पिछली सरकार के कार्यकाल में कलेक्ट्रेट पर स्थित पुराने रेफरल अस्पताल को सैटेलाइट अस्पताल घोषित किया गया था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर के सामान्य रोगियों को राहत पहुँचाना और जिला अस्पताल पर पड़ने वाले बोझ को कम करना था, जिसके लिए आवश्यक बजट भी आवंटित किया गया था। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक शिथिलता के कारण यह सैटेलाइट अस्पताल अब वीरान पड़ा है और अपने मूल उद्देश्य को पूरा करने में विफल रहा है। वर्तमान में, यहाँ केवल एक या दो चिकित्सक आउटडोर सेवाओं में कार्यरत हैं और नीचे एक कार्यालय संचालित होता है। इसके बावजूद, अस्पताल के वार्ड और शेष भवन मकड़ियों के जालों से भरे पड़े हैं। खाली पड़े इस भवन में चोर, स्मैकची और असामाजिक तत्व खिड़कियां तोड़कर अंदर घुस जाते हैं और छोटी-मोटी चोरियों को अंजाम देते हैं। इसी के चलते वार्डों से बिजली की लाइनें, स्विच और एल्यूमिनियम की खिड़कियां चोरी हो चुकी हैं। छत पर लगे पंखों को भी खोलने की कोशिश की गई, जिससे वे पूरी तरह मुड़ गए हैं। भवन के पीछे उगे पेड़ों की जड़ें अंदर तक आ गई हैं, जिससे वार्ड की दीवारों की टाइलों पर दरारें पड़ गई हैं और जर्जर हालात पैदा हो गए हैं, यहाँ तक कि बरसाती पानी भी वार्डों में भरने लगा है। मरम्मत कराए जाने के बावजूद यह अस्पताल बदहाली के आँसू बहा रहा है। सैटेलाइट चिकित्सालय की घोषणा के समय, इसमें फिजिशियन के साथ-साथ विशेषज्ञ सेवाओं के चिकित्सकों की नियुक्ति की जानी थी और 40-50 बेड के अस्पताल का संचालन किया जाना था, जिसके लिए तत्कालीन सरकार और नगर परिषद द्वारा बजट जारी किया गया था। अस्पताल परिसर में गांधी वाटिका का निर्माण भी हुआ था। कुछ समय तक एक चिकित्सक की नियुक्ति रही, लेकिन अब अस्पताल वीरान होता जा रहा है और आसपास के शहरी क्षेत्र के मरीजों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थिति की गंभीरता तब और बढ़ जाती है जब जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित होने के बाद इस भवन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी, ऐसे में इस सैटेलाइट अस्पताल का संचालन अत्यंत आवश्यक हो गया है।
पिछली सरकार के कार्यकाल में कलेक्ट्रेट पर स्थित पुराने रेफरल अस्पताल को सैटेलाइट अस्पताल घोषित किया गया था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर के सामान्य रोगियों को राहत पहुँचाना और जिला अस्पताल पर पड़ने वाले बोझ को कम करना था, जिसके लिए आवश्यक बजट भी आवंटित किया गया था। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक शिथिलता के कारण यह सैटेलाइट अस्पताल अब वीरान पड़ा है और अपने मूल उद्देश्य को पूरा करने में विफल रहा है। वर्तमान में, यहाँ केवल एक या दो चिकित्सक आउटडोर सेवाओं में कार्यरत हैं और नीचे एक कार्यालय संचालित होता है। इसके बावजूद, अस्पताल के वार्ड और शेष भवन मकड़ियों के जालों से भरे पड़े हैं। खाली पड़े इस भवन में चोर, स्मैकची और असामाजिक तत्व खिड़कियां तोड़कर अंदर घुस जाते हैं और छोटी-मोटी चोरियों को अंजाम देते हैं। इसी के चलते वार्डों से बिजली की लाइनें, स्विच और एल्यूमिनियम की खिड़कियां चोरी हो चुकी हैं। छत पर लगे पंखों को भी खोलने की कोशिश की गई, जिससे वे पूरी तरह मुड़ गए हैं। भवन के पीछे उगे पेड़ों की जड़ें अंदर तक आ गई हैं, जिससे वार्ड की दीवारों की टाइलों पर दरारें पड़ गई हैं और जर्जर हालात पैदा हो गए हैं, यहाँ तक कि बरसाती पानी भी वार्डों में भरने लगा है। मरम्मत कराए जाने के बावजूद यह अस्पताल बदहाली के आँसू बहा रहा है। सैटेलाइट चिकित्सालय की घोषणा के समय, इसमें फिजिशियन के साथ-साथ विशेषज्ञ सेवाओं के चिकित्सकों की नियुक्ति की जानी थी और 40-50 बेड के अस्पताल का संचालन किया जाना था, जिसके लिए तत्कालीन सरकार और नगर परिषद द्वारा बजट जारी किया गया था। अस्पताल परिसर में गांधी वाटिका का निर्माण भी हुआ था। कुछ समय तक एक चिकित्सक की नियुक्ति रही, लेकिन अब अस्पताल वीरान होता जा रहा है और आसपास के शहरी क्षेत्र के मरीजों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थिति की गंभीरता तब और बढ़ जाती है जब जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित होने के बाद इस भवन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी, ऐसे में इस सैटेलाइट अस्पताल का संचालन अत्यंत आवश्यक हो गया है।
