DATE=06.01=2026 STORY IDEA= फर्जी जीएसटी कंपनियों का बड़ा खुलासा, 34 फर्जी कंपनी बनाकर 42 करोड़ से अधिक राजस्व की चोरी साइबर क्राइम पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार ANCHOR= मुजफ्फरनगर: खबर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद से है जहां आज मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी जीएसटी कंपनियां बनाकर 42 करोड़ से अधिक रुपये का राजस्व नुकसान का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और एक लग्जरी कार बरामद की है। थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी कंपनियां रजिस्टर कर उनके नाम पर फर्जी जीएसटी बिलिंग के जरिए देशभर में करोड़ों रुपये का लेन-देन दिखाया। इस गिरोह की गतिविधियों से सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुंची। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए तीन अभियुक्तों—अफजल पुत्र समीर मलिक, मोनिस अली पुत्र शौकत अली और मोहम्मद हफीज पुत्र मोहम्मद लियाकत,को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियों के पास से 06 मोबाइल फोन, 05 लैपटॉप, 01 हार्ड डिस्क, 01 इंटरनेट डोंगल, 03 रबर स्टाम्प मोहर, 01 चेक बुक, 12 डिजिटल सिग्नेचर (DSC) यूएसबी, 02 कीबोर्ड, 02 प्रिंटर, 03 लैपटॉप चार्जर, आधार कार्ड, पैन कार्ड, सिम कार्ड, 34 जीएसटी फॉर्म के प्रपत्र और एक क्रेटा कार बरामद की गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अब तक लगभग 34 फर्जी जीएसटी कंपनियां बनाकर विभिन्न फर्जी फर्मों के माध्यम से करोड़ों रुपये से अधिक की फर्जी जीएसटी बिलिंग कर चुके थे। इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत अंजाम दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन और साइबर क्राइम थाना प्रभारी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। आज मंगलवार दोपहर मुजफ्फरनगर की पुलिस लाइन में एक पत्रकार वार्ता के दौरान मुजफ्फरनगर एसपी क्राइम हिंदू सिद्धार्थ ने जानकारी देते हुए बताया है कि गिरफ्तार किए गए तीनों अभियुक्त ने फर्जी तरीके से 34 फर्जी कंपनियां बनाकर उन्हें रजिस्टर्ड कर लगभग 42 करोड रुपए से अधिक कि जीएसटी चोरी कर सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाई है । गिरफ्तार की गए तीनों अभियुक्त के पास लग्जरी गाड़ियां और अलग-अलग नाम से मकान और संपत्ति अर्जित की गई है जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी अफजल पांचवी पास है जिसके पास कई लग्जरी गाड़ियां और कई जनपदों में किसी और के नाम पर मकान और जमीन है। आप ए समीर और मनीष LLB पास आउट है दोनों सी,ए अकाउंट का कोर्स भी कर रहे हैं। BYTE= इंदु सिद्धार्थ (एस,पी,क्राइम)
DATE=06.01=2026 STORY IDEA= फर्जी जीएसटी कंपनियों का बड़ा खुलासा, 34 फर्जी कंपनी बनाकर 42 करोड़ से अधिक राजस्व की चोरी साइबर क्राइम पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार ANCHOR= मुजफ्फरनगर: खबर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद से है जहां आज मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी जीएसटी कंपनियां बनाकर 42 करोड़ से अधिक रुपये का राजस्व नुकसान का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और एक लग्जरी कार बरामद की है। थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी कंपनियां रजिस्टर कर उनके नाम पर फर्जी जीएसटी बिलिंग के जरिए देशभर में करोड़ों रुपये का लेन-देन दिखाया। इस गिरोह की गतिविधियों से सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुंची। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए तीन अभियुक्तों—अफजल पुत्र समीर मलिक, मोनिस अली पुत्र शौकत अली और मोहम्मद हफीज पुत्र मोहम्मद लियाकत,को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियों के पास से 06 मोबाइल फोन, 05 लैपटॉप, 01 हार्ड डिस्क, 01 इंटरनेट डोंगल, 03 रबर स्टाम्प मोहर, 01 चेक बुक, 12 डिजिटल सिग्नेचर (DSC) यूएसबी, 02 कीबोर्ड, 02 प्रिंटर, 03 लैपटॉप चार्जर, आधार कार्ड, पैन कार्ड, सिम कार्ड, 34 जीएसटी फॉर्म के प्रपत्र और एक क्रेटा कार बरामद की गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अब तक लगभग 34 फर्जी जीएसटी कंपनियां बनाकर विभिन्न फर्जी फर्मों के माध्यम से करोड़ों रुपये से अधिक की फर्जी जीएसटी बिलिंग कर चुके थे। इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत अंजाम दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन और साइबर क्राइम थाना प्रभारी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। आज मंगलवार दोपहर मुजफ्फरनगर की पुलिस लाइन में एक पत्रकार वार्ता के दौरान मुजफ्फरनगर एसपी क्राइम हिंदू सिद्धार्थ ने जानकारी देते हुए बताया है कि गिरफ्तार किए गए तीनों अभियुक्त ने फर्जी तरीके से 34 फर्जी कंपनियां बनाकर उन्हें रजिस्टर्ड कर लगभग 42 करोड रुपए से अधिक कि जीएसटी चोरी कर सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाई है । गिरफ्तार की गए तीनों अभियुक्त के पास लग्जरी गाड़ियां और अलग-अलग नाम से मकान और संपत्ति अर्जित की गई है जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी अफजल पांचवी पास है जिसके पास कई लग्जरी गाड़ियां और कई जनपदों में किसी और के नाम पर मकान और जमीन है। आप ए समीर और मनीष LLB पास आउट है दोनों सी,ए अकाउंट का कोर्स भी कर रहे हैं। BYTE= इंदु सिद्धार्थ (एस,पी,क्राइम)
