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मखाना फोड़ी की धधकती भट्ठियों में झुलस रहा मासूमों का बचपन थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रही मखाना फोड़ी में झुलस रहा नाबालिगों का बचपन। एक तरफ बिहार सरकार बाल मजदूरी पर पूरी तरह रोक लगाने को लेकर बड़े-बड़े वादे कर रही है, तो वहीं दूसरी और कोढ़ा थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रही दर्जनों मखाना फोड़ी में झुलस रहे बचपन को देखने वाला कोई नहीं है। यह अत्यंत ही गंभीर मामला है, जो जांच का विषय है, ताकि बाल मजदूरी पर विराम लग सके। बिहार सरकार के लाख प्रयास के बावजूद शिक्षा की मुख्य धारा से बच्चे नहीं जुड़ पा रहे हैं, जिसका जीता-जागता उदाहरण कोढ़ा थाना क्षेत्र की विभिन्न जगहों में संचालित मखाना फोड़ी में देखा जा सकता है। मखाना प्रोसेसिंग उद्योगों में काम करने वाले बाल श्रमिकों की मर्माहत स्थिति को यह तस्वीर दर्शाती है। मखाना, जिसे दुनिया भर में एक सुपरफूड के रूप में बड़े चाव से खाया जाता है, उसे तैयार करने के पीछे मासूम बच्चों का शोषण और उनकी मजदूरी का एक कड़वा सच भी छिपा है। वहीं कई बच्चे इस अमानवीय बाल श्रम की भट्ठी में झोंक दिए जा रहे हैं। कोढ़ा प्रखंड श्रम संसाधन पदाधिकारी की तरफ से मखाना फोड़ी की जांच भी नहीं की जा रही है। तभी तो मखाना फोड़ी की धधकती भट्ठी में बचपन झुलसता जा रहा है। बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत मखाना फोड़ी चलाने वाले मालिकों और बिचौलियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई समीचीन प्रतीत होती है। बहरहाल, झुलसते बचपन को बचाने को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई क्या और कब होगी, समय ही बता पाएगा।

16 hrs ago
user_Rahul Kumar Singh
Rahul Kumar Singh
Local News Reporter कोढ़ा, कटिहार, बिहार•
16 hrs ago
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मखाना फोड़ी की धधकती भट्ठियों में झुलस रहा मासूमों का बचपन थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रही मखाना फोड़ी में झुलस रहा नाबालिगों का बचपन। एक तरफ बिहार सरकार बाल मजदूरी पर पूरी तरह रोक लगाने को लेकर बड़े-बड़े वादे कर रही है, तो वहीं दूसरी और कोढ़ा थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रही दर्जनों मखाना फोड़ी में झुलस रहे बचपन को देखने वाला कोई नहीं है। यह अत्यंत ही गंभीर मामला है, जो जांच का विषय है, ताकि बाल मजदूरी पर विराम लग सके। बिहार सरकार के लाख प्रयास के बावजूद शिक्षा की मुख्य धारा से बच्चे नहीं जुड़ पा रहे हैं, जिसका जीता-जागता उदाहरण कोढ़ा थाना क्षेत्र की विभिन्न जगहों में संचालित मखाना फोड़ी में देखा जा सकता है। मखाना प्रोसेसिंग उद्योगों में काम करने वाले बाल श्रमिकों की मर्माहत स्थिति को यह तस्वीर दर्शाती है। मखाना, जिसे दुनिया भर में एक सुपरफूड के रूप में बड़े चाव से खाया जाता है, उसे तैयार करने के पीछे मासूम बच्चों का शोषण और उनकी मजदूरी का एक कड़वा सच भी छिपा है। वहीं कई बच्चे इस अमानवीय बाल श्रम की भट्ठी में झोंक दिए जा रहे हैं। कोढ़ा प्रखंड श्रम संसाधन पदाधिकारी की तरफ से मखाना फोड़ी की जांच भी नहीं की जा रही है। तभी तो मखाना फोड़ी की धधकती भट्ठी में बचपन झुलसता जा रहा है। बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत मखाना फोड़ी चलाने वाले मालिकों और बिचौलियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई समीचीन प्रतीत होती है। बहरहाल, झुलसते बचपन को बचाने को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई क्या और कब होगी, समय ही बता पाएगा।

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  • कटिहार जिला का खोरबा गांव में बीते दिनों एक घटना घटी जिसमेंकी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में टीम गठित है
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    कटिहार जिला का खोरबा गांव में बीते दिनों एक घटना घटी जिसमेंकी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में टीम गठित है
    user_इंडिया पब्लिक न्यूज आज की आवाज
    इंडिया पब्लिक न्यूज आज की आवाज
    Advertising Photographer Kadwa, Katihar•
    8 hrs ago
  • बिहार के 8 लाख से अधिक बाढ़ पीड़ितों के खाते में सात हजार रुपए भेजा गया। माननीय मुख्यमंत्री, बिहार द्वारा मंगलवार को डीबीटी के माध्यम से बिहार के 8 लाख से अधिक बाढ़ पीड़ितों के खाते में सात हजार रुपए यानी कुल 579.23 करोड रुपए भेजा गया है।इस दौरान पूर्णिया के 23865 बाढ़ पीड़ितों के खाते में 16 करोड़ 70 लाख 55 हजार रुपए भेजा गया है.
