मुरैना जिले के सबलगढ़ शहर में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मीनाक्षी गोखले के नेतृत्व में बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई। आज दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक चली इस कार्रवाई के दौरान बिना नंबर प्लेट के चल रहे 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर थाने में रखवाया गया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही, भारतीय स्टेट बैंक के सामने मुख्य सड़क पर खड़ी 4 पिकअप गाड़ियों का भी चालान किया गया। पुलिस थाना सबलगढ़ से श्रीराम मंदिर चौराहा, नवीन बस स्टैंड और सेवाराम के बाग तक सघन चेकिंग अभियान चलाकर यात्री बसों और अन्य वाहनों की जांच की गई तथा उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मीनाक्षी गोखले ने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार बिना नंबर प्लेट वाले किसी भी वाहन को सड़क पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुरैना जिले में अब तक 230 से अधिक ट्रैक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट, बीमा, आरसी, लाइसेंस और अग्निशमन यंत्र होना अनिवार्य है। प्रशासन की इस सख्ती के पीछे करीब दो महीने पहले अंबाह में रेत के अवैध ट्रैक्टर से दबकर वन विभाग के आरक्षक की हुई मृत्यु की घटना है, जिसके बाद से चंबल रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन, भंडारण और विक्रय पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। ट्रैक्टरों पर नंबर नहीं होने से दुर्घटना के बाद उनकी पहचान मुश्किल हो जाती है, इसलिए नंबर डलवाना प्रशासन और क्षेत्रीय परिवहन विभाग की प्राथमिकता में है। इस संयुक्त कार्रवाई में टीएसआई प्रदीप सिंह रावत, सबलगढ़ थाना प्रभारी पंकज मुद्गल, आरक्षक राजेश आलोक, आशीष गुर्जर, अनार सिंह, पवन शर्मा समेत सबलगढ़ पुलिस और एसएएफ के जवान मौजूद रहे। इस बीच, कृषि कार्य के नाम पर खरीदे गए अधिकांश ट्रैक्टरों का उपयोग व्यावसायिक रूप से गिट्टी, रेत, सामान्य मिट्टी और सीमेंट आदि के परिवहन में किया जा रहा है। नियम के मुताबिक व्यावसायिक कार्यों में लगे ट्रैक्टरों पर अतिरिक्त टैक्स लगता है और उनकी नंबर प्लेट पीली होती है, लेकिन प्रशासन ने अभी तक नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐसे कृषि ट्रैक्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
मुरैना जिले के सबलगढ़ शहर में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मीनाक्षी गोखले के नेतृत्व में बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई। आज दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक चली इस कार्रवाई के दौरान बिना नंबर प्लेट के चल रहे 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर थाने में रखवाया गया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही, भारतीय स्टेट बैंक के सामने मुख्य सड़क पर खड़ी 4 पिकअप गाड़ियों का भी चालान किया गया। पुलिस थाना सबलगढ़ से श्रीराम मंदिर चौराहा, नवीन बस स्टैंड और सेवाराम के बाग तक सघन चेकिंग अभियान चलाकर यात्री बसों और अन्य वाहनों की जांच की गई तथा उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मीनाक्षी गोखले ने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार बिना नंबर प्लेट वाले किसी भी वाहन को सड़क पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुरैना जिले में अब तक 230 से अधिक ट्रैक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट, बीमा, आरसी, लाइसेंस और अग्निशमन यंत्र होना अनिवार्य है। प्रशासन की इस सख्ती के पीछे करीब दो महीने पहले अंबाह में रेत के अवैध ट्रैक्टर से दबकर वन विभाग के आरक्षक की हुई मृत्यु की घटना है, जिसके बाद से चंबल रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन, भंडारण और विक्रय पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। ट्रैक्टरों पर नंबर नहीं होने से दुर्घटना के बाद उनकी पहचान मुश्किल हो जाती है, इसलिए नंबर डलवाना प्रशासन और क्षेत्रीय परिवहन विभाग की प्राथमिकता में है। इस संयुक्त कार्रवाई में टीएसआई प्रदीप सिंह रावत, सबलगढ़ थाना प्रभारी पंकज मुद्गल, आरक्षक राजेश आलोक, आशीष गुर्जर, अनार सिंह, पवन शर्मा समेत सबलगढ़ पुलिस और एसएएफ के जवान मौजूद रहे। इस बीच, कृषि कार्य के नाम पर खरीदे गए अधिकांश ट्रैक्टरों का उपयोग व्यावसायिक रूप से गिट्टी, रेत, सामान्य मिट्टी और सीमेंट आदि के परिवहन में किया जा रहा है। नियम के मुताबिक व्यावसायिक कार्यों में लगे ट्रैक्टरों पर अतिरिक्त टैक्स लगता है और उनकी नंबर प्लेट पीली होती है, लेकिन प्रशासन ने अभी तक नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐसे कृषि ट्रैक्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
- मुरैना जिले के सबलगढ़ में चंबल नदी के रहु घाट से ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए अवैध रेत का परिवहन बेखौफ जारी है। नदी के उस पार से चंबल की रेत भरकर पानी के बीच से ट्रैक्टर-ट्रॉली को निकालना बेहद खतरनाक दृश्य है, लेकिन इतनी बड़ी रिस्क के बावजूद भी रहु घाट के रास्ते लगातार चंबल की अवैध रेत का परिवहन किया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट की शक्ति और मुरैना कलेक्टर एवं मुरैना एसपी के अत्यधिक प्रयासों व सख्त निर्देशों के बावजूद भी रहु घाट से अवैध चंबल रेत का परिवहन बेधड़क चल रहा है।1