- User9362Chhatarpur, Palamu😡21 hrs ago
- मुजफ्फरनगर में आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा जी के निर्देशन में एक सराहनीय काम किया गया जिसमे मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत एंटी रोमियो पुलिस टीम ने महिलाओं व बालिकाओं को सशक्त बनाने एवं सुरक्षा,सम्मान, स्वावलंबन के बारे में जागरूक कर हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी ।1
- मुजफ्फरनगर | बड़ी खबर 🚨 “नो हेलमेट – नो हाईवे” अभियान से सख्त संदेश, पुलिस अधीक्षक नगर खुद उतरे मैदान में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आई। “नो हेलमेट – नो हाईवे” अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक नगर श्री सत्यनारायण प्रजापत ने बुधवार रात्रि हाईवे पर स्वयं मोर्चा संभालते हुए दोपहिया वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। हाईवे पर बिना हेलमेट फर्राटा भरने वालों को सख्त समझाइश दी गई, वहीं हेलमेट पहनकर नियमों का पालन करने वाले जिम्मेदार चालकों की खुलेआम सराहना कर पुलिस ने सकारात्मक संदेश भी दिया। पुलिस का साफ कहना है कि नियमों का पालन सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन बचाने के लिए जरूरी है। अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि वाहन चालकों की सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जान-माल की क्षति को रोका जा सके। पुलिस की अपील मुजफ्फरनगर पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि— दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें निर्धारित गति सीमा का पालन करें यातायात नियमों का पूर्ण पालन कर जिम्मेदार नागरिक बनने का परिचय दें ⚠️ नो हेलमेट = नो हाईवे अब लापरवाही नहीं, सुरक्षा ही प्राथमिकता है।1
- छात्र नेता निशाने पर! हेमंत शर्मा को मिली जान से मारने की धमकी।1
- रामपुर तिराहे पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने नो हेलमेट नो हाईवे के पेम्पलेट का वितरण किया। हिंदू सघर्ष समिति के जिला संयोजक नरेन्द्र पंवार व देशराज चौहान आदि मौजूद रहे।1
- जनपद मुजफ्फरनगर में थाना चरथावल क्षेत्र के गांव कुल्हेड़ी में दर्जनों घरों का दबंगों ने किया पानी बंद जिससे पानी की निकासी न होने पर सड़क पर भरा पानी मोहल्ले वासी हुए परेशान मोहल्लेवासियों ने इसके शिकायत उप जिला अधिकारी से की और इंसाफ की गुहार लगाई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई न होता देख आज पीड़ित मोहल्ले वासियों ने कहा कि अगर हमारी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हम लोग यह गांव छोड़कर चले जाएंगे4
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨 उत्तर प्रदेश में SIR अभियान के तहत मतदाता सूची में बड़ी कार्रवाई लखनऊ | उत्तर प्रदेश में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) अभियान के तहत मतदाता सूची की व्यापक समीक्षा के बाद बड़ा खुलासा सामने आया है। प्रदेश के 75 जिलों से कुल 2 करोड़ 88 लाख 71 हजार 367 वोट मतदाता सूची से काटे गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान में फर्जी, डुप्लीकेट, मृतक, स्थानांतरित और अपात्र मतदाताओं के नामों को सूची से हटाया गया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई स्वच्छ, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। सूत्रों का कहना है कि घर-घर सत्यापन, ऑनलाइन डेटा मिलान और फील्ड रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया। कई जिलों में एक ही व्यक्ति के नाम से एक से अधिक वोट, गलत पते और वर्षों से मतदान न करने वाले मतदाताओं के नाम पाए गए थे। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं प्रशासन इसे लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम गलती से कटे हैं, उन्हें आपत्ति दर्ज कराने और नाम दोबारा जुड़वाने का पूरा अवसर दिया जाएगा। ➡️ SIR अभियान के तहत हुई यह अब तक की सबसे बड़ी मतदाता सूची शुद्धिकरण कार्रवाई मानी जा रही है। ➡️ आने वाले चुनावों से पहले इस फैसले के राजनीतिक और प्रशासनिक असर पर सभी की निगाहें टिकी हैं।1
- पुरकाजी ब्लॉक प्रमुख मालती रानी ने क़ी जन सुनवाई पुरकाजी / मुज़फ्फरनगर ब्लॉक प्रमुख मालती रानी ने ब्लॉक परिसर में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया, जिसने दर्जनो महिलाओ ने मकान नहीं बनने वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने आदि समस्याओ क़ी शिकायत रखी। इस दौरान पूर्व ब्लॉक प्रमुख बाबू टॉप, मनोज जोधा पूर्व मंडल अध्यक्ष,भगत सिंह पूर्व प्रधान आदि जिम्मेदार,ग्राम प्रधान बीडीसी सदस्य मौजूद रहे।1
- मुजफ्फरनगर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा जी ने आज पुलिस कार्यालय में जन सुनवाई में जनता की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए,जनता की समस्याओं के निस्तारण के लिए सम्बन्धित को निर्देशित किया ।1