दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने अंतरराज्यीय वाहन चोरी सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए 10 आरोपी को किया गिरफ्तार दिल्ली क्राइम ब्रांच की आईएससी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित अंतरराज्यीय ऑटो-लिफ्टर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन के दौरान 10 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके कब्जे से 31 हाई-एंड चोरी के वाहन बरामद किए गए हैं, जिनमें 11 फॉर्च्यूनर कारें भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से चेसिस से छेड़छाड़ करने वाले उपकरण, फर्जी दस्तावेज़ और धोखाधड़ी से किए गए रजिस्ट्रेशन से जुड़े सबूत भी बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और चोरी व लोन-डिफॉल्ट वाहनों को फर्जी कागजात के जरिए “कानूनी” बनाकर भोले-भाले खरीदारों को बेचता था। पुलिस के अनुसार, इस सिंडिकेट ने 1000 से अधिक वाहनों का फर्जी दस्तावेज़ों और सिस्टम में हेरफेर कर अवैध रूप से रजिस्ट्रेशन कराया था। यह पूरा नेटवर्क चोरी, चेसिस से छेड़छाड़, फर्जी रजिस्ट्रेशन और अवैध बिक्री की एक संगठित श्रृंखला के रूप में काम कर रहा था। यह सफल ऑपरेशन इंस्पेक्टर मनमीत मलिक के नेतृत्व में, एसीपी रमेश लांबा के मार्गदर्शन और डीसीपी आदित्य गौतम की निगरानी में अंजाम दिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने अंतरराज्यीय वाहन चोरी सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए 10 आरोपी को किया गिरफ्तार दिल्ली क्राइम ब्रांच की आईएससी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित अंतरराज्यीय ऑटो-लिफ्टर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन के दौरान 10 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके कब्जे से 31 हाई-एंड चोरी के वाहन बरामद किए गए हैं, जिनमें 11 फॉर्च्यूनर कारें भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से चेसिस से छेड़छाड़ करने वाले उपकरण, फर्जी दस्तावेज़ और धोखाधड़ी से किए गए रजिस्ट्रेशन से जुड़े सबूत भी बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और चोरी व लोन-डिफॉल्ट वाहनों को फर्जी कागजात के जरिए “कानूनी” बनाकर भोले-भाले खरीदारों को बेचता था। पुलिस के अनुसार, इस सिंडिकेट ने 1000 से अधिक वाहनों का फर्जी दस्तावेज़ों और सिस्टम में हेरफेर कर अवैध रूप से रजिस्ट्रेशन कराया था। यह पूरा नेटवर्क चोरी, चेसिस से छेड़छाड़, फर्जी रजिस्ट्रेशन और अवैध बिक्री की एक संगठित श्रृंखला के रूप में काम कर रहा था। यह सफल ऑपरेशन इंस्पेक्टर मनमीत मलिक के नेतृत्व में, एसीपी रमेश लांबा के मार्गदर्शन और डीसीपी आदित्य गौतम की निगरानी में अंजाम दिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
- Post by Kishanveer Rajput1
- Post by Pro hindustan tv1
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- दिल्ली के नजफगढ़ वार्ड में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निगम पार्षद अमित खरखरी ने संबंधित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में नालियों की नियमित सफाई, कचरा उठान की समयबद्ध व्यवस्था और स्वच्छता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। पार्षद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य नजफगढ़ वार्ड को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाना है, और इसके लिए जनसहयोग भी बेहद जरूरी है।1
- भारत का कोहिनूर वापस करो, अब अमेरिका से उठी मांगकोहिनूर सिर्फ एक हीरा नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक गर्व और औपनिवेशिक दर्द- दोनों का प्रतीक है. जोहरान ममदानी ने दिखा दिया है कि भले उनकी परवरिश अमेरिका में हुई हो लेकिन उन्होंने अपनी भारतीय जड़ों को काटा नहीं है. विक्टोरिया को दे दिया गया. आज यह 105.6 कैरेट का हीरा क्वीन एलिजाबेथ (क्वीन मदर) के ताज में जड़ा हुआ है और लंदन के टॉवर ऑफ लंदन में मजबूत कांच के पीछे सुरक्षित रखा गया है. भारत के लिए कोहिनूर “सबसे बड़ा वापस न किया गया खजाना” माना जाता है. ममदानी की बात भारत की बड़ी आबादी की भावना से मेल खाती है, जो इसे कानूनी तोहफा नहीं बल्कि लूटा हुआ खजाना मानती है.1
- Post by अनीश कुमार1
- भारत की बिजली की कहानी नाटकीय रूप से बदल गई है-2012 में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती जिससे 600 मिलियन लोगों को बिजली की कमी हुई थी, से 2026 में बिना किसी ग्रिड विफलता के रिकॉर्ड बिजली मांग तक पहुंच गई है। मजबूत सुधारों, विस्तारित बुनियादी ढांचे और सौर जैसी नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते हिस्से के साथ, देश अब स्थिर और लगभग पूरे दिन बिजली प्रदान करता है। यह यात्रा दर्शाती है कि भारत संकट से नियंत्रण में कैसे चला गया, एक अधिक विश्वसनीय और लचीली बिजली प्रणाली बनाते हुए।1
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