शिवपुरी जिले के खैरोना (तहसील करसेना) गाँव में स्थित शासकीय सर्वे नंबर 405 पर स्वीकृत गिट्टी-पत्थर खदान लीज का मामला जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक बार फिर चर्चा में रहा। ग्राम भानगढ़ निवासी मोहनसिंह धाकड़ ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर राजेंद्र लहरिया के नाम स्वीकृत इस खदान लीज को निरस्त करने की मांग की है। मोहनसिंह धाकड़ ने अपने आवेदन में दावा किया है कि प्रस्तावित खदान के चारों ओर कृषि योग्य भूमि है, जहाँ किसान नियमित रूप से खेती करते हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि यदि खदान का संचालन शुरू होता है और ब्लास्टिंग की जाती है, तो इससे आसपास की फसलों, कृषि भूमि, किसानों की सुरक्षा और उनके मवेशियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ब्लास्टिंग के दौरान किसी किसान, राहगीर या पशु के साथ दुर्घटना होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित शासकीय भूमि पर लगभग 100 हरे-भरे और फलदार वृक्ष मौजूद हैं, जिनके प्रभावित होने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, राजस्व अभिलेखों में भूमि को 'पठार' दर्ज होने के बावजूद, मौके पर कृषि योग्य भूमि होने का दावा किया गया है। धाकड़ ने बताया कि इसी मार्ग से वर्षों से ग्रामीणों का आवागमन होता है और यह आसपास के गाँवों तक पहुँचने का प्रमुख रास्ता भी है, जिससे खदान संचालन शुरू होने पर ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। उन्होंने अपनी कृषि भूमि (सर्वे नंबर 402) के खदान क्षेत्र से लगे होने की भी जानकारी दी, जिससे ब्लास्टिंग और उड़ने वाली धूल के कारण उनकी फसल और खेती के प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों ने इन बड़े सवालों के साथ प्रशासन से कार्रवाई और लीज निरस्त करने की मांग की है, ताकि उनकी खेती और जीवन सुरक्षित रह सके।
शिवपुरी जिले के खैरोना (तहसील करसेना) गाँव में स्थित शासकीय सर्वे नंबर 405 पर स्वीकृत गिट्टी-पत्थर खदान लीज का मामला जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक बार फिर चर्चा में रहा। ग्राम भानगढ़ निवासी मोहनसिंह धाकड़ ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर राजेंद्र लहरिया के नाम स्वीकृत इस खदान लीज को निरस्त करने की मांग की है। मोहनसिंह धाकड़ ने अपने आवेदन में दावा किया है कि प्रस्तावित खदान के चारों ओर कृषि योग्य भूमि है, जहाँ किसान नियमित रूप से खेती करते हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि यदि खदान का संचालन शुरू होता है और ब्लास्टिंग की जाती है, तो इससे आसपास की फसलों, कृषि भूमि, किसानों की सुरक्षा और उनके मवेशियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ब्लास्टिंग के दौरान किसी किसान, राहगीर या पशु के साथ दुर्घटना होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित शासकीय भूमि पर लगभग 100 हरे-भरे और फलदार वृक्ष मौजूद हैं, जिनके प्रभावित होने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, राजस्व अभिलेखों में भूमि को 'पठार' दर्ज होने के बावजूद, मौके पर कृषि योग्य भूमि होने का दावा किया गया है। धाकड़ ने बताया कि इसी मार्ग से वर्षों से ग्रामीणों का आवागमन होता है और यह आसपास के गाँवों तक पहुँचने का प्रमुख रास्ता भी है, जिससे खदान संचालन शुरू होने पर ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। उन्होंने अपनी कृषि भूमि (सर्वे नंबर 402) के खदान क्षेत्र से लगे होने की भी जानकारी दी, जिससे ब्लास्टिंग और उड़ने वाली धूल के कारण उनकी फसल और खेती के प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों ने इन बड़े सवालों के साथ प्रशासन से कार्रवाई और लीज निरस्त करने की मांग की है, ताकि उनकी खेती और जीवन सुरक्षित रह सके।
