दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के समर्थन में मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मौ नगर में युवाओं ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान युवाओं ने नगर में एक रैली निकाली और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस कथित विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है। प्रदर्शन में शामिल युवाओं का आरोप है कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक की घटनाओं ने देश के लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। इससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों का भरोसा पूरी तरह कमजोर हुआ है। रैली के दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" और "भाजपा सरकार जवाब दो" जैसे सरकार विरोधी नारे लगाए। युवाओं ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई और उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई और भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता व सुरक्षा के साथ आयोजित करने की पुरजोर मांग उठाई है। उन्होंने साफ कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के समर्थन में मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मौ नगर में युवाओं ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान युवाओं ने नगर में एक रैली निकाली और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस कथित विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है। प्रदर्शन में शामिल युवाओं का आरोप है कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक की घटनाओं ने देश के लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। इससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों का भरोसा पूरी तरह कमजोर हुआ है। रैली के दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" और "भाजपा सरकार जवाब दो" जैसे सरकार विरोधी नारे लगाए। युवाओं ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई और उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई और भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता व सुरक्षा के साथ आयोजित करने की पुरजोर मांग उठाई है। उन्होंने साफ कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- आज विधानसभा भवन परिसर में खाद वितरण की समस्या को लेकर पत्रकार बंधुओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए गए।1
- होल्कर स्टेट से निकली और कभी आलमपुर नगर की जीवनदायिनी रही सोन भद्रिका नदी आज सरकारी उपेक्षा के कारण अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। करीब 15 वर्ष पहले तक इस नदी का पानी इतना साफ-सुथरा था कि लोग इसे पीने के लिए इस्तेमाल करते थे और इसी में स्नान कर कपड़े धोते थे। यह नदी न केवल लोगों की प्यास बुझाती थी, बल्कि इसके पानी से ग्रामीण इलाकों के किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलती थी, जो उनकी आय का मुख्य माध्यम बना हुआ था। लेकिन वर्तमान में प्रशासन की घोर अनदेखी और सिंचाई विभाग की अनियमितताओं के चलते इस नदी का स्वरूप पूरी तरह क्षीण हो चुका है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि जिस नदी का पानी कभी अमृत के समान स्वच्छ बहता था, उसमें अब नगर के गंदे नालों को छोड़ दिया गया है। नालों की इस गंदगी के कारण न केवल नदी पूरी तरह प्रदूषित हो चुकी है, बल्कि इसके चलते पूरे नगर का वातावरण भी दूषित होता जा रहा है।1
- भिंड में तेज बारिश के कारण जहां एक तरफ मौसम बेहद सुहावना हो गया है, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर हुए जलभराव और फिसलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आसमान पूरी तरह से बादलों से घिरा हुआ है और बारिश के चलते सड़क किनारे लगे घने पेड़ों के बीच रास्ते पूरी तरह गीले हो चुके हैं, जिससे कई जगहों पर पानी जमा हो गया है। इस बरसाती मौसम के बीच सड़कों पर सफेद कार और ऑटो रिक्शा जैसे वाहन गुजर रहे हैं। खराब मौसम और सड़क पर फिसलन को देखते हुए लोगों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले में आम आदमी पार्टी ने देश के प्रख्यात वैज्ञानिक और शिक्षाविद श्री सोनम वांगचुक के लोकतांत्रिक संघर्ष के समर्थन में एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला। इसके साथ ही पार्टी ने शिक्षा के व्यवसायीकरण को बंद करने, पेपर लीक प्रकरण में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह शांतिपूर्ण मार्च शास्त्री चौराहा से शुरू होकर परेड चौराहा और गोल मार्केट तक निकाला गया, जहां कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए आवाज उठाई। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष अभिलाख सिंह कुशवाह ने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य बार-बार होने वाले पेपर लीक से बर्बाद हो रहा है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक जैसे प्रतिष्ठित शिक्षाविद शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और पेपर लीक जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदेश संगठन मंत्री एवं चंबल संभाग प्रभारी साकेत सक्सेना ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और पार्टी युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई, तो देश का भविष्य प्रभावित होगा। इसके साथ ही जिला सचिव शाक्य ने मांग की कि निजी स्कूलों द्वारा किताबों और ड्रेस के नाम पर चलाई जा रही कमीशनखोरी पर तुरंत नियम बनाकर कार्रवाई की जाए। इस विरोध मार्च में अशोक जाटव, अंतराम प्रजापति, जयदीप राजावत, एड. अनिल शर्मा, अनुज पटवा सहित कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- भिंड के गोहद थाना पुलिस ने सोमवार को लगभग 3 बजे बरथरा रोड से तीन-तीन हजार रुपये के दो इनामी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को यह सफलता मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर हासिल हुई। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को गोहद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया है।1
- आम आदमी पार्टी की जिला भिंड इकाई ने देश के प्रख्यात वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद श्री सोनम वांगचुक के लोकतांत्रिक संघर्ष के समर्थन और पेपर लीक प्रकरण में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला। यह मार्च शास्त्री चौराहा से शुरू होकर परेड चौराहा होते हुए गोल मार्केट पहुंचा, जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर इसका समापन किया गया। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष अभिलाख सिंह कुशवाह ने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य बार-बार होने वाले पेपर लीक से बर्बाद हो रहा है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सोनम वांगचुक की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और पेपर लीक जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं प्रदेश संगठन मंत्री और चंबल संभाग प्रभारी साकेत सक्सेना ने शांतिपूर्ण विरोध को संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई तो देश का भविष्य प्रभावित होगा। इसके साथ ही जिला सचिव राजेश शाक्य ने शिक्षा के व्यवसायीकरण को बंद करने और प्राइवेट स्कूलों द्वारा किताबों व ड्रेस के नाम पर चल रही कमीशन खोरी के खिलाफ तुरंत नियम बनाकर कार्रवाई करने की मांग की। इस विरोध मार्च में आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक सिंह जाटव, अंतराम प्रजापति, प्रदेश सचिव जयदीप राजावत (जय दीप फौजी), किसान विंग के प्रदेश सचिव कमलेश त्रिपाठी, लीगल विंग के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल शर्मा, अब्दुल मजीद, अनुज पटवा, मुकेश प्रजापति, राजकुमार राजपूत, शुभम पंडोरिया, विक्रांत दीक्षित, पूरन रावत, पवन पुरोहित, विनय शर्मा और प्रवेश कुमार रावत सहित कई वरिष्ठ प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- भिंड में पदस्थ एक आरक्षक का 1 मिनट 53 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो में आरक्षक अपनी जान को खतरा बता रहा है और उसने अपनी सुरक्षा के लिए एसपी और आईजी से मदद की गुहार लगाई है। हालांकि, यह न्यूज ऐप इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- देश और प्रदेश में यूसीसी कानून तब लागू किया जाना चाहिए जब सभी लोगों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता मिल जाए और सभी समान हो जाएं। इस कानून को लागू करने से पहले हर नागरिक को सभी क्षेत्रों में बराबरी का अधिकार मिलना अनिवार्य है, जिसके बाद ही इसे देश और प्रदेश में लागू किया जाना चाहिए।1