नवादा में वायरल प्रश्न पत्र मामले में शिक्षिका गिरफ्तार, पुलिस खंगाल रही पूरे नेटवर्क की कड़ियां नवादा में वायरल प्रश्न पत्र मामले में शिक्षिका गिरफ्तार, पुलिस खंगाल रही पूरे नेटवर्क की कड़ियां नवादा, बिहार। नवादा जिले में गृह रक्षा वाहिनी की परीक्षा से जुड़े प्रश्न पत्र वायरल होने के मामले में पुलिस ने एक महिला शिक्षिका को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार शिक्षिका की पहचान अंजू रानी के रूप में हुई है, जो नारदीगंज थाना क्षेत्र के मध्य विद्यालय दोहड़ा में शिक्षिका के पद पर कार्यरत बताई गई हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर गोविंदपुर बीआरसी में की। प्रश्न पत्र वायरल होने की खबर सामने आने के बाद से ही इस मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से जांच की जा रही थी। परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संदिग्ध लोगों की गतिविधियों और प्रश्न पत्र के वायरल होने के स्रोत की पड़ताल शुरू की। इसी जांच के क्रम में पुलिस को शिक्षिका अंजू रानी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने गोविंदपुर बीआरसी में कार्रवाई की। गुप्त सूचना के आधार पर हुई गिरफ्तारी पुलिस के अनुसार, 12 जून को नवादा में आयोजित गृह रक्षा वाहिनी की परीक्षा से संबंधित प्रश्न पत्र वायरल होने की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर थाना अध्यक्ष उमाशंकर सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम को प्रश्न पत्र वायरल होने की घटना से जुड़े तथ्यों और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जिम्मेदारी दी गई। जांच के दौरान पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने गोविंदपुर बीआरसी में कार्रवाई की। अनुसंधानकर्ता अमित सिंह और पुलिस बल के सहयोग से पुलिस ने वहां मौजूद शिक्षिका अंजू रानी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई और मामले से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ शुरू कर दी गई। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर वायरल हुआ प्रश्न पत्र शिक्षिका तक कैसे पहुंचा और इसे आगे किन लोगों तक भेजा गया। प्रश्न पत्र वायरल होने की जांच में जुटी पुलिस प्रश्न पत्र वायरल होने का मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्न पत्र कहां से बाहर आया, किस माध्यम से लोगों तक पहुंचा और इसे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से किस-किस व्यक्ति तक भेजा गया। पुलिस पूछताछ के दौरान शिक्षिका से इन सभी पहलुओं पर जानकारी लेने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा पुलिस मामले में शामिल संभावित अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। प्रश्न पत्र किसी परीक्षा से पहले या परीक्षा से संबंधित प्रक्रिया के दौरान बाहर आना परीक्षा व्यवस्था की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करती है कि गोपनीय दस्तावेज तक पहुंच किन लोगों की थी और उसे बाहर पहुंचाने में किसकी भूमिका रही। शिक्षिका अंजू रानी की पृष्ठभूमि पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार शिक्षिका अंजू रानी मूल रूप से नालंदा जिले के बेन थाना क्षेत्र के देव बीघा गांव की रहने वाली बताई गई हैं। वह चंद्रशेखर कुमार की पत्नी हैं। वर्तमान में अंजू रानी नवादा जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय दोहड़ा में शिक्षिका के पद पर कार्यरत बताई गई हैं। पुलिस ने उन्हें गोविंदपुर बीआरसी से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने शिक्षा विभाग और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों के बीच भी चर्चा बढ़ा दी है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल पुलिस आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस प्रश्न पत्र वायरल मामले की जांच में पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रश्न पत्र कथित तौर पर वायरल कैसे हुआ। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि प्रश्न पत्र कितने समय पहले बाहर आया था और इसे कितने लोगों तक पहुंचाया गया। पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि प्रश्न पत्र को किसी मोबाइल फोन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग एप या अन्य डिजिटल माध्यम से साझा किया गया था या नहीं। यदि डिजिटल माध्यम से प्रश्न पत्र वायरल हुआ है तो उसके स्रोत और शेयर किए गए संदेशों की जानकारी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। जांच में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो पुलिस उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार शिक्षिका से पूछताछ के आधार पर मामले की अगली कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर अहम मामला किसी भी प्रतियोगी या सरकारी परीक्षा में प्रश्न पत्र की गोपनीयता बेहद महत्वपूर्ण होती है। परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्न पत्र से जुड़ी जानकारी बाहर आने की स्थिति में परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है और हजारों अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी वजह से प्रश्न पत्र वायरल होने की किसी भी शिकायत को प्रशासन और पुलिस गंभीरता से लेते हैं। नवादा में सामने आए इस मामले में भी पुलिस ने जांच शुरू कर कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में गिरफ्तार शिक्षिका की भूमिका क्या थी और कथित तौर पर वायरल प्रश्न पत्र से उनका संबंध किस स्तर तक था। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, 12 जून को नवादा में गृह रक्षा वाहिनी की परीक्षा आयोजित की गई थी। इसी परीक्षा से संबंधित प्रश्न पत्र वायरल होने की सूचना सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के क्रम में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए नारदीगंज के मध्य विद्यालय दोहड़ा में कार्यरत शिक्षिका अंजू रानी को गोविंदपुर बीआरसी से गिरफ्तार किया। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि प्रश्न पत्र वायरल होने की पूरी प्रक्रिया क्या थी। क्या प्रश्न पत्र किसी व्यक्ति ने जानबूझकर बाहर पहुंचाया, क्या इसे किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से आगे भेजा गया या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था—इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। पुलिस हिरासत में पूछताछ जारी गिरफ्तारी के बाद शिक्षिका से पुलिस पूछताछ कर रही है। पूछताछ में पुलिस कथित प्रश्न पत्र के स्रोत, उसके प्रसार और मामले से जुड़े संभावित अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। जांच के दौरान पुलिस को यदि कोई महत्वपूर्ण डिजिटल या दस्तावेजी साक्ष्य मिलता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनसे भी पूछताछ और कानूनी कार्रवाई संभव है। फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच जारी रखी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रश्न पत्र वायरल होने के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें कितने लोग शामिल थे। आगे क्या होगा? अब सभी की नजर पुलिस की आगे की जांच पर है। गिरफ्तार शिक्षिका से पूछताछ के बाद पुलिस को मामले से जुड़े नए तथ्य मिलने की उम्मीद है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो पुलिस उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है। वहीं, परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों और आम लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों की उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो और प्रश्न पत्र वायरल होने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। फिलहाल अंजू रानी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नवादा में वायरल प्रश्न पत्र मामले में शिक्षिका गिरफ्तार, पुलिस खंगाल रही पूरे नेटवर्क की कड़ियां नवादा में वायरल प्रश्न पत्र मामले में शिक्षिका गिरफ्तार, पुलिस खंगाल रही पूरे