जनता के दिलों पर राज कर रहीं एसडीएम डॉ. हर्षिता तिवारी, सादगी और सेवा से बनाई अलग पहचान.... मुहम्मदाबाद में जनसेवा की मिसाल बनीं SDM डॉ. हर्षिता तिवारी, सादगी और संवेदनशीलता से जीत रहीं दिल... मोहम्मदाबाद/गाजीपुर। प्रशासनिक सेवा में अपनी सक्रियता, सादगी और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण के कारण मुहम्मदाबाद की एसडीएम डॉ. हर्षिता तिवारी इन दिनों क्षेत्र की जनता के बीच भरोसे और सम्मान का प्रतीक बनती जा रही हैं। उनकी कार्यशैली न केवल प्रभावशाली है, बल्कि आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली भी साबित हो रही है। डॉ. तिवारी शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। वे नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण कर विकास कार्यों की समीक्षा करती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे। चाहे राजस्व से जुड़े मामले हों, कानून-व्यवस्था की स्थिति या जनसुविधाओं की समस्याएं—हर मुद्दे पर उनकी पैनी नजर रहती है। उनकी सबसे बड़ी विशेषता है—जनता से सीधा संवाद। वे बिना किसी औपचारिकता के आम नागरिकों से मिलती हैं, उनकी समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनती हैं और मौके पर ही समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश देती हैं। यही कारण है कि लोग उन्हें केवल एक अधिकारी नहीं, बल्कि अपना सहयोगी और मार्गदर्शक मानने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. हर्षिता तिवारी का व्यवहार बेहद सहज और विनम्र है। वे हर वर्ग—गरीब, किसान, महिला या युवा—सभी के प्रति समान संवेदनशीलता रखती हैं। जरूरतमंदों की मदद के लिए उनका तत्पर रहना उन्हें खास बनाता है। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ उनकी नेतृत्व क्षमता भी प्रेरणादायक है। वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को टीम भावना के साथ काम करने के लिए प्रेरित करती हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी और पारदर्शिता देखने को मिल रही है। आज जब प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर लोगों के मन में कई तरह की शंकाएं रहती हैं, ऐसे समय में डॉ. हर्षिता तिवारी जैसे अधिकारी अपनी कार्यशैली से एक सकारात्मक उदाहरण पेश कर रहे हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि एक सच्चा अधिकारी वही है, जो जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझे और उनके समाधान के लिए ईमानदारी से प्रयास करे। उनकी कार्यशैली से न केवल क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है, बल्कि आम जनता का शासन-प्रशासन पर विश्वास भी लगातार मजबूत हो रहा है। मुहम्मदाबाद की जनता के लिए वे आज उम्मीद, भरोसे और सेवा भावना की एक मजबूत पहचान बन चुकी हैं।
जनता के दिलों पर राज कर रहीं एसडीएम डॉ. हर्षिता तिवारी, सादगी और सेवा से बनाई अलग पहचान.... मुहम्मदाबाद में जनसेवा की मिसाल बनीं SDM डॉ. हर्षिता तिवारी, सादगी और संवेदनशीलता से जीत रहीं दिल... मोहम्मदाबाद/गाजीपुर। प्रशासनिक सेवा में अपनी सक्रियता, सादगी और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण के कारण मुहम्मदाबाद की एसडीएम डॉ. हर्षिता तिवारी इन दिनों क्षेत्र की जनता के बीच भरोसे और सम्मान का प्रतीक बनती जा रही हैं। उनकी कार्यशैली न केवल प्रभावशाली है, बल्कि आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली भी साबित हो रही है। डॉ. तिवारी शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। वे नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण कर विकास कार्यों की समीक्षा करती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे। चाहे राजस्व से जुड़े मामले हों, कानून-व्यवस्था की स्थिति या जनसुविधाओं की समस्याएं—हर मुद्दे पर उनकी पैनी नजर रहती है। उनकी सबसे बड़ी विशेषता है—जनता से सीधा संवाद। वे बिना किसी औपचारिकता के आम नागरिकों से मिलती हैं, उनकी समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनती हैं और मौके पर ही समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश देती हैं। यही कारण है कि लोग उन्हें केवल एक अधिकारी नहीं, बल्कि अपना सहयोगी और मार्गदर्शक मानने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. हर्षिता तिवारी का व्यवहार बेहद सहज और विनम्र है। वे हर वर्ग—गरीब, किसान, महिला या युवा—सभी के प्रति समान संवेदनशीलता रखती हैं। जरूरतमंदों की मदद के लिए उनका तत्पर रहना उन्हें खास बनाता है। