धार जिले के धामनोद से इस वक्त की बड़ी खबर—पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली लोकेशन//धामनोद संवाददाता // गोलू मेवाड़े *धार जिले के धामनोद से इस वक्त की बड़ी खबर—पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। 31 दिसंबर 2025 को संदिग्ध हालत में मिले अज्ञात शव के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा किया है।* धामनोद थाना क्षेत्र में 31 दिसंबर को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी धामनोद भेजा गया। मृतक की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। मामला अंधे कत्ल का प्रतीत होने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ की गई। लगातार जांच के बाद पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों सावन पटेल उम्र 22 साल और कृष्णा स्वामी उम्र 19 साल, दोनों निवासी धामनोद, ने हत्या करना कबूल किया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अज्ञात व्यक्ति को चोर समझकर मोटरसाइकिल पर बैठाया और गुलझरी गांव के पास ले जाकर हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस पूरे खुलासे में नगर पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी और जांच टीम के अन्य अधिकारियों की अहम भूमिका रही। फिलहाल पुलिस मृतक की पहचान और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। धामनोद से बड़ी कार्रवाई—अंधे कत्ल का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार। बाइट –एस डी ओ पी मोनिका सिंह धामनोद से गोलू मेवाड़े की रिपोर्ट।
धार जिले के धामनोद से इस वक्त की बड़ी खबर—पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली लोकेशन//धामनोद संवाददाता // गोलू मेवाड़े *धार जिले के धामनोद से इस वक्त की बड़ी खबर—पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। 31 दिसंबर 2025 को संदिग्ध हालत में मिले अज्ञात शव के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा किया है।* धामनोद थाना क्षेत्र में 31 दिसंबर को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और
जरूरी साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी धामनोद भेजा गया। मृतक की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। मामला अंधे कत्ल का प्रतीत होने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ की गई। लगातार जांच के बाद पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों सावन पटेल उम्र 22 साल और कृष्णा स्वामी उम्र 19 साल, दोनों निवासी धामनोद, ने हत्या करना कबूल किया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने
अज्ञात व्यक्ति को चोर समझकर मोटरसाइकिल पर बैठाया और गुलझरी गांव के पास ले जाकर हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस पूरे खुलासे में नगर पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी और जांच टीम के अन्य अधिकारियों की अहम भूमिका रही। फिलहाल पुलिस मृतक की पहचान और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। धामनोद से बड़ी कार्रवाई—अंधे कत्ल का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार। बाइट –एस डी ओ पी मोनिका सिंह धामनोद से गोलू मेवाड़े की रिपोर्ट।
- बड़वानी। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आईसीयू में भर्ती एक गंभीर मरीज को सुबह 11 बजे इंदौर (एमवाय अस्पताल) रेफर किया गया, लेकिन रात 1 बजे तक एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। लगभग 14 घंटे तक मरीज जिला अस्पताल में ही ऑक्सीजन सपोर्ट पर भर्ती रहा और परिजन अधिकारियों से गुहार लगाते रहे। मामला रात करीब 1 बजे का है। आईसीयू में भर्ती मरीज के साथ केवल उसकी पत्नी और बड़ी बहन मौजूद थीं। दोनों महिलाएं सुबह से एंबुलेंस का इंतजार कर रही थीं और लगातार अधिकारियों से संपर्क कर रही थीं। विधायक ने उठाए सवाल क्षेत्रीय विधायक राजन मंडलोई ने बताया कि वे रात करीब 8 बजे जिला अस्पताल पहुंचे थे। वहां परिजनों ने उन्हें पूरी स्थिति बताई कि सुबह 11 बजे रेफर करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं आई है। विधायक ने तत्काल सिविल सर्जन और अन्य अधिकारियों से संपर्क किया। विधायक का कहना है कि रात 10 बजे से सीएमएचओ सहित संबंधित अधिकारियों को फोन लगाए जा रहे थे। हर बार यही जवाब मिला कि “एंबुलेंस रास्ते में है”, लेकिन देर रात तक वाहन अस्पताल नहीं पहुंचा। विधायक ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि सरकार बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था कमजोर नजर आती है। सिविल सर्जन का मिला सहयोग हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना का सहयोग सराहनीय रहा। परिजनों के अनुसार डॉ. खन्ना रात 1 बजे तक लगातार फोन के माध्यम से संपर्क में बने रहे। वे किसी आवश्यक कार्य से बाहर होने के कारण अस्पताल नहीं पहुंच सके, लेकिन लगातार एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों से समन्वय करते रहे। मरीज के परिजनों ने डॉ. खन्ना के सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए हरसंभव मदद करने का प्रयास किया। “अब क्या जान चली जाए तब एंबुलेंस आएगी?” मरीज की बड़ी बहन गायत्री, निवासी धामनोद, ने बताया कि उसका भाई 5 तारीख से भर्ती है और डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उसका लिवर पूरी तरह खराब हो चुका है। दो दिन पहले ही इंदौर रेफर करने की बात कही गई थी। गायत्री ने कहा, “सुबह 11 बजे से हमें कहा गया कि एंबुलेंस आ रही है। रात के 1 बज गए, लेकिन कोई वाहन नहीं आया। हम दो महिलाएं यहां परेशान बैठे हैं। अगर समय पर इंदौर पहुंच जाते तो इलाज शुरू हो जाता।” एंबुलेंस सेवा पर उठे सवाल इस घटना ने एंबुलेंस सेवा और आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आईसीयू मरीज को घंटों इंतजार कराना स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर कमी को दर्शाता है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए क्या ठोस व्यवस्था की जाती है।1
- नमस्कार, मैं प्रिंस धुळे… और आप देख रहे हैं आपकी अपनी ग्राउंड रिपोर्ट। मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक एक फोटो स्टूडियो में काम करता था। उसका शव MR4 के सुनसान इलाके में पाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। 🔎 जांच अपडेट: पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कई एंगल से जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके। आख़िर ये हादसा है… या फिर साजिश? सच क्या है — ये जांच के बाद ही साफ होगा।1
- देपालपुर -; पिता की मौत के बाद प्रॉपर्टी को लेकर हुआ जोरदार हंगामा40 साल से दूर रह रहा बेटा पिता की संपत्ति पर कब्जा करने पहुंचा ।1
- इंदौर में वैलेंटाइन को लेकर सायबर क्राइम ने जारी की एडवाजरी कही यह बात वैलेंटाइन डे को लेकर हो रही ऑनलाइन धोखाधड़ी गिफ्ट और पार्सल के नाम पर साइबर अपराधी सक्रिय साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत भी आई है एंकर - वैलेंटाइन वीक में जहां लोग रिश्तों की शुरुआत कर रहे हैं, वहीं साइबर ठग इस मौके को ठगी के सीजन में बदल चुके हैं, डेटिंग एप्स पर दोस्ती, फिर गिफ्ट और मुलाकात के नाम पर लोगों से हजारों-लाखों की ठगी हो रही है, हालात को देखते हुए खुद क्राइम ब्रांच ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है, सबसे बड़ी यह है की वेलेंटाइन वीक मे इस तरह की वारदात सबसे अधिक सामने या रही है वीओ - वैलेंटाइन वीक शुरू होते ही साइबर ठगों की सक्रियता भी तेज हो गई है, प्यार और दोस्ती की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाकर ठग डेटिंग एप्स पर फर्जी प्रोफाइल बना रहे हैं, आकर्षक तस्वीरें, मीठी बातें और भरोसे की कहानी के जरिए पहले नजदीकियां बढ़ाई जाती हैं, फिर धीरे-धीरे ठगी का जाल बुना जाता है, साइबर अपराधी अक्सर खुद को बड़े शहरों या विदेश में काम करने वाला बताकर लोगों को प्रभावित करते हैं, लगातार चैटिंग और वीडियो कॉल के जरिए भावनात्मक रिश्ता बनाया जाता है ताकि सामने वाला बिना सोचे-समझे उन पर भरोसा करने लगे, जैसे ही भरोसा पुख्ता होता है, ठग गिफ्ट भेजने, होटल बुकिंग, घूमने की योजना या अचानक मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे मांगने लगते हैं, कई मामलों में पीड़ितों को यह बताया जाता है कि उनके नाम पर महंगे गिफ्ट भेजे गए हैं जो कस्टम में फंस गए हैं, और उन्हें छुड़ाने के लिए तुरंत शुल्क जमा करना होगा, डर और भावनाओं के दबाव में लोग हजारों से लेकर लाखों रुपए तक ट्रांसफर कर देते हैं, लेकिन इसके बाद ठग संपर्क तोड़ देते है। वीओ - इंदौर मे ऐसे की शिकायतकर्ता सामने आए है जिनके साथ इस तरह की घटनाए हो चुकी है, सबसे बड़ी बात यह रहती है की लोग बदनामी के डर से शिकायत नहीं करते ओर बदमाशों के हौसले बुलंद हो जाते है। क्राइम ब्रांच के अनुसार वैलेंटाइन वीक के दौरान ऐसे मामलों में तेजी से बढ़ोतरी होती है। खासकर युवा वर्ग और अकेले रहने वाले लोग इस जाल में जल्दी फंस जाते हैं। कई पीड़ित सामाजिक शर्म के चलते शिकायत नहीं करते, जिससे अपराधियों के हौसले और मजबूत हो जाते हैं, इसी खतरे को देखते हुए पुलिस ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान प्रोफाइल पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। निजी जानकारी, बैंक डिटेल, ओटीपी या फोटो किसी के साथ साझा न करें। अगर कोई व्यक्ति जल्दी नजदीकी बढ़ाकर पैसे की मांग करता है, तो उसे तुरंत ब्लॉक करें और उसकी शिकायत दर्ज कराएं। बाइट - राजेश दंडोतिया, एडी डीसीपी वीओ - प्यार के इस मौसम में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है, वरना एक क्लिक आपकी जिंदगी भर की कमाई पर भारी पड़ सकता है।1
