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धीरेंद्र त्रिपाठी की रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद के महामाया स्टेडियम में आयोजित फुटबॉल लीग में सरकारी स्कूल की बच्चियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना जलवा बिखेरा है।
पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी
धीरेंद्र त्रिपाठी की रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद के महामाया स्टेडियम में आयोजित फुटबॉल लीग में सरकारी स्कूल की बच्चियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना जलवा बिखेरा है।
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- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कादराबाद निवासी दिनेश कुमार ने थाना मोदीनगर में शिकायत दर्ज कराई है। दिनेश ने आरोप लगाया है कि 25 जुलाई की रात करीब 8:22 बजे जब वह अपनी कार से घर लौट रहे थे, तभी एक सफेद XUV700 में सवार गौरव और उसके 2-3 साथियों ने उनका पीछा किया। आरोप है कि जीटी रोड पर आरोपियों ने कार की छत से शीशा खोलकर दिनेश पर फायरिंग की। दिनेश ने किसी तरह अपनी जान बचाई। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी और पुराने विवाद का हवाला दिया। पीड़ित दिनेश ने तुरंत डायल-112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। दिनेश ने CCTV फुटेज होने का दावा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। इसके अलावा, मोदीनगर के पत्रकार और कारोबारी वीरेंद्र कुमार पर भी फायरिंग का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता ने उनके खिलाफ भी सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है।1
- गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट की थाना अंकुर विहार पुलिस ने धोखाधड़ी के एक चर्चित मामले में फरार चल रहे वांछित आरोपी मुस्तकीम अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता के प्लॉट के फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैनामा अपने नाम करा लिया था। इसके बाद आरोपी शिकायतकर्ता पर प्लॉट और मकान खाली करने का दबाव बना रहे थे तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस मामले में पहले ही तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी मुस्तकीम अहमद को 27 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने फर्जी बैनामा तैयार कर प्लॉट पर कब्जा करने की साजिश कबूल की है। पुलिस आरोपी के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है और उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।1
- गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा को लेकर सत्यम पंडित का एक और विवादित वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वह कांवड़ यात्रा के दौरान मुस्लिम पुलिस अधिकारियों को तैनात न करने की मांग कर रहे हैं। मामला बढ़ने के बाद गाजियाबाद पुलिस ने वीडियो पर संज्ञान लिया है। DCP सिटी ज़ोन धवल जायसवाल के मुताबिक, वीडियो की जांच की जा रही है और पुलिस बल की निष्पक्षता को प्रभावित करने या माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा को लेकर सत्यम पंडित का एक और विवादित वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वह कांवड़ यात्रा के दौरान मुस्लिम पुलिस अधिकारियों को तैनात न करने की मांग कर रहे हैं। मामला बढ़ने के बाद गाजियाबाद पुलिस ने वीडियो पर संज्ञान लिया है। DCP सिटी ज़ोन धवल जायसवाल के मुताबिक, वीडियो की जांच की जा रही है और पुलिस बल की निष्पक्षता को प्रभावित करने या माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद अभिजीत दिपके और CJP ने आज एक फाइव-स्टार होटल में अपनी टीम और उन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक बड़ी पार्टी रखी, जो CJP के विरोध-प्रदर्शन में शामिल थे। हालाँकि, विरोध-प्रदर्शन का अहम हिस्सा रहने के बावजूद मोहम्मद जुनैद और शादाब सैफ़ी को इस जश्न से दूर रखा गया। अभिजीत दिपके ने इन दोनों को पार्टी में आमंत्रित नहीं किया, जबकि वे CJP के विरोध-प्रदर्शन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे थे।1