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ उनकी नेतृत्व क्षमता भी प्रेरणादायक है। वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को टीम भावना के साथ काम करने के लिए प्रेरित करती हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी और पारदर्शिता देखने को मिल रही है। आज जब प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर लोगों के मन में कई तरह की शंकाएं रहती हैं, ऐसे समय में डॉ. हर्षिता तिवारी जैसे अधिकारी अपनी कार्यशैली से एक सकारात्मक उदाहरण पेश कर रहे हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि एक सच्चा अधिकारी वही है, जो जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझे और उनके समाधान के लिए ईमानदारी से प्रयास करे। उनकी कार्यशैली से न केवल क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है, बल्कि आम जनता का शासन-प्रशासन पर विश्वास भी लगातार मजबूत हो रहा है। मुहम्मदाबाद की जनता के लिए वे आज उम्मीद, भरोसे और सेवा भावना की एक मजबूत पहचान बन चुकी हैं।
- 14 अप्रैल डॉ भीम राव अंबेडकर जयंती पर गाना1
- गाजीपुर में नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट राम अवतार प्रसाद की अदालत ने आरोपी अरमान उर्फ भोला को दोषी करार देते हुए 25 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसकी पूरी राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है। मामला गाजीपुर के सादात थाना क्षेत्र का है। विशेष लोक अभियोजक रविकांत पाण्डेय के अनुसार 24 दिसंबर 2024 को आरोपी अरमान उर्फ भोला ने एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसे आजमगढ़ के फूलपुर इलाके में ले जाकर करीब चार महीने तक अपने पास रखा। इस दौरान आरोपी ने कई बार नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाया। बताया गया कि आरोपी नाबालिग को मस्जिद और मजार जैसी जगहों पर भी ले जाता था। इसी बीच वह नाबालिग को गाजीपुर के मकदूमपुर मजार पर लेकर आया, जहां पुलिस को सूचना मिली और कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376, 506 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5L/6 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। एक मई 2025 को अदालत में आरोप तय किए गए और मामले की सुनवाई शुरू हुई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक रविकांत पाण्डेय ने प्रभावी पैरवी करते हुए अदालत में कुल 8 गवाह पेश किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 25 साल की सजा और 55 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को दी जाएगी। वहीं अभियोजन पक्ष के मुताबिक आरोपी के खिलाफ इसी तरह का एक और मामला भी अदालत में विचाराधीन है।1
- गाजीपुर जनपद के मोहम्मदाबाद तहसील अंतर्गत ग्राम सभा बालापुर में किसान रजिस्ट्री कैंप का आयोजन किया गया जिसे लेकर के ग्राम प्रधान राज नारायण पासवान ने बताया कि हमें इसका लाभ उठाना चाहिए1
- बहुत शानदार है 🥰1
- khanpur saidpur Ghazipur pincod namber 3332231
- Post by Tatkal News Bihar 241
- मल्लिकार्जुन खरगे ने असम में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि कांग्रेस को सत्ता से दूर रखने के लिए भाजपा और एआईयूडीएफ नेता बदरुद्दीन अजमल एक हो गए हैं. खरगे ने मतदाताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अजमल की पार्टी को दिया गया हर वोट सीधे तौर पर भाजपा की मदद करेगा, इसलिए जनता को सोच-समझकर मतदान करना चाहिए. आख़िर मुसलमानों से और मुस्लिम नेतृत्व से कांग्रेस को इतनी नफ़रत क्यों?1
- संसद भवन में सुधांशु त्रिवेदी भाषण देते हुए1