- उदयपुर जिले के मावली, फतहनगर सहित विभिन्न गांवों और कस्बों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मावली में उपखंड स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम खास तौर पर आयोजित हुआ, जिसमें उपखंड अधिकारी रमेश सीरवी के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान भाजपा नेता और विधानसभा प्रभारी कृष्ण गोपाल पालीवाल ने भी क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर योग दिवस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। फतहनगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी योग के प्रति लोगों का उत्साह उल्लेखनीय रहा। कुल मिलाकर, मावली और फतहनगर के साथ-साथ जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर तरह-तरह के कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए, जिनमें जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज की गई।1
- राजसमंद जिले के रेलमगरा स्थित गोगाथला ग्राम पंचायत में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में हुए इस आयोजन की थीम 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थी और यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत प्रशासक छोगालाल सालवी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। योग प्रशिक्षक कृष्ण खटीक के मार्गदर्शन में उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासनों और प्राणायामों का अभ्यास किया। इस दौरान योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए नियमित योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताया गया, जिस पर प्रतिभागियों ने निरोगी जीवन और सकारात्मक सोच अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में स्थानीय विद्यालय के प्राचार्य सत्यनारायण पुरबिया, शारीरिक शिक्षक प्रहलाद लोहार, हेल्थ कम्युनिटी ऑफिसर रेखा सालवी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता उषा सालवी और पशुधन निरीक्षक छोटूलाल कुमावत सहित स्थानीय एवं अधीनस्थ विद्यालयों के अध्यापक-अध्यापिकाएं, विभागीय कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण महिला-पुरुष, युवा तथा छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे। योगाभ्यास के बाद सभी उपस्थित लोगों ने प्लास्टिक का उपयोग न करने, ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने और मतदाता जागरूकता बढ़ाने की शपथ ली। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, अनुशासित और संतुलित जीवन जीने की एक प्रभावी जीवनशैली है। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ समाज, स्वच्छ ग्राम और जागरूक मतदाता निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।1
- नंदलाल पुरबिया रिपोर्टर न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा जनहित में प्रसारित1
- भदेसर क्षेत्र के पीपलवास गांव और आसपास के इलाकों में किसानों ने बुधवार को हुई प्री-मानसून की तेज बारिश के बाद खरीफ फसलों की बुवाई शुरू कर दी है। बुधवार देर रात से सुबह तक हुई इस बारिश से उत्साहित होकर, कई किसानों ने शुक्रवार से ही जोखिम उठाते हुए बुवाई का कार्य प्रारंभ किया, जबकि कुछ अन्य गांवों में शनिवार से यह कार्य शुरू हुआ। पीपलवास निवासी प्रकाश सोलंकी के अनुसार, बारिश के बाद भूमि बुवाई के लिए उपयुक्त हो गई है। किसानों का मानना है कि यदि अगले 10-15 दिनों तक बारिश न भी हो, तो भी मिट्टी में मौजूद वर्तमान नमी अंकुरण के लिए पर्याप्त रहेगी। पीपलवास पंचायत के आसपास के किसान अच्छी बारिश की उम्मीद में यह जोखिम भरा फैसला ले रहे हैं। इसके विपरीत, मौसम पूर्वानुमान मंच और कृषि विशेषज्ञ किसानों को बुवाई में जल्दबाजी न करने की सलाह दे रहे हैं। उनका तर्क है कि प्री-मानसून बारिश पर बड़े पैमाने पर बुवाई करना जोखिमपूर्ण हो सकता है, क्योंकि आगे पर्याप्त वर्षा न होने की स्थिति में फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।1
- अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ विद्यालय शिक्षा के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा हाल ही में राजसमंद जिले के प्रवास पर रहे। यह तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उनका राजसमंद जिले का पहला दौरा था। नाथद्वारा और राजसमंद पहुंचने पर संगठन के कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य अभिनंदन किया। जिला सभाध्यक्ष ऋषिकेश गुर्जर और जिला अध्यक्ष सतीश आचार्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उन्हें मेवाड़ी पगड़ी और इकलाई भेंट कर सम्मानित किया। अपने प्रवास के दौरान, पुष्करणा ने सपरिवार प्रभु श्री नाथ जी और द्वारकाधीश मंदिर में झांकी के दर्शन किए और संगठन के सफल कार्यों के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए संगठन की गतिविधियों पर चर्चा की। उन्होंने जिले में सदस्यता अभियान के तहत 5900 सदस्यों को जोड़ने के रिकॉर्ड पर जिला टीम को धन्यवाद दिया और वर्षभर के कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न करने का आह्वान किया। पुष्करणा ने राज्य सरकार द्वारा स्थानांतरण पर से प्रतिबंध हटाने का स्वागत किया, साथ ही तृतीय श्रेणी के अध्यापकों के स्थानांतरण की भी मांग की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में प्रदेश शैक्षिक प्रकोष्ठ संयोजक राजेश्वर त्रिपाठी, प्रदेश प्रयोगशाला सदस्य अर्जुन सिंह, संभाग महिला संगठन मंत्री वीणा वैष्णव, जिला सभाध्यक्ष ऋषिकेश गुर्जर, जिला अध्यक्ष सतीश आचार्य, जिला संगठन मंत्री शंकर माली, नाथद्वारा खंड अध्यक्ष किरण माली, मंत्री श्याम सुंदर झांवर, सुनील माली, मनोज सोलिया, मनोज पालीवाल, खमनोर अध्यक्ष रणवीर सिंह, प्रेम शंकर भट्ट, राहुल सोनी, चेतन प्रजापत, महेंद्र बडारिया, किशन सिंह चदाणा, दीपक मोदी, पवन जोशी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- दहेज मृत्यु के एक मामले को झूठा पाए जाने के बाद एक नया और गंभीर सवाल उठ खड़ा हुआ है। मामले की जाँच के दौरान जब्त किए गए करोड़ों रुपये के जेवर आखिर कहाँ गए? इस सवाल के जवाब में अधिकारियों द्वारा “बंदर ले गए” कहने से जनता में भारी रोष और अविश्वास का माहौल है। इस हैरान कर देने वाले जवाब के बाद अब जनता पूछ रही है कि आखिर इतना शातिर कौन निकला—बंदर, या कोई और? करोड़ों की कीमत के जेवरों के गायब होने और ऐसा बेतुका जवाब मिलने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आम लोग मांग कर रहे हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। यह भी रेखांकित किया गया है कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है।1
- आगामी महिला T20 वर्ल्ड कप फाइनल का विजेता कौन होगा, यह सवाल उठाया गया है। दर्शकों से आग्रह किया गया है कि वे इस महत्वपूर्ण मुकाबले के संभावित विजेता के बारे में जानने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें।1
- वल्लभनगर उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत नवानिया स्थित प्रसिद्ध खेड़ाखूंट माताजी मंदिर परिसर में एक सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का विधिविधान और पूजा-अर्चना के साथ नींव का मुहूर्त किया गया। यह सामुदायिक भवन वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी की अनुशंसा पर स्वीकृत राशि से स्थानीय ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाया जा रहा है। विधायक डांगी ने इस कार्य के लिए 5 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस सामुदायिक भवन के निर्माण से क्षेत्र में सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के लिए एक बेहतर स्थान मिल सकेगा। नींव के इस अवसर पर पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण भी मौजूद रहे।1