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    बिहार के 8 लाख से अधिक बाढ़ पीड़ितों के खाते में सात हजार रुपए भेजा गया।
माननीय मुख्यमंत्री, बिहार द्वारा मंगलवार को डीबीटी के माध्यम से बिहार के 8 लाख से अधिक बाढ़ पीड़ितों के खाते में सात हजार रुपए यानी कुल 579.23 करोड रुपए भेजा गया है।इस दौरान पूर्णिया के 23865 बाढ़ पीड़ितों के खाते में 16 करोड़ 70 लाख 55 हजार रुपए भेजा गया है.
    user_Seemanchal Bytes
    Seemanchal Bytes
    Media company Purnia East, Bihar•
    11 hrs ago
  • हल्की बारिश में सड़क बन जाती है तालाब, दो साल से बदहाल है हरिपुर-महमदिया मार्ग
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    हल्की बारिश में सड़क बन जाती है तालाब, दो साल से बदहाल है हरिपुर-महमदिया मार्ग
    user_Mukesh Kumar
    Mukesh Kumar
    हसनगंज, कटिहार, बिहार•
    11 hrs ago
  • सहरसा में पत्रकार से दुर्व्यवहार पर डिप्टी मेयर का बड़ा बयान!... more
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    सहरसा में पत्रकार से दुर्व्यवहार पर डिप्टी मेयर का बड़ा बयान!... more
    user_लोकल 18 न्यूज़ कटिहार
    लोकल 18 न्यूज़ कटिहार
    Court reporter कटिहार, कटिहार, बिहार•
    12 hrs ago
  • 50 क्विंटल प्रतिबंधित चाइनीज थाई मांगुर मछली जब्त, तीन कारोबारी डिटेन 50 क्विंटल प्रतिबंधित चाइनीज थाई मांगुर मछली जब्त, तीन कारोबारी डिटेन कटिहार में जिला मत्स्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 क्विंटल प्रतिबंधित चाइनीज थाई मांगुर मछली पकड़ी है। विभाग की टीम ने रोतारा थाना क्षेत्र स्थित रोतारा टोल प्लाजा के पास कार्रवाई करते हुए मछली से लदे वाहन को रोका और तीन लोगों को डिटेन किया। बताया जा रहा है कि मछली कोलकाता से पूर्णिया ले जाई जा रही थी। जिला मत्स्य पदाधिकारी सनद कुमार सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि चाइनीज थाई मांगुर मछली का पालन, बिक्री, परिवहन और सेवन प्रतिबंधित है। पकड़ी गई करीब 50 क्विंटल मछली का नियमानुसार विनिष्टीकरण कर दिया गया। मत्स्य पदाधिकारी ने पुलिस चेकपोस्ट पर भी सख्ती बरतने की जरूरत बताई, ताकि प्रतिबंधित मछली के परिवहन पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सके। वहीं, कार्रवाई के दौरान डिटेन किए गए कारोबारियों की पहचान अभिजीत, कलीम और अब्दुल्ला के रूप में बताई गई है। विभाग के अनुसार, पूछताछ के दौरान कारोबारियों ने कथित तौर पर रोजाना थाना को मैनेज कर इस कारोबार को चलाने की बात कही है। हालांकि, इस दावे की पुलिस स्तर पर पुष्टि और जांच किया जाना बाकी है। बताया गया कि नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में मछलियों के सेवन को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में कटिहार मत्स्य विभाग भी लगातार अभियान चला रहा है। प्रतिबंधित मछली की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद अब पुलिस और मत्स्य विभाग की जांच पर नजर है।
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    50 क्विंटल प्रतिबंधित चाइनीज थाई मांगुर मछली जब्त, तीन कारोबारी डिटेन

50 क्विंटल प्रतिबंधित चाइनीज थाई मांगुर मछली जब्त, तीन कारोबारी डिटेन
