*सुनिए क्या बोले सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री – “मुझे 45 मिनट तक बनाया गया बंधक”* बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया के सामने जो खुलासे किए, उसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें *करीब 45 मिनट तक जबरन रोके रखा गया,* मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और ऊपर से कॉल आने के बाद ही उन्हें छोड़ा गया। *अलंकार अग्निहोत्री* ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एक अधिकारी ने डीएम से यह तक कह दिया कि “पंडित पागल हो गया है”। यह शब्द सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे सम्मानित समाज और प्रशासनिक गरिमा के लिए अपमानजनक हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक जिम्मेदार अधिकारी अपनी बात रखता है, तो उसे पागल करार देना किस मानसिकता को दर्शाता है? उन्होंने आगे बताया कि उन्हें *दो घंटे के भीतर सरकारी आवास खाली करने का आदेश दिया* गया। दबाव इतना अधिक था कि अधिकारियों से कहा गया— “इसके साथ लग जाओ, इससे घर खाली कराओ”। यह न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग का खुला उदाहरण भी है। अलंकार अग्निहोत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह लड़ाई सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि *सम्मान, स्वाभिमान और सच की लड़ाई है* उन्होंने आरोप लगाया कि जब कोई *अधिकारी सरकार की नीतियों* पर सवाल उठाता है, तो उसे डराने, दबाने और बदनाम करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आज आवाज दबाई गई, तो कल हर ईमानदार अधिकारी निशाने पर होगा। *यह मामला अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं रहा, बल्कि जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ गया है* पत्रकार मयूर तलवार जनपद बरेली
*सुनिए क्या बोले सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री – “मुझे 45 मिनट तक बनाया गया बंधक”* बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया के सामने जो खुलासे किए, उसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें *करीब 45 मिनट तक जबरन रोके रखा गया,* मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और ऊपर से कॉल आने के बाद ही उन्हें छोड़ा गया। *अलंकार अग्निहोत्री* ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एक अधिकारी ने डीएम से यह तक कह दिया कि “पंडित पागल हो गया है”। यह शब्द सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे सम्मानित समाज और प्रशासनिक गरिमा के लिए अपमानजनक हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक जिम्मेदार अधिकारी अपनी बात रखता है, तो उसे पागल करार देना किस मानसिकता को दर्शाता है? उन्होंने आगे बताया
कि उन्हें *दो घंटे के भीतर सरकारी आवास खाली करने का आदेश दिया* गया। दबाव इतना अधिक था कि अधिकारियों से कहा गया— “इसके साथ लग जाओ, इससे घर खाली कराओ”। यह न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग का खुला उदाहरण भी है। अलंकार अग्निहोत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह लड़ाई सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि *सम्मान, स्वाभिमान और सच की लड़ाई है* उन्होंने आरोप लगाया कि जब कोई *अधिकारी सरकार की नीतियों* पर सवाल उठाता है, तो उसे डराने, दबाने और बदनाम करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आज आवाज दबाई गई, तो कल हर ईमानदार अधिकारी निशाने पर होगा। *यह मामला अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं रहा, बल्कि जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ गया है* पत्रकार मयूर तलवार जनपद बरेली
- बरेली से बड़ी खबर सामने आई है। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट और 2016 बैच के PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे की वजह प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ हुई कथित बदसलूकी बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आई एक तस्वीर में अलंकार अग्निहोत्री “#UGC Roll Back – काला कानून वापस लो” लिखा पोस्टर हाथ में लिए नजर आ रहे हैं। उन्होंने नए UGC कानून को सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए शोषणकारी और भेदभावपूर्ण बताया है। अपने इस्तीफे में अलंकार अग्निहोत्री ने लिखा कि माघ मेले के दौरान बटुक ब्राह्मणों और संतों के साथ मारपीट, शिखा पकड़कर घसीटना न केवल अमानवीय है बल्कि धार्मिक मर्यादा का घोर अपमान है। उन्होंने इसे ब्राह्मण समाज के खिलाफ मानसिकता करार दिया। कानपुर नगर के मूल निवासी अलंकार अग्निहोत्री ने 27 मई 2025 को बरेली सिटी मजिस्ट्रेट का कार्यभार संभाला था। इस्तीफे की खबर सबसे पहले उनके बनाए व्हाट्सएप ग्रुप “पुनरुत्थान बरेली परिवार” में वायरल हुई, जहां लोग उनके फैसले पर बंटे नजर आए। एक तरफ समर्थन, दूसरी तरफ सवाल — लेकिन इतना तय है कि PCS अफसर का यह इस्तीफा प्रशासन और राजनीति दोनों में हलचल मचाने वाला है। उनके इस्तीफा की खबर सुनते ही तमाम ब्राह्मण समाज के लोग उनके आवास पर पहुंचे और योगी मोदी मुरादाबाद के नारे भी लगाए गए और भारतीय जनता पार्टी मुर्दाबाद के भी नारे लगाए गए कानून को वापस लेने के भी नारे लगाए गए इस पूरे मामले में बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने जानकारी देते हुए बताया1