नेटवर्क की कड़ियां नवादा, बिहार। नवादा जिले में गृह रक्षा वाहिनी की परीक्षा से जुड़े प्रश्न पत्र वायरल होने के मामले में पुलिस ने एक महिला शिक्षिका को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार शिक्षिका की पहचान अंजू रानी के रूप में हुई है, जो नारदीगंज थाना क्षेत्र के मध्य विद्यालय दोहड़ा में शिक्षिका के पद पर कार्यरत बताई गई हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर गोविंदपुर बीआरसी में की। प्रश्न पत्र वायरल होने की खबर सामने आने के बाद से ही इस मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से जांच की जा रही थी। परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संदिग्ध लोगों की गतिविधियों और प्रश्न पत्र के वायरल होने के स्रोत की पड़ताल शुरू की। इसी जांच के क्रम में पुलिस को शिक्षिका अंजू रानी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने गोविंदपुर बीआरसी में कार्रवाई की। गुप्त सूचना के आधार पर हुई गिरफ्तारी पुलिस के अनुसार, 12 जून को नवादा में आयोजित गृह रक्षा वाहिनी की परीक्षा से संबंधित प्रश्न पत्र वायरल होने की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर थाना अध्यक्ष उमाशंकर सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम को प्रश्न पत्र वायरल होने की घटना से जुड़े तथ्यों और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जिम्मेदारी दी गई। जांच के दौरान पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने गोविंदपुर बीआरसी में कार्रवाई की। अनुसंधानकर्ता अमित सिंह और पुलिस बल के सहयोग से पुलिस ने वहां मौजूद शिक्षिका अंजू रानी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई और मामले से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ शुरू कर दी गई। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर वायरल हुआ प्रश्न पत्र शिक्षिका तक कैसे पहुंचा और इसे आगे किन लोगों तक भेजा गया। प्रश्न पत्र वायरल होने की जांच में जुटी पुलिस प्रश्न पत्र वायरल होने का मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्न पत्र कहां से बाहर आया, किस माध्यम से लोगों तक पहुंचा और इसे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से किस-किस व्यक्ति तक भेजा गया। पुलिस पूछताछ के दौरान शिक्षिका से इन सभी पहलुओं पर जानकारी लेने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा पुलिस मामले में शामिल संभावित अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। प्रश्न पत्र किसी परीक्षा से पहले या परीक्षा से संबंधित प्रक्रिया के दौरान बाहर आना परीक्षा व्यवस्था की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करती है कि गोपनीय दस्तावेज तक पहुंच किन लोगों की थी और उसे बाहर पहुंचाने में किसकी भूमिका रही। शिक्षिका अंजू रानी की पृष्ठभूमि पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार शिक्षिका अंजू रानी मूल रूप से नालंदा जिले के बेन थाना क्षेत्र के देव बीघा गांव की रहने वाली बताई गई हैं। वह चंद्रशेखर कुमार की पत्नी हैं। वर्तमान में अंजू रानी नवादा जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय दोहड़ा में शिक्षिका के पद पर कार्यरत बताई गई हैं। पुलिस ने उन्हें गोविंदपुर बीआरसी से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने शिक्षा विभाग और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों के बीच भी चर्चा बढ़ा दी है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल पुलिस आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस प्रश्न पत्र वायरल मामले की जांच में पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रश्न पत्र कथित तौर पर वायरल कैसे हुआ। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि प्रश्न पत्र कितने समय पहले बाहर आया था और इसे कितने लोगों तक पहुंचाया गया। पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि प्रश्न पत्र को किसी मोबाइल फोन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग एप या अन्य डिजिटल माध्यम से साझा किया गया था या नहीं। यदि डिजिटल माध्यम से प्रश्न पत्र वायरल हुआ है तो उसके स्रोत और शेयर किए गए संदेशों की जानकारी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। जांच में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो पुलिस उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार शिक्षिका से पूछताछ के आधार पर मामले की अगली कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर अहम मामला किसी भी प्रतियोगी या सरकारी परीक्षा में प्रश्न पत्र की गोपनीयता बेहद महत्वपूर्ण होती है। परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्न पत्र से जुड़ी जानकारी बाहर आने की स्थिति में परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है और हजारों अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी वजह से प्रश्न पत्र वायरल होने की किसी भी शिकायत को प्रशासन और पुलिस गंभीरता से लेते हैं। नवादा में सामने आए इस मामले में भी पुलिस ने जांच शुरू कर कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में गिरफ्तार शिक्षिका की भूमिका क्या थी और कथित तौर पर वायरल प्रश्न पत्र से उनका संबंध किस स्तर तक था। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, 12 जून को नवादा में गृह रक्षा वाहिनी की परीक्षा आयोजित की गई थी। इसी परीक्षा से संबंधित प्रश्न पत्र वायरल होने की सूचना सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के क्रम में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए नारदीगंज के मध्य विद्यालय दोहड़ा में कार्यरत शिक्षिका अंजू रानी को गोविंदपुर बीआरसी से गिरफ्तार किया। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि प्रश्न पत्र वायरल होने की पूरी प्रक्रिया क्या थी। क्या प्रश्न पत्र किसी व्यक्ति ने जानबूझकर बाहर पहुंचाया, क्या इसे किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से आगे भेजा गया या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था—इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। पुलिस हिरासत में पूछताछ जारी गिरफ्तारी के बाद शिक्षिका से पुलिस पूछताछ कर रही है। पूछताछ में पुलिस कथित प्रश्न पत्र के स्रोत, उसके प्रसार और मामले से जुड़े संभावित अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। जांच के दौरान पुलिस को यदि कोई महत्वपूर्ण डिजिटल या दस्तावेजी साक्ष्य मिलता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनसे भी पूछताछ और कानूनी कार्रवाई संभव है। फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच जारी रखी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रश्न पत्र वायरल होने के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें कितने लोग शामिल थे। आगे क्या होगा? अब सभी की नजर पुलिस की आगे की जांच पर है। गिरफ्तार शिक्षिका से पूछताछ के बाद पुलिस को मामले से जुड़े नए तथ्य मिलने की उम्मीद है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो पुलिस उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है। वहीं, परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों और आम लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों की उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो और प्रश्न पत्र वायरल होने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। फिलहाल अंजू रानी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- नवादा में प्रश्न पत्र वायरल मामले में शिक्षिका गिरफ्तार1
