*मेगा कॉन्ट्रैक्ट नीति के विरोध में एम एस एम ई ठेकेदारों का ज्ञापन, रोजगार संकट की चेतावनी* *मेगा कॉन्ट्रैक्ट नीति के विरोध में एम एस एम ई ठेकेदारों का ज्ञापन, रोजगार संकट की चेतावनी* कांट्रेक्टर एसोसिएशन, सं.गां.ता.वि.गृह के बैनर तले केंद्रीय मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन मंगठार/बिरसिंहपुर- संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंहपुर पाली में कार्यरत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग ( एम एस एम ई ) श्रेणी के ठेकेदारों ने मेगा कॉन्ट्रैक्ट नीति के खिलाफ एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा अपनाई जा रही नई निविदा व्यवस्था प्रधानमंत्री महोदय द्वारा चलाई जा रही एम एस एम ई प्रोत्साहन नीतियों के विपरीत है जिससे सैकड़ों स्थानीय ठेकेदारों का रोजगार संकट में पड़ जाएगा इस संबंध में आज कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के तत्वाधान में मुख्य अभियंता (उत्पादन) संजय गांधी ताप विद्युत गृह श्री हरि कृष्ण त्रिपाठी को प्रशासनिक भवन में ज्ञापन सौंपा गया, ज्ञापन सौंपने के दौरान परियोजना में कार्यरत लगभग 72 एम एस एम ई संस्थाओं एवं ठेकेदारों की उपस्थिति रही, ठेकेदारों ने एक स्वर में मेगा कॉन्ट्रैक्ट नीति को तत्काल वापस लेने की मांग की इस सम्बन्ध में एसोसिएशन के अध्यक्ष लाल बहादुर सिंह एवं ठेकेदारों ने बताया कि परियोजना के प्रारंभ से ही स्थानीय एम एस एम ई ठेकेदार लगभग 30 वर्षों परियोजना के शुरू होने के समय से विभिन्न छोटे-बड़े कार्यों को पृथक निविदाओं के माध्यम से करते आ रहे हैं, जिससे न केवल उनका जीवनयापन होता रहा है बल्कि सैकड़ों श्रमिकों को भी रोजगार मिलता रहा है, पूर्व में जारी होने वाली पृथक निविदाओं में एम एस एम ई प्रमाण-पत्र के आधार पर स्थानीय ठेकेदारों को अवसर मिलता था परंतु वर्तमान में कंपनी मुख्यालय जबलपुर द्वारा छोटे-छोटे कार्यों को एकीकृत कर “मेगा कॉन्ट्रैक्ट” के रूप में निविदाएँ जारी की जा रही हैं, जिसके चलते स्थानीय MSME ठेकेदार स्वतः ही निविदा प्रक्रिया से बाहर हो जा रहे हैं इस तारतम्य में सी एच पी में हुए मर्ज के कारण 20 से अधिक ठेकेदार बाहर हो गए जो किसी तरह अपना जीवकोपार्जन कर रहे अब अन्य इकाइयों में भी मेगा कॉन्ट्रैक्ट की तैयारी है जिससे समस्त ठेकेदारों के सामने गंभीर रोजगार संकट उत्पन हो जाएगा ठेकेदारों का आरोप है कि इस नीति से बड़े पूंजीपति ठेकेदारों एवं कंपनियों को अनुचित लाभ पहुँचाया जा रहा है, जबकि स्थानीय उद्यमियों की अनदेखी की जा रही है एम एस एम ई ठेकेदारों ने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाई गई “कौशल भारत”, “मेक इन इंडिया” एवं “आत्मनिर्भर भारत” जैसी योजनाओं की मूल भावना के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि यदि यह नीति लागू रही, तो सैकड़ों एम एस एम ई ठेकेदार बेरोजगार हो जाएंगे, जिससे गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न होगा और अनेक परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा ठेकेदारों ने यह भी चेतावनी दी कि मजबूरी में उन्हें अन्य स्थानों पर रोजगार की तलाश में पलायन करना पड़ सकता है। उन्होंने इस स्थिति के लिए संबंधित प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया ज्ञापन के माध्यम से एम एस एम ई ठेकेदारों ने मांग की कि संजय गांधी ताप विद्युत गृह में मेगा कॉन्ट्रैक्ट नीति पर तत्काल रोक लगाई जाए, छोटे-छोटे कार्यों की पृथक निविदा प्रणाली पुनः लागू की जाए तथा प्रधानमंत्री की एम एस एम ई