- शिवपुरी जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान तहसील करसेना के ग्राम खैरोना स्थित शासकीय सर्वे नंबर 405 पर स्वीकृत गिट्टी-पत्थर खदान लीज का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। ग्राम भानगढ़ निवासी मोहनसिंह धाकड़ ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर राजेन्द्र लहरिया के नाम स्वीकृत खदान लीज को निरस्त करने की मांग की है। धाकड़ ने अपने आवेदन में दावा किया है कि प्रस्तावित खदान के चारों ओर कृषि योग्य भूमि है, जहां किसान नियमित रूप से खेती करते हैं। उनका आरोप है कि यदि खदान का संचालन शुरू होता है और ब्लास्टिंग की जाती है, तो इससे आसपास की फसलें, कृषि भूमि, किसानों की सुरक्षा और उनके मवेशियों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि यदि ब्लास्टिंग के दौरान किसी किसान, राहगीर या पशु के साथ कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। आवेदन में यह भी बताया गया है कि संबंधित शासकीय भूमि पर लगभग 100 हरे-भरे और फलदार वृक्ष मौजूद हैं, जिनके प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि राजस्व अभिलेखों में भूमि को पठार दर्ज होने के बावजूद, मौके पर यह कृषि योग्य भूमि है। मोहनसिंह धाकड़ ने यह भी कहा कि इसी मार्ग से वर्षों से ग्रामीणों का आवागमन होता है और यह आसपास के गांवों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है, जिसके खदान संचालन से प्रभावित होने की आशंका है। उनकी अपनी कृषि भूमि सर्वे नंबर 402 भी खदान क्षेत्र से सटी हुई है, जिससे ब्लास्टिंग और उड़ने वाली धूल के कारण उनकी फसल और खेती पर असर पड़ने का डर है।1
- कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित चिक्काबल्लापुर में 'हर हर महादेव' का जयघोष किया गया। यह उदघोष भगवान महादेव के प्रति समर्पण को व्यक्त करता है।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति करीब 5 फीट लंबे पीले-भूरे रंग के सांप को बिल्कुल बेखौफ होकर साबुन से नहलाता दिख रहा है। यह व्यक्ति सांप को रस्सी समझकर साफ कर रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि व्यक्ति पानी की टंकी के पास खड़ा है और पहले सांप को हाथ में लेकर उस पर साबुन लगाता है। वह उसे अच्छी तरह रगड़-रगड़ कर, सिर से पूंछ तक ऐसे साफ करता है, जैसे कोई रस्सी धो रहा हो। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान हैरानी की बात यह है कि सांप बिल्कुल शांत नज़र आता है। वह व्यक्ति के हाथ में इधर-उधर घूमता है, लेकिन किसी भी तरह का हमला या गुस्सा नहीं दिखाता।1
- दिल्ली पुलिस की सेंट्रल दिल्ली टीम ने रंगदारी उगाहने और फायरिंग करने के एक मामले में पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें वह मुख्य अभियुक्त भी शामिल है, जिसे इलाके में अपना दबदबा बनाने के लिए हथियारों के साथ धमकी भरे वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद धर दबोचा। पुलिस टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर अपराधी को पकड़ने के लिए आईपी एस्टेट कब्रिस्तान के पास जाल बिछाया था। पुलिस टीम को देखते ही अपराधी ने उन पर गोली चला दी, जिसके जवाब में हुई पुलिस कार्रवाई में अपराधी के दोनों पैरों में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया। आगे की जाँच के आधार पर, पुलिस टीम ने इस साजिश के मुख्यकर्ता को कोलकाता से और अन्य आरोपियों को भी अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से एक पिस्तौल और दो ज़िन्दा कारतूस बरामद किए हैं।1
- श्योपुर में 07 जुलाई 2026 को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर शीला दाहिमा ने विभिन्न समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। कार्यक्रम में कुल 258 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का मौके पर ही निराकरण किया गया। इस जनसुनवाई में एक महत्वपूर्ण निर्देश यह रहा कि दिव्यांग बालिका सुहाना का कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल, श्योपुर में कक्षा 9 में निःशुल्क प्रवेश सुनिश्चित कराया जाए। सुहाना की माँ, श्रीमती मुन्नी निवासी मोतीकुंज के पीछे, श्योपुर ने कलेक्टर को बताया कि उनकी बेटी ने कक्षा 8 उत्तीर्ण कर ली है लेकिन कक्षा 9 में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। इस पर कलेक्टर शीला दाहिमा ने तुरंत जिला शिक्षा अधिकारी यश जैन को निर्देश दिए कि बालिका का प्रवेश सुनिश्चित कर उसकी पढ़ाई की सभी व्यवस्थाएँ की जाएँ। जनसुनवाई कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती सौम्या आनंद, डिप्टी कलेक्टर संजय जैन और विजय शाक्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे। कलेक्टर शीला दाहिमा ने जनसुनवाई के दौरान समग्र आईडी से संबंधित आधा दर्जन से अधिक आवेदकों की समस्याओं का भी तत्काल