर टूटा हुआ लाइव वीडियो सामने आया चीन के हुनाई शहर में ग्लेशियर टूटा हुआ लाइव वीडियो सामने आया और कैसे तबाही मचा दी लोगों में डर और दशक देखने को मिला देखिए पूरा वीडियो
    1
    चीन के हुनाई में ग्लेशियर टूटा हुआ लाइव वीडियो सामने आया
चीन के हुनाई शहर में ग्लेशियर टूटा हुआ लाइव वीडियो सामने आया और कैसे तबाही मचा दी लोगों में डर और दशक देखने को मिला देखिए पूरा वीडियो
    user_Vinod Rastogi
    Vinod Rastogi
    चाणक्यपुरी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    12 hrs ago
  • भ्रष्ट तंत्र, इन काले अंग्रेजों और नकारे सिस्टम का पर्दाफाश 📰 इंडिया न्यूज़ 9लाइव: विशेष इन्वेस्टिगेटिव प्रेस नोट & संपादकीय ​दिनांक: 16 अगस्त 2026 स्थान: कुरुक्षेत्र, हरियाणा ब्यूरो रिपोर्ट / फ्रीलांसर जर्नलिस्ट: विशाल शर्मा, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' ​🏛️ मुख्य शीर्षक: कुरुक्षेत्र की महाभारत और विकास का चक्रव्यूह — 1996 से 2026 तक के सांसदों-विधायकों का कच्चा चिट्ठा और व्यवस्था से तीखे सवाल! ​धर्मनगरी कुरुक्षेत्र आज विकास के मोर्चे पर एक गंभीर अभिशाप बन चुकी है। इस्माइलाबाद से लेकर हिंगाखेड़ी, दुराला, सलपानी, पुराने बस अड्डे और झानसा रोड तक फैला 20 किलोमीटर का नर्क इस बात का जीता-जागता सबूत है कि पिछले तीन दशकों में यहां केवल सियासी चेहरे बदले हैं, लेकिन जनता की किस्मत और टूटी सड़कों का दर्द नहीं बदला। ​यहाँ स्पष्ट करना आवश्यक है कि राष्ट्रीय स्तर के नीतिगत मामलों और स्थानीय स्तर के घोटालों (जैसे हालिया अनाज घोटाले, खरीद फरोख्त में धांधली और प्रशासनिक लीपापोती) की जवाबदेही अलग-अलग स्तर पर तय होनी चाहिए। वर्तमान सांसद श्री नवीन जिंदल जी अपनी संसदीय भूमिका में हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर हुए घोटालों और अव्यवस्थाओं में पूर्व मंत्री सुभाष सुधा जी, गृह मंत्रालय (जैसे श्री अनिल विज या संबंधित गृह मंत्रियों) और फूड सप्लाई विभाग की कार्यशैली सीधे तौर पर कटघरे में खड़ी होती है। ​आइए, 1996 से लेकर अब तक कुरुक्षेत्र की जनता पर राज करने वाले सांसदों और मुख्य विधानसभा सीट (थानेसर) के विधायकों का यह काला चिट्ठा देखें: ​📊 1. कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र: सांसदों का लेखा-जोखा (1996 से 2024) वर्ष (Election Year)विजयी सांसद (Winning MP)राजनीतिक पार्टी कुरुक्षेत्र की बदहाली और जनता के सवाल 1996ओम प्रकाश जिंदल हरियाणा विकास पार्टी (HVP)औद्योगिक घरानों और राजनीति के गठजोड़ की शुरुआत, लेकिन बुनियादी सड़कों का विकास कोसों दूर रहा। 1998 - 1999कैलाशो देवी सैनी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)ग्रामीण और शहरी सड़कों की बदतर हालत को सुधारने के दावे कागजों तक ही सीमित रहे। 