प्रोत्साहन नीति को दरकिनार कर लिए जा रहे निर्णयों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए ठेकेदारों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि 7 दिनों के भीतर कोई ठोस एवं सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे सामूहिक हड़ताल, रैली, भूख-हड़ताल सहित अन्य लोकतांत्रिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन एवं प्रशासन की होगी । इस सम्बन्ध में संगठन द्वारा ज्ञापन दिया गया है हमारे द्वारा उसे मुख्यालय अग्रेषित कर दिया जाएगा वहां से जैसे दिशा निर्देश प्राप्त होंगे वैसे कार्यवाही की जाएगी हरिकृष्ण त्रिपाठी मुख्य अभियंता उत्पादन मंडल द्वारा जो निर्णय लिए जा रहे हैं उसका पूर्ण लाभ बड़े पूंजीपतियों को होगा स्थानीय चेते ठेकदारों के रोजगार पर संकट उत्पन्न है हम प्रबंधन से मांग करते हैं कि स्थानीय ठेकेदारों का ध्यान रखते हुए व्यवस्था की जाए जिससे किसी को समस्या का सामना न करना पड़े । लाल बहादुर सिंह अध्यक्ष कांट्रेक्टर एसोसिएशन, सं.गां.ता.वि.गृह आज स्थानीय ठेकेदारों द्वारा मेगा कॉन्ट्रैक्ट नीति के विरोध में ज्ञापन सौंपा गया है जिसका हम पूर्ण समर्थन करते है और अगर कम्पनी के उच्च प्रबंधन द्वारा संगठन द्वारा दिए गए सात दिवस के अंदर कोई निर्णय नहीं होता है तो कांग्रेस कंधे से कंधा मिलाकर इस लड़ाई को लड़ेगी और उग्र प्रदर्शन किया जाएगा रवि मिश्रा अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पाली मेगा कॉन्ट्रैक्ट नीति से एम एस एम ई के तहत कार्य कर रहे ठेकदार कार्य से बाहर हो जाएंगे जिससे आने वाले समय में गंभीर रोजगार के संकट उत्पन्न होंगे जिसे रोकना अत्यंत आवश्यक है पूर्व में सी एच पी साइट से इसी नीति के कारण कई ठेकदार घर बैठ गए है और जिस रेट में हम काम करते थे आज उसमें और नई कंपनियों के रेट में जमीन आसमान का अंतर है इसलिए व्यवस्था जैसी चल रही वैसी ही सुचारू रहनी चाहिए । ओमकेश जायसवाल प्रोपराइटर ओम कंस्ट्रक्शन संजय गांधी ताप विद्युत गृह
*मेगा कॉन्ट्रैक्ट नीति के विरोध में एम एस एम ई ठेकेदारों का ज्ञापन, रोजगार संकट की चेतावनी* *मेगा कॉन्ट्रैक्ट नीति के विरोध में एम एस एम ई ठेकेदारों का ज्ञापन, रोजगार संकट की चेतावनी* कांट्रेक्टर एसोसिएशन, सं.गां.ता.वि.गृह के बैनर तले केंद्रीय मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन मंगठार/बिरसिंहपुर- संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंहपुर पाली में कार्यरत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग ( एम एस एम ई ) श्रेणी के ठेकेदारों ने मेगा कॉन्ट्रैक्ट नीति के खिलाफ एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा अपनाई जा रही नई निविदा व्यवस्था प्रधानमंत्री महोदय द्वारा चलाई जा रही एम एस एम ई प्रोत्साहन नीतियों के विपरीत है जिससे सैकड़ों स्थानीय ठेकेदारों का रोजगार संकट में पड़ जाएगा इस संबंध में आज कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के तत्वाधान में मुख्य अभियंता (उत्पादन) संजय गांधी ताप विद्युत गृह श्री हरि कृष्ण त्रिपाठी को प्रशासनिक भवन में ज्ञापन सौंपा गया, ज्ञापन सौंपने के दौरान परियोजना में कार्यरत लगभग 72 एम एस एम ई संस्थाओं एवं ठेकेदारों की उपस्थिति रही, ठेकेदारों ने एक स्वर में मेगा कॉन्ट्रैक्ट नीति को तत्काल वापस लेने की मांग की इस सम्बन्ध में एसोसिएशन के अध्यक्ष लाल बहादुर सिंह एवं ठेकेदारों ने बताया कि परियोजना के प्रारंभ से ही स्थानीय एम एस
