सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिलोपा में गोवर्धन मीणा की पुनः हेडमास्टर पद पर नियुक्ति होने से विद्यालय परिवार और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है। गोवर्धन मीणा के विद्यालय पहुंचने पर वहां मौजूद शिक्षकों, विद्यार्थियों और ग्रामवासियों ने फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया और उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि गोवर्धन मीणा के लंबे शैक्षिक अनुभव, कर्मनिष्ठा, अनुशासन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पित कार्यशैली से विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा। ग्रामीणों और विद्यालय परिवार को उम्मीद है कि उनके कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित वातावरण और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे विद्यार्थी शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिलोपा में गोवर्धन मीणा की पुनः हेडमास्टर पद पर नियुक्ति होने से विद्यालय परिवार और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है। गोवर्धन मीणा के विद्यालय पहुंचने पर वहां मौजूद शिक्षकों, विद्यार्थियों और ग्रामवासियों ने फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया और उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर ग्रामीणों ने
विश्वास जताया कि गोवर्धन मीणा के लंबे शैक्षिक अनुभव, कर्मनिष्ठा, अनुशासन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पित कार्यशैली से विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा। ग्रामीणों और विद्यालय परिवार को उम्मीद है कि उनके कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित वातावरण और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे विद्यार्थी शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
- सवाई माधोपुर के श्याम वाटिका हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में सड़क निर्माण कार्य के दौरान अतिक्रमण हटाने को लेकर 'काका-भतीजा' विवाद छिड़ गया है। इस काम के दौरान कई जगहों पर तो पूरा अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया गया, लेकिन कई जगहों पर भारी विवाद खड़ा हो गया है। इसके साथ ही, यहाँ सड़क निर्माण का कार्य भी जी शेड्यूल के नियमों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। अवैध अतिक्रमण को हटाने से बचने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग और ठेकेदार दोनों नतमस्तक हो चुके हैं। ऐसे में अब यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि पीडब्ल्यूडी विभाग और जिला प्रशासन इस अतिक्रमण पर आखिरकार कब तक ठोस कार्रवाई करेगा, या फिर यहाँ यह 'काका-भतीजावाद' यूं ही चलता रहेगा।4
- राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के खण्डार स्थित मानपुरा मोहल्ले के रास्तों पर बबूल के पेड़ उग आए हैं, जिससे स्थानीय लोगों का चलना दूभर हो गया है। निवासियों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है और न ही इलाके की सफाई के लिए कोई कर्मचारी वहां पहुंच रहा है।1
- टोंक जिले की उनियारा थाना पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीना के निर्देशों पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन लाल भार्गव और पुलिस उप अधीक्षक अशोक कुमार के पर्यवेक्षण में यह कामयाबी हासिल की। थानाधिकारी कप्तान सिंह के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध गांजा, स्मैक और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मध्य प्रदेश नंबर की काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी जब्त की है। यह कार्रवाई 11 जुलाई 2026 को गश्त के दौरान हुई, जब पुलिस टीम कामधेनु सर्किल उनियारा के आगे नैनवा रोड पर मौजूद थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी (क्रमांक MP 07 AL 8710) को रोककर तलाशी ली, तो उसमें सवार चार युवकों के पास से कुल 5 किलोग्राम 60 ग्राम अवैध गांजा और 69.35 ग्राम स्मैक बरामद की। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से मादक पदार्थों के साथ-साथ तस्करी में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन, 4 एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 4,780 रुपये नकद जब्त किए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ उनियारा थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 और 8/21 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तीन मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के और एक स्थानीय निवासी है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान श्योपुर के हसनपुर कालोनी निवासी सलमान (उम्र 34 साल), हीरापुर निवासी अमन सिंह (उम्र 26 साल), गिरधरपुर निवासी राकेश (उम्र 32 साल) और उनियारा, टोंक निवासी सुरेश (उम्र 30 साल) के रूप में हुई है। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी कप्तान सिंह के साथ उपनिरीक्षक रतन लाल, हेड कांस्टेबल सोभाग मल, और कांस्टेबल अशोक कुमार, विनोद, महेश कुमार, केदार व दिनेश शामिल रहे। पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है कि वे यह अवैध मादक पदार्थ कहाँ से ला रहे थे और कहाँ सप्लाई करने जा रहे थे, जिससे बड़े नेटवर्क के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर और बड़ौदा में विशेष चेकिंग अभियान के तहत यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले 10 स्कूली वाहनों के चालान काटे हैं और उनसे कुल ₹28,700 का जुर्माना वसूला है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 8 से 17 जुलाई तक चल रहे इस विशेष अभियान के तहत कुल 16 स्कूली वाहनों की जांच की गई थी, जिनमें से 10 वाहनों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच के दौरान पुलिस को 2 बसें बिना फिटनेस के संचालित होती मिलीं, जबकि 6 वाहन ओवरलोड पाए गए। इसके अलावा, 1 वाहन बिना अग्निशामक यंत्र के और 1 बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के चलता पाया गया। बड़ौदा के राजीव गांधी स्कूल की दो बसों में क्षमता से 25-25 और एक अन्य बस में 15 बच्चे अधिक बैठे मिले, जिसके बाद उन पर चालानी कार्रवाई की गई। वहीं, श्योपुर के मॉडर्न स्कूल की भी एक बस बिना फिटनेस के संचालित होने पर चालान की जद में आई। यह अभियान पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण भूरिया के मार्गदर्शन और निरीक्षक संजय सिंह राजपूत के नेतृत्व में चलाया गया। कार्रवाई के बाद यातायात पुलिस ने सभी स्कूल वाहन संचालकों से अपील की है कि वे फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस, अग्निशामक यंत्र, मेडिकल किट और स्पीड गवर्नर जैसे सभी नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें और वाहनों को ओवरलोड न चलाएं।2
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ वर्षीय मासूम को पटककर मारने वाले कसाई को जिला जज ने मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ी बात यह रही कि वारदात के महज 40 दिनों के भीतर ही अदालत का यह ऐतिहासिक फैसला आ गया है। अदालत के इस त्वरित निर्णय पर जज साहब का बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया गया है। ऐसे सख्त फैसलों से अपराधियों के मन में कानून का डर बना रहता है, जिससे न्याय की जीत सुनिश्चित होती है।1
- सवाई माधोपुर में अपनी पत्नी को वापस लेने ससुराल पहुंचे एक भाई के साथ वहां खतरनाक लड़ाई होने का मामला सामने आया है। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया है कि जैसे पांचना की लड़ाई खत्म हो गई, वैसे ही पंचों को मिलकर अब इस लड़ाई को भी शांत करवाना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम में कुछ गड़बड़ी होने की आशंका जताते हुए कहा गया है कि इसमें 'कुछ तो झोल जरूर है'। इस मामले में सोनम लकवाड़, नीरज रोनसी, सतीश मीना, जे पी मीणा, गाँवडी स्टुडियो घुणावत और सरिता का उल्लेख किया गया है।1