लंबे समय तक चली जद्दोजहद के बाद आखिरकार सोमवार को विधायक सुशील सिंह की पहल पर बंधी डिवीजन ने घोसवा ड्रेन की सफाई का काम पूरा किया। इस सफाई से नरवन क्षेत्र के किसानों को प्रत्येक वर्ष ड्रेन के पानी से फसलों के डूबने और बर्बाद होने की समस्या से निजात मिल सकेगी। दरअसल, ड्रेन की सफाई न होने के कारण यह ओवरफ्लो हो जाता था, जिससे खेतों में जलभराव हो जाता था और किसानों की फसलें बर्बाद हो जाती थीं। नरवन के घोसवा ड्रेन से लगभग 1500 हेक्टेयर कृषि भूमि की जल निकासी होती है। लंबे समय से सफाई न होने के कारण खेतों में पानी भरने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई थी, जिसने किसानों की मेहनत और उनकी फसल दोनों पर संकट पैदा कर दिया था। घोसवा ड्रेन, जो जमुडा से तम्मागढ तक लगभग 15 किलोमीटर लंबा है, नरवन के खेतों के अतिरिक्त पानी को अगहरवीर बहुरिया नदी में ले जाता है। इसकी सफाई न होने से बारिश और ओवरफ्लो का पानी डैना, गोरखा, भैंसौर, मुड़कपुआ, बेटाडीह, चिल्हारी और भरहुलिया जैसे कई गांवों के खेतों को डुबो देता था। किसानों ने बीते दिनों विधायक सुशील सिंह से घोसवा ड्रेन की साफ-सफाई और खुदाई की मांग की थी। किसानों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए विधायक ने बंधी डिवीजन से ड्रेन की सफाई का कार्य करवाया। विधायक सुशील सिंह ने घोसवां ड्रेन की सफाई का निरीक्षण भी किया। इस कार्य के पूरा होने से किसानों को अब खेती के कार्यों में काफी सहूलियत मिलेगी। इस मौके पर दरोगा राय, मोहन राय, मृत्युंजय सिंह दीपू, बबलू राय, विकास राय, आलोक सिंह, छोटू सिंह, छोटू उपाध्याय, अजीत उपाध्याय और महीपत गोंड सहित कई लोग मौजूद रहे।
लंबे समय तक चली जद्दोजहद के बाद आखिरकार सोमवार को विधायक सुशील सिंह की पहल पर बंधी डिवीजन ने घोसवा ड्रेन की सफाई का काम पूरा किया। इस सफाई से नरवन क्षेत्र के किसानों को प्रत्येक वर्ष ड्रेन के पानी से फसलों के डूबने और बर्बाद होने की समस्या से निजात मिल सकेगी। दरअसल, ड्रेन की सफाई न होने के कारण यह ओवरफ्लो हो जाता था, जिससे खेतों में
जलभराव हो जाता था और किसानों की फसलें बर्बाद हो जाती थीं। नरवन के घोसवा ड्रेन से लगभग 1500 हेक्टेयर कृषि भूमि की जल निकासी होती है। लंबे समय से सफाई न होने के कारण खेतों में पानी भरने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई थी, जिसने किसानों की मेहनत और उनकी फसल दोनों पर संकट पैदा कर दिया था। घोसवा ड्रेन, जो जमुडा से तम्मागढ तक लगभग 15 किलोमीटर
लंबा है, नरवन के खेतों के अतिरिक्त पानी को अगहरवीर बहुरिया नदी में ले जाता है। इसकी सफाई न होने से बारिश और ओवरफ्लो का पानी डैना, गोरखा, भैंसौर, मुड़कपुआ, बेटाडीह, चिल्हारी और भरहुलिया जैसे कई गांवों के खेतों को डुबो देता था। किसानों ने बीते दिनों विधायक सुशील सिंह से घोसवा ड्रेन की साफ-सफाई और खुदाई की मांग की थी। किसानों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए विधायक
ने बंधी डिवीजन से ड्रेन की सफाई का कार्य करवाया। विधायक सुशील सिंह ने घोसवां ड्रेन की सफाई का निरीक्षण भी किया। इस कार्य के पूरा होने से किसानों को अब खेती के कार्यों में काफी सहूलियत मिलेगी। इस मौके पर दरोगा राय, मोहन राय, मृत्युंजय सिंह दीपू, बबलू राय, विकास राय, आलोक सिंह, छोटू सिंह, छोटू उपाध्याय, अजीत उपाध्याय और महीपत गोंड सहित कई लोग मौजूद रहे।
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र स्थित धौरहरा-हरिहरपुर गांव में आयोजित श्री शतचंडी महायज्ञ के छठवें दिवस पर, श्री श्री योगी रामानंद दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को ध्यान के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ध्यान जीवन की सर्वश्रेष्ठ कला है। महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि यदि बच्चों को बचपन से ही ध्यान और अच्छे संस्कारों की शिक्षा दी जाए, तो समाज से अराजकता और हिंसा स्वतः ही समाप्त हो सकती है।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र स्थित धौरहरा-हरिहरपुर गांव में आयोजित श्री शतचंडी महायज्ञ के छठवें दिवस पर श्री श्री योगी रामानंद दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को ध्यान के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि ध्यान जीवन की सर्वश्रेष्ठ कला है और यदि बच्चों को बचपन से ही ध्यान तथा अच्छे संस्कारों की शिक्षा दी जाए, तो समाज से अराजकता और हिंसा स्वतः समाप्त हो सकती है। योगी रामानंद दास जी महाराज ने ध्यान को केवल आध्यात्मिक साधना ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, जागरूक और संतुलित जीवन का आधार बताया। उन्होंने विपश्यना, सुदर्शन क्रिया और प्राणायाम जैसी विभिन्न ध्यान पद्धतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सबका उद्देश्य मन को एकाग्र करना और आत्मा को परमपिता परमात्मा से जोड़ना है। उन्होंने यह भी बताया कि परमपिता परमात्मा ही मूल नाम है और विभिन्न धर्मों में भी इसी दिव्य ध्वनि की महिमा का वर्णन मिलता है। महाराज जी के अनुसार, सजगता, जागरूकता