एम ई ठेकेदार लगभग 30 वर्षों परियोजना के शुरू होने के समय से विभिन्न छोटे-बड़े कार्यों को पृथक निविदाओं के माध्यम से करते आ रहे हैं, जिससे न केवल उनका जीवनयापन होता रहा है बल्कि सैकड़ों श्रमिकों को भी रोजगार मिलता रहा है, पूर्व में जारी होने वाली पृथक निविदाओं में एम एस एम ई प्रमाण-पत्र के आधार पर स्थानीय ठेकेदारों को अवसर मिलता था परंतु वर्तमान में कंपनी मुख्यालय जबलपुर द्वारा छोटे-छोटे कार्यों को एकीकृत कर “मेगा कॉन्ट्रैक्ट” के रूप में निविदाएँ जारी की जा रही हैं, जिसके चलते स्थानीय MSME ठेकेदार स्वतः ही निविदा प्रक्रिया से बाहर हो जा रहे हैं इस तारतम्य में सी एच पी में हुए मर्ज के कारण 20 से अधिक ठेकेदार बाहर हो गए जो किसी तरह अपना जीवकोपार्जन कर रहे अब अन्य इकाइयों में भी मेगा कॉन्ट्रैक्ट की तैयारी है जिससे समस्त ठेकेदारों के सामने गंभीर रोजगार संकट उत्पन हो जाएगा ठेकेदारों का आरोप है कि इस नीति से बड़े पूंजीपति ठेकेदारों एवं कंपनियों को अनुचित लाभ पहुँचाया जा रहा है, जबकि स्थानीय उद्यमियों की अनदेखी की जा रही है एम एस एम ई ठेकेदारों ने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाई गई “कौशल भारत”, “मेक इन इंडिया” एवं “आत्मनिर्भर भारत” जैसी योजनाओं की मूल भावना
के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि यदि यह नीति लागू रही, तो सैकड़ों एम एस एम ई ठेकेदार बेरोजगार हो जाएंगे, जिससे गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न होगा और अनेक परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा ठेकेदारों ने यह भी चेतावनी दी कि मजबूरी में उन्हें अन्य स्थानों पर रोजगार की तलाश में पलायन करना पड़ सकता है। उन्होंने इस स्थिति के लिए संबंधित प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया ज्ञापन के माध्यम से एम एस एम ई ठेकेदारों ने मांग की कि संजय गांधी ताप विद्युत गृह में मेगा कॉन्ट्रैक्ट नीति पर तत्काल रोक लगाई जाए, छोटे-छोटे कार्यों की पृथक निविदा प्रणाली पुनः लागू की जाए तथा प्रधानमंत्री की एम एस एम ई प्रोत्साहन नीति को दरकिनार कर लिए जा रहे निर्णयों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए ठेकेदारों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि 7 दिनों के भीतर कोई ठोस एवं सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे सामूहिक हड़ताल, रैली, भूख-हड़ताल सहित अन्य लोकतांत्रिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन एवं प्रशासन की होगी । इस सम्बन्ध में संगठन द्वारा ज्ञापन दिया गया है हमारे द्वारा उसे मुख्यालय अग्रेषित कर दिया जाएगा वहां से जैसे दिशा निर्देश प्राप्त होंगे वैसे कार्यवाही की जाएगी हरिकृष्ण त्रिपाठी मुख्य अभियंता उत्पादन मंडल द्वारा जो
निर्णय लिए जा रहे हैं उसका पूर्ण लाभ बड़े पूंजीपतियों को होगा स्थानीय चेते ठेकदारों के रोजगार पर संकट उत्पन्न है हम प्रबंधन से मांग करते हैं कि स्थानीय ठेकेदारों का ध्यान रखते हुए व्यवस्था की जाए जिससे किसी को समस्या का सामना न करना पड़े । लाल बहादुर सिंह अध्यक्ष कांट्रेक्टर एसोसिएशन, सं.गां.ता.वि.गृह आज स्थानीय ठेकेदारों द्वारा मेगा कॉन्ट्रैक्ट नीति के विरोध में ज्ञापन सौंपा गया है जिसका हम पूर्ण समर्थन करते है और अगर कम्पनी के उच्च प्रबंधन द्वारा संगठन द्वारा दिए गए सात दिवस के अंदर कोई निर्णय नहीं होता है तो कांग्रेस कंधे से कंधा मिलाकर इस लड़ाई को लड़ेगी और उग्र प्रदर्शन किया जाएगा रवि मिश्रा अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पाली मेगा कॉन्ट्रैक्ट नीति से एम एस एम ई के तहत कार्य कर रहे ठेकदार कार्य से बाहर हो जाएंगे जिससे आने वाले समय में गंभीर रोजगार के संकट उत्पन्न होंगे जिसे रोकना अत्यंत आवश्यक है पूर्व में सी एच पी साइट से इसी नीति के कारण कई ठेकदार घर बैठ गए है और जिस रेट में हम काम करते थे आज उसमें और नई कंपनियों के रेट में जमीन आसमान का अंतर है इसलिए व्यवस्था जैसी चल रही वैसी ही सुचारू रहनी चाहिए । ओमकेश जायसवाल प्रोपराइटर ओम कंस्ट्रक्शन संजय गांधी ताप विद्युत गृह