2004 - 2009नवीन जिंदल कांग्रेस (INC)दो बार प्रतिनिधित्व करने के बावजूद इस्माइलाबाद-झानसा मार्ग और ग्रामीण सड़कों का कायापलट क्यों नहीं हुआ? 2014राज कुमार सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)जनता के बड़े बदलाव के नारों के बीच सड़कों और स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति जस की तस बनी रही। 2019नायब सिंह सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)मुख्यमंत्री पद तक पहुँचने वाले इस कार्यकाल में भी सीएम सिटी की सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा सके। 2024 (वर्तमान)नवीन जिंदल भारतीय जनता पार्टी (BJP) [वर्तमान सांसद] उद्योग जगत के बड़े नाम होने के बावजूद, आज भी कुरुक्षेत्र की जनता टूटी सड़कों और जलभराव के बीच जीने को मजबूर क्यों है? 🏛️ 2. थानेसर (कुरुक्षेत्र शहरी) विधानसभा क्षेत्र: विधायकों का लेखा-जोखा (1996 से 2024) वर्ष (Election Year)विजयी विधायक (Winning MLA)राजनीतिक पार्टी स्थानीय विकास और प्रशासनिक नाकामी की हकीकत 1996अशोक अरोड़ा समता पार्टी शहर के मुख्य मार्गों और बुनियादी सुविधाओं के विकास में शुरुआती सुस्ती। 2000अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)टेंडर और ठेकों की राजनीति में आम जनता की अनदेखी। 2005रमेश गुप्ता जी कांग्रेस (INC)शहर की आंतरिक सड़कों की बदहाली और सुस्त प्रशासनिक रवैया। 2009अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)घोषणाएं बड़ी हुईं, लेकिन जमीन पर सड़कों का निर्माण केवल फाइलों तक सीमित रहा। 2014 & 2019सुभाष सुधा जी भारतीय जनता पार्टी (BJP)लगातार दो बार विधायक और मंत्री रहते हुए शहर में विकास के नाम पर केवल लीपापोती और कथित कमीशनखोरी के आरोप। 2024 (वर्तमान)अशोक अरोड़ा जी भारतीय जनता पार्टी (INC)[वर्तमान विधायक] जनता अब त्रस्त है और पिछले दशकों के कुप्रबंधन का हिसाब मांग रही है। 🔍 जनता की अदालत में सत्ताधीशों और जिम्मेदारों से 10 तीखे सवाल 20 किलोमीटर का नर्क और दो दशकों की लूट: सन 1996 से लेकर 2024 तक, इतने सारे दिग्गजों के सांसद और विधायक बनने के बाद भी इस्माइलाबाद से झानसा रोड और कुरुक्षेत्र के मुख्य मार्ग पिछले 14-20 सालों से 'मौत का रास्ता' क्यों बने हुए हैं? अनाज और खरीद घोटाले की जवाबदेही किसकी?: हालिया समय में मंडियों और खाद्यान्न वितरण में सामने आए अनाज घोटालों के तार स्थानीय नेताओं, पूर्व मंत्रियों (जैसे सुभाष सुधा जी) और फूड सप्लाई विभाग से क्यों जुड़ते हैं? क्या गरीबों के हक का अनाज और टैक्स का पैसा इन घोटालों की भेंट चढ़ गया? गृह मंत्रालय और प्रशासनिक संरक्षण: कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने वाले गृह मंत्रालय (चाहे श्री अनिल विज का कार्यकाल रहा हो या अन्य गृह मंत्री) के तहत आने वाले विभागों ने इन भ्रष्ट ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की? कमीशनखोरी और घटिया निर्माण का सिंडिकेट: सड़कें बनने के कुछ ही दिनों बाद उखड़ क्यों जाती हैं? क्या हर टेंडर में नेताओं, विधायकों और अधिकारियों की मिलीभगत से होने वाली दलाली ही कुरुक्षेत्र के विकास का एकमात्र नियम है? 