नगरपालिका की लापरवाही: सड़क से कब्रिस्तान तक बहता नाले का गंदा पानी लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी के हालात बद से बत्तर, एक ओर जहाँ नगरपालिका स्वच्छ नगर पालिका होने का दावा कर रही है, वहीं बरवर रोड पर नाला चोक होने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। इससे आसपास के दुकानदारों, राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि नाले का दूषित पानी पास के कब्रिस्तान तक पहुँच गया है और कई कब्रों में भर चुका है। खास बात यह है कि आज शब-ए-बरात का मुकद्दस दिन है, जब मुस्लिम समुदाय के लोग कब्रिस्तान जाकर अपने मरहूमों के लिए दुआ करते हैं, लेकिन गंदगी के कारण लोगों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे हुए हैं और समस्या के समाधान को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नगरपालिका की लापरवाही: सड़क से कब्रिस्तान तक बहता नाले का गंदा पानी लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी के हालात बद से बत्तर, एक ओर जहाँ नगरपालिका स्वच्छ नगर पालिका होने का दावा कर रही है, वहीं बरवर रोड पर नाला चोक होने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। इससे आसपास के दुकानदारों, राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि नाले का दूषित पानी पास के कब्रिस्तान तक पहुँच गया है और कई कब्रों में भर चुका है। खास बात यह है कि आज शब-ए-बरात का मुकद्दस दिन है, जब मुस्लिम समुदाय के लोग कब्रिस्तान जाकर अपने मरहूमों के लिए दुआ करते हैं, लेकिन गंदगी के कारण लोगों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे हुए हैं और समस्या के समाधान को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
- Post by INDIA TV24 NEWS1
- बहनें जिस कमरे में सोती थीं, वहीं से एक डायरी में सुसाइड नोट बरामद हुआ। नोट में लिखा था— “मम्मी-पापा सॉरी… हम यह गेम छोड़ नहीं पा रहे हैं। हमारे मरने के बाद आपको एहसास होगा कि हम इस गेम से कितना प्यार करते थे, जिस गेम को आप छुड़वाना चाहते थे।” मृतक तीनों सगी बहनों की उम्र क्रमशः 16 वर्ष, 14 वर्ष और 12 वर्ष बताई गई है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि ऑनलाइन गेमिंग की लत कितनी खतरनाक रूप ले सकती है। कहीं कोई अपनी जान दे रहा है, कहीं घर के जेवर-गहने चोरी कर बेच रहा है, तो कहीं अपराध की दुनिया में कदम रख रहा है। इसलिए ज़रूरी है कि हर परिवार अपने बच्चों और परिजनों पर नज़र रखे—वे मोबाइल में क्या देख रहे हैं, किन ऐप्स और गेम्स में कितना समय बिता रहे हैं, और उनका मानसिक व्यवहार कैसा हो रहा है। समाज के साथ-साथ सरकार की भी बड़ी जिम्मेदारी बनती है कि ऑनलाइन गेमिंग को लेकर सख्त कानून और प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किए जाएँ। हालांकि मौजूदा हालात देखकर इससे बड़ी उम्मीद करना मुश्किल लगता है। 😔 अगर किसी बच्चे या व्यक्ति में तनाव, चिड़चिड़ापन, अकेलापन या आत्मघाती विचार दिखें, तो उसे नज़रअंदाज़ न करें। तुरंत परिवार, काउंसलर या मददगार संस्थाओं से संपर्क करें। भारत में 24×7 मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन KIRAN – 1800-599-0019 उपलब्ध है।2
- लखीमपुर खीरी व्यूरो रिपोर्ट लखीमपुर में विश्व कैंसर दिवस पर स्वास्थ्य विभाग ने नगरीय स्वास्थ्य केंद्र निर्मल नगर में निशुल्क कैंसर जांच और जागरूकता शिविर आयोजित किया1
- Post by Mukesh Kumar1
- लखीमपुर खीरी। भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम सोना खुर्द निवासी महिला ने जमीन विवाद में मारपीट का आरोप लगाते हुए महिला एसपी कार्यालय पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- मझ गई रेंज के चौखड़ा फार्म में हाथियों का कहर जारी, खून पसीना बहा कर बोई गई फसल को हाथियों ने रौंदा।1
