Shuru
Apke Nagar Ki App…
महिला कल्याण संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती बबीता परमार ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की प्रशंसा करते हुए कहा है कि बीजेपी ने वह काम कर दिखाया है जिसे कांग्रेस हमेशा असंभव मानती थी। श्रीमती परमार के अनुसार, कांग्रेस लगातार यह कहती थी कि नदियों को आपस में जोड़ना संभव नहीं है, लेकिन बीजेपी सरकार ने इस दावे को गलत साबित करते हुए माँ नर्मदा के पवित्र जल को शिप्रा नदी में सफलतापूर्वक मिला दिया है।
HIGH NEWS LIVE
महिला कल्याण संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती बबीता परमार ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की प्रशंसा करते हुए कहा है कि बीजेपी ने वह काम कर दिखाया है जिसे कांग्रेस हमेशा असंभव मानती थी। श्रीमती परमार के अनुसार, कांग्रेस लगातार यह कहती थी कि नदियों को आपस में जोड़ना संभव नहीं है, लेकिन बीजेपी सरकार ने इस दावे को गलत साबित करते हुए माँ नर्मदा के पवित्र जल को शिप्रा नदी में सफलतापूर्वक मिला दिया है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- राजधानी भोपाल के गोदारमऊ क्षेत्र स्थित अब्बास नगर में आवासीय पट्टों पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने के मामले में नगर निगम ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है। निगम प्रशासन ने संबंधित लोगों को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वे आज ही अपना सामान हटा लें। प्रशासन का स्पष्ट मत है कि आवासीय उपयोग के लिए दिए गए पट्टों का व्यावसायिक इस्तेमाल नियमों के विरुद्ध है। इस चेतावनी के बाद, बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सानव्वर पटेल ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार किया है।1
- भोपाल के मानस भवन में कवि रवींद्र कुलश्रेष्ठ 'दादा जी' की स्मृति में 14वें कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। लायंस क्लब के अध्यक्ष सुयश कुलश्रेष्ठ द्वारा यह आयोजन प्रतिवर्ष 'दादा जी' की याद में किया जाता है।4
- रीवा के सामाजिक न्याय विभाग में अधीक्षक के पद पर कार्यरत डीके वर्मा सेवानिवृत्त हो गए हैं। इस संबंध में उमेश बारी की एक विशेष रिपोर्ट s24x7न्यूज के लिए जारी की गई है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ में 'जल गंगा संवर्धन अभियान-2026' के समापन समारोह को संबोधित करते हुए घोषणा की कि जल संरक्षण के कार्यों में मध्य प्रदेश देश के बड़े राज्यों में अग्रणी बन गया है। उन्होंने बताया कि 19 मार्च से 30 जून तक 100 दिन चले इस अभियान के तहत लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख 62 हजार से अधिक जल स्रोतों, जिसमें कुएं, बावड़ी, तालाब, नदियां, अमृत सरोवर और प्राचीन जल स्त्रोत शामिल हैं, का पुनरोद्धार किया गया है। मुख्यमंत्री ने राजगढ़ जिले की सराहना करते हुए कहा कि कपिल मुनि की तपोस्थली राजगढ़ जल संचय कार्यों में अग्रणी रहा है और यह अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने वाले 6 जिलों में शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजगढ़ को 352.65 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती और यह पृथ्वी पर प्रकृति व जीवन का आधार है। उन्होंने सनातन संस्कृति में जल के विशेष महत्व और शरीर में 70 प्रतिशत से अधिक जल की मात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की पार्वती, चंबल, कालीसिंध और क्षिप्रा जैसी नदियां आगे जाकर पवित्र गंगा नदी में मिलती हैं, इसी उद्देश्य से इस संचयन अभियान को 'जल गंगा' नाम दिया गया है, क्योंकि यह गंगा बेसिन का क्षेत्र है। राजगढ़ जिले में इस अभियान के तहत 341 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 30 से अधिक विकास कार्य किए गए हैं, जिसमें आज 247 करोड़ 40 लाख रुपये के 14 भूमि-पूजन और 100 करोड़ रुपये से 17 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है, जिसमें जीरापुर का सांदीपनि विद्यालय