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- धौलपुर जिले के सरमथुरा क्षेत्र में ग्रामीणों ने खुद ही अतिक्रमण हटा लिए हैं। सरमथुरा क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों द्वारा स्वयं ही अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई की गई है।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित प्रसिद्ध बल्लू टी स्टॉल पर गुजरात से पधारे सम्मानित भाइयों का बेहद आत्मीयता के साथ स्वागत किया गया। इस मुलाकात के दौरान चाय की प्याली के साथ अपनापन, भाईचारा और यादगार बातचीत का दौर चला, जिसने इस मिलन को और भी खास बना दिया। बल्लू टी स्टॉल की ओर से कहा गया कि दूर-दूर से आने वाले मित्रों का यह स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है। इस सुखद मुलाकात के लिए सभी मेहमानों का दिल से आभार व्यक्त करते हुए ईश्वर से उनकी आगामी यात्रा के मंगलमय, सुरक्षित और सुखद होने की कामना की गई है।1
- आम धारणा के विपरीत, सहारा दुनिया का सबसे बड़ा रेगिस्तान नहीं है, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा रेगिस्तान अंटार्कटिका (Antarctica) है। ऐसा इसलिए है क्योंकि रेगिस्तान का मतलब सिर्फ रेत से नहीं, बल्कि बहुत कम वर्षा वाले क्षेत्र से होता है। लोगों से पूछा गया है कि क्या उन्हें यह तथ्य पहले से पता था और उन्हें कमेंट में अपना जवाब (Sahara या Antarctica) देने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही, परीक्षा की तैयारी और ऐसे ही दमदार सामान्य ज्ञान (GK) फैक्ट्स के लिए 'Mahadhurandhar Classes' को फॉलो करने की बात कही गई है।1
- धौलपुर के बाड़ी थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार शर्मा के कुशल मार्गदर्शन और सतर्क नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस द्वारा महिलाओं को साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए जागरूक किया गया है। संवाददाता बहीद खां की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में यह बेहद सराहनीय प्रयास किया गया है। इस जागरूकता अभियान के दौरान महिलाओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ओटीपी साझा न करने जैसी बेहद महत्वपूर्ण सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई ताकि उन्हें साइबर फ्रॉड का शिकार होने से बचाया जा सके।1
- श्योपुर के विजयपुर क्षेत्र में मानसून की सुस्त चाल के कारण किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। अच्छी बारिश की उम्मीद में किसानों ने खेतों में खरीफ फसलों की बुवाई तो कर दी थी, लेकिन अब पर्याप्त बारिश न होने के कारण खेतों से नमी तेजी से गायब हो रही है। क्षेत्र में अब तक केवल हल्की और छिटपुट वर्षा ही दर्ज की गई है, जिससे फसलों की शुरुआती बढ़वार प्रभावित हो रही है। सोयाबीन, बाजरा, तिल और अरहर जैसी खरीफ फसलों को इस नाजुक समय में पर्याप्त पानी की आवश्यकता है। फसल को सूखने से बचाने के लिए जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन उपलब्ध हैं, वे खेतों में मोटर पंप चलाकर फसलों को बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। वहीं, क्षेत्र के छोटे और सीमांत किसान पूरी तरह से केवल बारिश के भरोसे बैठे हैं। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ की फसल को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा, जिसका सीधा असर उत्पादन पर दिखाई देगा। खेतों में दोबारा हरियाली लौटने और अपनी फसलों को सुरक्षित देखने की आस में किसानों की निगाहें अब आसमान पर टिकी हुई हैं।2
- मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के विजयपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खितरपाल जंगल में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जंगल में पशुओं की खिरकाई (रात्रि विश्राम) के दौरान दो नकाबपोश बदमाशों ने पशुओं की देखरेख कर रहे एक युवक पर अचानक लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला कर दिया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल विजयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि युवक देर रात अपने पशुओं की निगरानी कर रहा था, तभी दोनों नकाबपोश वहां पहुंचे और बिना किसी कहासुनी के उस पर हमला बोल दिया। युवक की चीख-पुकार सुनकर जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी जंगल के अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही विजयपुर थाना प्रभारी राजन सिंह गुर्जर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए जंगल में सर्च ऑपरेशन भी चलाया और देर रात तक संदिग्धों की तलाश की, लेकिन फिलहाल आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। डॉक्टरों के अनुसार, घायल युवक की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया जा सकता है। इस वारदात के बाद पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों और जंगल में पशुपालन व खेती-किसानी करने वाले लोगों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो रात के समय जंगल में पशुओं की देखरेख करना उनके लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा। पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाकर आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। थाना प्रभारी राजन सिंह गुर्जर के मुताबिक, हमले के पीछे पुरानी रंजिश, लूट के प्रयास या किसी अन्य कारण की संभावना को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।4