- पन्ना जिले की शाहनगर ग्राम पंचायत में नाही न्याय मिला नाही अनशन की आजादी1
- विजयराघवगढ़ को मिला हरियाली का तोहफा संवाददाता बाल किशन नामदेव 26 जनवरी बना विकास का ऐतिहासिक दिन, 7 एकड़ में बनेगा भव्य पार्क विजयराघवगढ़। नगर के इतिहास में 26 जनवरी 2026 केवल गणतंत्र दिवस के उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह दिन विजयराघवगढ़ के लिए हरियाली, सुकून और सुनहरे भविष्य की नई शुरुआत बन गया। वर्षों से जिस सुविधा का नगरवासी सपना देख रहे थे, वह सपना अब साकार होने की राह पर है। विजयराघवगढ़ विधायक श्री संजय सत्येंद्र पाठक के अथक प्रयासों से नगर को एक बड़ी और ऐतिहासिक सौगात मिली है। किले के पीछे स्थित हनुमान जी मंदिर के समीप लगभग 7 एकड़ विशाल भूमि पर भव्य पार्क निर्माण की प्रक्रिया का शुभारंभ विधिवत भूमि पूजन के साथ किया गया। 🌳 नगर को पहली बार मिलेगा अपना भव्य पार्क नगर में अब तक एक भी व्यवस्थित पार्क नहीं होने के कारण बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था। लोगों की इसी वर्षों पुरानी पीड़ा और जनभावना को समझते हुए विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने विधायक निधि से 20 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। पार्क निर्माण के लिए नगर परिषद विजयराघवगढ़ को निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया है। 🙏 हनुमान जी की पूजा से हुआ शुभारंभ भूमि पूजन कार्यक्रम में विधायक संजय पाठक ने सर्वप्रथम हनुमान जी महाराज की विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात कलश पूजन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन संपन्न कराया गया। धार्मिक आस्था और विकास का यह संगम नगरवासियों के लिए विशेष रूप से भावुक क्षण रहा। 🗣️ “यह सौगात नगर परिषद की नहीं, हमारे विधायक की देन है” – राजेश्वरी दुवे नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती राजेश्वरी हरीश दुवे ने भावुक शब्दों में विधायक संजय सत्येंद्र पाठक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा— “नगर को यह सौगात नगर परिषद की नहीं, बल्कि हमारे विधायक संजय सत्येंद्र पाठक जी की देन है। हमें गर्व है कि हमारे क्षेत्र को ऐसा विधायक मिला है, जहाँ विकास के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता। हमारी सोच से पहले ही विधायक जी समाधान लेकर खड़े रहते हैं।” उनके शब्दों में केवल धन्यवाद नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण की सच्ची भावना झलक रही थी। 👥 गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति इस अवसर पर नगर पालिका अधिकारी मनीष परते, जनपद उपाध्यक्ष उदय राज सिंह चौहान, नगर परिषद उपाध्यक्ष हरिओम वर्मन, पलक नमीत ग्रोवर, मनीषा अजय शर्मा, तहसीलदार मनीष शुक्ला, थाना प्रभारी रितेश शर्मा, भवानी राजा मिश्रा, नगर परिषद के समस्त पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। ✨ विजयराघवगढ़ अब विकास और हरियाली की नई पहचान की ओर बढ़ चला है1