- गणतंत्र दिवस के मौके पर जहाँ पूरे देश में भव्य परेड और झांकियां निकाली जा रही हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के मीरगंज में एक ऐसी तिरंगा यात्रा निकली जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी की अगुवाई में निकली इस यात्रा में शान से लहराते तिरंगे के साथ 'भैंसा गाड़ी' और 'बैलगाड़ियों' का काफिला नजर आया।" बरेली का मीरगंज इलाका आज भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। मौका था 77वें गणतंत्र दिवस का, जिसे यादगार बनाने के लिए जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी ने एक अनूठी पहल की। आमतौर पर तिरंगा यात्राओं में लग्जरी गाड़ियां और बाइक्स का शोर सुनाई देता है, लेकिन यहाँ नजारा कुछ अलग था। यहाँ दर्जनों भैंसा गाड़ियों और बैलगाड़ियों को तिरंगे और गुब्बारों से सजाकर तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा की अगुवाई खुद निरंजन यदुवंशी कर रहे थे। उन्होंने इस माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि हमारा गणतंत्र और हमारी आजादी की जड़ें आज भी हमारे गांवों और किसानों से जुड़ी हुई हैं। बाइट (निरंजन यदुवंशी - जिला पंचायत सदस्य): "आज हम अपना गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। हम चाहते थे कि हमारी ये यात्रा जमीन से जुड़ी हो। भैंसा गाड़ी और बैलगाड़ी हमारे किसान भाईयों की पहचान हैं। इस यात्रा के जरिए हम अपनी संस्कृति को नमन करते हुए देश के प्रति अपना प्रेम प्रकट कर रहे हैं।" क्षेत्र के जिस भी रास्ते से यह काफिला गुजरा, लोग घरों से बाहर निकल आए और इस अनोखी पहल की सराहना करने लगे। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में देशभक्ति का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते लोग और हाथों में तिरंगा थामे ग्रामीण, बदलते भारत की एक ऐसी तस्वीर पेश कर रहे थे जहाँ आधुनिकता के साथ अपनी परंपराओं का सम्मान भी जिंदा है। "बरेली के मीरगंज से यह रिपोर्ट दिखाती है कि तिरंगे के प्रति सम्मान दिखाने का तरीका कोई भी हो, लेकिन दिल में बस एक ही जज्बा होना चाहिए1
- स्थान: पुरी जिला, ओडिशा हिंदू राष्ट्रवादियों ने एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति को हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया, उनसे जबरन "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम" के नारे लगवाए, उनके धर्म को लेकर उन्हें मौखिक रूप से गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।1
- Post by Keshav Kumar4
- बीसलपुर में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस #Pilibhit #news1
- कस्बा चुरा सकतपुर क्षेत्र में कंपोजिट विद्यालय में धूमधाम से निकल गई रैली क्षेत्र में सभी स्कूलों में 26 जनवरी पर गणतंत्र दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया नन्हे मुन्ने बच्चों ने किवाता व नाटक दिखाएं क्षेत्र में सभी विद्यालयों में धूमधाम से मनाया गया गणतंत्र दिवस जिसमें सभी विद्यालय चुरा सकतपुर जल्लापुर शायर मलकपुर श्यामपुर सिसैया मितेपुर किशनी परेवा रिछोला घासी गोदरनपुर पटनिया चौसर अभयपुर भगवंतपुर चेना महादेव मीरपुर रिछोला सवाल भैसटा जलालपुर आदि सरकारी सभी स्थानों पर ध्वजारोहण हुआ 84 सकतपुर कंपोजिट विद्यालय में ध्वजारहण के बाद बच्चों बच्चों ने अपने-अपने नाटक बा कविता सुनाई और रंग-बिरंगे कार्यक्रम दिखाएं जिससे आए ग्रामीण ने बच्चों की शरण की व प्रधानाध्यापक शिक्षक सभी की बहुत ही सराहना की ऐसे बच्चे हमारा देश देश के भविष्य हैं आगे चलकर यह बहुत ही उन्नति करेंगे ऐसी बात ग्रामीणों ने बोली जिसमें चुरा सकतपुर कंपोजिट विद्यालय में उपस्थित रहे प्रधानाध्यापक का मृदुला गंगवार शिक्षक रामनाथ राजीव गुलफान सुरजीत कौर सरोज आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों अनुपम सक्सैना सर्वेश कुमारी सहायिका गुड्डी लीलावती आज सभी स्टाफ मौजूद रहा कस्बा चुरा सकतपुर के क्षेत्र में सभी विद्यालयों में धूमधाम से गणतंत्र दिवस मनाया गया और मिठाई बांटी गई3
- स्थान: जनकपुर, धनुषा, नेपाल सरस्वती विसर्जन समारोह के दौरान, कुछ लोग तीन से चार घंटे तक एक मस्जिद के सामने खड़े रहे और अश्लील एवं आपत्तिजनक गाने बजाते रहे। उन पर हिंसा भड़काने का आरोप है।1
- पीलीभीत की बीसलपुर कोतवाली में हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस, पुलिसकर्मी संविधान की रक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनता की निस्वार्थ सेवा की शपथ ली1
- Post by न्यूज21न्यूज चैनल पीलीभीत1