रायसेन की ऐतिहासिक नगरी सांची, जिसे विश्व ऐतिहासिक स्थल का दर्जा प्राप्त है, में बारिश से पहले नगर परिषद प्रशासन की तैयारियां महज औपचारिकता बनकर रह गई हैं, जिससे नगर में भयावह स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। रिपोर्ट के अनुसार, बारिश में शहर की गलियों और सड़कों पर दलदल की समस्या खड़ी हो जाती है, जिससे नगर के लोग भारी खामियाजा भुगतने पर मजबूर होते हैं, क्योंकि प्रशासन केवल पल्ला झाड़ लेता है। जानकारी के मुताबिक, सांची में बारिश के दौरान पानी निकासी के लिए नालियों की सफाई का अभाव रहता है, जिससे जगह-जगह गड्ढों में पानी भर जाता है। सड़कें दलदली हो जाती हैं, हेडगेवार कॉलोनी की सड़कों, स्तूप मार्ग, अस्पताल परिसर और स्तूप रोड पर पानी जमा हो जाता है। नगर के भीतरी क्षेत्र भी बारिश के पानी से प्रभावित रहते हैं, और स्ट्रीट लाइटें अंधेरे में डूबी रहती हैं, जिससे आम जनता को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने मानसून की दस्तक के बावजूद कोई गंभीर बारिश पूर्व तैयारी करने की हिम्मत नहीं जुटाई है, और कुछ दिन पहले शुरू किया गया सड़कों किनारे नालों की सफाई अभियान भी मात्र एक औपचारिकता बनकर रह गया है। प्रशासन न तो स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था कर सका है, न पानी निकासी का प्रबंधन और न ही भीतरी क्षेत्र में नालियों की सफाई करवा सका है। बताया जाता है कि इस स्थल के प्रशासन में लंबे समय से उपयंत्री का पद रिक्त होने के कारण लोगों के तकनीकी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन के पास भारी-भरकम वाहनों और कर्मचारियों की लंबी फौज पर भारी खर्च होने के बावजूद, मूलभूत सुविधाओं की समस्या लगातार बनी हुई है। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित नाले भी अब कचरों के घर बन गए हैं। लोगों को बारिश पूर्व तैयारी की उम्मीद थी, लेकिन प्रशासन की निष्क्रियता के कारण उन्हें समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, और बारिश में सामान्य व जहरीले कीड़े-मकोड़ों से सुरक्षा हेतु कीटनाशक दवाओं की भी कोई उम्मीद नहीं दिख रही है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
रायसेन की ऐतिहासिक नगरी सांची, जिसे विश्व ऐतिहासिक स्थल का दर्जा प्राप्त है, में बारिश से पहले नगर परिषद प्रशासन की तैयारियां महज औपचारिकता बनकर रह गई हैं, जिससे नगर में भयावह स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। रिपोर्ट के अनुसार, बारिश में शहर की गलियों और सड़कों पर दलदल की समस्या खड़ी हो जाती है, जिससे नगर के लोग भारी खामियाजा भुगतने पर मजबूर होते हैं, क्योंकि प्रशासन केवल पल्ला झाड़ लेता है। जानकारी के मुताबिक, सांची में बारिश के दौरान पानी निकासी के लिए नालियों की सफाई का अभाव रहता है, जिससे जगह-जगह गड्ढों में पानी भर जाता है। सड़कें दलदली हो जाती हैं, हेडगेवार कॉलोनी की सड़कों, स्तूप मार्ग, अस्पताल परिसर और स्तूप रोड पर पानी जमा हो जाता है। नगर के भीतरी क्षेत्र भी बारिश के पानी से प्रभावित रहते हैं, और स्ट्रीट लाइटें अंधेरे में डूबी रहती हैं, जिससे आम जनता को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने मानसून की दस्तक के बावजूद कोई गंभीर बारिश पूर्व तैयारी करने की हिम्मत नहीं जुटाई है, और कुछ दिन पहले शुरू किया गया सड़कों किनारे नालों की सफाई अभियान भी मात्र एक औपचारिकता बनकर रह गया है। प्रशासन न तो स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था कर सका है, न पानी निकासी का प्रबंधन और न ही भीतरी क्षेत्र में नालियों की सफाई करवा सका है। बताया जाता है कि इस स्थल के प्रशासन में लंबे समय से उपयंत्री का पद रिक्त होने के कारण लोगों के तकनीकी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन के पास भारी-भरकम वाहनों और कर्मचारियों की लंबी फौज पर भारी खर्च होने के बावजूद, मूलभूत सुविधाओं की समस्या लगातार बनी हुई है। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित नाले भी अब कचरों के घर बन गए हैं। लोगों को बारिश पूर्व तैयारी की उम्मीद थी, लेकिन प्रशासन की निष्क्रियता के कारण उन्हें समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, और बारिश में सामान्य व जहरीले कीड़े-मकोड़ों से सुरक्षा हेतु कीटनाशक दवाओं की भी कोई उम्मीद नहीं दिख रही है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
- रायसेन जिले से राज्य स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने विश्व योग दिवस के अवसर पर वर्ल्ड हेरिटेज सांची में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।1
- रायसेन जिले में बारिश के मौसम के बीच सांची मार्ग की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने मानसूनी बारिश से पहले सड़क की मरम्मत को आवश्यक नहीं समझा, लेकिन अब भारी मानसूनी वर्षा के बीच ही आनन-फानन में डामरीकरण और पैचवर्क का काम करवाया जा रहा है। बारिश के पानी के बीच हो रहे इस निर्माण कार्य से सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जब यह काम धूप में आसानी से किया जा सकता था, तब अधिकारी निष्क्रिय रहे। अब बारिश के दौरान केवल खानापूर्ति की जा रही है, जो कुछ ही दिनों में फिर से खराब हो जाएगी। जनता ने इसे सरकारी बजट का सीधा दुरुपयोग बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने योग को हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, महर्षि पतंजलि द्वारा प्रतिपादित अष्टांग योग की अवधारणा केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तन, मन और आत्मा के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि योग के नियमित अभ्यास से व्यक्ति अपने शरीर को स्वस्थ, मन को शांत तथा जीवन को सुखी, संतुलित और आनंदमय बना सकता है।1
- विदिशा के गर्ल्स कॉलेज परीक्षा केंद्र पर हुई री-नीट परीक्षा में तीन छात्राएं शामिल नहीं हो सकीं। तकनीकी दिक्कतों और दस्तावेजों में गड़बड़ी के कारण उन्हें परीक्षा केंद्र के बाहर ही रोक दिया गया, जिसके बाद परिजनों ने कॉलेज गेट पर हंगामा शुरू कर दिया। दरअसल, दो छात्राओं का बायोमेट्रिक थंब इंप्रेशन नहीं लग पा रहा था, जबकि एक तीसरी छात्रा पुराना प्रवेश पत्र लेकर परीक्षा देने पहुंची थी। इस स्थिति से उत्पन्न तनाव के बीच नोडल अधिकारी को मामले की जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप किया। नोडल अधिकारी के दखल के बाद बायोमेट्रिक समस्या से जूझ रही दोनों छात्राओं को आखिरकार परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल गई, लेकिन गलत प्रवेश पत्र लेकर आई तीसरी छात्रा को केंद्र से बाहर भेज दिया गया। इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा बढ़ा दी गई और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए दस्तावेजों की जांच को और सख्त कर दिया गया।4
- सुल्तानपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को भाजपा मंडल सुल्तानपुर और नगर परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसमें पदाधिकारी, कार्यकर्ता, अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।1
- मुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील में स्थित ककरी गांव में सड़क योजना की स्थिति खराब बताई गई है। यह गांव हीरापुर पोस्ट के अंतर्गत आता है।1
- रायसेन जिले के त्रिमूर्ति चौराहा के पास एक एक्सयूवी वाहन ने कहर मचाते हुए एक बाइक और एक यूको कार को टक्कर मार दी।1