कटिहार में जिला मत्स्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 क्विंटल प्रतिबंधित चाइनीज थाई मांगुर मछली पकड़ी है। विभाग की टीम ने रोतारा थाना क्षेत्र स्थित रोतारा टोल प्लाजा के पास कार्रवाई करते हुए मछली से लदे वाहन को रोका और तीन लोगों को डिटेन किया। बताया जा रहा है कि मछली कोलकाता से पूर्णिया ले जाई जा रही थी।
जिला मत्स्य पदाधिकारी सनद कुमार सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि चाइनीज थाई मांगुर मछली का पालन, बिक्री, परिवहन और सेवन प्रतिबंधित है। पकड़ी गई करीब 50 क्विंटल मछली का नियमानुसार विनिष्टीकरण कर दिया गया।
मत्स्य पदाधिकारी ने पुलिस चेकपोस्ट पर भी सख्ती बरतने की जरूरत बताई, ताकि प्रतिबंधित मछली के परिवहन पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सके।
वहीं, कार्रवाई के दौरान डिटेन किए गए कारोबारियों की पहचान अभिजीत, कलीम और अब्दुल्ला के रूप में बताई गई है। विभाग के अनुसार, पूछताछ के दौरान कारोबारियों ने कथित तौर पर रोजाना थाना को मैनेज कर इस कारोबार को चलाने की बात कही है। हालांकि, इस दावे की पुलिस स्तर पर पुष्टि और जांच किया जाना बाकी है।
बताया गया कि नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में मछलियों के सेवन को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में कटिहार मत्स्य विभाग भी लगातार अभियान चला रहा है। प्रतिबंधित मछली की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद अब पुलिस और मत्स्य विभाग की जांच पर नजर है।
    user_Asadur Rahman
    Asadur Rahman
    कटिहार, कटिहार, बिहार•
    12 hrs ago
  • जलपरी भी आ रही है #viralshorts #viralpost #abn24purena #shortvideo #गणपति_बाप्पा_मोरया
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    जलपरी भी आ रही है #viralshorts #viralpost #abn24purena #shortvideo #गणपति_बाप्पा_मोरया
    user_Abn24 purane
    Abn24 purane
    Local News Reporter पूर्णिया पूर्व, पूर्णिया, बिहार•
    16 hrs ago
  • पूर्णिया में रुपौली एरिया जो है, वो बहुत ज्यादा ग्रसित है इन चीजों को लेकर, प्रशासन काम कर रही है। ​"हेलो फ्रेंड्स, मैं कुछ आज अहम मुद्दों पर बात करना चाहता हूं। आप सबको मालूम हुआ होगा आज का बहुत दिनों के बाद अमित शाह जो हैं, यूसीसी को लेकर कोई बात बोले हैं। उन्होंने कहा है कि 2029 तक पूरे देश में यूसीसी जो है, वो लागू कर दिया जाएगा। ​उनका यह बयान जो है, क्यों आया है आप सबको मालूम है। 2029 का टारगेट क्यों है? लेकिन जो मध्य प्रदेश में अभी हो रही हैं घटनाएं, उन पर कुछ नहीं बोला। जो बिहार में बाढ़ से पीड़ित हैं लोग, परेशान हैं। ऐसे-ऐसे वीडियो आ रहे हैं, ऐसी-ऐसी बातें हो रही हैं बिहार बाढ़ को लेकर। खुद पूर्णिया में रुपौली एरिया जो है, वो बहुत ज्यादा ग्रसित है इन चीजों को लेकर। प्रशासन काम कर रही है। ​तो बाढ़ से कैसे मुक्ति मिले, यह बात नहीं कर रहा है वो। बिहार में जो अभी सरकार है एनडीए की सरकार, इनको स्पष्ट करना चाहिए कि बिहार में यूसीसी लागू किया जाएगा या नहीं। क्योंकि जेडीयू का प्रक्रिया है कि 'मैंने केंद्र में उस बिल के समर्थन में वोट किया, लेकिन बिहार में लागू नहीं होगा।' तो यह जेडीयू का दोगलापन है। क्योंकि जो चीज आप करना नहीं चाहते हैं, तो आप उसमें समर्थन क्यों दे रहे हैं? जब समर्थन दे रहे हैं, तो फिर लागू करना क्यों नहीं चाह रहे हैं? आप मुसलमानों को क्या बेवकूफ समझते हैं क्या? ​और हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा का भी प्रतिक्रिया इसमें आया है, मीडिया में चल ही रहा है, आप देख