बाराबंकी के जिलाधिकारी श्री ईशान प्रताप सिंह ने बुधवार, 27 मई 2026 को शहर स्थित विभिन्न टीकाकरण केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जनपद में संचालित नियमित टीकाकरण कार्यक्रमों की गुणवत्ता, उपलब्धता और उनके प्रभावी क्रियान्वयन का जायजा लेना था। इस दौरान जिलाधिकारी ने टीकाकरण सत्र में उपस्थित आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और एएनएम से संवाद कर टीकाकरण व्यवस्था, गर्भवती महिलाओं की जांच एवं बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए कि कोई भी नवजात शिशु या गर्भवती महिला टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच से वंचित न रहे। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से उनके क्षेत्र में चिन्हित नवजात शिशुओं एवं गर्भवती महिलाओं का सम्पूर्ण विवरण एक व्यवस्थित रजिस्टर में दर्ज रखने को कहा, जिसमें गर्भधारण से लेकर प्रसव और शिशु के सभी टीकों तथा स्वास्थ्य जांचों का ब्योरा अंकित हो। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे एवं गर्भवती महिला की अद्यतन जानकारी रखने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने सैम (SAM) एवं मैम (MAM) श्रेणी के बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच और सतत निगरानी सुनिश्चित करने तथा उनके पोषण स्तर की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए, ताकि कुपोषण की स्थिति को समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार एवं पोषण सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि शहरी क्षेत्रों में 'ड्यू लिस्ट' के अनुसार लाभार्थियों को समय से सूचित कर टीकाकरण केंद्रों तक लाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और वार्ड स्तर पर पार्षदों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा समुदाय के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित किया जाए। श्री ईशान प्रताप सिंह ने आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता एवं प्रतिबद्धता के कारण ही शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री अन्ना सुदन, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम नवाबगंज सुश्री गुंजिता अग्रवाल, डिप्टी सीएमओ डॉ. राजीव सिंह, डीपीओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बाराबंकी के जिलाधिकारी श्री ईशान प्रताप सिंह ने बुधवार, 27 मई 2026 को शहर स्थित विभिन्न टीकाकरण केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जनपद में संचालित नियमित टीकाकरण कार्यक्रमों की गुणवत्ता, उपलब्धता और उनके प्रभावी क्रियान्वयन का जायजा लेना था। इस दौरान जिलाधिकारी ने टीकाकरण सत्र में उपस्थित आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और एएनएम से संवाद कर टीकाकरण व्यवस्था, गर्भवती महिलाओं की जांच एवं बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए कि कोई भी नवजात शिशु या गर्भवती महिला टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच से वंचित न रहे। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से उनके क्षेत्र में चिन्हित नवजात शिशुओं एवं गर्भवती महिलाओं का सम्पूर्ण विवरण एक
व्यवस्थित रजिस्टर में दर्ज रखने को कहा, जिसमें गर्भधारण से लेकर प्रसव और शिशु के सभी टीकों तथा स्वास्थ्य जांचों का ब्योरा अंकित हो। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे एवं गर्भवती महिला की अद्यतन जानकारी रखने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने सैम (SAM) एवं मैम (MAM) श्रेणी के बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच और सतत निगरानी सुनिश्चित करने तथा उनके पोषण स्तर की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए, ताकि कुपोषण की स्थिति को समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार एवं पोषण सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि शहरी क्षेत्रों में 'ड्यू लिस्ट' के अनुसार लाभार्थियों को समय से सूचित कर टीकाकरण केंद्रों
तक लाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और वार्ड स्तर पर पार्षदों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा समुदाय के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित किया जाए। श्री ईशान प्रताप सिंह ने आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता एवं प्रतिबद्धता के कारण ही शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री अन्ना सुदन, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम नवाबगंज सुश्री गुंजिता अग्रवाल, डिप्टी सीएमओ डॉ. राजीव सिंह, डीपीओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- Baba ki kahani Surat Mera lehenga ud ud jaaye Baba ji ka Lamba1
- लखनऊ से आ रही ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, एक विधायक की पत्नी के गनर को निलंबित कर दिया गया है। गनर पर मारपीट करने और 3 लाख रुपये की रंगदारी मांगने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।1