'काले अंग्रेजों' वाली कार्यशैली: एसी कमरों में बैठकर जनता के खून-पसीने की कमाई पर ऐश करने वाले ये हुक्मरान क्या खुद को आधुनिक दौर के 'काले अंग्रेज' साबित नहीं कर रहे हैं, जो झंडे और संविधान की आड़ में जनता को मूर्ख बना रहे हैं? स्वतंत्र पत्रकारिता पर दमन और षड्यंत्र: जब एक स्वतंत्र फ्रीलांसर पत्रकार ('इंडिया न्यूज़ 9 लाइव' टीम) लगातार इन घोटालों, घूसखोरी और टूटी सड़कों के सच को उजागर करता है, तो भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र और नेता उस आवाज को दबाने या फंसाने के लिए कुचक्र क्यों रचते हैं? श्वेतपत्र (White Paper) क्यों नहीं जारी होता? पिछले 30 सालों में पास हुए करोड़ों-अरबों के बजट का हिसाब जमीन पर क्यों नहीं दिखता? क्या सारा पैसा कागजों में डकार लिया गया? युवाओं का पलायन और बेरोजगारी: बेरोजगारी, टूटे रास्ते और लचर व्यवस्था के कारण कुरुक्षेत्र का युवा ठगा सा महसूस क्यों कर रहा है? इन जनप्रतिनिधियों ने यहां रोजगार के अवसर क्यों नहीं पैदा किए? प्रशासनिक जवाबदेही शून्य क्यों?: डीसी ऑफिस, पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग, और नगर निगम के अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलकर इन गड्ढों और हादसों की सुध क्यों नहीं लेते? क्या वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? क्या जनता दोबारा इस चक्रव्यूह में फंसेगी?: महाभारत के चक्रव्यूह की तरह इन राजनीतिक दलों और घरानों के जाल में कुरुक्षेत्र की जनता को सदियों से उलझाकर रखा गया है। क्या अब जनता इन चेहरों को पहचानकर अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगी? जनता करे पुकार, साडा हक एथे रख! 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' इन तीखे सवालों के साथ तब तक डटा रहेगा जब तक भ्रष्ट तंत्र, इन काले अंग्रेजों और नकारे सिस्टम का पर्दाफाश नहीं हो जाता। जनता अब सब जानती है और वक्त आने पर इसका माकूल जवाब देगी। जारीकर्ता: विशाल शर्मा फ्रीलांसर जर्नलिस्ट, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' कुरुक्षेत्र, हरियाणा
    1
    भ्रष्ट तंत्र, इन काले अंग्रेजों और नकारे सिस्टम का पर्दाफाश
📰 इंडिया न्यूज़ 9लाइव: विशेष इन्वेस्टिगेटिव प्रेस नोट & संपादकीय
​दिनांक: 16 अगस्त 2026
स्थान: कुरुक्षेत्र, हरियाणा
ब्यूरो रिपोर्ट / फ्रीलांसर जर्नलिस्ट: विशाल शर्मा, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव'
​🏛️ मुख्य शीर्षक: कुरुक्षेत्र की महाभारत और विकास का चक्रव्यूह — 1996 से 2026 तक के सांसदों-विधायकों का कच्चा चिट्ठा और व्यवस्था से तीखे सवाल!