ई-गवर्नेंस के माध्यम से निराकरण कराया। इनमें नागदा निवासी विष्णु राठौर की पत्नि की आईडी में पति का नाम प्रदर्शित न होने, छीताखेडली निवासी श्री अजय योगी की आईडी पर पत्नि के स्थान पर दूसरा नाम प्रदर्शित होने, बुढेरा निवासी कल्लू के पुत्र प्रमोद की पुरानी आईडी के बाद नई आईडी बनने से स्कूल एडमिशन में आ रही परेशानी, श्योपुर निवासी प्रियांशु गुप्ता की पत्नि की आईडी में पति का नाम न दिखने जैसी समस्याएँ शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, तिल्लीपुर निवासी भाई-बहन संतोष योगी और अनुष्का योगी की समग्र आईडी में एक-दूसरे के आधार लिंक होने से स्कूल में प्रवेश न मिलने की समस्या का भी त्वरित समाधान किया गया। इसके साथ ही, कलेक्टर शीला दाहिमा ने भू-अभिलेख अधिकारियों को कौशल्या बाई जाटव दुबडी, ल्होरी आदिवासी, गणेशराम, असाडया कराहल, बद्रीलाल बडौदा, महावीर सुमन मलपुरा जैसे आवेदकों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेंशन की मांग लेकर आए मेवरा निवासी श्री रामस्वरूप रावत और तिल्लीपुर निवासी श्री वीरबल बैरवा को आवेदन के परीक्षण के बाद बताया गया कि उनकी पेंशन स्वीकृत हो चुकी है और उन्हें आगामी समय में बैंक खाते के माध्यम से पेंशन राशि प्राप्त होगी।1
- सरमथुरा, धौलपुर से मिली जानकारी के अनुसार, कस्बा निवासी, बसेड़ी के पूर्व प्रधान और भाजपा के कद्दावर नेता स्वर्गीय बृज किशोर राजपुरोहित की आठवीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनके परिवारजनों ने एक सेवा कार्य किया। परिवार के सदस्यों ने भरतपुर स्थित 'अपना घर आश्रम' पहुंचकर वहाँ मौजूद विक्षिप्त एवं असहाय 'प्रभु जनों' को भोजन कराया। इस पुण्यतिथि पर, पूर्व प्रधान के पुत्र एवं भाजपा नेता मोनू राजपुरोहित ने बताया कि नर सेवा ही सच्ची नारायण सेवा है और हमें सदैव ऐसे कार्य करने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता पूरे जीवन भर हम पर बहुत उपकार करते हैं, इसलिए हमारा भी यह फर्ज है कि उनकी याद में ऐसे सेवा कार्य किए जाएं। परिवारजनों द्वारा किए गए इस कार्य की लोगों ने सराहना की, और इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ इष्टमित्र भी उपस्थित रहे।1
- विजयपुर नगर परिषद के वार्ड नंबर 03 में 'नेकल' द्वारा एक समस्या उत्पन्न की गई। इसी समस्या के कारण विजयपुर में रास्ते में रोक लगा दी गई।1
- शिवपुरी जिले के ग्राम खैरोना (तहसील करसेना) स्थित शासकीय सर्वे नंबर 405 पर स्वीकृत गिट्टी-पत्थर खदान लीज का मामला एक बार फिर गरमा गया है। ग्राम भानगढ़ निवासी मोहनसिंह धाकड़ ने जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर राजेंद्र लहरिया के नाम स्वीकृत इस खदान लीज को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। आवेदन में धाकड़ ने दावा किया है कि प्रस्तावित खदान के चारों ओर कृषि योग्य भूमि है, जहां किसान नियमित रूप से खेती करते हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की है कि यदि खदान का संचालन शुरू होता है और उसमें ब्लास्टिंग की जाती है, तो इससे आसपास की फसलें, कृषि भूमि, किसानों की सुरक्षा और उनके मवेशियों पर गंभीर रूप से प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ब्लास्टिंग के दौरान किसी किसान, राहगीर या पशु के साथ दुर्घटना होने पर उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। इसके अतिरिक्त, आवेदन में उल्लेख है कि संबंधित सरकारी भूमि पर लगभग 100 हरे-भरे एवं फलदार वृक्ष मौजूद हैं, जिनके प्रभावित होने का अंदेशा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि राजस्व अभिलेखों में भूमि को 'पठार' दर्ज होने के बावजूद, मौके पर यह कृषि योग्य भूमि है। इसी मार्ग से वर्षों से ग्रामीणों का आवागमन होता है और यह आसपास के गांवों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है, जिससे खदान संचालन शुरू होने पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। मोहनसिंह धाकड़ ने अपनी कृषि भूमि (सर्वे नंबर 402) के खदान क्षेत्र से सटी होने की बात कहते हुए आशंका जताई है कि ब्लास्टिंग और उड़ने वाली धूल के कारण उनकी फसल एवं खेती भी प्रभावित होगी। इन सभी गंभीर मुद्दों को उठाते हुए, ग्रामीणों ने प्रशासन से इस खदान लीज को निरस्त करने और उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है।1