प्रयागराज के थाना झूंसी क्षेत्र स्थित शास्त्री ब्रिज पर शनिवार, 4 जुलाई 2026 को शाम लगभग 4 बजे भीषण जाम लग गया, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम के कारण पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों तक फंसे रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहिया, चारपहिया तथा अन्य छोटे-बड़े वाहन बेहद धीमी गति से रेंगते रहे, जिससे कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से कहीं अधिक समय लगा। इस दौरान एंबुलेंस समेत आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, शास्त्री ब्रिज की एक लेन पर इन दिनों मरम्मत कार्य चल रहा है। इसके कारण यातायात एक ही लेन से संचालित किया जा रहा है, जिससे व्यस्त समय में वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। प्रशासन ने वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू की है, लेकिन शाम के समय अधिक संख्या में वाहनों के पहुंचने से यह व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि व्यस्त समय में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए और यातायात प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि लोगों को बार-बार होने वाली जाम की समस्या से राहत मिल सके।
प्रयागराज के थाना झूंसी क्षेत्र स्थित शास्त्री ब्रिज पर शनिवार, 4 जुलाई 2026 को शाम लगभग 4 बजे भीषण जाम लग गया, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम के कारण पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों तक फंसे रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहिया, चारपहिया तथा अन्य छोटे-बड़े वाहन बेहद धीमी गति से रेंगते रहे, जिससे कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से कहीं अधिक समय लगा। इस दौरान एंबुलेंस समेत आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, शास्त्री ब्रिज की एक लेन पर इन दिनों मरम्मत कार्य चल रहा है। इसके कारण यातायात एक ही लेन से संचालित किया जा रहा है, जिससे व्यस्त समय में वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। प्रशासन ने वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू की है, लेकिन शाम के समय अधिक संख्या में वाहनों के पहुंचने से यह व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि व्यस्त समय में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए और यातायात प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि लोगों को बार-बार होने वाली जाम की समस्या से राहत मिल सके।
- कौशाम्बी में साइबर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए यूपीआई ठगी के शिकार हुए अमित कुमार को राहत प्रदान की है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के परिणामस्वरूप पीड़ित के ₹1.41 लाख वापस रिकवर कर लिए गए हैं। इस संदर्भ में, पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की शिकायत 1930 पर दर्ज कराएं और साइबर अपराधियों से हमेशा सतर्क रहें।1
- कौशाम्बी में साइबर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ उन्होंने यूपीआई ठगी के शिकार हुए अमित कुमार को राहत पहुँचाई है। साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी जाँच के माध्यम से धोखाधड़ी की गई ₹1.41 लाख की रकम को वापस रिकवर करवाया है। इस सफलता के बाद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी साइबर ठगी की शिकायत 1930 पर दर्ज कराएँ और साथ ही साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की भी सलाह दी है।1
- मशहूर पटकथा लेखक और गीतकार मनोज तापड़िया गुरुवार को प्रयागराज पहुँचे। नाजरेथ अस्पताल के निदेशक फादर विपिन के निमंत्रण पर, उन्होंने अपनी पहली निर्देशित फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' अस्पताल की नर्सिंग छात्राओं के साथ देखी। तापड़िया ने बताया कि यह फिल्म 26/11 मुंबई हमले के दौरान कामा अस्पताल की नर्सों के असाधारण साहस पर आधारित है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि फिल्म की कहानी एक अस्पताल और नर्स के जीवन पर केंद्रित है, जिसमें पूरी फिल्म में अस्पताल के दृश्य दिखाए गए हैं। फिल्म देखते हुए उन्हें ऐसा लगा जैसे यह अपना ही कोई अस्पताल हो, जहाँ नर्सों की सेवा और समर्पण को पूरे देश में दर्शाया गया है। इस अवसर पर, कई नर्सिंग छात्राओं ने फिल्म से जुड़े अपने अनुभवों को साझा किया।1