​धर्मनगरी कुरुक्षेत्र आज विकास के मोर्चे पर एक गंभीर अभिशाप बन चुकी है। इस्माइलाबाद से लेकर हिंगाखेड़ी, दुराला, सलपानी, पुराने बस अड्डे और झानसा रोड तक फैला 20 किलोमीटर का नर्क इस बात का जीता-जागता सबूत है कि पिछले तीन दशकों में यहां केवल सियासी चेहरे बदले हैं, लेकिन जनता की किस्मत और टूटी सड़कों का दर्द नहीं बदला।
​यहाँ स्पष्ट करना आवश्यक है कि राष्ट्रीय स्तर के नीतिगत मामलों और स्थानीय स्तर के घोटालों (जैसे हालिया अनाज घोटाले, खरीद फरोख्त में धांधली और प्रशासनिक लीपापोती) की जवाबदेही अलग-अलग स्तर पर तय होनी चाहिए। वर्तमान सांसद श्री नवीन जिंदल जी अपनी संसदीय भूमिका में हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर हुए घोटालों और अव्यवस्थाओं में पूर्व मंत्री सुभाष सुधा जी, गृह मंत्रालय (जैसे श्री अनिल विज या संबंधित गृह मंत्रियों) और फूड सप्लाई विभाग की कार्यशैली सीधे तौर पर कटघरे में खड़ी होती है।
​आइए, 1996 से लेकर अब तक कुरुक्षेत्र की जनता पर राज करने वाले सांसदों और मुख्य विधानसभा सीट (थानेसर) के विधायकों का यह काला चिट्ठा देखें:
​📊 1. कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र: सांसदों का लेखा-जोखा (1996 से 2024)
वर्ष (Election Year)विजयी सांसद (Winning MP)राजनीतिक पार्टी कुरुक्षेत्र की बदहाली और जनता के सवाल
1996ओम प्रकाश जिंदल हरियाणा विकास पार्टी (HVP)औद्योगिक घरानों और राजनीति के गठजोड़ की शुरुआत, लेकिन बुनियादी सड़कों का विकास कोसों दूर रहा।
1998 - 1999कैलाशो देवी सैनी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)ग्रामीण और शहरी सड़कों की बदतर हालत को सुधारने के दावे कागजों तक ही सीमित रहे।
2004 - 2009नवीन जिंदल कांग्रेस (INC)दो बार प्रतिनिधित्व करने के बावजूद इस्माइलाबाद-झानसा मार्ग और ग्रामीण सड़कों का कायापलट क्यों नहीं हुआ?
2014राज कुमार सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)जनता के बड़े बदलाव के नारों के बीच सड़कों और स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति जस की तस बनी रही।
2019नायब सिंह सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)मुख्यमंत्री पद तक पहुँचने वाले इस कार्यकाल में भी सीएम सिटी की सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा सके।
2024 (वर्तमान)नवीन जिंदल भारतीय जनता पार्टी (BJP)
[वर्तमान सांसद] उद्योग जगत के बड़े नाम होने के बावजूद, आज भी कुरुक्षेत्र की जनता टूटी सड़कों और जलभराव के बीच जीने को मजबूर क्यों है?
🏛️ 2. थानेसर (कुरुक्षेत्र शहरी) विधानसभा क्षेत्र: विधायकों का लेखा-जोखा (1996 से 2024)
वर्ष (Election Year)विजयी विधायक (Winning MLA)राजनीतिक पार्टी स्थानीय विकास और प्रशासनिक नाकामी की हकीकत
1996अशोक अरोड़ा समता पार्टी शहर के मुख्य मार्गों और बुनियादी सुविधाओं के विकास में शुरुआती सुस्ती।
2000अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)टेंडर और ठेकों की राजनीति में आम जनता की अनदेखी।
2005रमेश गुप्ता जी कांग्रेस (INC)शहर की आंतरिक सड़कों की बदहाली और सुस्त प्रशासनिक रवैया।
2009अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)घोषणाएं बड़ी हुईं, लेकिन जमीन पर सड़कों का निर्माण केवल फाइलों तक सीमित रहा।
2014 & 2019सुभाष सुधा जी भारतीय जनता पार्टी (BJP)लगातार दो बार विधायक और मंत्री रहते हुए शहर में विकास के नाम पर केवल लीपापोती और कथित कमीशनखोरी के आरोप।
2024 (वर्तमान)अशोक अरोड़ा जी भारतीय जनता पार्टी (INC)[वर्तमान विधायक] जनता अब त्रस्त है और पिछले दशकों के कुप्रबंधन का हिसाब मांग रही है।
🔍 जनता की अदालत में सत्ताधीशों और जिम्मेदारों से 10 तीखे सवाल
20 किलोमीटर का नर्क और दो दशकों की लूट:
सन 1996 से लेकर 2024 तक, इतने सारे दिग्गजों के सांसद और विधायक बनने के बाद भी इस्माइलाबाद से झानसा रोड और कुरुक्षेत्र के मुख्य मार्ग पिछले 14-20 सालों से 'मौत का रास्ता' क्यों बने हुए हैं?
