रीवा के संजय गांधी मेमोरियल* *हॉस्पिटल से सामने आई यह खबर रीवा के संजय गांधी मेमोरियल* *हॉस्पिटल से सामने आई यह खबर *बेहद गंभीर और संवेदनशील है* । बताया जा रहा है कि एक महिला अस्पताल के बाथरूम में पड़ी मिली, लेकिन उसे तत्काल बेड पर भर्ती कराने के बजाय गार्ड द्वारा परिजनों पर दबाव बनाया गया और महिला को “लावारिस” घोषित कर भेजने की बात कही गई। ऐसे मामले कई बड़े सवाल खड़े करते हैं: क्या अस्पताल प्रशासन ने समय पर चिकित्सा सहायता दी? गार्ड को इतना अधिकार किसने दिया कि वह मरीज की स्थिति पर फैसला करे? क्या यह मानवीय संवेदनाओं और मेडिकल एथिक्स का उल्लंघन नहीं है? अगर यह मामला सही है, तो यह सीधे-सीधे लापरवाही और अमानवीय व्यवहार की श्रेणी में आता है। सरकारी अस्पतालों में इस तरह की घटनाएं न सिर्फ सिस्टम पर सवाल उठाती हैं, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी कमजोर करती हैं।। आरोप है कि गार्ड ने महिला को बेड पर भर्ती कराने की जगह उसे “लावारिस” घोषित कर भेजने की बात कही… सोचिए, जहां मरीजों को जीवनदान मिलना चाहिए, वहीं अगर इस तरह का व्यवहार हो, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे? सबसे बड़ा सवाल ये है कि— क्या अस्पताल में इंसानियत खत्म हो चुकी है? क्या एक गार्ड अब तय करेगा कि मरीज का इलाज होगा या नहीं? इस पूरे मामले ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है… और क्या पीड़ित महिला को न्याय मिल पाएगा या नहीं…❗ सवाल ये है: क्या अब अस्पतालों में इलाज से ज्यादा “कागजी प्रक्रिया” मायने रखती है? क्या एक गार्ड तय करेगा कि मरीज का क्या होगा? 👉 अगर यह सच है, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि इंसानियत के खिलाफ अपराध है। *प्रशासन को तुरंत जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए*
रीवा के संजय गांधी मेमोरियल* *हॉस्पिटल से सामने आई यह खबर रीवा के संजय गांधी मेमोरियल* *हॉस्पिटल से सामने आई यह खबर *बेहद गंभीर और संवेदनशील है* । बताया जा रहा है कि एक महिला अस्पताल के बाथरूम में पड़ी मिली, लेकिन उसे तत्काल बेड पर भर्ती कराने के बजाय गार्ड द्वारा परिजनों पर दबाव बनाया गया और महिला को “लावारिस” घोषित कर भेजने की बात कही गई। ऐसे मामले कई बड़े सवाल खड़े करते हैं: क्या अस्पताल प्रशासन ने समय पर चिकित्सा सहायता दी? गार्ड को इतना अधिकार किसने दिया कि वह मरीज की स्थिति पर फैसला करे? क्या यह मानवीय संवेदनाओं और मेडिकल एथिक्स का उल्लंघन नहीं है? अगर यह मामला सही है, तो यह सीधे-सीधे लापरवाही और अमानवीय व्यवहार की श्रेणी में आता है। सरकारी अस्पतालों में इस तरह की घटनाएं न सिर्फ सिस्टम पर सवाल उठाती हैं, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी कमजोर करती हैं।। आरोप है कि गार्ड ने महिला को बेड पर भर्ती कराने की जगह उसे “लावारिस” घोषित कर भेजने की बात कही… सोचिए, जहां मरीजों को जीवनदान मिलना चाहिए, वहीं अगर इस तरह का व्यवहार हो, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे? सबसे बड़ा सवाल ये है कि— क्या अस्पताल में इंसानियत खत्म हो चुकी है? क्या एक गार्ड अब तय करेगा कि मरीज का इलाज होगा या नहीं? इस पूरे मामले ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है… और क्या पीड़ित महिला को न्याय मिल पाएगा या नहीं…❗ सवाल ये है: क्या अब अस्पतालों में इलाज से ज्यादा “कागजी प्रक्रिया” मायने रखती है? क्या एक गार्ड तय करेगा कि मरीज का क्या होगा? 👉 अगर यह सच है, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि इंसानियत के खिलाफ अपराध है। *प्रशासन को तुरंत जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए*
- 💥 *बड़ी खबर*💥 वारंट के बहाने घर में घुसी पुलिस, 22 तोला सोना चोरी! इंदौर में दरोगा समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड” इंदौर में वारंट तामील कराने के बहाने गौरव जैन के घर में पुलिसकर्मी घुसे। CCTV बंद किए। मास्टर चाभी से लॉक खोला। आरोप है कि वो 22 तोला सोना चुराकर ले गए। दरोगा सहित 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए हैं। ये पांचों पुलिसकर्मी 22.50 तोला सोना गायब करने, CCTV बंद करने और अन्य गंभीर आरोपों में डीसीपी कुमार प्रतीक द्वारा तत्काल सस्पेंड कर दिए गए हैं। *सस्पेंड हुए पुलिसकर्मी* (लसूड़िया थाना, इंदौर):एसआई संजय विश्नोई (मुख्य आरोपी) प्रणीत भदौरिया (प्रधान आरक्षक) रणवीर कुशवाह / रवींद्र कुशवाह दिनेश गुर्जर दीपेंद्र मिश्रा1
- Post by Akhilesh Tiwari India Republic News Rewa1
- Post by बुद्धसेन चौरसिया2
- मृतक ने आरोपियों के खिलाफ चंदन चोरी की की थी शिकायत1
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- Post by Bolti Divare1
- Post by नमस्ते विंध्य1
- रीवा बिछिया थाना अंतर्गत सोमवार कि रात रीठी गांव के पास गांजा सहित ₹6 लोगों को गिरफ्तार किया गया पुलिस ने बताया कि सीधी जिले से दो लग्जरी गाड़ियां रीठी गांव के तालाब के पास गांजा डिलीवरी देने के लिए खड़े हुए थे मुखबिर की सूचना पर पुलिस द्वारा घेराबंदी की गई गाड़ी में बैठे हुए लोगों की तलाशी ली गई और जब गाड़ी की तलाशी ली गई तो उसमें 28 किलो गांजा बरामद किया गया बताया गया कि अतुल पटेल आशीष पटेल सुशील जायसवाल राजा जायसवाल उड़ीसा से गांजा लेकर आए हुए थे जहां उन्हें उत्तर प्रदेश के बांदा गांजा भेजना था बांदा से आए हुए राधेश्याम कश्यप बांदा उत्तर प्रदेश अनुज निषाद को गाडी सहित गिरफ्तार किया गया जहां उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है बताया गया कि विगत कई वर्ष से लगातार गांजा की तस्करी कर रहे थे सूत्रों की माने तो रीढी गांव के पास किसी गांजा तस्कर को भी गांजा दिया जाना था बिछिया थाना क्षेत्र के रीठी गांव में गांजा की तस्करी की जा रही है पुलिस द्वारा आज तक कार्रवाई नहीं की गई है तो वहीं दूसरी और महसाँव जयसवालों द्वारा गांजा की तस्करी की जा रही है पुलिस के इशारे पर अवैध गांजा का कारोबार फल फूल रहा है पकड़े गए सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है3