*झींगा-पालन से बदली तकदीर, खारे पानी के उपयोग से झींगा पालन को अपनाया, शहर छोड़ फिर गांव लौटे राजियासर के नरेन्द्र सिंह राठौड़* छापर, 09 मई। राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में भूगर्भीय खारे पानी की समस्या लंबे समय से किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी चुनौती रही है। खेती की घटती संभावनाएं, सीमित रोजगार और आर्थिक संकट के कारण हजारों लोगों को गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन करना पड़ा। लेकिन अब बदलते समय, नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं ने इसी खारे पानी को रोजगार और समृद्धि का माध्यम बना दिया है। ऐसे ही चूरू जिले की सुजानगढ़ तहसील के राजियासर गांव निवासी नरेन्द्र सिंह राठौड़ इसकी प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं। कभी खारे पानी की समस्या से परेशान होकर बीकानेर शहर में जीवन बिताने को मजबूर नरेन्द्र सिंह राठौड़ ने आज झींगा-पालन के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि गांव लौटकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी भी लिख रहे हैं। नरेन्द्र सिंह बताते हैं कि अंर्तस्थलीय भूगर्भीय खारे पानी के कारण खेती व अन्य रोजगार के कम होते अवसर व समस्याओं के कारण वे दोहरी जिंदगी जी रहे थे। ग्रामीण परिवेश में पले — बढ़े होकर भी स्थानीय परिस्थितियों के कारण यहां से पलायन कर बीकानेर शहर में निवास करने के लिए मजबूर हो गए थे। खारा पानी अभिशाप बन कर उनके और उनके परिवार के जीवन को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रहा था। वह बताते हैं कि उन्होंने गांव में खारे पानी की उपलब्धता के कारण झींगा पालन संभावनाओं के प्रयास किए और झींगा-पालन के लिए अनुदान हेतु आवेदन किया। मत्स्य विभाग विभाग की ओर से उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनांतर्गत पौण्ड निर्माण व आवर्ती लागत पर अनुदान प्राप्त होने से वह सफलतापूर्वक झींगा-पालन किया एवं खारा पानी के अभिशाप को वरदान के रूप में परिवर्तित किया। इसी क्रम में जिले के रतनगढ़ के बुधवाली में आयोजित ग्राम रथ अभियान अंतर्गत कार्यक्रम में उन्हें अनुदान भुगतान की वित्तीय स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए। अनुदान स्वीकृति मिलने पर नरेन्द्र सिंह ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा शिविरों में लोक कल्याणकारी कार्य कर आमजन को लाभान्वित किया जा रहा है।
*झींगा-पालन से बदली तकदीर, खारे पानी के उपयोग से झींगा पालन को अपनाया, शहर छोड़ फिर गांव लौटे राजियासर के नरेन्द्र सिंह राठौड़* छापर, 09 मई। राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में भूगर्भीय खारे पानी की समस्या लंबे समय से किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी चुनौती रही है। खेती की घटती संभावनाएं, सीमित रोजगार और आर्थिक संकट के कारण हजारों लोगों को गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन करना पड़ा। लेकिन अब बदलते समय, नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं ने इसी खारे पानी को रोजगार और समृद्धि का माध्यम बना दिया है। ऐसे ही चूरू जिले की सुजानगढ़ तहसील के राजियासर गांव निवासी नरेन्द्र सिंह राठौड़ इसकी प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं। कभी खारे पानी की समस्या से परेशान होकर बीकानेर शहर में जीवन बिताने को मजबूर नरेन्द्र सिंह राठौड़ ने आज झींगा-पालन के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि गांव लौटकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी भी लिख रहे हैं। नरेन्द्र सिंह बताते हैं कि अंर्तस्थलीय भूगर्भीय खारे पानी के कारण खेती व अन्य रोजगार के कम होते अवसर
व समस्याओं के कारण वे दोहरी जिंदगी जी रहे थे। ग्रामीण परिवेश में पले — बढ़े होकर भी स्थानीय परिस्थितियों के कारण यहां से पलायन कर बीकानेर शहर में निवास करने के लिए मजबूर हो गए थे। खारा पानी अभिशाप बन कर उनके और उनके परिवार के जीवन को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रहा था। वह बताते हैं कि उन्होंने गांव में खारे पानी की उपलब्धता के कारण झींगा पालन संभावनाओं के प्रयास किए और झींगा-पालन के लिए अनुदान हेतु आवेदन किया। मत्स्य विभाग विभाग की ओर से उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनांतर्गत पौण्ड निर्माण व आवर्ती लागत पर अनुदान प्राप्त होने से वह सफलतापूर्वक झींगा-पालन किया एवं खारा पानी के अभिशाप को वरदान के रूप में परिवर्तित किया। इसी क्रम में जिले के रतनगढ़ के बुधवाली में आयोजित ग्राम रथ अभियान अंतर्गत कार्यक्रम में उन्हें अनुदान भुगतान की वित्तीय स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए। अनुदान स्वीकृति मिलने पर नरेन्द्र सिंह ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा शिविरों में लोक कल्याणकारी कार्य कर आमजन को लाभान्वित किया जा रहा है।