अनाज और खरीद घोटाले की जवाबदेही किसकी?:
हालिया समय में मंडियों और खाद्यान्न वितरण में सामने आए अनाज घोटालों के तार स्थानीय नेताओं, पूर्व मंत्रियों (जैसे सुभाष सुधा जी) और फूड सप्लाई विभाग से क्यों जुड़ते हैं? क्या गरीबों के हक का अनाज और टैक्स का पैसा इन घोटालों की भेंट चढ़ गया?
गृह मंत्रालय और प्रशासनिक संरक्षण:
कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने वाले गृह मंत्रालय (चाहे श्री अनिल विज का कार्यकाल रहा हो या अन्य गृह मंत्री) के तहत आने वाले विभागों ने इन भ्रष्ट ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की?
कमीशनखोरी और घटिया निर्माण का सिंडिकेट:
सड़कें बनने के कुछ ही दिनों बाद उखड़ क्यों जाती हैं? क्या हर टेंडर में नेताओं, विधायकों और अधिकारियों की मिलीभगत से होने वाली दलाली ही कुरुक्षेत्र के विकास का एकमात्र नियम है?
'काले अंग्रेजों' वाली कार्यशैली:
एसी कमरों में बैठकर जनता के खून-पसीने की कमाई पर ऐश करने वाले ये हुक्मरान क्या खुद को आधुनिक दौर के 'काले अंग्रेज' साबित नहीं कर रहे हैं, जो झंडे और संविधान की आड़ में जनता को मूर्ख बना रहे हैं?
स्वतंत्र पत्रकारिता पर दमन और षड्यंत्र:
जब एक स्वतंत्र फ्रीलांसर पत्रकार ('इंडिया न्यूज़ 9 लाइव' टीम) लगातार इन घोटालों, घूसखोरी और टूटी सड़कों के सच को उजागर करता है, तो भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र और नेता उस आवाज को दबाने या फंसाने के लिए कुचक्र क्यों रचते हैं?
श्वेतपत्र (White Paper) क्यों नहीं जारी होता?
पिछले 30 सालों में पास हुए करोड़ों-अरबों के बजट का हिसाब जमीन पर क्यों नहीं दिखता? क्या सारा पैसा कागजों में डकार लिया गया?
युवाओं का पलायन और बेरोजगारी:
बेरोजगारी, टूटे रास्ते और लचर व्यवस्था के कारण कुरुक्षेत्र का युवा ठगा सा महसूस क्यों कर रहा है? इन जनप्रतिनिधियों ने यहां रोजगार के अवसर क्यों नहीं पैदा किए?
प्रशासनिक जवाबदेही शून्य क्यों?:
डीसी ऑफिस, पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग, और नगर निगम के अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलकर इन गड्ढों और हादसों की सुध क्यों नहीं लेते? क्या वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?
क्या जनता दोबारा इस चक्रव्यूह में फंसेगी?:
महाभारत के चक्रव्यूह की तरह इन राजनीतिक दलों और घरानों के जाल में कुरुक्षेत्र की जनता को सदियों से उलझाकर रखा गया है। क्या अब जनता इन चेहरों को पहचानकर अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगी?
जनता करे पुकार, साडा हक एथे रख!
