राकेश टिकैत चंदौली में, दिवंगत किसान नेता के घर पहुंचे किसानों की समस्याओं पर सरकार को आंदोलन की चेतावनी राकेश टिकैत चंदौली में, दिवंगत किसान नेता के घर पहुंचे किसानों की समस्याओं पर सरकार को आंदोलन की चेतावनी चन्दौली भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत मंगलवार को चंदौली जिले के सकलडीहा तहसील क्षेत्र के खड़ेहरा गांव पहुंचे। उन्होंने दिवंगत किसान नेता रामाश्रय यादव के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान टिकैत ने किसानों के मुद्दों पर सरकार की अनदेखी का आरोप लगाते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। टिकैत ने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि सरकार केवल आश्वासन दे रही है। उन्होंने फसल नुकसान के मुआवजे की जटिल प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त की, जिससे किसानों को समय पर राहत नहीं मिल पा रही है। टिकैत ने 'फार्मर रजिस्ट्री' जैसी नई व्यवस्थाओं को भी किसानों के लिए परेशानी का कारण बताया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में गैस आपूर्ति समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की बदहाली का मुद्दा भी उठाया। टिकैत ने कहा कि बुनियादी सुविधाओं की कमी से किसानों और आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राकेश टिकैत ने अधिग्रहित भूमि का जल्द मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने हाल ही में सड़क हादसे में मृत किसान के परिजनों को 25 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाने की भी मांग उठाई। टिकैत ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करना जारी रखा, तो आने वाले समय में देशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की हालत लगातार खराब हो रही है और जमीनी स्तर पर कोई राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने मुआवजा प्रक्रिया को जटिल बताते हुए कहा कि किसान परेशान हैं। टिकैत ने दोहराया कि किसानों के हक के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत किसान नेता रामाश्रय यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
राकेश टिकैत चंदौली में, दिवंगत किसान नेता के घर पहुंचे किसानों की समस्याओं पर सरकार को आंदोलन की चेतावनी राकेश टिकैत चंदौली में, दिवंगत किसान नेता के घर पहुंचे किसानों की समस्याओं पर सरकार को आंदोलन की चेतावनी चन्दौली भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत मंगलवार को चंदौली जिले के सकलडीहा तहसील क्षेत्र के खड़ेहरा गांव पहुंचे। उन्होंने दिवंगत किसान नेता रामाश्रय यादव के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान टिकैत ने किसानों के मुद्दों पर सरकार की अनदेखी का आरोप लगाते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। टिकैत ने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि सरकार केवल आश्वासन दे रही है। उन्होंने फसल नुकसान के मुआवजे की जटिल प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त की, जिससे किसानों को समय पर राहत नहीं मिल पा रही है। टिकैत ने 'फार्मर रजिस्ट्री' जैसी नई व्यवस्थाओं को भी किसानों के लिए परेशानी का कारण बताया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में गैस आपूर्ति समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की बदहाली का मुद्दा भी उठाया। टिकैत ने कहा कि बुनियादी सुविधाओं की कमी से किसानों और आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राकेश टिकैत ने अधिग्रहित भूमि का जल्द मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने हाल ही में सड़क हादसे में मृत किसान के परिजनों को 25 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाने की भी मांग उठाई। टिकैत ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करना जारी रखा, तो आने वाले समय में देशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की हालत लगातार खराब हो रही है और जमीनी स्तर पर कोई राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने मुआवजा प्रक्रिया को जटिल बताते हुए कहा कि किसान परेशान हैं। टिकैत ने दोहराया कि किसानों के हक के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत किसान नेता रामाश्रय यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
