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बरेली के बिथरी थाना क्षेत्र के पदारथपुर गांव में मुहर्रम जुलूस के दौरान रुपये उड़ाने को लेकर एक ही संप्रदाय के दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद देखते ही देखते मारपीट और लाठी-डंडों में बदल गया, जिसमें 15 से 20 लोग घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया। इसके बावजूद, पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
Sumit Awasthi पत्रकार
बरेली के बिथरी थाना क्षेत्र के पदारथपुर गांव में मुहर्रम जुलूस के दौरान रुपये उड़ाने को लेकर एक ही संप्रदाय के दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद देखते ही देखते मारपीट और लाठी-डंडों में बदल गया, जिसमें 15 से 20 लोग घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया। इसके बावजूद, पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
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- बरेली सेंट्रल जेल से खेती के दौरान फरार हुए दुष्कर्म के दोषी कैदी दिनेश को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। फरार होने पर उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। गुरुवार रात इज्जतनगर क्षेत्र में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में जवाबी फायरिंग के दौरान दिनेश के पैर में गोली लगी। दिनेश के जेल से भागने में लापरवाही बरतने के आरोप में जेलर समेत सात कर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। मुठभेड़ में घायल हुए कैदी दिनेश को उपचार के बाद वापस जेल भेज दिया गया है।1
- बरेली के जोगी नवादा क्षेत्र में मोहर्रम की 10वीं तारीख पर गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। इस अवसर पर हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने मिलकर सौहार्द का संदेश दिया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार निकाले गए ताजिए और तख्तों का जगह-जगह स्वागत किया गया, जहाँ हिंदू समाज के लोगों ने ताजियों पर पुष्पवर्षा कर सम्मान व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में पीस कमेटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान आजम खान, हनीफ कुरैशी, मोनू खान और महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष खुशनुमा खान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम में पीस कमेटी ऑफ इंडिया के सलाहकार एवं मीडिया प्रभारी डॉ. शहाबुद्दीन, गुलाम खान, मिकी मिर्जा, मिर्जा साहब बेग, रामनिवास शर्मा, मनोज भारती, शाजिया साद और वरिष्ठ समाज सेवा समिति के सदस्य भी उपस्थित थे। इसके साथ ही, समाजसेवी संजीव दादा को उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। इस जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद था। एसपी सिटी मानुष पारीक, सीओ तृतीय आशुतोष शिवम, बारादरी थाना प्रभारी विजयेंद्र सिंह, जोगी नवादा चौकी प्रभारी कुशल पाल सिंह तथा काकाटोला चौकी प्रभारी जावेद खान अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन की सतर्कता और जनता के सहयोग के कारण यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- बरेली जनपद की ग्राम पंचायत पखुरनी में इस वर्ष भी मोहर्रम का पर्व हर साल की तरह पूरी श्रद्धा, शांति और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इमाम हुसैन की शहादत की याद में एक विशाल ताजिया जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया। यह आयोजन सांप्रदायिक सौहार्द और एकता का प्रतीक बनकर उभरा। मोहर्रम के अवसर पर इमाम हुसैन की शहादत की याद में ताजिया जुलूस पुलिया चौराहे पर गोटियां के ताजिया के साथ कश्यप वाली गली से शुरू हुआ। यह जुलूस ग्राम प्रधान श्री धर्मेंद्र कुमार मौर्य के आवास, शिव मंदिर और प्राथमिक विद्यालय से होते हुए अपने निर्धारित मार्ग से धौरा रोड स्थित कर्बला पहुंचा। इस दौरान नगला खेड़ा, बंजरिया जागीर, गोटियां और पखुरनी सहित आसपास के विभिन्न क्षेत्रों के ताजिए भी जुलूस में शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई। वहीं, गांव में कई स्थानों पर कर्बला की याद में 'सबील' लगाकर राहगीरों और श्रद्धालुओं को शर्बत और ठंडा पानी पिलाया गया, जो सेवा और सौहार्द का संदेश देता है। इस आयोजन की सबसे खास तस्वीर तब देखने को मिली जब ताजिया जुलूस शिव मंदिर के पास से गुजरा। मंदिर की गरिमा और पवित्रता का सम्मान करते हुए मुस्लिम समाज के लोगों ने स्वतः ही ढोल-नगाड़े बजाना बंद कर दिया और ढोल को अपने सिर पर रखकर शांतिपूर्वक आगे बढ़े। इस संवेदनशील पहल ने इंसानियत, आपसी सम्मान और सांप्रदायिक सौहार्द का ऐसा अनूठा संदेश दिया, जिसकी हर ओर सराहना हुई। यह मोहर्रम आयोजन एक बार फिर यह साबित करता है कि जब विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करते हैं, तभी समाज में भाईचारा और एकता की मिसाल कायम होती है।4