- हिसुआ में सोनू रेडियम हाउस पर विश्वकर्मा पूजा के लिए सजावट से जुड़ी सभी सामग्री उपलब्ध हिसुआ, नवादा। विश्वकर्मा पूजा को लेकर बाजारों में तैयारियां तेज हो गई हैं। पूजा के साथ-साथ प्रतिष्ठानों, दुकानों, वाहनों और अन्य स्थानों की सजावट के लिए विभिन्न प्रकार की सामग्रियों की मांग बढ़ने लगी है। ऐसे में हिसुआ के गया रोड, पानी टंकी के निकट स्थित सोनू रेडियम हाउस में सजावट एवं रेडियम से संबंधित विभिन्न प्रकार की सामग्रियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। सोनू रेडियम हाउस में ग्राहकों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए सजावट से जुड़ी कई प्रकार की सामग्री उपलब्ध है। यहां आकर्षक सजावटी सामान के साथ-साथ रेडियम एवं अन्य उपयोगी सामग्री भी उचित दर पर प्राप्त की जा सकती है। विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर दुकान, प्रतिष्ठान, वाहन एवं अन्य स्थानों को आकर्षक रूप देने के लिए ग्राहक अपनी आवश्यकता के अनुसार सामान की खरीदारी कर सकते हैं। दुकान संचालक सोनू बाबू ने बताया कि ग्राहकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यहां होलसेल रेट पर भी सामान उपलब्ध कराया जाता है। इससे छोटे दुकानदारों, वाहन संचालकों, व्यवसायियों तथा अधिक मात्रा में सजावट का सामान खरीदने वाले ग्राहकों को सुविधा मिल सकती है। गया रोड पर पानी टंकी के निकट दुकान स्थित होने के कारण हिसुआ सहित आसपास के क्षेत्रों और नवादा जिले के विभिन्न इलाकों से आने वाले ग्राहक यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। दुकान पर सामान की उपलब्धता, कीमत एवं अन्य जानकारी के लिए ग्राहक फोन के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं। सोनू रेडियम हाउस की ओर से विश्वकर्मा पूजा के शुभ अवसर पर ग्राहकों से अपनी जरूरत के अनुसार सजावट एवं अन्य सामग्री की खरीदारी करने की अपील की गई है। सोनू बाबू ने कहा कि ग्राहकों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सामान उपलब्ध कराने तथा उचित दर पर बेहतर सेवा देने का प्रयास किया जा रहा है। विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर दुकान, प्रतिष्ठान और वाहनों को आकर्षक रूप देने के लिए सजावट से जुड़ी सामग्री की खरीदारी के इच्छुक ग्राहक सोनू रेडियम हाउस पहुंच सकते हैं। संपर्क : 6206 141481, 9905429629 पता : गया रोड, पानी टंकी के निकट, हिसुआ, जिला नवादा। विश्वकर्मा पूजा के शुभ अवसर पर सजावट एवं आवश्यक सामग्री की खरीदारी के लिए सोनू रेडियम हाउस पहुंचें और अपनी पसंद के सामान की खरीदारी करें। हिसुआ में सोनू रेडियम हाउस पर विश्वकर्मा पूजा के लिए सजावट से जुड़ी सभी सामग्री उपलब्ध हिसुआ, नवादा। विश्वकर्मा पूजा को लेकर बाजारों में तैयारियां तेज हो गई हैं। पूजा के साथ-साथ प्रतिष्ठानों, दुकानों, वाहनों और अन्य स्थानों की सजावट के लिए विभिन्न प्रकार की सामग्रियों की मांग बढ़ने लगी है। ऐसे में हिसुआ के गया रोड, पानी टंकी के निकट स्थित सोनू रेडियम हाउस में सजावट एवं रेडियम से संबंधित विभिन्न प्रकार की सामग्रियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। सोनू रेडियम हाउस में ग्राहकों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए सजावट से जुड़ी कई प्रकार की सामग्री उपलब्ध है। यहां आकर्षक सजावटी सामान के साथ-साथ रेडियम एवं अन्य उपयोगी सामग्री भी उचित दर पर प्राप्त की जा सकती है। विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर दुकान, प्रतिष्ठान, वाहन एवं अन्य स्थानों को आकर्षक रूप देने के लिए ग्राहक अपनी आवश्यकता के अनुसार सामान की खरीदारी कर सकते हैं। दुकान संचालक सोनू बाबू ने बताया कि ग्राहकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यहां होलसेल रेट पर भी सामान उपलब्ध कराया जाता है। इससे छोटे दुकानदारों, वाहन संचालकों, व्यवसायियों तथा अधिक मात्रा में सजावट का सामान खरीदने वाले ग्राहकों को सुविधा मिल सकती है। गया रोड पर पानी टंकी के निकट दुकान स्थित होने के कारण हिसुआ सहित आसपास के क्षेत्रों और नवादा जिले के विभिन्न इलाकों से आने वाले ग्राहक यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। दुकान पर सामान की उपलब्धता, कीमत एवं अन्य जानकारी के लिए ग्राहक फोन के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं। सोनू रेडियम हाउस की ओर