और 30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एक पुल भी है। समारोह में दिव्यांगों को ट्राय साइकिल और महिलाओं को स्कूटी की चाबी दी गई, साथ ही राजगढ़ जिले के पर्यटन विकास पर केंद्रित कॉफी टेबल बुक का अनावरण हुआ और 405 स्व-सहायता समूहों को 20 करोड़ रुपये की सहायता राशि सहित अन्य हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने आगामी वर्षा में अलनीनो के प्रभाव से कम वर्षा के अनुमान को देखते हुए भविष्य की पीढ़ियों के लिए पानी की बूंद-बूंद को बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया और बताया कि अमृत सरोवर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और नदी संरक्षण जैसे जल स्त्रोतों के संरक्षण कार्य निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरे वर्ष इस अभियान की सफलता का जिक्र किया। डॉ. यादव ने सरकार की अन्य उपलब्धियों का भी उल्लेख किया, जैसे गेहूं उत्पादक किसानों को 100 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं उपार्जन पर 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान, सिंचित भूमि का रकबा 44 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचना, और राजगढ़ में सिंचाई का रकबा 50 हजार हेक्टेयर से बढ़कर ढाई लाख हेक्टेयर होना, जिससे पलायन रुका और स्थानीय रोजगार मिला। उन्होंने लाड़ली बहनों को 1500 रुपये, किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि और स्कूली बच्चों को नि:शुल्क ड्रेस, कॉपी, किताबें व साइकिलें देने जैसी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की भव्य तैयारियों के बारे में बताया, जहां लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है और भोपाल से राजगढ़, उज्जैन, मंदसौर तक नई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने द्वारिका योजना के अंतर्गत सारंगपुर, पचोर सहित राजगढ़ की सभी नगरपालिकाओं में सड़क विकास कार्यों और भैंसवामाता के भव्य-दिव्य लोक निर्माण के लिए प्रस्ताव मंजूर करने, जिसके प्रथम चरण के लिए 20 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों को सरकार द्वारा प्रमाणित बताया और कहा कि राजगढ़ जैसा पानी की कमी वाला जिला बाहर के पानी का संचय कर अपनी जरूरतें पूरी करता है। उन्होंने कम वर्षा के अनुमान और नदियों के सूखे उद्गम स्थलों को देखते हुए जनभागीदारी से पानी की एक-एक बूंद संचित कर भावी पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया।1
- शासन के पूर्व कर्मचारियों का एक संगठन, पेंशन संघ ने अपनी मांगों को लेकर भोपाल कलेक्टर के प्रतिनिधि को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को सामने रखा।4
- भोपाल के गांधीनगर इलाके में एक पेट्रोल पंप पर कथित लूट का मामला तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के अनुसार, एक घटना में 37 लीटर की टंकी में कथित तौर पर 42 लीटर पेट्रोल भर दिया गया। इस मामले ने लोगों के बीच चिंता पैदा कर दी है, खासकर इस आरोप के बाद कि पेट्रोल पंप वालों ने एक दरोगा जी को भी नहीं बख्शा। यह सवाल उठाया जा रहा है कि यदि एक पुलिस अधिकारी के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम जनता के साथ क्या होता होगा। पोस्ट में इस घटना के "सच क्या है?" को लेकर भी सवाल किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की लटेरी तहसील के ग्राम कालादेव में, हमारे संविधान निर्माता आदरणीय बाबा साहब का उल्लेख किया गया है।1
- प्रदेश के एक सरकारी अस्पताल से जुड़ा एक 'बिग ब्रेकिंग न्यूज़' वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला, जिसे व्यंगात्मक ढंग से 'प्रदेश की लाडली बहाना' के रूप में बताया जा रहा है, कथित तौर पर मरीजों का इलाज एक 'नई' और 'लतोड़' विधि से करती दिख रही है। यह वायरल वीडियो सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में अपनाई जा रही इस असामान्य उपचार पद्धति पर सवाल उठा रहा है, खासकर जब इसमें 'प्रदेश की लाडली बहाना' को शामिल बताया जा रहा है।1