- दुधवा रोड पर खाद्य सुरक्षा मानकों की उड़ रही धज्जियां, फूड विभाग फेर रहा नजरें पलियाकलां-खीरी। पलिया नगर के दुधवा रोड पर संचालित होटलों में मानक के विपरीत भोजन परोसे जाने का मामला लगातार सामने आ रहा है, लेकिन हैरत की बात यह है कि अब तक फूड विभाग की नजर इन पर नहीं पड़ी। नगर की प्रमुख सड़क पर दर्जनों होटल व ढाबे संचालित हो रहे हैं, जहां न तो साफ-सफाई का ध्यान रखा जा रहा है और न ही खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। इन होटलों में घटिया गुणवत्ता का खाना परोसकर ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके अलावा यहां आने वाले ग्राहकों से खुलेआम मनमाने ढंग से कीमत वसूली की जा रही है। यही हाल दुधवा रोड पर ग्राम वंशीनगर में स्थित महक फैमिली रेस्टोरेंट का है। यहां एक साधारण रोटी के 20 रुपये वसूले जा रहे हैं और वही रोटी मक्खन लगाकर 25 रुपये की दी जा रही है, जबकि अन्य होटलों पर मक्खन की एक टिक्की 15 रुपये की होती है, जो कम से कम चार रोटियों में लग जाती है। पलिया नगर के किसी भी होटल में इतना अधिक पैसा नहीं लिया जाता है। हर होटल में 10 रुपये की रोटी दी जाती है और मक्खन लगाकर वही 15 रुपये की होती है। पलिया में सबसे मसहूर और स्वादिष्ट खाना परोसने वाले मिलन होटल पर भी 10 रुपये की सादा और 15 रुपये की मक्खन रोटी दी जाती है और अरहर की हाफ दाल 60 रुपये की मिलती है, लेकिन महक फैमिली रेस्टोरेंट पर दाल भी 120, 150 रुपये में दी जाती है, जो प्योर अरहर की होती भी नहीं है। इसके अलावा एक क्वाटर चावल की कीमत 30 रुपये वसूली जा रही है, जबकि अन्य होटलों पर क्वाटर चावल की कीमत 15 रुपये होती है। कुल मिलाकर यहां पर खुलेआम जनता से लूट की जा रही है और फूड विभाग मौन साधे हुए है। बता दें कि दुधवा राष्ट्रीय उद्यान को जाने वाले इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों पर्यटक गुजरते हैं। बाहर से आने वाले पर्यटकों की मजबूरी का फायदा उठाकर होटल संचालक जमकर लूट कर रहे हैं। पर्यटक भी मजबूरी में महंगे दाम चुकाने को विवश हैं, क्योंकि आसपास वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। फूड विभाग की निष्क्रियता के चलते होटल संचालकों के हौसले बुलंद हैं और वे नियमों को ताक पर रखकर कारोबार कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि दुधवा रोड पर संचालित सभी होटलों की सघन जांच कराई जाए, खाद्य गुणवत्ता की जांच हो तथा मनमानी वसूली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पर्यटकों और आम लोगों को राहत मिल सके।1
- गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद के टीलामोड़ थाना क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां एक ही परिवार की तीन नाबालिग बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस दर्दनाक हादसे से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना मंगलवार देर रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। मृतक बहनों की पहचान निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया गया है कि घटना के समय माता-पिता दूसरे कमरे में सो रहे थे, जबकि तीनों बहनों ने अपने कमरे की खिड़की से छलांग लगा दी। परिजनों के अनुसार, तीनों बहनें पिछले कुछ महीनों से ऑनलाइन मोबाइल गेम खेलने की आदी हो गई थीं और कोरोना महामारी के बाद से उनकी पढ़ाई भी नियमित नहीं थी। मृत बच्चियों के पिता चेतन कुमार ऑनलाइन ट्रेडिंग का कार्य करते हैं और पिछले तीन वर्षों से भारत सिटी सोसायटी में किराये पर रह रहे थे। परिवार मूल रूप से दिल्ली का निवासी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।2