बिलासपुर में गैस किल्लत को लेकर सपाईयों का प्रदर्शन, एसडीएम को ज्ञापन सौंपा बिलासपुर में गैस की किल्लत को दूर कर होम डिलीवरी सुचारू कराने की मांग को लेकर सपाईयों ने तहसील में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।साथ ही एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। सोमवार की दोपहर तमाम सपाई पूर्व विधानसभा प्रत्याशी और वरिष्ठ नेता अमरजीत सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में एकत्र होने के बाद स्थानीय तहसील भवन पहुंचें और नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। आक्रोशित सपाईयों ने कहा कि गैस की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है,जो एंजेसियों द्वारा हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं,उस पर गैस की बुकिंग नही हो रही तथा गैस एजेंसियों द्वारा सुचारू रूप से होम डिलीवरी नही हो रही।इसी के साथ एंजेसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लग रही,जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।उनकी मांग है कि गैस की किल्लत को दूर करने के बाद सुचारू रूप से होम डिलीवरी कराई जाए,ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सकें।इस दौरान सपाईयों ने उप जिलाधिकारी अरूण कुमार की मार्फत जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की।इस मौकें पर आरिफ़ खांन अरोमा, शिवकुमार गुप्ता एडवोकेट, मोहम्मद अहमद, दिनेश जाटव,ज़ैद हसन खां,हरप्रीत सिंह, शमशेर सिंह, मनजीत सिंह,प्रगत सिंह, मुबारक हसन आदि मौजूद रहे।
बिलासपुर में गैस किल्लत को लेकर सपाईयों का प्रदर्शन, एसडीएम को ज्ञापन सौंपा बिलासपुर में गैस की किल्लत को दूर कर होम डिलीवरी सुचारू कराने की मांग को लेकर सपाईयों ने तहसील में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।साथ ही एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। सोमवार की दोपहर तमाम सपाई पूर्व विधानसभा प्रत्याशी और वरिष्ठ नेता अमरजीत सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में एकत्र होने के बाद स्थानीय तहसील भवन पहुंचें और नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। आक्रोशित सपाईयों ने कहा कि गैस की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है,जो एंजेसियों द्वारा हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं,उस पर गैस की बुकिंग नही
हो रही तथा गैस एजेंसियों द्वारा सुचारू रूप से होम डिलीवरी नही हो रही।इसी के साथ एंजेसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लग रही,जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।उनकी मांग है कि गैस की किल्लत को दूर करने के बाद सुचारू रूप से होम डिलीवरी कराई जाए,ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सकें।इस दौरान सपाईयों ने उप जिलाधिकारी अरूण कुमार की मार्फत जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की।इस मौकें पर आरिफ़ खांन अरोमा, शिवकुमार गुप्ता एडवोकेट, मोहम्मद अहमद, दिनेश जाटव,ज़ैद हसन खां,हरप्रीत सिंह, शमशेर सिंह, मनजीत सिंह,प्रगत सिंह, मुबारक हसन आदि मौजूद रहे।
- अलीगढ़ में सांसद सतीश गौतम का मुसलमानो और मुसलमानो के त्यौहार को लेकर विवादित बयान का वीडियो वायरल " मैं नहीं जानता रमजान , ईद क्या होते हैं ? मुझे होली और दिवाली से मतलब है , छात्रों की परीक्षा चल रही है। सुबह 4 बजे भौंपा चला देते हैं ",1
- इज्जतनगर थाना क्षेत्र के रहपुरा चौधरी गांव में पंचायत के दौरान दामाद अफसर खां ने अचानक चाकू से हमला कर दिया। हमले में सास अश्मा और साला आदिल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी सायमा गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। वारदात के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और आरोपी मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही एसएसपी, एसपी सिटी और सीओ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।1
- Post by Abdul Jabbar1
- विडियो देखें - नेताप्रतिपक्ष यशपाल आर्य (बाजपुर विधायक) उत्तराखण्ड के विकास की सबसे बड़ी चुनौती पलायन है। पहाड़ के हजारों गांव खाली हो चुके हैं और कई गांव ऐसे हैं जो पूरी तरह निर्जन हो गए हैं। यदि सरकार वास्तव में राज्य के संतुलित विकास के प्रति गंभीर होती, तो इस बजट में - पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार सृजन, - स्थानीय कृषि और बागवानी को बढ़ावा, - ग्रामीण पर्यटन का विकास, - छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाता, लेकिन इस बजट में इन मुद्दों पर अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं देती। बजट भाषण में गांवों के विकास की बड़ी-बड़ी बातें की गई हैं। यह कहा गया है कि गांवों को मजबूत करके उत्तराखण्ड को मजबूत बनाया जा रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है लेकिन यदि हम जमीनी सच्चाई को देखें तो तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है। वास्तविकता यह है कि विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों के गांव शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लगातार खाली होते जा रहे हैं। उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी चुनौती पलायन है। वर्षों से यह विषय इस सदन में उठता रहा है कि पहाड़ के गांव तेजी से खाली हो रहे हैं और लोगों को मजबूरी में अपने गांव छोड़कर शहरों की ओर जाना पड़ रहा है। आज स्थिति यह है कि - पहाड़ के कई गांव निर्जन होते जा रहे हैं, - हजारों गांवों में आबादी बहुत कम रह गई है, - कई गांव ऐसे भी हैं जहां अब स्थायी रूप से लोग रह ही नहीं गए हैं। यह केवल एक सामाजिक समस्या नहीं है, बल्कि यह राज्य के संतुलित विकास के लिए भी एक गंभीर चुनौती है।1
- Post by भूपेंद्र शर्मा2
- Post by Mr VICKY1
- पहले बादशाह का गाना विवादों में था अब Nora fatehi का नया गाना भी सवालों के घेरे में। सोशल मीडिया पर इन दिनों गानों में बढ़ती अश्लीलता को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ गई है। पहले रैपर Badshah के गाने को लेकर लोग नाराज़गी जता रहे थे और विवाद खड़ा हो गया था। अब बॉलीवुड डांसर और एक्ट्रेस Nora Fatehi का नया गाना भी चर्चा के केंद्र में आ गया है। कई लोगों का आरोप है कि इस गाने में दिखाए गए डांस मूव्स और बोल ने अश्लीलता की सारी हदें पार कर दी हैं। आप क्या कहते हो1
- विडियो देखें- रामनगर (उत्तराखंड) भरतपुरी में मंदिर की दीवार गिरने से कारों को हुआ नुकसान रामनगर में तूफान की तबाही का मंजर… बीती रात आए तेज तूफान और आंधी ने रामनगर में कई जगह नुकसान पहुंचाया। भरतपुरी क्षेत्र में एक मंदिर की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे वहां खड़ी कई कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। वीडियो में आप साफ देख सकते हैं कि दीवार गिरने से कारों को कितना नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि उस समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। उधर रिंगौड़ा गांव में इस तूफान ने एक 11 साल के मासूम की जान भी ले ली, जब एक हल्दू का पेड़ उस पर गिर गया। कई इलाकों में पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।1
- Post by अर्जुन बोरिंग हाउस उत्तर प्रदे प्रदेश1