- खतौनी में नाम सही करने को लेकर लेखपाल ने लिया दस हजार रुपए वीडियो महिला ने किया वायरल। दस हजार रुपए देने के बाद दो हजार रुपए की गई मांग महिला ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया। महिला जुबेदा खातून का बयान दस हजार रुपए देने के बाद भी पति का नाम नहीं हुआ चेंज फिर की गई दो हजार रुपए की मांग। महिला ने प्रार्थना पत्र में महिला लेखपाल सुधा राजपूत के रुपए लेने के बाद दो हजार रुपए लेने की लिखी बात। पीड़ित महिला गरीब होने के कारण नहीं दे पा रही है दो हजार की गई डिमांड को पूरा। बांसी तहसील के कमहिया पोस्ट लहरा का मामला।1
- हरदोई *आग की चपेट में आई सैकड़ों बीघा फसल जलकर राख* बिजली तार टूटना बताया जा रहा आग लगने का कारण कड़ी मशक्कत के बाद आग पर ग्रामीणों ने पाया काबू तहसील शाहाबाद क्षेत्र के पारा गांव का मामला1
- ब्रेकिंग न्यूज़ पेड़ों की कटाई की शिकायतें मिल रही हैं। यह अंतर नियमों की खुलेआम अनदेखी की ओर इशारा करता है। सूत्रों के मुताबिक, कटे हुए पेड़ों की गुलार की लकड़ी सबन की मशीन पर लाई गई। यहां ठेकेदार शलीम सिद्दीकी ने फोन पर स्वीकार किया कि गूलर के पेड़ों के लिए न तो कोई परमिट है और न ही टीपी (ट्रांजिट पास)। इस खुलासे के बाद पूरे मामले में अनियमितताओं की आशंका और गहरा गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह अवैध कटान वन विभाग की मिलीभगत से हो रहा है। नियमों की अनदेखी और अफसरों की चुप्पी ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है।1
- Post by Harshdeep Mishra1
- Post by Raaz Raaz1
- Post by Asha Rani1
- जिलाधिकारी सहित एडीएम प्रशासन, एडीएम वित्त एवं कलेक्ट्रेट के अन्य कर्मचारियों ने डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया नमन* शाहजहांपुर|दिनांक 14 अप्रैल, 2026। कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती गरिमामय वातावरण में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने की। इस अवसर पर जिलाधिकारी सहित एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्र, एडीएम वित्त अरविंद कुमार एवं कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके संघर्षों एवं सफलता को सभी के साथ साझा किया। अपर जिलाधिकारी अरविंद कुमार ने उनके जन्म से लेकर उनकी शिक्षा दीक्षा के दौरान संघर्ष तथा उनकी सफलताओं को विस्तृत रूप से वर्णन किया। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने इस दौरान कविता के माध्यम से अंबेडकर जी की जीवन पर प्रकाश डाला वही विनाका मौर्य ने गीत के माध्यम से संविधान के विषय तथा उसके निर्माण की जानकारी दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन, व्यक्तित्व एवं उनके महान योगदानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डॉ. अम्बेडकर द्वारा लिखे गए शोध-पत्रों के आधार पर भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बताया कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने स्वयं स्वीकार किया है कि उन्हें नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने में डॉ. अम्बेडकर के शोध कार्यों से अत्यंत प्रेरणा मिली। डॉ. अम्बेडकर द्वारा बनाए गए कानूनों एवं सामाजिक सुधारों ने देश में समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत नींव रखी है। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और हमें उनसे प्रेरणा लेकर समाज में समरसता एवं समानता स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए। जिलाधिकारी ने सभी से आह्वान किया कि हम जाति, वर्ग एवं भेदभाव से ऊपर उठकर कार्य करें तथा डॉ. अम्बेडकर के मूलमंत्र को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और इससे देश के समग्र विकास को गति मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और उनके अद्वितीय योगदानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। एडीएम प्रशासन ने भी उनके संघर्षपूर्ण जीवन और सामाजिक न्याय के लिए किए गए प्रयासों को रेखांकित किया। कार्यक्रम में कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। योगेश अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर संविधान के शिल्पकार, समानता और न्याय के महान प्रवर्तक थे, जिनका योगदान समस्त समाज के लिए अमूल्य है। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज के प्रत्येक वर्ग को उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- बदायूं : 12 मार्च को एचपीसीएल प्लांट के दो अधिकारियों की गोली मारकर हत्या का मामला । पुलिस ने 50 हजार के ईनामी अभय प्रताप सिंह को मुठभेड़ के बाद पकड़ा । अभय के साथी शिवम प्रताप को भी पुलिस ने पकड़ा। अभय प्रताप सिंह की निशांदेही पर तमन्चा कारतूस बरामदगी के दौरान हुई मुठभेड़ । मूसाझाग थाना क्षेत्र में मुख्य प्रबंधक सुधीर गुप्ता और उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हुई थी मौतें ,1