- अच्छा 27 जून शनिवार की मुख्य ताजा बड़ी खबर.. देश और दुनिया की सबसे बड़ी- अपडेट सभी राज्य से बड़ी घटना की खबर ब्रेकिंग न्यूज़ बड़ी अपडेट सभी राज्यों की ताजा खबर अपडेट मुख्य समाचार ब्रेकिंग न्यूज़ देश और दुनिया की सबसे बड़ी अपडेट मुख्य समाचार ब्रेकिंग न्यूज़ चैनल को फॉलो कीजिए1
- बदायूं के सांसद आदित्य यादव ने राम मंदिर से जुड़ी चोरी के मामले में एक बड़ा आरोप लगाया है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित इज्जतनगर में पुलिस ने ₹25,000 के एक इनामी बदमाश को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। उच्च अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी से संबंधित जानकारी साझा की। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में यह इनामी बदमाश ढेर होने से बाल-बाल बचा। पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया जा सका। बताया गया है कि यह बदमाश पहले जेल से फरार हो गया था और उसे पकड़ने में पुलिस को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा।1
- बदायूं जनपद के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के मोहल्ला मछली बाजार में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के दौरान जमकर पथराव हुआ, जिसमें कई लोग घायल हो गए। आरोप है कि इस दौरान छतों से भी ईंट-पत्थर फेंके गए, जिससे घटना की गंभीरता बढ़ गई। इस वारदात के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा हो गया है, जिसके चलते कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई है। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है।1
- फर्रुखाबाद के थाना राजेपुर क्षेत्र में पॉक्सो और जानलेवा हमले के चर्चित मामले में राजेपुर पुलिस ने एक और वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक किशोरी से छेड़छाड़ के विरोध में उसके चाचा पर हुए हमले के मुकदमे से संबंधित है। उपनिरीक्षक आशुतोष सिंह ने इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया, जिसके बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस लगातार हो रही कार्रवाई से आरोपियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत राजेपुर पुलिस को यह सफलता मिली। गिरफ्तार आरोपी की पहचान इन्दरपाल पुत्र पूरनलाल, निवासी ग्राम सीढ़ेचकरपुर, थाना राजेपुर, जनपद फर्रुखाबाद के रूप में हुई है। उसके खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 96/2026 दर्ज है। अभियुक्त के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 333, 74, 109, 352, 351 (2) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 7/8 के तहत आरोप लगाए गए हैं। विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय फतेहगढ़ में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उल्लेखनीय है कि इसी मुकदमे में मुख्य आरोपी को पहले भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अब शेष वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने बताया है कि महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराध करने वाले और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने राजेपुर पुलिस की प्रतिबद्धता पर जोर दिया कि वह प्रत्येक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी।1
- ग्राम पंचायत पखुरनी में इस वर्ष भी मोहर्रम का पर्व श्रद्धा, शांति और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। इमाम हुसैन की शहादत की याद में निकाले गए ताजिया जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों और ग्रामीणों ने भाग लिया। यह आयोजन हर वर्ष की भांति शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जिसने क्षेत्र में भाईचारे की एक अनूठी मिसाल पेश की। जुलूस पुलिया चौराहे से शुरू होकर गोटियां का ताजिया कश्यप वाली गली से होते हुए ग्राम प्रधान श्री धर्मेंद्र कुमार मौर्य के आवास, शिव मंदिर, प्राथमिक विद्यालय और निर्धारित मार्ग से धौरा रोड स्थित कर्बला पहुंचा। इस विशाल जुलूस में नगला खेड़ा, बंजरिया जागीर, गोटियां और पखुरनी सहित विभिन्न स्थानों के ताजिए भी शामिल हुए, जिससे इसकी भव्यता और बढ़ गई। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद रहा, जिससे शांति और कानून-व्यवस्था बनी रही। वहीं, गांव के विभिन्न स्थानों पर कर्बला की याद में सबीलें भी लगाई गईं, जहाँ राहगीरों और श्रद्धालुओं को शर्बत एवं ठंडा पानी वितरित किया गया। इस जुलूस के दौरान धार्मिक सौहार्द और भाईचारे की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली, जिसकी ग्रामीणों ने खूब सराहना की। जब ताजिया शिव मंदिर के समीप पहुंचा, तो मुस्लिम समाज के लोगों ने मंदिर की गरिमा का सम्मान करते हुए ढोल-नगाड़े बजाना बंद कर दिया। ढोल को अपने सिर पर रखकर वे शांतिपूर्वक आगे बढ़े। ग्रामीणों ने इस दृश्य को आपसी सम्मान और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। मोहर्रम का यह आयोजन क्षेत्र में शांति, सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की एक मिसाल बनकर संपन्न हुआ, जिसने सामुदायिक एकता का संदेश दिया।4