- इंदौर कलेक्टर शिवम् वर्मा और महापौर देर रात RSS (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) के कार्यालय पहुंचे जिसपर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कलेक्टर को मंच से लगाई फटकार1
- राज्य के मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कि अब सरकारी कार्यक्रमों और विशेष आयोजनों में राष्ट्रगान से पहले राष्ट्रगीत गाया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य देशभक्ति की भावना को और मजबूत करना तथा युवाओं में राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।1
- बड़वानी। जिला मुख्यालय स्थित पुराने कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रस्तावित सीसी रोड निर्माण को लेकर मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। सड़क निर्माण को लेकर नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि निक्कू चौहान और स्थानीय व्यापारियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि निक्कू चौहान ने मौके पर पहुंचकर बताया कि यह सड़क मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत बनाई जा रही है। उन्होंने कहा, “हम यहां सीसी रोड बनाने के लिए आए हैं। यह योजना ऊपर से स्वीकृत होती है और जो निर्माण प्रकार तय होता है, वही करना पड़ता है। इसमें बदलाव संभव नहीं है। सड़क निर्माण की कुल लागत लगभग 23 लाख रुपये है।” उन्होंने आगे बताया कि निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। “सारी खुदाई एक साथ की जाएगी, लेकिन एक साइड का ट्रैफिक चालू रखा जाएगा और दूसरी ओर सड़क का निर्माण किया जाएगा। व्यापारियों से चर्चा हुई है और सहमति बनी है कि ढाई महीने में सड़क पूरी कर दी जाएगी,” चौहान ने कहा। वहीं स्थानीय व्यापारी महेश यादव ने निर्माण कार्य का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें सीमेंट कंक्रीट (सीसी) रोड के बजाय डामरीकरण (बीटी) सड़क चाहिए। उन्होंने कहा, “हमने सड़क बनाने से मना किया था क्योंकि हमें डामर की सड़क चाहिए। अधिकारी कह रहे हैं कि डामर नहीं, सीसी रोड ही बनेगा। हमने कहा कि छह महीने से पहले काम पूरा नहीं होगा, लेकिन ये सिर्फ ढाई महीने में बनाने का आश्वासन दे रहे हैं।” व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय तक निर्माण कार्य चलने से उनका व्यापार प्रभावित होगा, जबकि नगर पालिका का दावा है कि कार्य तय समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा और आवागमन सुचारू रखा जाएगा। कुछ देर तक मौके पर माहौल गरमाया रहा, हालांकि बाद में समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हुई।1
- इंदौर मे फिर पकड़ाई बच्चा चोर महिला आये दिन पकड़ा रहे है इन गिरो के लोग सूत्रों से यह पता चला है की इनके गिरो मे महिला, ओर बच्चे भी है शामिल इसलिए सतक रहे सावधान रहे1
- इंदौर में नगर निगम की कार्यवाही के दौरान हंगामा वीडियो हुआ वायरल ठेले संचालक ने मरने के लिए तराजू उठाया निगम की टीम द्वारा रोड पर लगे ठेले हटाए जा रहे थे शहर में यातायात विभाग और निगम कर रहा है कार्रवाई मामले में वायरल वीडियो की जांच में जुटी पुलिस एंकर - इंदौर में नगर निगम की रिमूवल कार्रवाई के दौरान निगम कर्मचारी पर हमले की कोशिश का मामला सामने आया है। धार रोड पर चल रही कार्रवाई के बीच एक ठेला संचालक ने निगम अधिकारी पर तराजू से हमला करने का प्रयास किया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीओ - दरअसल इंदौर के धार रोड क्षेत्र में नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान निगम अधिकारी जितेंद्र सोलंकी अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद थे। कार्रवाई के दौरान एक ठेला संचालक जाकिर ने विरोध शुरू कर दिया और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया।वही इसमें बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान जाकिर ने तराजू उठाकर निगम अधिकारी पर हमला करने की कोशिश की। मौके पर धक्का-मुक्की भी हुई। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें बहस और हंगामा साफ देखा जा सकता है। वही नगर निगम अधिकारियों की शिकायत पर छत्रीपुरा थाना पुलिस ने ठेला संचालक जाकिर के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। बाइट - राजेश दंडोतिया --- एडिशनल डीसीपी1