- 'अपना कार्गो पार्टनर' ने पोर्टर (Porter) ऐप पर कमर्शियल ड्राइवरों से धोखाधड़ी करने और टोल रिफंड के नाम पर गुमराह करने का आरोप लगाया है। उत्तर प्रदेश से हरियाणा या दिल्ली का बॉर्डर पार करते समय अपनी जेब से स्टेट टैक्स और टोल भरने वाले ड्राइवरों को पोर्टर सपोर्ट टीम "6 दिन में पैसा आएगा" का झूठा वादा करके बेवकूफ बना रही है। इस खुलासे के समर्थन में पोर्टर सपोर्ट टीम की कॉल रिकॉर्डिंग और लाइव लेजर का पक्का सबूत पेश किया गया है। सबूत के तौर पर 19 जुलाई के एक ऑर्डर का ब्योरा दिया गया है, जिसमें ड्राइवर ने खुद टोल का भुगतान किया था। सपोर्ट टीम ने आश्वासन दिया था कि 6 दिन बाद टोल की राशि क्रेडिट हो जाएगी, लेकिन 7 से अधिक दिन बीत जाने के बाद भी लेजर में ₹1 भी नहीं आया और वॉलेट -₹337 में ही अटका रहा। इसके अलावा, ऐप में 'हेल्पर' (लेबर) टोगल बंद रहने के बावजूद ड्राइवरों को ज़बरदस्ती हेल्पर वाले ऑर्डर थमाने की गंभीर समस्या भी सामने रखी गई है। ड्राइवरों की मेहनत का पैसा डूबने से बचाने के लिए इस वीडियो को अधिक से अधिक शेयर करने और एकजुट होने की अपील की गई है, ताकि पोर्टर मैनेजमेंट और सपोर्ट टीम तक यह आवाज़ पहुँचे। वीडियो में कॉल रिकॉर्डिंग का सच, 6 दिन का झूठा वादा, लाइव लेजर का सबूत, स्टेट टैक्स व बॉर्डर टोल की दिक्कतें और ड्राइवर एकता की माँग जैसे मुख्य मुद्दों को उठाया गया है।1
- केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धोखाधड़ी को रोकना है। विधेयक के तहत, परीक्षाओं में नकल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। इस विधेयक के पेश होने के बाद, उम्मीद है कि सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी और छात्रों को एक समान अवसर मिलेगा।1
- गाजियाबाद के मोदीनगर में एक महिला पिछले एक महीने से अपने लापता पति की तलाश को लेकर पुलिस चौकी और मोदीनगर थाने के चक्कर काट रही है। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति नाराज होकर घर से चला गया था, लेकिन इतने समय बाद भी पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है। महिला का कहना है कि गोविंदपुरी चौकी में नए दरोगा लगातार उसे टालते रहे हैं। आरोप है कि न तो मोबाइल की लोकेशन निकाली गई और न ही कॉल डिटेल के आधार पर कोई प्रभावी जांच की गई। पीड़िता का कहना है कि जांच में गंभीरता की कमी के कारण, उसका परिवार लगातार परेशान है। महिला ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द अपने पति की तलाश कराने की मांग की है। साथ ही मीडिया के माध्यम से भी उसने प्रशासन से न्याय और मदद की गुहार लगाई है। वीरेंद्र कुमार, पत्रकार मोदीनगर ने भी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है।1
- मोदीनगर तहसील परिसर में शौचालय की मरम्मत का कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे अधिवक्ताओं, वादकारियों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि कई महीनों पहले शौचालय की मरम्मत शुरू की गई थी, लेकिन कार्य की रफ्तार बेहद धीमी होने के कारण अब तक इसे पूरा नहीं किया जा सका है। अधिवक्ताओं ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि तहसील में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपने कार्यों के लिए आते हैं, लेकिन शौचालय बंद होने से उन्हें असुविधा झेलनी पड़ रही है। अधिवक्ताओं ने कहा कि कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाया जा चुका है, फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शौचालय की मरम्मत का कार्य जल्द पूरा कराया जाए और इसे शीघ्र आम लोगों के उपयोग के लिए सुचारू रूप से चालू कराया जाए।1