- #UGC_काला_कानून_वापस_लो जब भी विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, तो ये परिवारवादी और जातिवादी ताकतें फिर से सिर उठाकर अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास करेंगी...1
- #यूजीसी नियम लागू होने के बाद #अशोक_यूनिवर्सिटी में #ब्राह्मणवाद और #बनियावाद मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।1
- ग्राम पंचायत मर्यादपुर ग्राम सोनबरसा स्कूल है यहां की खबर3
- स्थान: जबलपुर | रिपोर्ट: Deepak Vishwakarma जबलपुर के गौरीघाट, मां नर्मदा तट पर पढ़ाई करने वाले बच्चों के जीवन में अब एक नया सवेरा आया है। जो बच्चे कभी घाट की ठंडी सीढ़ियों पर, अंधेरे और कठिन हालात में पढ़ाई करने को मजबूर थे — आज वही बच्चे डिजिटल शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इस प्रेरणादायक बदलाव के पीछे हैं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के Chief Justice संजीव सचदेवा, जिन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक ऐतिहासिक पहल की है। --- घाट पर पढ़ने वाले बच्चों को मिला नया जीवन Chief Justice संजीव सचदेवा की पहल पर — 60 बच्चों को टैबलेट प्रदान किए गए 175 बच्चों को स्कूल बैग और स्टेशनरी वितरित की गई पढ़ाई के लिए पक्का और सुरक्षित शेड स्वीकृत किया गया अब बच्चे धूप, बारिश और अंधेरे में पढ़ने को मजबूर नहीं होंगे यह कदम सिर्फ एक सहायता नहीं, बल्कि शिक्षा के अधिकार और सामाजिक जिम्मेदारी की एक मजबूत मिसाल है। --- Teacher पराग दीवान — निस्वार्थ सेवा की मिसाल इन बच्चों को वर्षों से पढ़ाने वाले शिक्षक पराग दीवान बिना किसी सरकारी सहायता, बिना वेतन और बिना सुविधाओं के बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। उनका समर्पण, संघर्ष और सेवा इस पहल की आत्मा रहा है। Chief Justice द्वारा उनके योगदान को सम्मान और पहचान दी गई — जो हर शिक्षक के लिए प्रेरणा है। --- Chief Justice का संदेश — शिक्षा ही असली न्याय है Chief Justice संजीव सचदेवा ने कहा कि — न्यायपालिका को भी ऐसे बच्चों के भविष्य के लिए आगे आकर भूमिका निभानी चाहिए। यह पहल केवल मदद नहीं, बल्कि शिक्षा के उजाले से गरीबी के अंधेरे को दूर करने का प्रयास है। --- बदली बच्चों की मुस्कान — बदला भविष्य जो बच्चे कभी मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में पढ़ाई करते थे — आज उनके हाथ में टैबलेट हैं, आंखों में सपने हैं और चेहरे पर उम्मीद की चमक है। यह कहानी सिर्फ खबर नहीं — यह मानवता, करुणा और सामाजिक बदलाव की प्रेरक मिसाल है। --- Sach Tak Patrika News का संकल्प Sach Tak Patrika News सिर्फ खबर नहीं दिखाता — बल्कि समाज की उन कहानियों को सामने लाता है, जो उम्मीद, इंसानियत और बदलाव का प्रतीक हैं। --- 📍 Location: Gauri Ghat, Jabalpur 🗣️ Report: Deepak Vishwakarma 📰 Platform: Sach Tak Patrika News1
- हिंदुओं के प्रति लोकतंत्र की इस शर्मनाक व्यवस्था को देखिए.. अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए तुरंत आधार और सुविधाएं पा जाते हैं, जबकि हिंदू बच्चे पीड़ित होते हैं। पाकिस्तान से बचाकर लाई गई हिंदू लड़कियों को दिल्ली के एक स्कूल से आधार में देरी के कारण निकाल दिया गया, जबकि उनके पास सभी दस्तावेज थे। अधिकारी परिवारों को इधर-उधर घुमाते रहते हैं। शिक्षा अनिश्चितता में लटकी हुई है क्योंकि माता-पिता पीएम मोदी से हस्तक्षेप की गुहार लगा रहे हैं।1
- #यूजीसी नियम लागू होने के बाद #अशोक_यूनिवर्सिटी में #ब्राह्मणवाद और #बनियावाद मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।1
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