- लखनऊ की मड़ियांव पुलिस ने चेकिंग के दौरान सुमित जायसवाल नामक एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से अलग-अलग कंपनियों की कुल 11 चोरी की मोटरसाइकिलें और स्कूटी बरामद की गई हैं। इस गिरफ्तारी के साथ ही मड़ियांव, अलीगंज और विकासनगर थानों में दर्ज चोरी के कई मुकदमों का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी सुमित को मड़ियांव पुल के नीचे सुलभ शौचालय के पास से दबोचा। आरोपी अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए चोरी की इन गाड़ियों को कम दामों में बेच देता था। सुमित पहले भी जालसाजी, चोरी और गैंगस्टर एक्ट के मामलों में जेल जा चुका है। मड़ियांव इंस्पेक्टर शिवानन्द मिश्र के नेतृत्व में राम राम बैंक चौकी प्रभारी अखिलेश कुमार ने अपनी पुलिस टीम के साथ इस शातिर चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी को अब जेल भेजा जा रहा है।1
- बाराबंकी जनपद के मसौली थाना क्षेत्र के ग्राम डाडिया मऊ कटरा निवासी पीड़िता आफरीन बानो पुत्री नेहरूद्दीन ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, सिराजुद्दीन, मेराजुद्दीन, कमालुद्दीन, मुसीर, महफूज, नसीम बाबू और अन्य कई लोगों ने एक राय होकर उनके घर पर हमला किया। पीड़िता का कहना है कि इन विपक्षियों ने घर में घुसकर जमकर मारपीट की, जिसके परिणामस्वरूप ताजुद्दीन पुत्र नेहरूद्दीन, आफरीन बानो, स्वालिहा बानो, नाज बानो, नरगिस और नियाजुद्दीन घायल हो गए। आरोप यह भी है कि हमलावरों ने महिलाओं के साथ गाली गलौज की, अभद्रता की और मारपीट भी की। यह विवाद जमीन के एक पुराने मामले से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विपक्षियों को शक था कि नियाजुद्दीन जमीन की पैमाइश कराने गया था, इसी बात से नाराज़ होकर आरोपियों ने हमला कर दिया। अब पीड़िता ने पुलिस से इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।1
- बाराबंकी शहर के व्यस्त धनोखर चौराहे पर मंगलवार को ज्येष्ठ माह के चौथे बड़े मंगल के अवसर पर अखिल भारतीय मंगला मुखी किन्नर समाज पीरबटावन किन्नर समाज द्वारा एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसने एक अनोखा और भावुक दृश्य प्रस्तुत किया। समाज में प्रायः अलग नजरिए से देखे जाने वाले किन्नर समुदाय ने इस आयोजन के माध्यम से सेवा, श्रद्धा और सामाजिक एकता का सशक्त संदेश दिया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। इस भंडारे की अगुवाई गुरु हीरा किन्नर ने की, जिनके साथ प्रियंका चेला, प्रीत चेला और सानिया पोती चेला जैसे अन्य किन्नर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करते दिखे। भंडारा शुरू होने से पहले, सभी किन्नरों ने विधि-विधान से भगवान बजरंगबली की पूजा-अर्चना की और समाज में सुख-शांति व भाईचारे की कामना की। पूजा के उपरांत शुरू हुए भंडारे में राहगीरों, दुकानदारों और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें उमड़ पड़ीं। लोगों ने बड़े उत्साह और सम्मान के साथ प्रसाद ग्रहण किया। कई लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि किन्नर समाज द्वारा इस तरह के धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन का महत्वपूर्ण संदेश देते हैं। आमतौर पर ताली बजाकर आशीर्वाद देने वाले किन्नर समुदाय का यह सेवा भाव लोगों के बीच गहरी चर्चा का विषय बन गया। धनोखर चौराहे पर देर तक भक्ति, सेवा और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिला। यह आयोजन केवल एक भंडारा मात्र नहीं था, बल्कि समाज को यह स्पष्ट संदेश भी था कि आस्था और इंसानियत में किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं होता। इस कार्यक्रम के माध्यम से किन्नर समाज ने सामाजिक समरसता की एक नई इबारत लिखी।1
- लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा द्वारा दी गई एक ब्रेकिंग न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार, एक बहन ने अपनी ननद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बहन का कहना है कि उसकी ननद लगातार सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाकर उसे ताने मारती थी। इस प्रताड़ना के चलते बहन ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि ननद की इन हरकतों ने उसे 'पागल' कर दिया है।1
- बाराबंकी के फतेहपुर कस्बे में सोमवार को एक तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से बाइक सवार युवक रमेश शुक्ला की दर्दनाक मौत हो गई। इस पूरे हादसे की घटना पास की एक दुकान के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, कस्बा निवासी रमेश शुक्ला अपनी बाइक से कहीं जा रहे थे तभी तेज गति से आ रही एक पिकअप ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रमेश गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। घटना के समय पास में मौजूद एक पुलिसकर्मी ने तत्परता दिखाते हुए भागने की कोशिश कर रहे पिकअप चालक को वाहन सहित तुरंत पकड़ लिया। घायल रमेश शुक्ला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने रमेश शुक्ला को मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया है और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को भी कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1