लिए होंगे। तो यह खेल अब बहुत दिनों तक नहीं चलेगा। अगर यूसीसी लागू करना है, तो 2029 क्यों? अभी लागू कर दो। अभी 2026 चल ही रहा है, दिसंबर तक लागू कर दो इन चीजों को लेकर के। दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। पता चल जाएगा कौन राज्य लागू कर रहा है, कौन नहीं कर रहा है। और बीजेपी किस मकसद से यह लाना चाह रही है? कोई फायदे के लिए लाना चाह रही है या सिर्फ मुसलमानों को प्रताड़ित करने के लिए लाना चाह रही है? ​यह क्लियर करें। और उतना 2029 तक जाने की जरूरत ही नहीं है। आप 2027 के दिसंबर तक इनको लागू कर दीजिए। धन्यवाद।"
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    पूर्णिया में रुपौली एरिया जो है, वो बहुत ज्यादा ग्रसित है इन चीजों को लेकर, प्रशासन काम कर रही है।
​"हेलो फ्रेंड्स, मैं कुछ आज अहम मुद्दों पर बात करना चाहता हूं। आप सबको मालूम हुआ होगा आज का बहुत दिनों के बाद अमित शाह जो हैं, यूसीसी को लेकर कोई बात बोले हैं। उन्होंने कहा है कि 2029 तक पूरे देश में यूसीसी जो है, वो लागू कर दिया जाएगा।
​उनका यह बयान जो है, क्यों आया है आप सबको मालूम है। 2029 का टारगेट क्यों है? लेकिन जो मध्य प्रदेश में अभी हो रही हैं घटनाएं, उन पर कुछ नहीं बोला। जो बिहार में बाढ़ से पीड़ित हैं लोग, परेशान हैं। ऐसे-ऐसे वीडियो आ रहे हैं, ऐसी-ऐसी बातें हो रही हैं बिहार बाढ़ को लेकर। खुद पूर्णिया में रुपौली एरिया जो है, वो बहुत ज्यादा ग्रसित है इन चीजों को लेकर। प्रशासन काम कर रही है।
​तो बाढ़ से कैसे मुक्ति मिले, यह बात नहीं कर रहा है वो। बिहार में जो अभी सरकार है एनडीए की सरकार, इनको स्पष्ट करना चाहिए कि बिहार में यूसीसी लागू किया जाएगा या नहीं। क्योंकि जेडीयू का प्रक्रिया है कि 'मैंने केंद्र में उस बिल के समर्थन में वोट किया, लेकिन बिहार में लागू नहीं होगा।' तो यह जेडीयू का दोगलापन है। क्योंकि जो चीज आप करना नहीं चाहते हैं, तो आप उसमें समर्थन क्यों दे रहे हैं? जब समर्थन दे रहे हैं, तो फिर लागू करना क्यों नहीं चाह रहे हैं? आप मुसलमानों को क्या बेवकूफ समझते हैं क्या?
​और हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा का भी प्रतिक्रिया इसमें आया है, मीडिया में चल ही रहा है, आप देख लिए होंगे। तो यह खेल अब बहुत दिनों तक नहीं चलेगा। अगर यूसीसी लागू करना है, तो 2029 क्यों? अभी लागू कर दो। अभी 2026 चल ही रहा है, दिसंबर तक लागू कर दो इन चीजों को लेकर के। दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। पता चल जाएगा कौन राज्य लागू कर रहा है, कौन नहीं कर रहा है। और बीजेपी किस मकसद से यह लाना चाह रही है? कोई फायदे के लिए लाना चाह रही है या सिर्फ मुसलमानों को प्रताड़ित करने के लिए लाना चाह रही है?
​यह क्लियर करें। और उतना 2029 तक जाने की जरूरत ही नहीं है। आप 2027 के दिसंबर तक इनको लागू कर दीजिए। धन्यवाद।"
    user_Abdul Hannan - عبدالحنان
    Abdul Hannan - عبدالحنان
    Local News Reporter पूर्णिया पूर्व, पूर्णिया, बिहार•
    18 hrs ago
  • कालसर में 08 मृतक आश्रित परिवारों को मिला कबीर अन्त्येष्टि योजना का लाभ
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    कालसर में 08 मृतक आश्रित परिवारों को मिला कबीर अन्त्येष्टि योजना का लाभ
    user_Mukesh Kumar
    Mukesh Kumar
    हसनगंज, कटिहार, बिहार•
    11 hrs ago
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