और अनुशासित जीवन के लिए ध्यान अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह व्यक्ति के भीतर शांति, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इसी कड़ी में, क्षेत्र के छितमपुर गांव स्थित नैपाली माता मंदिर प्रांगण में भी श्री शतचंडी महायज्ञ चल रहा है, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। इस अवसर पर वृंदावन से पधारे श्री शम्भू नाथ जी महाराज के प्रवचनों को सुनने के लिए भारी भीड़ जमा हो रही है। इस दौरान पारस सिंह, राम अवतार सिंह, कृष्ण अवतार सिंह, राजेश सिंह रघुवंशी, सुदर्शन सिंह, संतोष सिंह रघुवंशी, राम अवतार यादव, संजय सिंह, सुशील सिंह, चंद्रजी यादव, रोहित सिंह रघुवंशी, नीरज सिंह रघुवंशी, संदीप सिंह रघुवंशी और विष्णु सिंह रघुवंशी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- ऑस्ट्रेलिया ने भारत को टी20 महिला विश्व कप से बाहर कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने टूर्नामेंट में भारत को हराकर यह उपलब्धि हासिल की।1
- श्री श्री योगी रामानंद दास ने इस बात पर जोर दिया है कि ध्यान ही जीवन की सर्वश्रेष्ठ कला है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को बाल्यावस्था से ही अच्छे संस्कार मिलने चाहिए।1
- वाराणसी का पनासिया अस्पताल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के डॉक्टर डॉ. आशुतोष मिश्रा ने उनके हाथ से महत्वपूर्ण दस्तावेज और कागजात छीनकर पढ़ने की कोशिश की। परिवार का कहना है कि वे अपनी शिकायत और मेडिकल दस्तावेज लेकर अस्पताल पहुंचे थे, तभी डॉक्टर ने उनसे कागजात लेने का प्रयास किया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पीड़ित पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल पहले से ही चिकित्सा लापरवाही के गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है। इस नए घटनाक्रम ने पूरे मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। परिवार ने प्रशासन से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा करने और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे जिला प्रशासन, सीएमओ कार्यालय और अन्य उच्च अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ आंदोलन का रास्ता भी अपनाएंगे।1
- वाराणसी में एक एमबीबीएस छात्र ने आत्महत्या कर ली है।1
- चंदौली जिले के सकलडीहा के डेढ़गावा गांव में नहर की खुदाई का काम शुरू न होने पर किसान नेता गुड्डू पासवान ने एक बयान दिया है।1
- एक खिलाड़ी ने अपने पहले ही मैच की पहली गेंद पर भारतीय स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन का विकेट चटकाकर क्रिकेट जगत को पूरी तरह से स्तब्ध कर दिया था। यह घटना खेल प्रेमियों के लिए एक अप्रत्याशित क्षण थी, जिसने सभी को हैरान कर दिया।1
- मोहर्रम की 12वीं तारीख (तीजा) के अवसर पर, वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र से मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की एक अत्यंत प्रेरणादायक तथा सराहनीय मिसाल सामने आई। जब इकबाल अहमद ख़लिफ़ा का अखाड़ा अपना परंपरागत खेल प्रदर्शन कर रहा था, उसी दौरान अचानक एक एंबुलेंस वहां पहुंची। एंबुलेंस के सायरन की आवाज़ सुनते ही, खिलाड़ियों ने बिना किसी संकोच या देरी के अपना खेल तत्काल रोक दिया और एंबुलेंस को सुरक्षित तथा सुगम रास्ता प्रदान किया, जिसने अनुशासन, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का प्रतीक स्थापित किया। इस पहल ने स्पष्ट कर दिया कि धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ जीवन की रक्षा सर्वोपरि है। भारतीय फ़न-ए-सिपहगिरी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पूर्व मीडिया प्रभारी और इकबाल अहमद ख़लिफ़ा के वरिष्ठ खिलाड़ी इम्तियाज़ अहमद गामा ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझा और सभी खिलाड़ियों को एंबुलेंस के लिए रास्ता देने का संदेश दिया। उन्होंने शांत और प्रेरणादायक शब्दों में खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए समझाया कि खेल से पहले मानव जीवन सर्वोपरि है। उनके इस नेतृत्व और मोहम्मद वसीम, मोहम्मद मोहसिन के साथ खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए इस अनुशासन और संवेदनशीलता की मौके पर मौजूद लोगों, स्थानीय नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों और भारतीय फ़न-ए-सिपहगिरी एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने खुले दिल से प्रशंसा की, इसे नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बताया। तीजा के अवसर पर पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, और पुलिस बल पूरे जुलूस तथा अखाड़ा आयोजन के दौरान मुस्तैदी से तैनात रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। पुलिस प्रशासन ने भी खिलाड़ियों के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरक बताया। यह घटना दर्शाती है कि खेल केवल जीत-हार का नाम नहीं, बल्कि अनुशासन, मानवता और सामाजिक चेतना का भी प्रतीक है, और मानव सेवा ही सर्वोच्च खेल भावना है।1