'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' इन तीखे सवालों के साथ तब तक डटा रहेगा जब तक भ्रष्ट तंत्र, इन काले अंग्रेजों और नकारे सिस्टम का पर्दाफाश नहीं हो जाता। जनता अब सब जानती है और वक्त आने पर इसका माकूल जवाब देगी।
जारीकर्ता:
विशाल शर्मा
फ्रीलांसर जर्नलिस्ट, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव'
कुरुक्षेत्र, हरियाणा
    user_INDIANEWS 9LIVE SOCIAL MEDIA
    INDIANEWS 9LIVE SOCIAL MEDIA
    Media company Chanakya Puri, New Delhi•
    2 hrs ago
  • कैप्शन में हरवारा धूमनगंज क्षेत्र के व्यक्तियों की पहचान की गई है और इसमें अवैध आग्नेयास्त्रों से जुड़े आरोपों और नुकसान पहुंचाने के प्रयास का उल्लेख किया गया है।दृश्य संदर्भ में एक पक्के रास्ते या सड़क पर बाहर शूट किए गए एक लो-एंगल हैंडहेल्ड वीडियो फ्रेम को दिखाया गया है, जिसमें पृष्ठभूमि में राहगीर मौजूद
    1
    कैप्शन में हरवारा धूमनगंज क्षेत्र के व्यक्तियों की पहचान की गई है और इसमें अवैध आग्नेयास्त्रों से जुड़े आरोपों और नुकसान पहुंचाने के प्रयास का उल्लेख किया गया है।दृश्य संदर्भ में एक पक्के रास्ते या सड़क पर बाहर शूट किए गए एक लो-एंगल हैंडहेल्ड वीडियो फ्रेम को दिखाया गया है, जिसमें पृष्ठभूमि में राहगीर मौजूद
    user_Reporter Shahnawaz
    Reporter Shahnawaz
    Local News Reporter Hauz Khas, South Delhi•
    13 hrs ago
  • लड़का क्यों दिल का कमजोर होता है यह जानने के लिए पूरी वीडियो को लास्ट तक देखें लड़का क्यों दिल का कमजोर होता है यह जानने के लिए पूरी वीडियो को लास्ट तक देखें
    1
    लड़का क्यों दिल का कमजोर होता है यह जानने के लिए पूरी वीडियो को लास्ट तक देखें
लड़का क्यों दिल का कमजोर होता है यह जानने के लिए पूरी वीडियो को लास्ट तक देखें
    user_Nirmal Kumar
    Nirmal Kumar
    Voice of people महरौली, दक्षिण दिल्ली, दिल्ली•
    14 hrs ago
  • मेरठ में अग्निवीर जवान पर नशे में हंगामे का आरोप, पुलिस से भिड़ा; गिरफ्तार उत्तर प्रदेश के मेरठ में कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के देहरादून हाईवे पर एक अग्निवीर जवान पर नशे की हालत में हंगामा करने और पुलिसकर्मियों से बदसलूकी का आरोप लगा है। सामने आई जानकारी के अनुसार, घटना के दौरान जवान की पुलिसकर्मियों से कहासुनी हुई, जो बाद में हाथापाई तक पहुंच गई। एक दरोगा की वर्दी फाड़ने का भी आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और आरोपी अग्निवीर जवान को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और घटना के दौरान हुई पूरी स्थिति की जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।
    1
    मेरठ में अग्निवीर जवान पर नशे में हंगामे का आरोप, पुलिस से भिड़ा; गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के मेरठ में कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के देहरादून हाईवे पर एक अग्निवीर जवान पर नशे की हालत में हंगामा करने और पुलिसकर्मियों से बदसलूकी का आरोप लगा है। सामने आई जानकारी के अनुसार, घटना के दौरान जवान की पुलिसकर्मियों से कहासुनी हुई, जो बाद में हाथापाई तक पहुंच गई। एक दरोगा की वर्दी फाड़ने का भी आरोप लगाया गया है।
बताया जा रहा है कि घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और आरोपी अग्निवीर जवान को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और घटना के दौरान हुई पूरी स्थिति की जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।
    user_AIB Hindi
    AIB Hindi
    Media house Chanakya Puri, New Delhi•
    7 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.