से विश्वकर्मा पूजा के शुभ अवसर पर ग्राहकों से अपनी जरूरत के अनुसार सजावट एवं अन्य सामग्री की खरीदारी करने की अपील की गई है। सोनू बाबू ने कहा कि ग्राहकों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सामान उपलब्ध कराने तथा उचित दर पर बेहतर सेवा देने का प्रयास किया जा रहा है। विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर दुकान, प्रतिष्ठान और वाहनों को आकर्षक रूप देने के लिए सजावट से जुड़ी सामग्री की खरीदारी के इच्छुक ग्राहक सोनू रेडियम हाउस पहुंच सकते हैं। संपर्क : 6206 141481, 9905429629 पता : गया रोड, पानी टंकी के निकट, हिसुआ, जिला नवादा। विश्वकर्मा पूजा के शुभ अवसर पर सजावट एवं आवश्यक सामग्री की खरीदारी के लिए सोनू रेडियम हाउस पहुंचें और अपनी पसंद के सामान की खरीदारी करें।1
- मोहम्मद साहब की मनाई गई यौमे पैदाइश,मरहबा से गूंजता रहा गांव शहर रिपोर्टर : इम्तियाज फोनवेल की खास रिपोर्ट । फोटो : स्टार न्यूज़ बिहार बिहार : नवादा खबर। पैगंबर ए इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की यौमे पैदाइश का पर्व ईद मिलाद उन नबी रबिउल अव्वल की 12 तारीख यानी 26 अगस्त 2026 बुधवार को बड़े शान ओ शौकत से मनाई गई। नवादा जिले केअकबरपुर,रजौली सिरदला, हिसुआ,नारदीगंज,गोविंदपुर कौवाकोल, मेसकौर नरहट छोटी शेखपूरा समेत नवादा जिले भर के दर्जनों गांव में इस मौके पर जुलूस- ए- मोहम्मदी निकाला गया। छोटी शेखपुरा में अकीदतमंदों ने इस्लामिक झंडा व तिरंगा गाजे बाजे के साथ जुलूस में लहरा रहा था । जुलूस के दौरान अकीदतमंदों के लबों पर सरकार को आमद मरहबा, हुजूर की आमद मरहबा के साथ दरूदे ए मुस्तफा का नारे गूंज रहा था। तिरंगे व हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे से छोटी शेखपुरा पैगंबरमय हो गये। इस मौके पर मोहम्मद फैयाज मोहम्मद सोहेल, मोहम्मद शाहबाज, सोनू , राजा अरबाज, परवेज ,समी, अली, फैजुन इरफान, अकबर राजा, मुन्नू समेत सैकड़ो लोग मौजूद थे।1
- तेजस्वी यादव ने नेपाल में फ्लैश फ्लड के कारण बिहार में जलप्रवाह बढ़ने की संभावना के मद्देनजर बिहार सरकार को सुनिए क्या बोले नेपाल में फ्लैश फ्लड के कारण बिहार में जलप्रवाह बढ़ने की संभावना के मद्देनजर बिहार सरकार को किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति और खतरे से निपटने के लिए सतर्कता बरतते हुए लगातार निगरानी तथा राहत-बचाव कार्यों के अलावा सभी जरूरी प्रशासनिक व तकनीकी तैयारियां रखनी चाहिए।1
- रक्षाबंधन पर घर नहीं जाएंगी छात्राएं! 😢 | बोलीं—मांग पूरी होने तक धरना जारी पटना में छात्र आंदोलन के बीच कुछ छात्राओं ने कहा कि वे रक्षाबंधन मनाने घर नहीं जाएंगी और अपनी मांग पूरी होने तक धरना स्थल पर ही बैठी रहेंगी। 😢✊ छात्राओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। 📍 Patna, Bihar1
- वज़ीरगंज मे रेलवे ट्रैक पर दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौ/त, सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल वज़ीरगंज मे रेलवे ट्रैक पर दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौ/त, सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल वजीरगंज, गया | 27 अगस्त 2026 वजीरगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक रेल हादसे में 45 वर्षीय महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान हेमजा गांव निवासी बिंदु देवी, पति भरत यादव के रूप में हुई है। हादसा रेलवे पोल संख्या 103/13 एवं 103/14 के समीप हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। अचानक हुई इस दर्दनाक घटना से मृतका के परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूजा के लिए निकली थीं, रास्ते में हुआ हादसा स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, बिंदु देवी गुरुवार को अपने घर से निकली थीं। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि वह लाइनेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जा रही थीं। इसी दौरान रेलवे ट्रैक के समीप वह ट्रेन की चपेट में आ गईं। ट्रेन की टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, वह रेलवे ट्रैक के पास किस परिस्थिति में पहुंचीं और हादसा वास्तव में कैसे हुआ, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलने के बाद वजीरगंज थाना की गश्ती टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। गश्ती टीम में शामिल ASI सरजू प्रसाद सिंह ने मौके का जायजा लिया और घटना के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाई। महिला की पहचान होने के बाद पुलिस ने उनके परिजनों को घटना की सूचना दी। जानकारी मिलते ही मायके पक्ष के लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। मृतका का मायका दक्खिनगांव गांव, थाना वजीरगंज बताया गया है। वहीं, पुलिस ने ससुराल पक्ष के लोगों को भी घटना की जानकारी दे दी। ASI सरजू प्रसाद सिंह के अनुसार, रेलवे पोल संख्या 103/13 एवं 103/14 के पास एक महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई है। प्रथम दृष्टया महिला के लाइनेश्वर महादेव की ओर पूजा करने जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। एक हादसा, लेकिन समाज के लिए बड़ा संदेश यह घटना केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति नहीं है, बल्कि रेलवे ट्रैक और उसके आसपास अनावश्यक आवाजाही को लेकर भी गंभीर संदेश देती है। रेलवे ट्रैक आम रास्ता नहीं है। ट्रेन कुछ ही सेकंड में घटनास्थल तक पहुंच जाती है और कई बार सामने मौजूद व्यक्ति को संभलने या हटने का मौका तक नहीं मिलता। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोग रेलवे ट्रैक को शॉर्टकट या आने-जाने के रास्ते के रूप में इस्तेमाल करते हैं। धार्मिक स्थलों, खेतों या आसपास के गांवों तक पहुंचने के लिए ट्रैक पार करने की आदत भी कई जगह देखने को मिलती है। ऐसी लापरवाही कभी-कभी पूरे परिवार की खुशियां छीन लेती है। इस घटना से यह संदेश भी स्पष्ट है कि रेलवे ट्रैक पर चलते समय या उसे पार करते समय किसी भी तरह की जल्दबाजी जानलेवा साबित हो सकती है। परिवार के सदस्यों को भी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को रेलवे ट्रैक के खतरों के प्रति जागरूक करना चाहिए। सुरक्षा के प्रति जागरूक होना जरूरी रेलवे प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि जहां ग्रामीण आबादी रेलवे लाइन के आसपास रहती है, वहां लोगों को लगातार जागरूक किया जाए। यदि किसी स्थान पर लोग नियमित रूप से रेलवे ट्रैक पार करते हैं, तो वहां सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ते, फुटओवर ब्रिज, अंडरपास या अन्य आवश्यक व्यवस्था पर भी विचार किया जाना चाहिए। वहीं आम लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे रेलवे ट्रैक को रास्ता न समझें और किसी भी परिस्थिति में अपनी जान जोखिम में न डालें। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ बिंदु देवी की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक महिला के अचानक चले जाने से परिवार के सामने भावनात्मक पीड़ा के साथ-साथ भविष्य की कई चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। फिलहाल पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला रेलवे ट्रैक तक किन परिस्थितियों में पहुंचीं और हादसा किस प्रकार हुआ। यह घटना एक बार फिर हमें याद दिलाती है कि जिंदगी अनमोल है। कुछ मिनट बचाने के लिए रेलवे ट्रैक का रास्ता चुनना कभी भी जिंदगी भर का दुख दे सकता है। इसलिए सावधानी बरतें, रेलवे ट्रैक से दूरी बनाए रखें और अपने साथ-साथ अपने परिवार को भी सुरक्षित रखें।1
- नेपाल में तिब्बत से आई बाढ़ की भयानक तस्वीर, बिहार के कई जिला एलर्ट पर ... नेपाल में तिब्बत से आई बाढ़ की भयानक तस्वीर, बिहार के कई जिला एलर्ट पर ...1
- नवादा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 323 लीटर महुआ शराब जब्त, 7 आरोपी गिरफ्तार; कार भी बरामद नवादा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 323 लीटर महुआ शराब जब्त, 7 आरोपी गिरफ्तार; कार भी बरामद1