- प्रयागराज के मेयर गणेश केसरवानी ने संगम के पास मूर्ति स्थापित करने के विषय में अपनी बात रखी है।1
- कौशाम्बी जिले के मंझनपुर थाना क्षेत्र में हुई लूट की घटना से संबंधित एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में कुछ बरामदगी भी हुई है। इस पूरी जानकारी को क्षेत्राधिकारी मंझनपुर श्री शिवांक सिंह ने अपनी एक वीडियो बाइट के माध्यम से साझा किया है।1
- जनहित संकल्प पार्टी की न्याय यात्रा, जिसकी शुरुआत 12 जून को हुई थी, अब प्रयागराज पहुँच गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर एस पटेल के नेतृत्व में इस पदयात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के एसडीएम करछना के माध्यम से राष्ट्रपति को एक 6 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया है। यह न्याय यात्रा मऊ के मधुबनी विधानसभा से शुरू हुई थी और आजमगढ़, बनारस, मिर्जापुर, सोनभद्र होते हुए प्रयागराज पहुँची। प्रयागराज के करछना विधानसभा में इस यात्रा में सरदार सेना तथा जनहित संकल्प पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। यात्रा के दौरान, जनहित संकल्प पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर एस पटेल ने सभा को संबोधित करते हुए देश-विदेश में बढ़ रही जातीय हिंसा, सामाजिक भेदभाव और वंचित समाज के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त करने के लिए सरकार से तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछड़े और दलितों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। डॉ. पटेल ने घोषणा की कि यदि उनकी सरकार बनती है, तो महिलाओं को 50% आरक्षण की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।1
- प्रयागराज के झूसी क्षेत्र में जोनल अधिकारी प्रवीण कुमार यादव के नेतृत्व में अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। जोन 5/उपजोन 5ए, 5बी व 5सी के अंतर्गत हुए इस अभियान में नगर निगम का बुल्डोजर चलाकर कई बीघा अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई में, मौजा बेरूई, परगना झूसी, तहसील फूलपुर, प्रयागराज में अनिल सिंह, दिलीप सिंह, सौरभ सिंह, अरविन्द कुमार, राजू यादव व अन्य द्वारा की गई 10 बीघा अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। इसी मौजा बेरूई में, हाइवे के दक्षिण, परगना झूसी, तहसील फूलपुर, प्रयागराज में राघवेन्द्र सिंह, धर्मेन्द्र कुमार व अन्य की 05 बीघा अवैध प्लाटिंग पर भी कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, मौजा चन्दरपुर, बसमहुआ, झूसी प्रयागराज में सत्यम सिंह (निवासी थानापुर), राजकुमार (निवासी रहिमापुर), इरफान, कादी सिंह व अन्य द्वारा की गई 03 बीघा अवैध प्लाटिंग को भी ध्वस्त कर दिया गया।2
- जनपद कौशांबी के चरवा थाना क्षेत्र के सैय्यद सरावां स्थित जीटी रोड किनारे लकड़ी माफियाओं ने स्थानीय चौकी प्रभारी और वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड की कथित मिलीभगत से नीम के आठ हरे पेड़ों को रातों-रात काट दिया। इन कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को आरा मशीन पर ले जाया गया है, और आरोप है कि यह घटना स्थानीय अधिकारियों की सांठगांठ से हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, सैय्यद सरावां में हरियाली को लगातार सफाचट किया जा रहा है, और यह सब तब हो रहा है जब एक तरफ योगी सरकार वृक्षारोपण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। वहीं, दूसरी ओर वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड और स्थानीय पुलिस चौकी इंचार्ज की मिलीभगत से लकड़ी माफिया हरियाली को नष्ट करने में लगे हैं। उच्च अधिकारियों को इन घटनाओं की कानों-कान खबर नहीं लगती, और जब मामला मीडिया में आता है, तो वे अपनी अनभिज्ञता व्यक्त करते हैं। यह सवाल उठाया गया है कि क्या जिले के आलाधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर इन कथित भ्रष्ट कर्मचारियों और चौकी प्रभारी पर कार्रवाई करेंगे, या क्षेत्र की हरियाली इसी तरह नष्ट होती रहेगी और वातावरण का संतुलन बिगड़ता रहेगा।1