- झुंझुनूं के नवलगढ़ में महीनों से पानी की किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने जलदाय विभाग की जेईएन का घेराव किया। ग्रामीणों का गुस्सा देखकर अधिकारी रोने लगी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।1
- श्री डूंगरगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी की आईडी चलाने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बीकानेर जिले में हुई।1
- झुंझुनूं के मंडावा कस्बे में सौंथलिया गेट के पास पेयजल सप्लाई लाइन क्षतिग्रस्त होने से रोजाना हज़ारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। इसकी वजह से घरों में पानी कम दबाव से पहुँच रहा है और सुभाष चौक से मुख्य बाजार जाने वाले राहगीरों व दुकानदारों को परेशानी हो रही है। अधिकारियों की अनदेखी के चलते कई दिनों से यह समस्या बनी हुई है।2
- गुरू कृपा पब्लिक स्कूल कितासर मे खाना कैसे बनता है निदेशक SPG Commando रामकिशन फौजी 078896 14996 आप संपर्क कर सकते है बहुत ही शानदार व्यवस्था है गाँव कितासर डुंगरगढ के पास जयपुर बीकानेर हाईवे पर।1
- अवैध खनन में प्रयुक्त 01 एलएनटी मशीन एवं बिना नम्बरी 04 डम्पर जब्त। नागौर/भांवडा रोशन मीना पुलिस अधीक्षक नागौर के निर्देशन में अवैध खनन की रोकथाम हेतु नागौर पुलिस द्वारा बड़ी कार्यवाहीअवैध खनन में प्रयुक्त 01 एलएनटी मशीन एवं बिना नम्बरी 04 डम्पर जब्त। जब्तशुदा उपरोक्त 05 वाहनों की बाजार कीमत लगभग 2.50 करोड़ रूपए है। दिनांक 08 माई 2026 को सरहद खोड़वा सेअवैध खनन में प्रयुक्त 01 एलएनटी मशीन एवं बिना नम्बरी 04 डम्पर को डिटेन कर, माईनिंग विभाग को सूचना दी गई। थाना भावण्डा पुलिस टीम की रही शानदार कार्यवाही।2
- कचरे के कार्य में HIMMATSAR GAAV ME NAKHAT BANNA KE MANDIR KE PASS2
- हालात ए दुश्मन बेटिया सुरक्षित नही हमारे देश भारत में हमारे देश भारत में बेटियो कि सुरक्षा कौन करेगा ये मध्य प्रदेश कि बेटी का है जिसको बेखोफ लडके रास्ते में अकेली पाकर परेशान कर रहे है आखिर देश कि कानून व्यवस्थाऔ को हम क्या संदेश दे कोई खोफ नहीं2
- नागौर पुलिस की बड़ी कार्यवाही:-लाईम स्टोन पत्थर से भरा हुआ एक ट्रक जब्त नागौर/गोटन रोशन मीना पुलिस अधीक्षक नागौर के निर्देशन में अवैध खनन के वरिूद्ध नागौर पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही करते हुए पुन्दलू से नायकों की ढाणी जाने वाली रोड़ पर से अवैध लाईम स्टोन पत्थर से भरा हुआ एक ट्रक जब्त कर, ट्रक चालक सागरराम गिरफ्तार किया एवं चालक के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया।1
- आये दिन जाम से वाहन चालक व ग्रामीण परेशान, ग्राम पंचायत व प्रशासन मौन मीठड़ी कस्बे के व्यस्ततम चौराहा गणगौरी चौक में आये दिन जाम लगता रहता है। विशेषकर शाम के समय ज्यादा लगता है। गणगौरी चौक में मुख्यत जाम का कारण मुख्य मार्ग के किनारे सब्जियों दुकाने व चाट,पकोड़ी पानी पतासी के थैले खड़े रहते है। जिससे यहां पर मुख्य सड़क मार्ग सकड़ा सा लगने लगता है। शाम के समय यातायात का भार ज्यादा रहता है। चौहाहे से एक मार्ग गणगौरी चौक से लिचाणा,पदमपुरा,कुचामन को जाता है। दूसरा नारायणपुरा,कुचामन,तीसरा नावा को,चौथा रास्ता कस्बे अंदर लौहारो का मौहल्ला व मुख्य बाजार को जाता है। साथ ही धार्मिक स्थल गोपेश्वर महादेव,जाल का बालाजी,भादीपीठ मंदिर,बाबा रामदेव मंदिर,चारभुजा मंदिर,जैन मंदिर आदि मंदिरो में सुबह शाम श्रद्धालुओ का आना जाना लगा रहता है। सुबह के समय सरकारी व निजी विधालयो में जाने वाले विधार्थियो व वाहनो की भीड़ देखकर लगता है मैला लगा हो।जिससे पैदल व वाहनो का निकलना दुश्वार हो रहा है। शाम के समय ट्राफिक ज्यादा होने से आमजन को दुर्घटना की आशंका सताती रहती है।शादी-ब्याह की सीजन में बारात के आनेपर तो भयंकर जाम लग जाता है। उस तेज आवाज में डीजे के स्वर ओर कोलाहल की स्थिती बना देता है। जिससे आसपास के दुकानदार भी परेशान हो जाते है। आमजन ने ग्राम पंचायत से गुजारिश है कि सब्जियो व चाट पकोड़ी के थेलो को सीमाकंन कर पाबंद करे व पुलिस प्रशासन यातायात कंट्रोल के लिए एक कांस्टेबल नियुक्त करे। आमजन को राहत मिल सके।3